Posted in छोटी कहानिया - १०,००० से ज्यादा रोचक और प्रेरणात्मक

🌾🙏🙏🌾

एक भक्त था वह परमात्मा को बहुत मानता था,
बड़े प्रेम और भाव से उनकी सेवा
किया करता था ।

एक दिन भगवान से
कहने लगा –

मैं आपकी इतनी भक्ति करता हूँ पर आज तक मुझे आपकी अनुभूति नहीं हुई ।

मैं चाहता हूँ कि आप भले ही मुझे दर्शन ना दे पर ऐसा कुछ कीजिये की मुझे ये अनुभव हो की आप हो।

भगवान ने कहा ठीक है,
तुम रोज सुबह समुद्र के किनारे सैर पर जाते हो,
जब तुम रेत पर
चलोगे तो तुम्हे दो पैरो की जगह चार पैर दिखाई देंगे ।
दो तुम्हारे पैर होंगे और दो पैरो के निशान मेरे होंगे ।

इस तरह तुम्हे मेरी
अनुभूति होगी ।

अगले दिन वह सैर पर गया,
जब वह रेत पर चलने लगा तो उसे अपने पैरों के साथ-साथ दो पैर और भी दिखाई दिये वह बड़ा खुश हुआ ।

अब रोज ऐसा होने लगा ।

एक बार उसे व्यापार में घाटा हुआ सब कुछ चला गया,
वह रोड़ पर आ गया उसके अपनो ने उसका साथ छोड दिया ।

देखो यही इस दुनिया की प्रॉब्लम है, मुसीबत में सब साथ छोड़ देते है ।

अब वह सैर पर गया तो उसे चार पैरों की जगह दो पैर दिखाई दिये ।

उसे बड़ा आश्चर्य हुआ कि बुरे वक्त में भगवान ने भी साथ छोड दिया।

धीरे-धीरे सब कुछ ठीक होने लगा फिर सब लोग उसके
पास वापस आने लगे ।

एक दिन जब वह सैर
पर गया तो उसने देखा कि चार पैर वापस दिखाई देने लगे ।

उससे अब रहा नही गया,
वह बोला-

भगवान जब मेरा बुरा वक्त था तो सब ने मेरा साथ छोड़ दिया था पर मुझे इस बात का गम नहीं था क्योकि इस दुनिया में ऐसा ही होता है,
पर आप ने भी उस समय मेरा साथ छोड़ दिया था,
ऐसा क्यों किया?

भगवान ने कहा –

तुमने ये कैसे सोच लिया कि मैं तुम्हारा साथ छोड़ दूँगा,
तुम्हारे बुरे वक्त में जो रेत पर तुमने दो पैर के निशान देखे वे तुम्हारे पैरों के नहीं मेरे पैरों के थे,

उस समय में तुम्हे अपनी गोद में उठाकर चलता था और आज जब तुम्हारा बुरा वक्त खत्म हो गया तो मैंने तुम्हे नीचे उतार दिया है ।

इसलिए तुम्हे फिर से चार पैर दिखाई दे रहे ।

So moral is never loose faith on God. U believe in him, he will look after u forever.

✔जब भी बड़ो के साथ बैठो तो परमात्मा का धन्यवाद , क्योंकि कुछ लोग इन लम्हों को तरसते हैं ।

✔जब भी अपने काम पर जाओ तो परमात्मा का धन्यवाद , क्योंकि बहुत से लोग बेरोजगार हैं ।

✔परमात्मा का धन्यवाद कहो कि तुम तन्दुरुस्त हो , क्योंकि बीमार किसी भी कीमत पर सेहत खरीदने की ख्वाहिश रखते हैं ।

✔ परमात्मा का धन्यवाद कहो कि तुम जिन्दा हो , क्योंकि मरते हुए लोगों से पूछो जिंदगी की कीमत क्या होती है।

दोस्तों की ख़ुशी के लिए तो कई मैसेज भेजते हैं । देखते हैं परमात्मा के धन्यवाद का ये मैसेज कितने लोग शेयर करते हैं ।

🙏🙏🙏

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पुण्यों का मोल

🙏🏻🚩🌹 👁❗👁 🌹🚩🙏🏻

एक व्यापारी जितना अमीर था उतना ही दान-पुण्य करने वाला, वह सदैव यज्ञ-पूजा आदि कराता रहता था।

एक यज्ञ में उसने अपना सबकुछ दान कर दिया। अब उसके पास परिवार चलाने लायक भी पैसे नहीं बचे थे।

व्यापारी की पत्नी ने सुझाव दिया कि पड़ोस के नगर में एक बड़े सेठ रहते हैं। वह दूसरों के पुण्य खरीदते हैं।

