Posted in छोटी कहानिया - १०,००० से ज्यादा रोचक और प्रेरणात्मक

पत्थर की कीमत
संत सुमति दास की लोकप्रियता देखते हुए तत्कालीन नरेश ने भी उन्हें सत्संग
करने के लिए अपने महल में निमंत्रित किया। उद्देश्य अपना वैभव और
लोकप्रियता दिखाना भी था। अगले दिन संत महल में पहुंच गए। प्रवचन के
पश्चात उन्हें पूरा महल घुमाया गया। नरेश ने उन्हें अपने ख़ज़ाने में जमा
बहुमूल्य पदार्थ, बेशकीमती रत्न और पत्थर आदि दिखाए। संत निर्लिप्त भाव
से सब देखते रहे। महल से चलते हुए उन्होंने भी राजा को अपनी कुटिया पर
आकर सत्संग लाभ लेने के लिए आमंत्रित किया। अगले दिन राजा उनकी
कुटिया पर पहुंचे तो उन्होंने भी राजा को अपना सामान दिखाना प्रारम्भ किया,
जिनमें कुछ जरूरी बर्तन, दो-चार कपड़े और एक पत्थर की चक्की रखी थी।
नरेश अरुचि से सब देखते रहे। जब संत चक्की के बारे में बताने लगे तब नरेश
बोले, ‘इसमें विशेष बात क्या है। हर घर में होती है और चंद रुपयों में कहीं भी
मिल जाती है।’ इस पर संत ने गम्भीरता से समझाया, ‘आपके ख़ज़ाने के रत्न
भी तो पत्थर ही हैं, मगर वह किसी के काम आने के बजाय अपनी सुरक्षा पर
ही अपना धन व्यय करवाते हैं। यह चक्की भी पत्थर की होते हुए भी सदा
लोगों का उपकार करते हुए उनका पेट भरती है। आप ही बताएं कि कौन से
पत्थर अधिक उपयोगी हैं।’
प्रस्तुति : मुकेश कुमार जैन

Author:

Buy, sell, exchange books

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s