Posted in छोटी कहानिया - १०,००० से ज्यादा रोचक और प्रेरणात्मक

★ दो महामानवों का मिलन ★

सिध्देश्वर मजूमदार उर्फ मास्टरजी ने #रामकृष्णपरमहंस को बताया कि एक बार #ईश्वरचंद्रविद्यासागर की माँ ने लिखा था कि बेटा अमुक तिथि को तुम्हारे छोटे भाई का ब्याह है। तुम आ जाना।

उक्त तिथि को विद्यासागर घाटाल ग्राम पहुंच गए। माँ के समक्ष अभी खड़े ही हुए थे कि उनकी आंखें बरस पड़ीं। माँ ने डांटते हुए पूछा कि भींगे कपड़े में क्यों? कपड़े तो बदल लेते, तब आते। विद्यासागर मुस्कुराए और कहा कि अभी बदल लेता हूँ माँ। वे मुस्कुरा दीं।

वास्तविकता यह थी कि उनके आदेश का पालन करने के लिए कोलकाता से पैदल चले। रास्ते में दामोदर नदी को तैरकर पार किया। फिर, माँ के पास पहुंचे। धनाभाव था, लेकिन पास में जो भी धन थे उसकी जरूरत व्याह के लिए घर में थी। अपनी जरूरत को उन्होंने समेट लिया था।

मास्टरजी से यह सब सुनते हुए रामकृष्ण रोने लगे। अश्रु बूंदें मोतियों सी टपकने लगी। बीच-बीच में वो ‘माँ -माँ’ पुकारते अचानक व्यग्र हो उठे। वे उठ खड़े हुए और कहा कि मुझे ले चलिए, अभी मिलना है उनसे। मास्टरजी ने कहा कि यह समय उनके अध्ययन का है। फिर वे सो जाते हैं। हम कल प्रातःकाल चलें देव?

रामकृष्ण ने सिर हिलाकर सहमति दी। तब मास्टरजी ने देखा कि उनकी आंखें रक्तमय हो गई हैं। विद्यासागर जी के बारे में सुनते हुए कई घंटों से वे रो रहे थे।

सुबह के समय रामकृष्णदेव और मास्टरजी दोनों विद्यासागर के पास पहुंचे।

विद्यासागर चकित थे कि रामकृष्ण स्वयं पहुंच गए उनके पास वो भी उन्हीं के विद्यालय के एक शिक्षक के साथ! उनके उल्लास का पारावार न था।

रामकृष्ण ने कहा कि खाई, सोता या नदी मिली मगर आज मैंने महासमुद्र देखा है।

हाज़िरजवाब ईश्वरचंद्र ने तत्क्षण कहा कि फिर तो भरकर एक लोटा खारा जल ले जाइयेगा।

हाथ को हवा में लहराते हुए रामकृष्ण देव ने कहा कि नहीं, आप तो विद्या के सागर हैं, अमृत के सागर हैं। अमृत कब खारा हुआ है भला?

इस पर ईश्वरचंद्र विद्यासागर भावविह्वल हो गए। रामकृष्णदेव के बारे में भी कई व्यक्तियों ने उनसे कुछ-कुछ कहा था मगर दो महापुरुषों का संगम आज ही हुआ था। दोनों एकटक दूसरे को निहार रहे थे। चेहरे पर प्रसन्नता थी और और आंखों से नीर बह रहे थे।
★★★

Author:

Buy, sell, exchange books

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s