आप उनके पास जाइए और अपने कुछ पुण्य बेचकर थोड़े पैसे ले आइए, जिससे फिर से काम-धंधा शुरू हो सके।

पुण्य बेचने की व्यापारी की बिलकुल इच्छा नहीं थी, लेकिन पत्नी के दबाव और बच्चों की चिंता में वह पुण्य बेचने को तैयार हुआ। पत्नी ने रास्ते में खाने के लिए चार रोटियां बनाकर दे दीं।

व्यापारी चलता-चलता उस नगर के पास पहुंचा जहां पुण्य के खरीदार सेठ रहते थे। उसे भूख लगी थी।

नगर में प्रवेश करने से पहले उसने सोचा भोजन कर लिया जाए। उसने जैसे ही रोटियां निकालीं एक कुतिया तुरंत के जन्मे अपने तीन बच्चों के साथ आ खड़ी हुई।

कुतिया ने बच्चे जंगल में जन्म दिए थे। बारिश के दिन थे और बच्चे छोटे थे, इसलिए वह उन्हें छोड़कर नगर में नहीं जा सकती थी।
व्यापारी को दया आ गई। उसने एक रोटी कुतिया को खाने के लिए दे दिया।
कुतिया पलक झपकते रोटी चट कर गई लेकिन वह अब भी भूख से हांफ रही थी।

व्यापारी ने दूसरी रोटी, फिर तीसरी और फिर चारो रोटियां कुतिया को खिला दीं। खुद केवल पानी पीकर सेठ के पास पहुंचा।

व्यापारी ने सेठ से कहा कि वह अपना पुण्य बेचने आया है। सेठ व्यस्त था। उसने कहा कि शाम को आओ।

दोपहर में सेठ भोजन के लिए घर गया और उसने अपनी पत्नी को बताया कि एक व्यापारी अपने पुण्य बेचने आया है। उसका कौन सा पुण्य खरीदूं।

सेठ की पत्नी बहुत पतिव्रता और सिद्ध थी। उसने ध्यान लगाकर देख लिया कि आज व्यापारी ने कुतिया को रोटी खिलाई है।

उसने अपने पति से कहा कि उसका आज का पुण्य खरीदना जो उसने एक जानवर को रोटी खिलाकर कमाया है। वह उसका अब तक का सर्वश्रेष्ठ पुण्य है।

व्यापारी शाम को फिर अपना पुण्य बेचने आया। सेठ ने कहा- आज आपने जो यज्ञ किया है मैं उसका पुण्य लेना चाहता हूं।
व्यापारी हंसने लगा। उसने कहा कि अगर मेरे पास यज्ञ के लिए पैसे होते तो क्या मैं आपके पास पुण्य बेचने आता!

सेठ ने कहा कि आज आपने किसी भूखे जानवर को भोजन कराकर उसके और उसके बच्चों के प्राणों की रक्षा की है। मुझे वही पुण्य चाहिए।
व्यापारी वह पुण्य बेचने को तैयार हुआ। सेठ ने कहा कि उस पुण्य के बदले वह व्यापारी को चार रोटियों के वजन के बराबर हीरे-मोती देगा।

चार रोटियां बनाई गईं और उसे तराजू के एक पलड़े में रखा गया। दूसरे पलड़े में सेठ ने एक पोटली में भरकर हीरे-जवाहरात रखे।
पलड़ा हिला तक नहीं। दूसरी पोटली मंगाई गई। फिर भी पलड़ा नहीं हिला।

कई पोटलियों के रखने पर भी जब पलड़ा नहीं हिला तो व्यापारी ने कहा- सेठजी, मैंने विचार बदल दिया है. मैं अब पुण्य नहीं बेचना चाहता।

व्यापारी खाली हाथ अपने घर की ओर चल पड़ा। उसे डर हुआ कि कहीं घर में घुसते ही पत्नी के साथ कलह न शुरू हो जाए।

जहां उसने कुतिया को रोटियां डाली थी, वहां से कुछ कंकड़-पत्थर उठाए और साथ में रखकर गांठ बांध दी।

घर पहुंचने पर पत्नी ने पूछा कि पुण्य बेचकर कितने पैसे मिले तो उसने थैली दिखाई और कहा इसे भोजन के बाद रात को ही खोलेंगे। इसके बाद गांव में कुछ उधार मांगने चला गया।

इधर उसकी पत्नी ने जबसे थैली देखी थी उसे सब्र नहीं हो रहा था। पति के जाते ही उसने थैली खोली।
उसकी आंखे फटी रह गईं। थैली हीरे-जवाहरातों से भरी थी।

