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જનરલ – …પુણ્ય…


હસુભાઈ ઠક્કર

ⒸⓉ જનરલ – …પુણ્ય……

બાપુજી, બા ને દવાખાને બતાવીને લાકડીને ટેકે રીક્ષામાંથી ઉતરી ઘેર મોડે મોડે દોઢ વાગે પહોંચ્યા.
ત્યાં તો દરવાજો બંધ.
તાળું મારેલુ.
બાપુજી ધ્રુજતા હાથે ખિસ્સામાંથી મોબાઇલ કાઢે ત્યાં જ પાડોશીએ કહ્યુ;

તમારી વહુ ચાવી આપી ગઇ છે, એમ કહીને તાળું ખોલી આપ્યું.

દંપતી અંદર પહોંચે ત્યાંજ વહુ પહોંચી આવી.
ઝડપથી એક ગ્લાસમાં બાપુજી માટે માટલાનું અને એક ગ્લાસમાં હાંડાનું પાણી બા માટે લઇ આવી, લાલા ની પેરેન્ટ્સ મીટીંગમાંથી આવતા પંચર પડયુંને મોડું થયુ એવો અફસોસ કરતાં રસોડામાં જઇ ફટાફટ દાળ ગરમ મુકી.
બા માટે ખમણેલી હળદર, બાપુજી માટે કટકા.
બાપુજીની દાળ ગરણીથી ગાળી નાખી.
થાકેલ બા ને ડાયનીગ ટેબલને બદલે સોફા પર જ જમવાનું દેવા ના હેતુ થી થાળી, વાટકો અને ગ્લાસ ટીપાઇ પર ગોઠવતી હતી ત્યાં તો બા એ વહુનો હાથ પકડી લીધો.

વહુ કહે; “બા કેમ છો? સારુ તો છે ને? “ કહી વહુ બા નાં પગ પાસે બેસી ગઇ.

બા એ દવાની કોથળી ખોલી એમાંથી દવાખાને જાતી વખતે વહુએ છાનુંમાનું મુકી દીધેલ બિસ્કીટનું પેકેટ ખોલી બે બિસ્કીટ વહુના મોઢામાં મુકી દીધાં.

“બા તમે દવાખાને ખાધા નહીં?” વહુએ પુછયું.

બા કહે; તને મુકીને હું ઘરડી ડોશી ખાઇ લઉ? ઘડીક શ્વાસ લે.

વહુ એ બા નાં ખોળામા માથું રાખી દીધુંને આખો થાક ઉતરી ગ્યો.

અચાનક વહુ કહે “બા મારે એકાદશી હતી.

બા કહે; “તું અમને જે રીતે સાચવે છે ને …તને તો રોજ ભાગવત સપ્તાહ નું પુણ્ય મળે છે.” કહેતાં કહેતાં બે બિસ્કીટ પાછા મોઢામાં મુકી દીધાં.

ત્યાં સામેની ખુરશીમાં બેઠેલ બાપુજી એ બિસ્કીટ માટે મોઢું ફાડી રાખેલ જે જોઇ સાસુ વહુ ખડખડાટ હસી પડ્યા.

આ બધાં પ્રસંગ વચ્ચે ઘરનો દરવાજો ખુલ્લો રહીં ગયો એ ખબર ન રહીં. ધ્યાન ગયુ ત્યારે દાદાની હયાતી ચેક કરવા આવેલ દોઢ લાખ પગારવાળા બેન્ક મેનેજર આ દૃશ્ય જોઇ રડી રહ્યાં હતાં. ખબર નહીં કેમ…

જીંદગીની સફર તો તદન મફત છે,
કિંમત તો ફક્ત ગમતા વિસામા ની છે.

🙏જય જય જલારામ🙏

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एक फ़क़ीर था , उसके दोनों बाज़ू नहीं थे


एक फ़क़ीर था , उसके दोनों बाज़ू नहीं थे। उस बाग़ में मच्छर भी बहुत होते थे। मैंने कई बार देखा उस फ़क़ीर को। आवाज़ देकर , माथा झुकाकर वह पैसा माँगता था। एक बार मैंने उस फ़क़ीर से पूछा – ” पैसे तो माँग लेते हो , रोटी कैसे खाते हो ? ”

उसने बताया – ” जब शाम उतर आती है तो उस नानबाई को पुकारता हूँ , ‘ ओ जुम्मा ! आके पैसे ले जा , रोटियाँ दे जा। ‘ वह भीख के पैसे उठा ले जाता है , रोटियाँ दे जाता है। ”

