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10 अशुभ लक्षण, आपको डाल देंगे संकट में…


शीतला दुबे

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10 अशुभ लक्षण, आपको डाल देंगे संकट में…
यह अंधविश्वास हमारे मन में गहराई से बैठे हुए हैं।
हम इन पर विश्वास करते हैं !
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भारत में परंपरा और हजारों सालों के ज्ञान और अनुभव के आधार पर कुछ ऐसी बातें समाज में प्रचलित हैं जो कि आपको हैरत में जरूर डाल देगी, लेकिन आप इन्हें नकार भी नहीं सकते हैं। हो सकता है कि यह अंधविश्वास हो या इनमें कोई रहस्य छुपा हो, लेकिन जान लेने में क्या हर्ज है।
आप इन्हें माना या न माने लेकिन अधिकतर लोग तो इस पर विश्वास करते हैं। यह हम नहीं जानते कि यह सही है या नहीं, लेकिन प्राचीनकाल से ही लोक परंपरा और स्थानीय लोगों की मान्यताओं पर आधारित इन बातों को आज भी लोग सही मानते हैं। उन हजारों बातों में से कुछ बातें ऐसी है जो आपकी जिंदगी और मौत से जुड़ी हुई है। उन्हीं बातों से से 10 खास बातें जानिए…
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नाक का न दिखाई देना : ऐसा माना जाता है कि यदि आपकी नाक आपको दिखाई देना बंद हो जाए तो समझिए कि मौत निकट ही है या आप किसी गंभीर बीमारी के शिकार हो गए हैं। यह मान्यता भी है कि सीधे खड़े होकर यदि आपको आपके घुटने दिखाई नहीं देते हैं तो आपका शरीर खतरनाक स्थिति में है।
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दरअसल, आप अनियमित जीवन शैली जी रहे हैं, लगातर तनाव में रहते हैं तो आपकी श्वास प्रक्रिया बदल जाती है। श्वास प्रक्रिया के बदलने से आपक कई तरह की गंभीर रोगों का शिकार हो सकते हैं। नाक का दिखाई देना बंद होने का मतलब है कि आपकी शक्ति का तेजी से क्षरण हो रहा है। आपकी तोंद निकल गई है जो आपको आपके घुटने दिखना बंद हो जाएंगे। तो निश्चित ही ऐसे में कृपया आप तुरंत ही खानपान पर रोक लगाकर योग करना शुरू कर दें।
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सीटी बजाने का मतलब संकट को बुलाना : ऐसा कहते हैं कि घर में या रात में सीटी नहीं बजाना चाहिए। इससे एक ओर जहां धन की हानि होती हैं वहीं आप किसी अंजान संकट को भी बुलावा देने हैं।
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यह भी माना जाता है कि रात में सीटी बजाने से बुरी आत्माएं सक्रिय हो जाती हैं। हालांकि यह धारणा जापान से भारत में प्रचलित हो गई है। भारत में रात में सीटी बजाना अशुभ एवं सांप को बुलाने वाला माना जाता है। कुछ लोग यह भी मानते हैं कि सीटी बजाने से भैरव और शनिदेव रुष्ठ हो जाते हैं। अब इसमें कितनी सत्यता है यह तो हम नहीं जानते।

