Posted in छोटी कहानिया - १०,००० से ज्यादा रोचक और प्रेरणात्मक

💧💦💧💦💧💦💧💦💧💦💧

💐💐ओशो नमन।।💐💐💐
महाराष्ट्र में विठोबा की कथा है कि एक भक्त…….।
महाराष्ट्र में ही कृष्ण का नाम विठोबा। विठोबा यानी कृष्ण। पर कैसे विठोबा हो गए कृष्ण! एक भक्त अपनी मां के पैर दबा रहा था। और कृष्ण उस पर बड़े प्रसन्न थे। वे आकर पीछे खड़े हो गए। और यह भक्त वर्षों से रोता था, विरहलीन रहता था, गीत गाता था, नाचता था। और इससे मिलने आ गए। और उन्होंने कहा कि देख, तू क्या उस तरफ मुंह किए हुए है? मैं तेरा भगवान, जिसकी तूने इतने दिन पूजा—प्रार्थना— अर्चना की, धूप—दीप जलाए। मैं मौजूद हूं! लौट, मेरी तरफ देख।

उस भक्त ने कहा, अभी—एक ईंट पास में पड़ी थी, पीछे सरका दी और कहा—इस पर बैठ रहो। इसलिए विठोबा! बिठा दिया ईंट पर। इस पर बैठ रहो, अभी मैं मां के पैर दबा रहा हूं। तुम ठीक वक्त नहीं आए।

भगवान को जिसने छोड़ दिया मां के पैर दबाने के लिए, तब कर्तव्य! जो करने योग्य है! अभी भगवान भी बीच में आ जाए, तो कोई अर्थ नहीं रखता।

कर्तव्य शब्द की गरिमा खो गई। कृष्ण के समय में कर्तव्य शब्द बड़ा दूसरा अर्थ रखता था। कर्तव्य का अर्थ यह नहीं था कि जो नहीं करने की इच्छा है, और करना पड़ता है। नहीं, कर्तव्य का अर्थ था—बडा सात्विक भाव था उसमें छिपा—वह अर्थ था, जो करने योग्य है, जो ही करने योग्य है, जिसके अतिरिक्त करने योग्य कुछ भी नहीं है।

कहा, बेवक्त आए! समय से आना। और अगर रुकना ही हो, तुम्हारी मरजी है। यह ईंट है, बैठ रहो।

किसी भक्त ने कृष्ण को ऐसा नहीं बिठाया। इसलिए पंढरपुर के विठोबा का मंदिर अनूठा है।बहुत मंदिर हैं, जहां भगवान अपनी ही मरजी से खडे हैं; यहाँ भक्त की मरजी से बैठे हैं! और ईंट पर बैठे हैं; कुछ खास बड़ा सिंहासन नहीं है। लेकिन जब तक उसने अपनी मां को सुला न दिया, जब उसकी मां सो गई—घंटों लगे होंगे—तभी उसने मुंह किया। लेकिन कृष्ण को वह बडा प्यारा हो गया। क्योंकि जहां ऐसा प्रेम है, वहीं तो प्रार्थना का फूल खिलता है।

गीता दर्शन

💕ओशो 💕👏👏👏👏👏

Author:

Buy, sell, exchange books

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s