Posted in छोटी कहानिया - १०,००० से ज्यादा रोचक और प्रेरणात्मक

एक लड़का जिसका नाम उल्लास था उसने एक साँप को पत्थर के नीचे दबे देखा तो उसे दया आ गई उसने पत्थर हटाकर साँप से पूछा तुम यहाँ कैसे दब गये थे ?

साँप बोला मै एक चूहे को पकड़ने के लिए यहाँ आया था तो पत्थर के नीचे दब गया ! साँप बोला मुझे तेज भूख लगी है मै तुम्हे खाऊँगा ! तब उल्लास ने कहा मैने तुम्हे बचाया है और तुम मुझे ही खाना चाहते हो ? आखिरकार काफी वाद-विवाद के बाद दोनो अन्य तीसरे व्यक्ति से न्याय करवाने के लिए राजी हो गये !

तभी उन्हे एक सियार दिखाई दिया ! उसे सारी बात बताकर न्याय करने के लिए कहा -सियार ने सोचा अगर साँप लड़के को मारेगा तो उसे भी खाने को मिलेगा ! उसने तुरंत साँप के हक मे फेसला सुना दिया ! लड़के ने फैसला मानने से इंकार कर दिया ! तब एक नेवला वहाँ से गुजरा उसे भी सारी बात बताकर न्याय करने की अपील की ! साँप का दुश्मन नेवला बोला इसके साथ वही व्यवहार करना चाहिए जो एक दगाबाज के साथ किया जाना चाहिए ! साँप ने मानने से इंकार कर दिया !

तभी एक आदमी वहाँ से गुजरा उसे सारी बाते बताई तब उस आदमी ने हैरानी से पूछा भला एक साँप पत्थर के नीचे कैसे दब सकता है , तब साँप ने कहा मै बताता हूँ तब साँप वैसे ही बैठ गया , उस लड़के ने तुरंत ही उसके ऊपर पत्थर रख दिया ! आदमी ने कहा ईसे यही दबकर मरने दो ! उल्लास को समझ आ गया था कि ऐसे लोगों के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए !

मोरल- आज के जमाने मे लोगो का कितना भी भला कर लो आखिर लोग आपको धोखा ही देगा !

आज के युग मे कौन एहसान याद करता है.इसलिए सोच-समझकर ही काम करना चाहिए !!