सुनसान स्थान पर पेशाब करना : ऐसा माना जाता है कि किसी सुनसान या जंगल की किसी विशेष भूमि कर पेशाब कर देने से भूत पीछे लग जाता है।
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ऐसे में कुछ लोग पहले थूकते हैं फिर पेशाब करते हैं और कुछ लोग कोई मंत्र वगैरह पढ़कर ऐसा करते हैं। साथ ही लोग नदी, पुल या जंगल की पगडंडी पर पेशाब नहीं करते। भोजन के बाद पेशाब करना और उसके बाद बाईं करवट सोना बड़ा हितकारक है।
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अन्य मान्यता :
नदी, पूल या जंगल की पगडंडी पर पेशाब नहीं करते।
मान्यता अनुसार एकांत में पवित्रता का ध्यान रखते हैं और पेशाब करने के बाद धेला अवश्य लेते हैं। उचित जगह देखकर ही पेशाब करते हैं।
भोजन के बाद पेशाब करना और उसके बाद बाईं करवट सोना बड़ा हितकारक है।
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जूते-चप्पल का उल्टा होना : जूते-चप्पल उल्टे हो जाए तो आप मानते हैं कि किसी से लड़ाई-झगड़ा हो सकता है?ऐसा माना जाता है कि घर के बारह रखे जूते या चप्पल यदि उल्टे हो जाएं तो उन्हें तुरंत सीधा कर देना चाहिए अन्यथा आपकी किसी से लड़ाई होने की संभावना बढ़ जाती है।
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ऐसा होने से बचने के लिए चप्पल उल्टी हुई है तो एक चप्पल से दूसरी चप्पल को मारकर सीधा रखने का अंधविश्वास है। इसी तरह जूते के साथ भी किया जाता है।
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जूते से जुड़े अन्य अंधविश्वास :
जूते या चप्पल को कई लोग नजर और अनहोनी से बचने का टोटका भी मानते हैं इसीलिए वे अपनी गाड़ी के पीछे निचले हिस्से में जूता लटका देते हैं।
कुछ लोग मानते हैं कि शनिवार को किसी मंदिर में चप्पल या जूते छोड़कर आ जाने से शनि का बुरा असर समाप्त हो जाता है।
जूता सुंघाने से मिरगी का दौरा शांत हो जाता है।
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हड्डी बजाना : इसे हड्डी तोड़ना, चटकाना या कटकाना भी कहते हैं। अक्सर लोग अपनी अंगुलियों की हड्डियों को चटकाते हैं जिसे खोड़ले लक्षण कहते हैं। माना जाता है कि ऐसा करने वाले के हाथों से लक्ष्मी चली जाती है।
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अब लक्ष्मी जाती है या नहीं यह तो नहीं मालूम लेकिन कई लोगों को अपने शरीर के हर जगह की हड्डी चटकाने की आदत होती है जिसके चलते एक दिन सभी ज्वाइंट ढीले पड़ जाते हैं और बुढ़ापे में उसकी शक्ति कम हो जाती है। फिर हाथों की अंगुलियों से चाय का कप पकड़ने पर वह हिलेगा।
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इस तरह से हड्डियों को या अंगुलियों को चटकाना काफी नुकसानदेह होता है। जो कि गठिया को जन्म देती है। एक अध्यन के अनुसार हमारी हड्डियां लिगामेंट से एक दूसरे से जुड़ी होती हैं जिसे जोड़ कहते हैं। इन जोड़ों के बीच एक द्रव होता है जो उंगुलियों के चटकने के दौरान कम हो जाता है। ये द्रव जोड़ों में ग्रीस के समान होता है। जो हड्डियों को आपस मे रगड़ खाने से रोकता है। ऐसे में बार-बार अंगुलियों के चटकने से जोड़ों की पकड़ कमजोर हो जाती है। साथ ही हड्डियों के जोड़ पर मौजूद ऊतक भी नष्ट हो जाते हैं जिससे गठिया जैसे रोग हो जाते हैं।
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कुत्तों का लड़ना : आपस में लड़ते हुए कुत्ते दिख जाएं तो व्यक्ति का किसी से झगड़ा हो सकता है। शाम के समय एक से अधिक कुत्ते पूर्व की ओर अभिमुख होकर क्रंदन करें तो उस नगर या गांव में भयंकर संकट उपस्थित होता है।
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यदि आप घर से बाहर कहीं जा रहे हैं और आपके पीछे पीछे कुत्ता भी चल दे तो यह किसी अनहोनी का संकेत हैं। अच्छा है कि आप उधर की यात्रा टाल दें। यह भी माना जाता है कि यदि कुत्ता ऐसा करता है तो आप पर मौत का साया मंडरा रहा है। आप किसी गंभीर बिमारी की चपेट में आने वाले हैं या आपके साथ कोई दुर्घटना होने वाली है। हालांकि यह अंधविश्वास ही माना जाता है।

कुत्ते के रोने को अशुभ क्यों माना जाता है?

-कुत्ते का रोना अशुभ माना जाता है। मान्यता है कि घर के सामने घर की ओर मुंह करके कोई कुत्ता रोए तो उस घर पर किसी प्रकार की विपत्ति आने वाली है या घर के किसी सदस्य की मौत होगी।