मैंने पूछा – ” खाते कैसे हो बिना हाथों के ? ”
वह बोला – ” खुद तो खा नहीं सकता। आने-जानेवालों को आवाज़ देता हूँ ‘ ओ जानेवालों ! प्रभु तुम्हारे हाथ बनाए रखे , मेरे ऊपर दया करो ! रोटी खिला दो मुझे , मेरे हाथ नहीं हैं। ‘ हर कोई तो सुनता नहीं , लेकिन किसी-किसी को तरस आ जाता है। वह प्रभु का प्यारा मेरे पास आ बैठता है। निवाला तोड़कर मेरे मुँह में डालता जाता है , मैं खा लेता हूँ।

सुनकर मेरा दिल भर आया। मैंने पूछ लिया – ” पानी कैसे पीते हो ? ”

उसने बताया – ” इस घड़े को टांग के सहारे झुका देता हूँ तो प्याला भर जाता है। तब पशुओं की तरह झुककर पानी पी लेता हूँ। ”

मैंने कहा – ” यहाँ मच्छर बहुत हैं। यदि मच्छर लड़ जाए तो क्या करते हो ? ”

वह बोला – ” तब शरीर को ज़मीन पर रगड़ता हूँ। पानी से निकली मछली की तरह लोटता और तड़पता हूँ। ”

हाय ! केवल दो हाथ न होने से कितनी दुर्गति होती है !

अरे , इस शरीर की निंदा मत करो ! यह तो अनमोल रत्न है ! शरीर का हर अंग इतना कीमती है कि संसार का कोई भी खज़ाना उसका मोल नहीं चुका सकता। परन्तु यह भी तो सोचो कि यह शरीर मिला किस लिए है ? इसका हर अंग उपयोगी है। इनका उपयोग करो !

हमेशा स्मरण रहे कि ये “आँखे पापों को ढूँढने के लिए नहीं मिलीं।”

“कान निंदा सुनने के लिए नहीं मिले।”
“हाथ दूसरों का गला दबाने के लिए नहीं मिले।”
“यह मन भी अहंकार में डूबने या मोह-माया में फसने को नहीं मिला।”

ये आँख सच्चे सतगुरु की खोज के लिये मिली है जो हमें परमात्मा के बताये मार्ग पर चलना सिखाये।

ये हाथ प्राणी मात्र की सेवा करने को मिले हैं।
ये पैर उस रास्ते पर चलने को मिले है जो परम पद तक जाता हो।

ये कान उस संदेश सुनने को मिले है जो जिसमे परम पद पाने का मार्ग बताया जाता हो।

ये जिह्वा प्रभु का गुण गान करने को मिली है।
ये मन उस प्रभु का लगातार शुक्र और सुमिरन करने को मिला है।

प्रभु तेरा शुक्र है, शुक्र है..लाख लाख शुक्र है। जिसमे आपने हमे भरपूर दिया ।

🙏🏻सतनाम् वाहेगुरु🙏🏻

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एक आदमी एक दस साल के लड़के के साथ नाई की दुकान पर पहुंचा


एक आदमी एक दस साल के लड़के के साथ नाई की दुकान पर पहुंचा
और नाई से बोला कि उसे पास ही कहीं
जरुरी काम से जाना है….😊
.
.
इसलिये वो पहले उसकी कटिंग कर
दें,फिर उसके बाद लड़के की कटिंग कर दे..😁😁
.
.
नाई ने पहले उसकी कटिंग कर दी
तो उसने बालक को अपनी
ज़गह कुर्सी पर बिठाया,
उसके सिर पर प्यार से हाथ फ़ेरा और कहा…
“आराम से कटिंग कराना,
अंकल को
तंग न करना…”😀😊😊
.
.
.
.
इतना कहकर वो वहां से
चला गया😃
.
नाई ने लड़के की कटिंग की, उसे कुर्सी से उतारा और
कहा,…
.😊
“तू उधर बैठ जा, बेटा, तेरे
डैडी अभी आते होंगे…”😃
..
.
लड़का: अंकल वो मेरे डैडी
थोड़े ही थे…!😁
.
नाई: तो अंकल होंगे,
बेटा…???😁
.
लड़का: नहीं…!😃
.
..
नाई: अबे तो कौन थे वो….?😁😈
.
लड़के: मुझे क्या पता कौन
थे,
.😁
मैं तो गली में खेल रहा था कि
वो आकर बोले कि फ़्री में
कटिंग करायेगा ?😂
.
मैंने कहा, “कराऊंगा” और मैं
उसके
साथ यहां चला आया….😂😂
😜😝😂😂😂
जालिम दुनिया ने नाई को भी नहीं छोडा🤣🤣🤣

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मार्च के 31 तारीख को एक पंडित एक होटल में गया और मैनेजर के पास जाकर बोला


मार्च के 31 तारीख को एक पंडित एक होटल में गया और मैनेजर के पास जाकर बोला :- क्या रूम नंबर 39 खाली है?

