Posted in छोटी कहानिया - १०,००० से ज्यादा रोचक और प्रेरणात्मक

शीर्षक : पर्दों वाला कमरा

रानी – देखो हम अपना बैडरूम बहुत बड़ा बनाएंगे । बाकी सारे कमरों से बड़ा , उसमे शीशे वाली खिड़कियां भी होंगी , ओर पर्दे भी । ओर हाँ एक बड़ा सा शीशा भी लगवाएंगे ,ठीक बिल्कुल बेड के पास , मै वहाँ बैठ कर श्रृंगार किया करूंगी । क्यों देव अब बोलो बहुत खूबसूरत है ना मेरा प्लान ।
देव – खूबसूरत तो बहुत है ,लेकिन …..
रानी – लेकिन क्या ? तुम्हे नही पसंद ? तुम कुछ और चाहते हो । कोई बात नही ,हम थोड़ा सा बदलाव कर लेंगे , आखिर हम दोनो का कमरा है ।
देव – अरे जरा तुम रुको तो सही । तुम्हारा कमरा बिल्कुल वैसा ही बनेगा जैसा तुम चाहती हो ।
रानी – तो फिर लेकिन क्या ?
देव् – इसके लिए अभी रुपये भी तो जमा करने होंगे ।
रानी – खूब सारे रुपये लगेंगे क्या ?
देव – हाँ ,यही कुछ बीस तीस लाख
रानी – बीस- तीस लाख , बाप रे ये तो बहुत सारे है , रहने दो हम छोटा सा घर बना लेंगे ओर छोटा सा कमरा ।
देव – तुम थोड़ा सा इंतेज़ार करो, तुम्हे अपने देव पे भरोसा है
ना ।
रानी – खुद से भी भी ज्यादा भरोसा है तुम पर , लेकिन पापा रिश्ता देख रहे है वो ओर इंतेज़ार नही कर सकते , वो जल्द से जल्द मेरी शादी करना चाहते है ।
देव – हाँ तो अगर कोई अच्छा लड़का मिलता है तो कर लो शादी । हो सकता है वो रानी को हक़ीक़त की रानी बना दे , और फिर तुम्हे पर्दों वाला कमरा भी तो चाहिए ना ।
देव – तुम ऐसे मजाक ना किया करो । मुझे तक़लीफ़ होती है , तुम्हे कोई फर्क ही नही ।( रानी मुह फेरकर बैठ गयी )
देव – (देव ने रानी का चेहरा अपनी तरफ घुमाया और बोलने लगा )रानी , तुम्हे क्या लगता है मै रह सकता हुँ अपनी रानी के बगैर ।अभी जिम्मेदारिया है मुझ पर, और अपनी रानी के लिए कमरा भी तो बनवाना है । बस इस साल ओर , इस साल मै काम कर लूँ फिर हमारे सारे सपने पूरे हो जाएगे ।
रानी – कब जाओगे ?
देव – कल की फ्लाइट है ।
रानी – इतनी जल्दी चले जाओगे । कैसे कटेगा एक साल ।
देव – मै दिन भर काम करूंगा ,और शाम को ओवरटाइम ।
रानी – इतना टाइम काम करोगे तो दिन का पता ही नही चलेगा ।
देव – अच्छा तो साल जल्दी कट जायेगा और हमारी जुदाई भी ।
रानी – और मै क्या करूंगी ?
देव – तुम , मुझे याद करना और हमारा कमरा सजाना ।
रानी -तुम भी ना ।मै तुम्हारा इंतज़ार करूंगी ।
रानी , कहाॅं गयी जरा थोड़ी चाय् तो बना दे, जाने दिनभर क्या करती है कमरे मे पड़ी पड़ी ( रानी की सास ने आवाज़ देते हुए कहा )
रानी एकदम से सपने से बाहर आयी ,और अपने कमरे से आवाज़ दी – अभी लाती हुँ माँ जी ।
देव के विदेश जाने के बाद , रानी के पिताजी की तबियत खराब रहने लगी , माँ की जिद पर 6 महीने बाद रानी की शादी कर दी गयी । रानी के पति एक साधारण सी नौकरी करते है , घर मे 5 भाई बहन ओर सबसे बड़े उसके पति । सारी तनख्वाह घर के खर्चे मे निकल जाती । उसके पति काम मे व्यस्त रहते ताकि परिवार की जिम्मेदारी ओर बहन की शादी का कर्ज चुका सके ।
रानी रात को अक्सर अपने कमरे की खिड़की पर खड़े होके कभी चाँद को निहारती , कभी बिस्तर पर आके बैठ जाती , उसके सपने तो बहुत पीछे रह गये थे , बड़ा सा बैडरूम , शीशे वाली खिड़की , उसके अरमान पूरे करने वाला देव ओर उसका पर्दों वाला कमरा ।
प्रिया त्यागी
( स्वरचित)

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