कुत्ते से जुड़े अन्य अंधविश्वास :
मान्यता है कि घर के सामने सुबह के समय यदि कुत्ता रोए तो उस दिन कोई भी महत्वपूर्ण कार्य नहीं करना चाहिए। यदि किसी मकान की दीवार पर कुत्ता रोते हुए पंजा मारता दिखे तो समझा जाता है कि उक्त घर में चोरी हो सकती है या किसी अन्य तरह का संकट आ सकता है।
यदि कोई व्यक्ति किसी के अंतिम संस्कार से लौट रहा है और साथ में उसके कुत्ता भी आया है तो उस व्यक्ति की मृत्यु की आशंका रहती है अथवा उसे कोई बड़ी विपत्ति का सामना करना पड़ सकता है।
माना जाता है कि पालतू कुत्ते के आंसू आए और वह भोजन करना त्याग दे तो उस घर पर संकट आने की सूचना है।
आप किसी कार्य से बाहर जा रहे हैं और कुत्ता आपकी ओर देखकर भौंके तो आप किसी विपत्ति में फंसने वाले हैं। ऐसे में उक्त जगह नहीं जाना ही उचित माना जाता है।
घर से निकलते समय यदि कुत्ता अपने शरीर को कीचड़ में सना हुआ दिखे और कान फड़फड़ाए तो यह बहुत ही अपशकुन है। ऐसे समय में कार्य और यात्रा रोक देनी चाहिए।
कुत्ता यदि सामने से हड्डी अथवा मांस का टुकड़ा लाता हुआ नजर आए तो अशुभ।
संभोगरत कुत्ते को देखना भी अशुभ माना गया है, क्योंकि इससे आपके कार्य में बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं और परिवार में झगड़ा हो सकता है।
यदि किसी के दरवाजे पर लगातार कुत्ता भौंकता है तो परिवार में धनहानि या बीमारी आ सकती है।
मान्यता है कि कुत्‍ता अगर आपके घुटने सूंघे तो आपको कोई लाभ होने वाला है।
यदि आप भोजन कर रहे हैं और उसी समय कुत्ते का रोना सुनाई दे, तो यह बेहद अशुभ होता है।
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बिल्लियों का लड़ना : बिल्लियों के बारे में बहुत से अशुभ लक्षण बताए गए हैं। काली बिल्ली रास्ता काट ले तो उसे रास्ते पर कई लोग अपना जाना स्थगित कर देते हैं।

इसी तरह कहते हैं कि जिस भवन में या उसके एकदम पास बिल्लियां प्राय: लड़ती रहती हैं वहां शीघ्र ही विघटन की संभावना रहती है विवाद वृद्धि होती है। मतभेद होता है।
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बिल्ली का रास्ता काटना, रोना और आपस में दो बिल्लियों का झगड़ना अशुभ है?

-बिल्ली का रास्ता काटना : माना जाता है कि बिल्ली की छठी इंद्री मनुष्यों की छठी इंद्री से कहीं ज्यादा सक्रिय है जिसके कारण उसे होनी-अनहोनी का पूर्वाभास होने लगता है।
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मान्यता अनुसार काली बिल्ली का रास्ता काटना तभी अशुभ माना जाता है जबकि बिल्ली बाईं ओर रास्ता काटते हुए दाईं ओर जाए। अन्य स्थ‌ित‌ियों में बिल्ली का रास्ता काटना अशुभ नहीं माना जाता है।
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जब बिल्ली रास्ता काटकर दूसरी ओर चली जाती है तो अपने पीछे वह उसकी नेगेटिव ऊर्जा छोड़ जाती है, जो काफी देर तक उस मार्ग पर बनी रहती है। खासकर काली बिल्ली के बारे में यह माना जाता है। हो सकता है कि प्राचीनकाल के जानकारों ने इसलिए यह अंधविश्वास फैलाया हो कि बिल्ली के रास्ता काटने पर अशुभ होता है।