मैनेजर:- हां, खाली है, आप वो रूम ले सकते हैं.. ,,

पंडित:- ठीक है, मुझे एक चाकू, एक 3 इंच का काला धागा और एक 79 ग्राम का संतरा कमरे में भिजवा दो।

मैनेजर:- जी, ठीक है, और हां, मेरा कमरा आपके कमरे के ठीक सामने है,अगर आपको कोई दिक्कत होती है तो तुम मुझे आवाज दे देना,,,

पंडित:- ठीक है,,,

रात को……………….

पंडित के कमरे से तेजी से चीखने चिल्लाने की और प्लेटो के टूटने की आवाज आने लगती है

इन आवाजों के कारण मैनेजर सो भी नही पाता और वो रात भर इस ख्याल से बैचेन होने लगता है कि आखिर उस कमरे में हो क्या रहा है?

अगली सुबह………….
जैसे ही मैनेजर पंडित के कमरे में गया वहाँ पर उसे पता चला कि पंडित होटल से चला गया है और कमरे में सब कुछ वैसे का वैसा ही है और टेबल पर चाकू रखा हुआ है,,
मैनेजर ने सोचा कि जो उसने रात में सुना कहीं उसका मात्र वहम तो नही था,,

और ऐसे ही एक साल बीत गया….
एक साल बाद……..
मार्च के 31 तारीख को
वही पंडित फिर से उसी होटल में आया और रूम नंबर 39 के बारे में पूछा?

मैनेजर:- हां, रूम 39 खाली है आप उसे ले सकते हो,,,

पंडित:- ठीक है, मुझे एक चाकू, एक 3 इंच का धागा और एक 79 ग्राम का संतरा भी चाहिए होगा,,,

मैनेजर:- जी, ठीक है,,,

उस रात में मैनेजर सोया नही, वो जानना चाहता था कि आखिर रात में उस कमरे में होता क्या है?

तभी वही आवाजें फिर से आनी चालू हो गई और मैनेजर तेजी से पंडित के कमरे के पास गया, चूंकि उसका और पंडित का कमरा आमने-सामने था, इस लिए वहाँ पहुचने में उसे ज्यादा समय नही लगा

लेकिन दरवाजा लॉक था, यहाँ तक कि मैनेजर की वो मास्टर चाभी जिससे हर रूम खुल जाता था, वो भी उस रूम 39 में काम नही करी

आवाजो से उसका सिर फटा जा रहा था, आखिर दरवाजा खुलने के इंतजार में वो दरवाजे के पास ही सो गया…..

अगली सुबहा………..

जब मैनेजर उठा तो उसने देखा कि कमरा खुला पड़ा है लेकिन पंडित उसमें नही है।

वो जल्दी से मेन गेट की तरफ भागा, लेकिन दरबान ने बताया कि उसके आने से चंद मिनट पहले ही पंडित जा चुका था,,,

उसने वेटर से पूछा तो वेटर ने बताया कि कुछ समय पहले ही पंडित यहाँ से चला गया और जाते वक्त उनसे होटल के सभी वेटरों को अच्छी खासी टिप भी दी…..

मैनेजर बिलबिला के रह गया, उसने निश्चय कर लिया कि मार्च में वो पता करके रहेगा…. कि आखिर ये पंडित और रूम 39 का राज क्या है…

मार्च वही महीना था, जिस महीने में हर साल 31 तारीख को पंडित एक दिन के लिए उस होटल आता था,,

अगले साल……..

अगले साल फिर 31 मार्च को वही पंडित आया और रूमनंबर 39 मांगा?
मैनेजर:- हां, आपको वो रूम मिल जाएगा

पंडित:- मुझे एक 3 इंच का धा गाएक 79 ग्राम का संतरा और एक धार दार चाकू भी चाहिए,,,

मैनेजर:- जी ठीक है,,,

रात को…..

इस बार मैनेजर रात में बिल्कुल नही सोया और वो लगातार उस कमरे से आती हुई आवाजो को सुनता रहा

जैसी ही सुबह हुई और पंडित ने कमरा खोला, मैनेजर कमरे में घुस गया और पंडित से बोला:-

आखिर तुम रात को इन सब चीजों के साथ इस कमरे में क्या करते हो..? ये आवाजें कहां से आती हैं…

जल्दी बताओ..?

