Posted in छोटी कहानिया - १०,००० से ज्यादा रोचक और प्रेरणात्मक

हिंदुओं की दशा की कहानी
🚩जागो हिन्दू जागो🚩
👉🏽एक बार मेरे कमरे में 5-6 सांप घुस गए। मैं परेशान हो गया, उस की वजह से मैं कश्मीरी हिंदुओं की तरह अपने ही घर से बेघर हो कर बाहर निकल गया। इसी बीच बाकी लोग जमा हो गए। मैंने पुलिस और सेना को बुला लिया।

👉🏽अब मैं खुश था कि थोड़ी देर में सेना इनको मार देगी, तभी कुछ पशुप्रेमी और मानवतावादी आ गये, बोले कि आप गोली नहीं चला सकते, हम पेटा (एक कानूनी धारा) के तहत केस कर देंगे।

👉🏽सेना वाले उसको ढेला मारने लगे, सांप भी उधर से मुंह ऊँचा करके ज़हर फेंकने लगे।
एक दो सांपों ने तो एक दो सैनिकों को काट भी लिया पर साँप भागे नहीं।

👉🏽फिर इतने में कुछ पड़ोसी मुझे ही बोलने लगे,
क्या आप भी बेचारे सांपों के पीछे पड़ गये हो, रहने दो, क्यों भगा रहे हो ?

👉🏽उधर प्रशासन ने खबर भिजवा दी कि सांप के मुंह में ज़हर नहीं होना चाहिए, उसके मुंह में दूध दे दो
तो वो मुंह से ज़हर की जगह दूध फेंकेगा।

….. मैं हैरान परेशान…

👉🏽फालतू में बात का बतंगड़ हो चुका था। न्यूज़ भी चलने लगी थीं।

👉🏽एनडीटीवी के पत्रकार रवीश ने कह दिया कि सबको ज़हर नजर आता है सांप नज़र नहीं आता, आखिर उसकी भी ज़िंदगी है….!!

👉🏽बरखा दत्त (सेकुलर पत्रकार) चीख़ कर कहने लगी कि ये तो भटके हुए संपोले हैं, मकान मालिक इनको बेवजह परेशान कर रही है, मकान मालिक को चाहिए कि वो अपने घर में सुरक्षित स्थान पर इनको बिल बनाकर रहने दे और इनके खाने पीने का भरपूर ध्यान रखे।

👉🏽इसी बीच एक सैनिक ने पैलेट गन चला दी और एक सांप ढेर हो गया। मुझे आशा जगी, कि सेना ही कुछ कर सकती है…!!

तभी परम आदर्णीय मीडिया ने कहा, पैलेट गन क्यों चलाई, सांप को कष्ट हो रहा है…..!!

👉🏽अभी कोई कुछ सोचता उससे पहले ही हाईकोर्ट का भी फैसला जाने कहाँ से आ गया कि सांप पर पैलेट गन नहीं चला सकते। इस गन से उसकी आँखें और चेहरा ख़राब हो सकता है।

👉🏽उधर आम आदमी पार्टी ने कह दिया कि वहाँ जनमत संग्रह हो कि उस घर में सांप रहेगा या आदमी………………!!!

कुल मिलकर सांप को जीने का हक़ है इस बात पर सब एकमत हो गए थे।

इतने में मेरा एक पड़ोसी, जो कि मेरे घर पर कब्ज़ा करना चाहता था, वो सांप के लिए दूध, छिपकली और मेढक लेकर आ गया, और उसे खिलाने लगा…..

उसकी मदद बुद्धिजीवियों, मानवतावादियो व पत्रकारों ने कर दी और पड़ोसी को बहुत शाबाशी दी।

मैं निराश होकर अब दूर से सिर्फ़ देख रहा था। अपने घर से मैं बेघर होता नजर आ रहा था।

काश….!!

🚩मैंने खुद ही लाठी लेकर शुरू में ही इन सांपों को ठिकाने लगा दिया होता तो आज ये दिन न देखना पड़ता……………..😕
समझ में आया क्या कहना चाह रहा हूं मै 🙏
(इसमें यह साँप तुर्क मुल्ले हैं)
🙏हमे अपनी मदद, स्वयं करना प्रारंभ करना बहुत ज्यादा जरूरी है, किसी के भरोसे रहकर सहायता प्राप्त करने की लालसा अकल्पनीय ही है।
जय श्री राम🚩🚩🚩🚩

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