बिल्ली का रोना : बिल्ली के रोने की आवाज बहुत ही डरावनी होती है। निश्‍चित ही इसको सुनने से हमारे मन में भय और आशंका का जन्म होता है। माना जाता है कि बिल्ली अगर घर में आकर रोने लगे तो घर के किसी सदस्य की मौत होने की सूचना है या कोई अनहोनी घटना हो सकती है।
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बिल्ली का आपस में झगड़ना : बिल्लियों का आपस में लड़ना धनहानि और गृहकलह का संकेत है। यदि किसी के घर में बिल्लियां आपस में लड़ रही हैं तो माना जाता है कि शीघ्र ही घर में कलह उत्पन्न होने वाली है। गृहकलह से ही धनहानि होती है।
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बिल्ली से जुड़े अन्य अंधविश्वास :
लोक मान्यता है कि दीपावली की रात घर में ब‌िल्ली का आना शुभ शगुन होता है।
बिल्ली घर में बच्चे को जन्‍म देती है तो इसे भी अच्छा माना जाता है।
किसी शुभ कार्य से कहीं जा रहे हों और बिल्ली मुंह में मांस का टुकड़ा लिए हुए दिखाई दे तो काम सफल होता है।
लाल किताब के अनुसार बिल्ली को राहु की सवारी कहा गया है। जिस जातक की कुण्डली में राहु शुभ नहीं है उसे राहु के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए ब‌िल्ली पालना चाहिए।
लाल क‌िताब के टोटके के अनुसार बिल्ली की जेर को लाल कपड़े में लपेटकर बाजू पर बांधने से कालसर्प दोष से बचाव होता। ऊपरी चक्कर, नजर दोष, प्रेत बाधा इन सभी में ब‌िल्ली की जेर बांधने से लाभ मिलता है।
यदि सोए हुए व्यक्ति के ‌स‌िर को बिल्ली चाटने लगे तो ऐसा व्यक्ति सरकारी मामले में फंस सकता है।
बिल्ली का पैर चाटना निकट भविष्य में बीमार होने का संकेत होता है।
ब‌िल्ली ऊपर से कूदकर चली जाए तो तकलीफ सहनी पड़ती है।
यदि आप कहीं जा रहे हैं और बिल्ली आपके सामने कोई खाने वाली वस्तु लेकर आए और म्याऊं बोले तो- अशुभ होता है। यही क्रिया आपके घर आते समय हो तो- शुभ होता है।
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चूहों का घर में होना अशुभ है : जिस घर में काले चूहों की संख्या अधिक हो जाती है वहां किसी व्याधि के अचानक होने का अंदेशा रहता है।

यह भी माना जाता है कि चूहे हमारे घर की शांति, समृद्धि को धीरे धीरे कुतर कर खा जाते हैं। अत: चूहों का घर में रहना अशुभ माना गया है।
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यह भी माना जाता है कि यदि घर में काले रंग के चूहे बहुत अधिक तादाद में दिन और रात भर घूमते रहते हो तो, समझ लीजिए कि किसी रोग या शत्रु का आक्रमण होने वाला है।

लाल चींटी : कहते हैं कि धरती पर जितना भार सारी चींटियों का है उतना ही सारे मनुष्यों का है और जितने मनुष्य हैं उतने ही मुर्गे भी हैं। चींटियां मूलत: दो रंगों की होती है लाल और काली। काली चींटी को शुभ माना जाता है, लेकिन लाल को नहीं।
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लाल चिंटियों के बारे में कहा जाता है कि घर में उसकी संख्‍या बढ़ने से कर्ज भी बढ़ता जाता है और यह किसी संकट की सूचना भी होती है।
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चींटियों को भोजन : दोनों ही तरह की चींटियों को आटा डालने से कर्ज से मु‍क्ति मिलती है। चींटियों को शकर मिला आटा
डालते रहने से व्यक्ति हर तरह के बंधन से मुक्त हो जाता है। हजारों चींटियों को प्रतिदिन भोजन देने से वे चींटियां उक्त व्यक्ति को पहचानकर उसके प्रति अच्छे भाव रखने लगती हैं और उसको वे दुआ देने लगती हैं। चींटियों की दुआ का असर आपको हर संकट से बचा सकता है।
लाल चींटियों की कतार मुंह में अंडे दबाए निकलते देखना शुभ है। सारा दिन शुभ और सुखद बना रहता है।
जो चींटी को आटा देते हैं और छोटी-छोटी चिड़ियों को चावल देते हैं, वे वैकुंठ जाते हैं।
कर्ज से परेशान लोग चींटियों को शकर और आटा डालें। ऐसा करने पर कर्ज की समाप्ति जल्दी हो जाती है।
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घर की छत : जिस भवन की छत पर कौए, टिटहरी अथवा उल्लू घोर शब्द करें तब वहां किसी समस्या का उदय अचानक होता है। यदि घर में कौवा, गिद्ध, चील या कबूतर नित्य बैठते है और छह मास तक लगातार निवास बनाए हुए है तो गृहस्वामी पर नाना प्रकार की विपत्ति आने का सूचक होता है।
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यदि सुबह के समय या शाम के समय कौवा मांस या हड्डी लाकर गिराता है तो, समझ लीजिए कि अमंगल होने वाला है और बिमारी, चोट आदि पर धन खर्च होगा। यदि कोई भी पक्षी घर में किसी भी समय कोई लोहे का टुकड़ा गिराता है तो, यह अशुभ संकेत होता है जिसके कारण अचानक छापा या कारावास होने की पूरी पूरी संभावना बनने लगती है। जिस घर की छत या मुंडेर पर कोयल या सोन चिरैया चहचहाए, वहां निश्चित ही श्री वृद्धि होती है।

जाते समय अगर कोई पीछे से टोक दे या छींक दे तो आप क्यों चिढ़ जाते हैं?