पंडित ने कहा:- मैं तुम्हे ये राज तो बता दूंगा लेकिन आगले साल और एक शर्त है कि तुम ये राज किसी को नही बताओगे,,,

चूंकि मैनेजर ईमानदार आदमी था इसलिए वो एक साल राह देखता रहा
लेकीन इस साल लॉक डाउन के कारण पंडित नाही आ सका
आगळे साल 31 मार्च को पंडित आयेगा और जो राज उसने किसींको नही बताया वो राज मॅनेजर खुद्द देखेगा और मुझे बतायेगा
और मैं जो राज आज तक किसी को नही बताया वो तुम्हे बताउन्गा…
ध्यान से पढ़ने के लिए धन्यवाद 🙏🏻😆😆
खाली समय में क्या करू
दिमाग तो मेरा भी खराब हुआ था ये मैसेज पढ़ कर लेकिन आगे भेज कर कलेजे को ठंडक पढ गयी😅😷

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अखबार में इश्तिहार छपा।


अखबार में इश्तिहार छपा।

मर्सिडीज कार बिकाऊ है मात्र 100 रुपये में ……

कोई इस पर विश्वास ही नहीं कर रहा था।

पर,

एक साहब पेपर में ये ad देख कर चल पड़े।

लिखे एड्रेस पे पहुँच के उन्होंने बेल बजाई ।

एक अधेड़ महिला ने दरवाजा खोला ।

वे बोले – आप एक कार बेच रही हैं?

महिला बोली – जी हाँ ।

मैं गाड़ी देख सकता हूँ ?

शौक से, आईये – ये कह के महिला ने गैराज खुलवाया।

साहब ने बडे ध्यान से गाड़ी को देखा तो उनकी
आँखें 👀 फल गईं। 😳

बोले – ये तो नई है ?

जवाब मिला – एकदम तो नई नहीं है ,
18000 किलोमीटर चल चुकी है ।

साहब बोले – लेकिन पेपर में तो इसकी कीमत मात्र 100 रुपये
लिखी है ? 🤔

जवाब मिला – सही छपा है , 100 की ही है ।
आप 100 रुपये दीजिये और ले जाइए ।

साहब ने कांपते हाथों से 100 रुपए निकाल के दिये..

महिला ने रुपये लेकर फौरन रसीद बनाई ,

साहब को गाड़ी के कागज एवं चाभी दे दिए ।

साहब बोले – बहिन जी , अब तो बता दीजिये
कि मामला क्या है , मैं तो सस्पेंस से मरा जा रहा हूँ ।

महिला बोली – कोई सस्पेंस नहीं है , मैं तो अपने स्वर्गीय पति की इच्छा पूरी कर रही हूँ ।

वो अपनी वसीयत में लिख गये थे कि उनके मरने के बाद ये गाड़ी बेच दी जाये और
मिली हुई सारी रकम
.
.
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.
.
.

उनकी सेक्रेटरी शीला को दे दि जाए…
..
..
..
..
बीवियों की जलन
जिंदगी के साथ भी

औऱ

जिंदगी के बाद भी

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एक राजा था,,,


एक राजा था,,,
उसने एक सर्वे करने का सोचा
कि
मेरे राज्य के लोगों की
घर गृहस्थी
पति से चलती है
या
पत्नी से…?

उसने एक ईनाम रखा कि ” जिसके घर में पति का हुक्म चलता हो,
उसे मनपसंद घोडा़ ईनाम में मिलेगा
और
जिसके घर में पत्नी की चलती है
वह एक सेब ले जाए..
🐴🍎
एक के बाद एक सभी नगरवासी
🍎🍎🍎🍎🍎🍎🍎🍎🍎🍎🍎🍎
सेब उठाकर जाने लगे ।
राजा को चिंता होने लगी..
क्या मेरे राज्य में सभी घरों में
पत्नी का हुक्म चलता है,,🤔🤔

इतने में एक लम्बी लम्बी मुछों वाला,
मोटा तगडा़ और लाल लाल आखोंवाला जवान आया और बोला…..
” राजा जी मेरे घर में मेरा ही हुक्म चलता है .. घोडा़ मुझे दीजिए ..”🐴

राजा खुश हो गए और कहा जा अपना मनपसंद घोडा़ ले जाओ..
चलो कोई एक घर तो मिला
जहाँ पर आदमी की चलती है 😀😀
जवान काला घोडा़ 🐴लकर रवाना हो गया ।
घर गया और फिर थोडी़ देर में घोडा 🐴लकर दरबार में वापिस लौट आया।
राजा: “क्या हुआ…? वापिस क्यों आ गये..??”

