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बॉलीवुड का पाकिस्तानी कनेक्शन


बॉलीवुड का पाकिस्तानी कनेक्शन60 के दशक की शुरुआत में, खुफिया एजेंसियों और कलकत्ता पुलिस के संयुक्त अभियान में भारत में घुसे एक पाकिस्तानी जासूस को गिरफ्तार किया गया। उस जासूस से एक डायरी बरामद की गई और डायरी में दर्ज नामों में से एक बंबई फिल्म इंडस्ट्री के मशहूर फिल्म स्टार का था। कलकत्ता पुलिस बॉम्बे में उस फिल्म स्टार के घर भी गई थी लेकिन कुछ लोगों के हस्तक्षेप के कारण मामले को वहीं दबा दिया गया और यह निष्कर्ष निकाला गया कि पकड़ा गया पाकिस्तानी जासूस सिर्फ उस फिल्म स्टार का एक प्रशंसक था। आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि किसी पूछताछ के दौरान कलकत्ता पुलिस को यह ईश्वरीय ज्ञान प्राप्त नहीं हुआ बल्कि हस्तक्षेप करने वालों द्वारा यही सफाई बोलने को कहा गया।लेकिन बात यहीं खत्म नहीं होती। बॉम्बे में खुफिया एजेंसियों ने पाकिस्तान के साथ संपर्क करते हुए एक रेडियो ट्रांसमीटर के कुछ संकेतों को पकड़ा। ट्रांसमीटर बॉम्बे में ही सक्रिय था। एजेंसी ने जल्दी ही उस उपकरण का ठिकाना ढूंढ निकाला ………जिस घर से यह उपकरण बरामद किया गया था, वह घर भी उसी फिल्म स्टार का था।लेकिन दिल्ली उन पर मेहरबान थी।ट्रांसमीटर के बारे में, फिल्म स्टार ने बहुत ही निर्दोष सा स्पष्टीकरण दिया कि वह पाकिस्तानी संगीत के शौकीन हैं और चूंकि भारत में पाकिस्तानी रेडियो पर प्रतिबंध है, इसलिए उन्होंने इस ट्रांसमीटर को अपने घर में रखा हुआ है।लेकिन मामला गंभीर था और इस बार यूं ही रफा दफा करना मुश्किल लग रहा था। तो आनन फानन में एक जांच समिति का गठन किया गया जिसने तुरंत ही जांच कर यह घोषणा कर दी कि फिल्म स्टार का बयान सच था।यह सवाल कभी नहीं पूछा गया कि उस फिल्मी सितारे को इतनी खास फ्रिक्वेंसी पर काम करने वाला ऐसा रेडियो ट्रांसमीटर कहां से मिला?मशहूर फिल्मस्टार यूसुफ खान है। बाद में पाकिस्तान ने इस अभिनेता को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान निशान-ए-इम्तियाज़ से नवाजा। कारगिल युद्ध के दौरान, लोगों ने उनसे पुरस्कार लौटाने की पुरजोर मांग की लेकिन अभिनेता ने उन सार्वजनिक भावनाओं को अनसुना कर दिया। (दिलीप कुमार 1998 में पाकिस्तान में सम्मान लेनेअपने साथ सुनील दत्त को भी ले गए)लेकिन क्या आपने कभी इससे संबंधित कोई चर्चा मीडिया में कहीं सुनी ?? नहीं न …….क्योंकि बिकाऊ और चापलूस मीडिया कोई नई घटना नहीं है। यह बहुत लंबे समय से है।अंतर केवल इतना है कि अबकी इस भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी हिजड़ी मीडिया का मुकाबला राष्ट्रवादी मीडिया और सोशल मीडिया के धड़े से ही गया है .. जो इनके कुकृत्यों का पर्दाफाश करने को दृढ़ संकल्प है ।जय श्री राम 

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