  • यदि आप किसी प्रयोजन से जा रहे हैं और कोई टोक दे अर्थात पूछे कि कहां जा रहो? या कहे कि चाय पीकर जाओ या कुछ और कह दे, तो जिस कार्य के लिए आप कहीं जा रहे हैं उस कार्य में असफलता ही मिलेगी।

    हालांकि किसी विशेष कार्य के लिए जाते समय गाय, बछड़ा, बैल, सुहागिन, मेहतर और चूड़ी पहनाने वाला दिखाई दे अथवा रास्ता काट जाए तो यह शुभ शकुन कार्य सिद्ध करने वाला होता है।
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    क्या सपनों से शुभ और अशुभ संकेत मिलते हैं?

    -ज्योतिष लोग सपनों के शुभ और अशुभ फल बताते हैं। इसमें कितनी सच्चाई है यह शोध का विषय हो सकता है, लेकिन यह अंधविश्वास लोगों के बीच बहुत प्रचलित है और लोग इसे मानते भी हैं।
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    व्यक्ति को अच्छे और बुरे दोनों प्रकार के सपने आते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार ये हमारे शरीर और मन की अवस्था के अनुसार आते हैं। यदि भारी और ठोस आहार खाया है तो बुरे सपने आने के चांस बढ़ जाते हैं। पेट खराब रहने की स्थिति में भी ऐसा होता है। यदि आपकी मानसिक स्थिति खराब है और नकारात्मक विचारों की अधिकता है तब भी बुरे सपने आते हैं।
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    अन्य अशुभ लक्षण :

यदि घर के मुख्य द्वार से सांप का प्रवेश होता है तो इसके मतलब है कि गृहस्वामी या गृहस्वामिनी का स्वास्थ्य ठीक नहीं है।
यदि घर में कोई चोट खाया या घायल पक्षी या उसका कोई काटा हुआ अंग आंगन में गिरता है तो महासंकट आने वाला है।
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घर में यदि कुतिया प्रसव करती है तो यह घर के मुखिया के लिए यह अच्छा संकेत नहीं है। इसके कारण शत्रु की वृद्धि होती है तथा अपने ही परिवार में मतभेद होने लगते हैं।
यदि घर की छत, दीवार या घर के किसी भी कोने में लाल रंग की चींटिया घुमती या रेंगती हुई दिखाई दे तो समझ लीजिए कि संपत्ति का क्षय होने वाला है या यदि पंख वाली चींटियां हो तो घर में बिना किसी कारण के क्लेश की स्थिति उत्पन्न होने लगती है।
यदि घर में रसोईघर का प्लेटफार्म का चटक या टूट जाए या फिर चाकला टूट या तड़क जाए तो यह दरिद्रता की निशानी है।
यदि घर में दूध बार बार जमीन पर गिरता हो, किसी भी कारण से तो घर में क्लेश और विवाद की स्थिति बनती है।
यदि जिस दिन नए घर में प्रवेश करना हो तो, उसी दिन सूर्योदय के समय कोई भी पशु रोता है तो उस दिन गृह प्रवेश टाल दें यह संकेत शुभ नहीं होता है घर में प्रवेश करते ही दुःख आरम्भ हो जाएंगे।
शुभ कार्य के लिए विचार चल रहा हो तब यदि छिपकली की आवाज सुनाई दे तो कार्य की असफलता होती है।
यदि आकाश में तारे टूटते दिखाई दें तो यह स्वास्थ्‍य खराब होने की सूचना होती है। इसी के साथ नौकरी में खतरा एवं आर्थिक तंगी आने लगती है।
जिस घर में बिच्छू कतार बनाकर बाहर जाते हुए दिखाई दें तो समझ लेना चाहिए कि वहां से लक्ष्मी जाने की तैयारी कर रही हैं।
पीला बिच्छू माया का प्रतीक है। ऐसा बिच्छू घर में निकले तो घर में लक्ष्मी का आगमन होता है।
जिस घर में प्राय: बिल्लियां विष्ठा कर जाती हैं, वहां कुछ शुभत्व के लक्षण प्रकट होते हैं।
घर में चमगादड़ों का वास अशुभ है।
जिस भवन में छछूंदरें घूमती हैं वहां लक्ष्मी की वृद्धि होती है।
जिस घर के द्वार पर हाथी अपनी सूंड ऊंची करे वहां उन्नति, वृद्धि तथा मंगल होने की सूचना मिलती है।
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