Posted in छोटी कहानिया - १०,००० से ज्यादा रोचक और प्रेरणात्मक

जीवन रूपी वीणा
एक घर में बहुत दिनों पुरानी एक वीणा रखी हुई थी।
लोग उसको उपयोग में नही लाते थे जिसके चलते पड़ी-पड़ी वो धूल खाती रहती थी।
रात में अगर भूल से कोई.बच्चा उसे गिरा देता तो आधी रात में उसके तार झनझना जाते और घर के लोगो की नींद टूट जाती।
वह वीणा एक उपद्रव का कारण बन गयी थी।
अंततः उस घर के लोगो ने यह तय किया की इसे घर के बाहर फ़ेंक दिया जाए..
क्योंकि यह जगह घेरती है, कचरा इकठ्ठा करती है और घर की शान्ति भी भंग करती है।
सब मिलकर वीणा को घर के बाहर कूड़ेदान में फेंकने चल दिए।
अभी वो फेंककर लौट भी न पाये थे की उधर से एक व्यक्ति गुजरा और उसकी नजर उस वीणा पर पड़ी।
उसने उस वीणा को उठाकर धूल झाड़ी और तारो को ठीक से कसा और उनके तारो को छेड़ने लगा।
फिर क्या था ? अब तो नज़ारा ही बदल गया।
जो भी उस रास्ते से गुजरता वही ठिठक कर खड़ा हो जाता और उसके मधुर संगीत में खो जाता,
चारो ओर भीड़ लग गयी। वह व्यक्ति मंत्रमुग्ध होकर वीणा बजा रहा था.. चारो तरफ शमां सा बाँध गया।
जैसे ही उसने वीणा बजाना बंद किया की फिर सब झपट पड़े, बोले.. यह वीणा हमारी है, इसे हमें वापस कर दो।
वह व्यक्ति हंस पड़ा और बोला.. पहले इसे बजाना तो सीख लो, अन्यथा फिर यह उपद्रव पैदा करेगा।
बजाना न आता हो तो वीणा घर की शान्ति भंग कर देती है। और यदि बजाना आता हो तो घर को शांतिपूर्ण एवं संगीतमय बना देती है।
जीवन भी एक वीणा की तरह है।
इस वीणा को बजाना बहुत कम लोग ही जान पाते है..
इसलिए तो इतनी उदासी है, दुःख है, इतनी पीड़ा है।
जो जीवन एक संगीत बन सकता था, वह विसंगतिपूर्ण बन गया है।
क्या आपको पता है कि आपके भीतर कितनी शक्ति, कितनी सामर्थ्य छिपी पढ़ी है… दुनिया की कोई भी मशीन आज तक नहीं जान पाई।
अपनी शक्ति का एक क्षुद्र भाग ही अभी तक आप प्रगट कर पाए हो ?
इन्सान के पास जितनी शक्ति, जितने विचार, जितने नये सृजन करने की सामर्थ्य विद्यमान है वह अन्य किसी भी जीव के पास नहीं है।
सैंकड़ों बार आप असफल या चोट खा सकते हो लेकिन स्वयं में और ईश्वर में विश्वास रखने के कारण आप संसार को जरूर कुछ देने में सफल होंगे।
समाज को कुछ ऐसे मनुष्यों की आवश्यकता है जो परमार्थ के यज्ञ में निरन्तर संलग्न रहकर इस समाज का भला कर सकें।
जब तुम कहते हो.. मैं क्या कर सकता हूँ ? तब तुम भगवान् का भी उपहास उड़ाते हो।
कुछ भी तो ऐसा नहीं जो तुम्हारे द्वारा ना हो सके। दृढ इच्छा की.. और अपनी शक्तियों को पहचानने की जरूरत है बस…
Happy thoughts 🙏

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