Posted in छोटी कहानिया - १०,००० से ज्यादा रोचक और प्रेरणात्मक

स्त्रियों पर अत्याचार
रामायण में श्रीराम-लक्ष्मण और सीता ने पंचवटी में रह रहे थे।
| उस समय एक दिन सीता ने स्वर्ण मृग देखा। ऐसा हिरण सीता ने पहले
कभी देखा नहीं था। सीता ने श्रीराम से वह हिरण लेकर आने के लिए
| कहा। श्रीराम भी सीता की इच्छा पूरी करने के लिए हिरण के पीछे
| चले गए। दरअसल, वह हिरण नहीं था, रावण का मामा मारीच था।
|जो रावण के कहने पर वेश बदलकर आया था, ताकि वह सीता का
| हरण कर सके। राम अपनी पत्नी की इच्छा पूरी करने के लिए गए और
| लक्ष्मण को सीता की रक्षा के लिए छोड़ गए। हिरण के पीछे गए श्रीराम
| ने जैसे ही बाण छोड़ा तो मारीच ने राम की आवाज में लक्ष्मण को
| पुकारा। आवाज सुनते ही सीता ने लक्ष्मण से कहा कि तुम्हारे भाई
| किसी संकट में है, जाकर उन्हें बचाओ। लक्ष्मण ने बहुत समझाया कि
| श्रीराम का कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता, लेकिन सीता के कहने पर वे
| श्रीराम कि खोज में निकल पड़े। लक्ष्मण के जाने के बाद रावण वहां
| साधु वेश में पहुंच गया।साधु के रूप में रावण ने सीता से कहा कि तुम्हें
| आश्रम की सीमा से बाहर आना पड़ेगा, तब ही मैं दान लूंगा। सीता
| जैसे ही लक्ष्मण रेखा से बाहर आई, रावण ने उनका हरण कर लिया।
| सीता रावण के छल को समझ नहीं सकी और रावण ने देवी का हरण
| कर लिया। इसके बाद रावण ने सीता को अशोक वाटिका में बंदी
| बनाकर रखा था। बाद में श्रीराम वानर सेना के साथ पहुंचे और रावण
का वध किया। इसके बाद देवी सीता आजाद हो सकीं। “स्त्रियों को
| अपराधी प्रवृत्ति के बलवान लोगों के साथ ही छल करने वाले लोगों से
भी सतर्क रहना चाहिए, अगर छल करने वाले लोगों के संबंध में छोटी
|सी भी लापरवाही की गई तो भयंकर परेशानी आ सकती है।”

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