जवान : ” महाराज,मेरी घरवाली कह रही है काला रंग अशुभ होता है, सफेद रंग शांति का प्रतिक होता है आप सफेद रंग वाला 🦄घोडा लेकर आओ…
इसलिए आप मुझे सफेद रंग का घोडा़ 🦄दीजिए।

राजा: अच्छा… “घोडा़ रख🐴…..और सेब 🍎लकर चलता बन,,,
इसी तरह रात हो गई …दरबार खाली हो गया,, लोग सेब 🍎🍎🍎🍎🍎लकर चले गए ।
आधी रात को महामंत्री ने दरवाजा खटखटाया,,,

राजा : “बोलो महामंत्री कैसे आना हुआ…???”

महामंत्री : ” महाराज आपने सेब 🍎और घोडा़ 🐴ईनाम में रखा है,
इसकी जगह
अगर एक मण अनाज या सोना वगेरह रखा होता तो लोग कुछ दिन खा सकते या जेवर बना सकते थे,,,

राजा : “मैं भी ईनाम में यही रखना चाह रहा था लेकिन महारानी 👸🏻न कहा कि सेब 🍎और घोडा़🐴 ही ठीक है इसलिए वही रखा,,,,

महामंत्री : ” महाराज आपके लिए सेब 🍎काट दूँ..!!!😊

राजा को हँसी आ गई और पूछा यह सवाल तुम दरबार में या कल सुबह भी पूछ सकते थे आप आधी रात को ही क्यों आये.. ???

महामंत्री: “महाराज,मेरी धर्मपत्नी ने कहा अभी जाओ और अभी पूछ के आओ,,,सच्ची घटना का पता तो चले।

राजा ( बात काटकर ): “महामंत्री जी, सेब 🍎आप खुद ले लोगे या घर भेज दिया जाए ।”

समाज चाहे जितना भी पुरुष प्रधान हो लेकिन
संसार स्त्री प्रधान ही है..!!

मुझे पत्नी ने कहा अभी ये कहानी इस ग्रुप में भेजो। मैं सेब खाते हुए आप सब को भेज रहा हूँ। ….

*दोस्तो आप भी सेब खाओगे या ………

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एक चित्ता सिगरेट पिणारच असतो, तेवढ्यात एक उंदीर समोर येतो आणि चित्त्याला म्हणतो


एक छोटासा विनोद😛😜
एक चित्ता सिगरेट पिणारच असतो, तेवढ्यात एक उंदीर समोर येतो आणि चित्त्याला म्हणतो ……..

“मित्रा चित्त्या , माझ्या बांधवा,
सोड हि नशा,
बघ हे जग किती सुंदर आहे,
चल माझ्या सोबत आणि ह्या जंगलाचे सौंदर्य पहा,

चित्ता थोडा वेळ विचार करतो आणि उन्द्रासोबत चालायला लागतो…..

पुढे हत्ती 🐘 डरग्स घेत बसलेला असतो, त्याला सुद्धा पाहून उंदीर 🐀 महणतो,

“मित्रा हत्ती 🐘, माझ्या बांधवा,
सोड हि नशा,
बघ हे जग किती सुंदर आहे,
चल माझ्या सोबत आणि ह्या जंगलाचे सौंदर्य पहा,

हत्ती 🐘 सद्धा थोडा वेळ विचार करतो आणि उन्द्रासोबत चालायला लागतो…..

थोडं पुढे गेल्यावर एक वाघ 🐯 वहीस्की चा पेग 🍷भरत असतो…………

त्यला हि पाहून न घाबरता उंदीर 🐀 तयाला म्हणतो……

“मित्रा वाघा 🐯, माझ्या बांधवा, सोड हि नशा, बघ हे जग किती सुंदर आहे, चल माझ्या सोबत आणि ह्या जंगलाचे सौंदर्य पहा,

वाघ त्याचा ग्लास बाजूला ठेवतो आणि उंदराच्या 🐀 कानाखाली ७-८ वेळा जाळ काढतो……..

