Posted in छोटी कहानिया - १०,००० से ज्यादा रोचक और प्रेरणात्मक

♦️♦️♦️ रात्रि कहांनी ♦️♦️


👉 सब से बड़ा मूर्ख 🏵️
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एक राजा ने अपने मंत्री को सोने का एक डंडा देकर कहा, ‘जो व्यक्ति तुम्हें सब से ज्यादा मूर्ख दिखाई दे उसे यह ड़़डा थमा देना। मंत्री डंडा लेकर चल पड़ा, बहुत तलाश करने के बाद उसे एक भोला-भाला व्यक्ति दिखाई पड़ा। जिसे मूर्ख समझ कर मंत्री ने वह डंडा उसे पकड़ा दिया, फिर मंत्री ने उस से कहा। ‘यदि तुम्हें कोई अपने से ज्यादा मूर्ख मिले, तो उसे यह डंडा दे देना।’ वह व्यक्ति भी अपने से ज्यादा किसी मूर्ख की तलाश में जगह-जगह पर घूमता रहा, पर उसे ऐसा कोई व्यक्ति नही मिला। इस प्रकार भटकते हुए वह राज दरबार में पहुंच गया, उसने सोचा कि राजा के दर्शन कर लेते है। राज दरबारीयों से उसे इस की अनुमति मिल गई, जब वह राजा के पास पहुंचा तो उसने देखा कि राजा बीमार पड़ा हैं। राजा ने उस से कहा, ‘मेरा अंत समय आ गया है ओर अब मैं इस संसार को छोड़ कर जा रहा हूं।’ उस व्यक्ति ने पूछा, ‘फिर आप की सेना, हाथी-घोड़े, महल आदि का क्या होगा? ‘राजा ने कहा, ‘ये सब यहीं रहेंगे और क्या?’ इस पर उस व्यक्ति ने कहा, ‘उस धन-दौलत का क्या होगा, जिसे आपने बड़ी मेहनत से अनेकों युद्धों को लड़ कर हासिल किया है? ‘राजा ने कहा, ‘वे सब भी यहीं रहेंगे।’ *यह सुन कर उस व्यक्ति ने सोने का वह डंडा राजा की ओर बढ़ाते हुए कहा, ‘संभाले इसे महाराज। मुझ से कहा गया था कि इसे मैं उस व्यक्ति को सौंपूं, जो मुझे स्वयं से ज्यादा मूर्ख दिखाई दे। इस लिए आप इस के योग्य पात्र हैं, जब आप को पता था कि आपके साथ कोई भी चीज नहीं जाएगी। तो आप ने उन्हें हासिल करने के लिए, अपना पूरा जीवन क्यों लगा दिया? जिस कारण आप ने कई लोगों की जानें तक ले लीं, क्या मिला आप को यह सब हासिल कर के? मेरे विचार से इस से बड़ी मूर्खता दुनिया में कोई और नहीं हो सकती, इस लिए ये डंडा आप ही रखो।’* राजा अपने उस सोने के डंडे को देख कर हैरत में पड़ गया, उसने मन ही मन सोचा कि वह वास्तव में सब से बड़ा मूर्ख है। *इस लिए कुछ कमाना ही है तो ऐसा कमाओ, जो हमारे अंत समय साथ जाए। वह कौन सी चीज है, जिसे हमें कमाना चाहिए और जो अंत समय हमारे साथ जाएगी। वह सब से बड़ी दौलत है, मालिक का सिमरन, नाम की कमाई ओर उस शब्द की कमाई है। मालिक की याद मै बिताया वे समय है, जो हमारे अंत: समय हमारे साथ जायेगा। अगर हम ने उस परम पिता की भक्ति करके रुहानी दोलत नही कमाई, तो हमारा पुरा जीवन बे-अर्थ चला जायेगा। हम भी उस राजा की तरह मूर्खता कर बेठेगे और बाद मे पछतांएगे। इस लिए सावधान हो जाइए, इस संसार में जीवन व्यतीत करते हुए हमे उस सच्ची कमाई पर भी ध्यान देंना है। जिसने अंत समय हमारा साथ देना है, बाकी कमाई तो हमारे इस मनुष्य जीवन में सुधार लायेगी। यह जो रूहानी दौलत है, जिस की कमाई हम नाम भजन सिमरन द्वारा कमायेगे। यह रुहानी दोलत हमारा साथ अंत समय देगी, जिस समय हमें इस की सख्त जरूरत होगी। जहां धर्म राय की अदालत में हमारे पाप ओर पुण्य का लेखा-जोखा हो रहा होगा, वहां यह हमारी कमाई हुई रूहानी दौलत ही हमारे काम आएगी। इस लिए हमें अपनी इस मूर्खता को त्याग कर, उस सच्चे नाम की कमाई में लग जाना है। अगर हम इस जन्म में आकर भी रुहानी दोलत नही कमा सके, तो इस मनुष्य जन्म को भी हम अपनी मूर्खता वश यू ही गंवा बैठेंगे ओर मूर्ख के मूर्ख ही रह जाएंगे।*

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*गुर करता गुर करणहार*
*गुरमुख सच सोइ,*
*गुर ते बाहर किछ नही*
*गुर कीता लोडे सो होइ ।।*
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