हे पाहून हत्ती वाघा ला म्हणतो
“अरे 🐯 वाघोबा उंदीर चांगले सांगतो, का मारतोस त्याला”

वाघ म्हणतो “ह्याच्या सोबत ४ वेळा पूर्ण जंगल फिरून आलोय. हा हरामखोर जेव्हा देशी पितो तेव्हा असाच बोलतो……….😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂हसू नका पुढे फॉरवर्ड करा….🌹🌹 🌹🌹😛😜एक छोटासा विनोद😛😜
एक चित्ता सिगरेट पिणारच असतो, तेवढ्यात एक उंदीर समोर येतो आणि चित्त्याला म्हणतो ……..

“मित्रा चित्त्या , माझ्या बांधवा,
सोड हि नशा,
बघ हे जग किती सुंदर आहे,
चल माझ्या सोबत आणि ह्या जंगलाचे सौंदर्य पहा,

चित्ता थोडा वेळ विचार करतो आणि उन्द्रासोबत चालायला लागतो…..

पुढे हत्ती 🐘 डरग्स घेत बसलेला असतो, त्याला सुद्धा पाहून उंदीर 🐀 महणतो,

“मित्रा हत्ती 🐘, माझ्या बांधवा,
सोड हि नशा,
बघ हे जग किती सुंदर आहे,
चल माझ्या सोबत आणि ह्या जंगलाचे सौंदर्य पहा,

हत्ती 🐘 सद्धा थोडा वेळ विचार करतो आणि उन्द्रासोबत चालायला लागतो…..

थोडं पुढे गेल्यावर एक वाघ 🐯 वहीस्की चा पेग 🍷भरत असतो…………

त्यला हि पाहून न घाबरता उंदीर 🐀 तयाला म्हणतो……

“मित्रा वाघा 🐯, माझ्या बांधवा, सोड हि नशा, बघ हे जग किती सुंदर आहे, चल माझ्या सोबत आणि ह्या जंगलाचे सौंदर्य पहा,

वाघ त्याचा ग्लास बाजूला ठेवतो आणि उंदराच्या 🐀 कानाखाली ७-८ वेळा जाळ काढतो……..

हे पाहून हत्ती वाघा ला म्हणतो
“अरे 🐯 वाघोबा उंदीर चांगले सांगतो, का मारतोस त्याला”

वाघ म्हणतो “ह्याच्या सोबत ४ वेळा पूर्ण जंगल फिरून आलोय. हा हरामखोर जेव्हा देशी पितो तेव्हा असाच बोलतो……….😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂हसू नका पुढे फॉरवर्ड करा….🌹🌹 🌹🌹

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कौन सा पति खरीदूँ…?**


कौन सा पति खरीदूँ…?**
🤔❓🤥❓😳❓😂

शहर के बाज़ार में एक बड़ी दुकान खुली जिस पर लिखा था –

“यहाँ आप पतियों को ख़रीद सकती है |”

देखते ही देखते औरतों का एक हुजूम वहां जमा होने लगा | सभी दुकान में दाख़िल होने के लिए बेचैन थी, लंबी क़तारें लग गयी…

दुकान के मैन गेट पर लिखा था –
“पति ख़रीदने के लिए निम्न शर्ते लागू”
👇👇
✡️ इस दुकान में कोई भी औरत सिर्फ एक बार ही दाख़िल हो सकती है, आधार कार्ड लाना आवश्यक है …

✡️ दुकान की 6 मंज़िले है, और प्रत्येक मंजिल पर पतियों के प्रकार के बारे में लिखा है |
✡️ ख़रीदार औरत किसी भी मंजिल से अपना पति चुन सकती है l
✡️ लेकिन एक बार ऊपर जाने के बाद दोबारा नीचे नहीं आ सकती, सिवाय बाहर जाने के |

👩🏻‍🦰एक खुबसूरत लड़की को दूकान में दाख़िल होने का मौक़ा मिला…

पहली मंजिल के दरवाज़े पर लिखा था – “इस मंजिल के पति अच्छे रोज़गार वाले है और नेक है | “
लड़की आगे बढ़ी ..

दूसरी मंजिल पर लिखा था – “इस मंजिल के पति अच्छे रोज़गार वाले है, नेक है और बच्चों को पसंद करते है |”
लड़की फिर आगे बढ़ी …*

तीसरी मंजिल के दरवाजे पर लिखा था – “इस मंजिल के पति अच्छे रोज़गार वाले है, नेक है और खुबसूरत भी है |”

यह पढ़कर 👩🏻‍🦰लड़की👩🏻‍🦰 कछ देर केलिए रुक गयी मगर यह सोचकर कि चलो ऊपर की मंजिल पर भी जाकर देखते है, वह आगे बढ़ी…

चौथी मंजिल के दरवाज़े पर लिखा था – “इस मंजिल के पति अच्छे रोज़गार वाले है, नेक है, खुबसूरत भी है और घर के कामों में मदद भी करते है |”

यह पढ़कर लड़की को चक्कर आने लगे और सोचने लगी “क्या ऐसे पति अब भी इस दुनिया में होते है ?

यहीं से एक पति ख़रीद लेती हूँ… ”

लेकिन दिल ना माना तो एक और मंजिल ऊपर चली गयी…

पांचवीं मंजिल पर लिखा था – “इस मंजिल के पति अच्छे रोज़गार वाले है , नेक है और खुबसूरत है , घर के कामों में मदद करते है और अपनी बीबियों से प्यार करते है |”

अब इसकी अक़ल जवाब देने लगी वो सोचने लगी इससे बेहतर और भला क्या हो सकता है ? मगर फिर भी उसका दिल नहीं माना और आखरी मंजिल की तरफ क़दम बढाने लगी…

आखरी मंजिल के दरवाज़े पर लिखा था -“आप इस मंजिल पर आने वाली 3339 वीं औरत है , इस मंजिल पर कोई भी पति नहीं है , ये मंजिल सिर्फ इसलिए बनाई गयी है ताकि इस बात का सबूत सुप्रीम कोर्ट को दिया जा सके कि महिलाओं को पूर्णत संतुष्ट करना नामुमकिन है |

हमारे स्टोर पर आने का धन्यवाद ! बांयी ओर सीढियाँ है जो बाहर की तरफ जाती है !!
🙏🏻🙏🏻😂😂😂

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मेरा हिसाब कर दो


मेरा हिसाब कर दो

एक महिला भागी भागी डाक्टर के क्लिनिक पर गईं,वो थोड़ी घबराई और सहमी हुई थी।

डाक्टर साहब की नज़र उस खूबसूरत महिला पर पड़ी तो उसे नंबर से पहले बुलवा लिया।

“जी, क्या problem है आपकी?” डाक्टर ने पूछा। (डॉक्टर थोड़े दिलफेंक किस्म के थे)

महिला: “जी मुझे कोई problem नहीं है.. Problem मेरे husband की है मुझे लगता है कि वो मानसिक रोगी होते जा रहे हैं।”

डाक्टर: “अच्छा, क्या करते हैं? आप पर हाथ उठाते हैं या आपके साथ misbehave करते हैं?”

महिला: “नहीं नहीं, धमकियां देते हैं और ये भी कहते हैं कि “मेरा हिसाब कर दो”.. “मेरा हिसाब कर दो।”

डाक्टर: “आप परेशान न हों, कहां हैं आपके husband. साथ नहीं लाए आप उनको?”

महिला: “डाक्टर साहब, मैं उनको साथ नहीं ला सकती थी, वो घर पर हैं”।

डाक्टर: “जी, मैं समझ सकता हूँ।”
डाक्टर साहब हर खूबसूरत औरत के साथ गहरा रिश्ता बना लेते थे।

महिला: अगर आप अपनी गाड़ी और ड्राइवर मेरे साथ भिजवा दें तो मैं अपने husband को आसानी से ले आऊंगी।”

डाक्टर ने अपने ड्राइवर को आदेश दिया कि मैडम के साथ जाओ.. अब महिला क्लिनिक से निकलकर गाड़ी में बैठ गईं और ड्राइवर से कहा कि फलां ज्वैलरी शाॅप ले चलो।

ज्वैलरी शाॅप आते ही महिला काफी नाज़ो अंदाज से उतरीं और शाॅप में चली गईं.. एक बहुत ही महंगा सा सेट पसंद किया पैक करवाया और जब पेमेंट की बारी आई तो…
महिला बोलींः “मैं फलां डाक्टर की वाइफ हूँ अभी मुझे ये सेट लेना बहुत जरूरी था इसलिये जल्दी में आ गई मेरे पास पूरे पैसे भी नहीं हैं और न ही कार्ड है.. आप मेरे साथ अपने शाॅप के किसी आदमी को भेज दीजिये और डाक्टर साहब पेमेंट दे देंगे।”

ज्वैलरी शाॅप के मालिक ने सोचा कि बड़ा amount है इसलिए मुझे खुद ही जाना चाहिए इस बहाने घूम भी लूंगा और वो जाकर गाड़ी में बैठ गये..पर महिला गाड़ी में नहीं बैठीं और ड्राइवर से कहा कि इनको डाक्टर साहब के पास ले जाओ..

ड्राइवर ज्वेलरी शाॅप के मालिक को लेकर क्लिनिक पहुंचा और डाक्टर से बोला कि “मैडम नहीं आईं मगर उन्होंने इन साहब को भेजा है।”
डाक्टर साहब ने धीरज रखते हुए ड्राइवर के साथ आए सज्जन को देखा और इंतज़ार करने को कहा .. जब उनकी बारी आई तो डाक्टर साहब बड़े नरम लहजे में बोलेः “हां तो बताइये जनाब, कैसे हैं आप?

ज्वेलरी शाॅप के मालिक ने जवाब दियाः “जी डाक्टर साहब, मैं ठीक हूँ।”

डाक्टर साहबः “तो क्या परेशानी और तकलीफ है आपको?”

ज्वेलरी शाॅप का मालिक: “डाक्टर साहब”तकलीफ कुछ नहीं।

“बस मेरा हिसाब कर दीजिये।”.

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एक दिन एक किसान का बैल कुएँ में गिर गया।


एक दिन एक किसान का बैल कुएँ में गिर गया।
वह बैल घंटों ज़ोर -ज़ोर से रोता रहा और किसान सुनता रहा और विचार करता रहा कि उसे क्या करना चाहिऐ और क्या नहीं।
अंततः उसने निर्णय लिया कि चूंकि बैल काफी बूढा हो चूका था अतः उसे बचाने से कोई लाभ होने वाला नहीं था और इसलिए उसे कुएँ में ही दफना देना चाहिऐ।।
किसान ने अपने सभी पड़ोसियों को मदद के लिए बुलाया सभी ने एक-एक फावड़ा पकड़ा और कुएँ में मिट्टी डालनी शुरू कर दी।
जैसे ही बैल कि समझ में आया कि यह क्या हो रहा है वह और ज़ोर-ज़ोर से चीख़ चीख़ कर रोने लगा और फिर ,अचानक वह आश्चर्यजनक रुप से शांत हो गया।
सब लोग चुपचाप कुएँ में मिट्टी डालते रहे तभी किसान ने कुएँ में झाँका तो वह आश्चर्य से सन्न रह गया..
अपनी पीठ पर पड़ने वाले हर फावड़े की मिट्टी के साथ वह बैल एक आश्चर्यजनक हरकत कर रहा था वह हिल-हिल कर उस मिट्टी को नीचे गिरा देता था और फिर एक कदम बढ़ाकर उस पर चढ़ जाता था।
जैसे-जैसे किसान तथा उसके पड़ोसी उस पर फावड़ों से मिट्टी गिराते वैसे -वैसे वह हिल-हिल कर उस मिट्टी को गिरा देता और एक सीढी ऊपर चढ़ आता जल्दी ही सबको आश्चर्यचकित करते हुए वह बैल कुएँ के किनारे पर पहुंच गया और फिर कूदकर बाहर भाग गया ।
ध्यान रखे आपके जीवन में भी बहुत तरह से मिट्टी फेंकी जायेगी बहुत तरह की गंदगी आप पर गिरेगी जैसे कि ,
आपको आगे बढ़ने से रोकने के लिए कोई बेकार में ही आपकी आलोचना करेगा
कोई आपकी सफलता से ईर्ष्या के कारण आपको बेकार में ही भला बुरा कहेगा
कोई आपसे आगे निकलने के लिए ऐसे रास्ते अपनाता हुआ दिखेगा जो आपके आदर्शों के विरुद्ध होंगे…
ᴅᵉᵉᵖᵃᵏ ʲᵃⁱˢⁱⁿᵍʰ
ऐसे में आपको हतोत्साहित हो कर कुएँ में ही नहीं पड़े रहना है बल्कि साहस के साथ हर तरह की गंदगी को गिरा देना है और उससे सीख ले कर उसे सीढ़ी बनाकर बिना अपने आदर्शों का त्याग किये अपने कदमों को आगे बढ़ाते जाना है।
सकारात्मक रहे.. सकारात्मक जिए!
इस संसार में…. सबसे बड़ी सम्पत्ति “बुद्धि ” सबसे अच्छा हथियार “धैर्य” सबसे अच्छी सुरक्षा “विश्वास” सबसे बढ़िया दवा “हँसी” है

और आश्चर्य की बात कि “ये सब निशुल्क हैं ” 🙂
D̷e̷e̷p̷a̷k̷ j̷a̷i̷s̷i̷n̷g̷h̷ 🙏🏽

सोच बदलो जिंदगी बदल जायेगी।