व्यापारी घर लौटा तो उसकी पत्नी ने पूछा कि पुण्यों का इतना अच्छा मोल किसने दिया ? इतने हीरे-जवाहरात कहां से आए ??
व्यापारी को अंदेशा हुआ कि पत्नी सारा भेद जानकर ताने तो नहीं मार रही लेकिन, उसके चेहरे की चमक से ऐसा लग नहीं रहा था।

व्यापारी ने कहा- दिखाओ कहां हैं हीरे-जवाहरात। पत्नी ने लाकर पोटली उसके सामने उलट दी। उसमें से बेशकीमती रत्न गिरे। व्यापारी हैरान रह गया।
फिर उसने पत्नी को सारी बात बता दी। पत्नी को पछतावा हुआ कि उसने अपने पति को विपत्ति में पुण्य बेचने को विवश किया।

दोनों ने तय किया कि वह इसमें से कुछ अंश निकालकर व्यापार शुरू करेंगे। व्यापार से प्राप्त धन को इसमें मिलाकर जनकल्याण में लगा देंगे।

ईश्वर आपकी परीक्षा लेता है। परीक्षा में वह सबसे ज्यादा आपके उसी गुण को परखता है जिस पर आपको गर्व हो।
अगर आप परीक्षा में खरे उतर जाते हैं तो ईश्वर वह गुण आपमें हमेशा के लिए वरदान स्वरूप दे देते हैं।

अगर परीक्षा में उतीर्ण न हुए तो ईश्वर उस गुण के लिए योग्य किसी अन्य व्यक्ति की तलाश में लग जाते हैं।

इसलिए विपत्तिकाल में भी भगवान पर भरोसा रखकर सही राह चलनी चाहिए। आपके कंकड़-पत्थर भी अनमोल रत्न हो सकते हैं।

न डर रे मन दुनिया से
यहाँ किसी के चाहने से नहीं
किसी का बुरा होता है,
मिलता है वही, जो हमने बोया होता है,
कर पुकार उस प्रभु के आगे.. क्योकि सब कुछ उसी के बस में
. होता है।।

🌹🙏🏻🚩 राधे राधे

Posted in हास्यमेव जयते

एक इंटरव्यू चल रहा था 😒नौकरी पहले ही बॉस के रिश्तेदार के लिये पक्की हो चुकी थी..,
..

लेकिन दिखावे के लिये इंटरव्यू तो लेना ही था,

…😕
इसलिये ऐसे सवाल पूछे जा रहे थे, जिनका कोई जवाब संभव नहीं था, एक के बाद एक केंडीडेट आ रहे थे, जा रहे थे….!
…😌

फिर गुजराती की बारी आयी….!!

😋इंटरव्यू लेने वाला:— आप नदी के बीच एक बोट पर हैं, और आपके पास दो सिगरेट के अलावा कुछ भी नही है….!!!
..
आपको एक सिगरेट जलानी है, कैसे जलाओगे…??
.

☺गुजराती बड़े सीरियसली सोचने के बाद बोला…….!

..
.
😏सर इसके तीन-चार सोल्युशन हो सकते हैं……!!
…. ..

😳इंटरव्यू लेने वाले को बहुत आश्चर्य हुआ कि जिस सवाल का एक भी जवाब नही हो सकता, उसके तीन-चार जवाब कहां से आ गये…… उसने बोला बताओ….!!

☺गुजराती का पहला अनोखा जवाब:—

एक सिगरेट पानी में फेंक दो, then boat will become lighter (हल्की),
और “lighter” से आप सिगरेट जला सकते हैं…..!

..
😳इंटरव्यू लेने वाला(Shocked)…….?😳

😨गुजराती का दुसरा खतरनाक जवाब:—
Throw a cigaratte up and catch it,
“Catches win the Matches”,
using the matches that you win, you can light the cigarette…..!!

😨Interviewer was speechless…..??

😜सर अभी तो एक उपाय और है……!

Take some water in your hand and drop it,
drop-by-drop.
It will sound like ..Tip..Tip-Tip..Tip….!!

😵Interviewer:— उससे क्या होगा…..???
..

😌सर आपने वो गाना नही सुना “टिप-टिप बरसा पानी, पानी ने आग लगाई…..”!!!😒

इस आग से आप अपनी सिगरेट जला सकते हैं…..!😜

😉सर यदि ये काफी नही हैं तो अभी भी मेरे पास एक और उपाय है, वह भी सुन लीजिए:—😋

😘आप एक सिगरेट से प्यार करने लगिए, दूसरी अपने आप जलने लगेगी…..!!😜

..
.
😱इंटरव्यू लेने वाला चकित हो गया और चिल्ला कर बोला:—😨

..
😰”रिश्तेदार”…….को मारो गोली, नौकरी तो गुजरातीको ही मिलेगी….

If you like this be pakka Gujarati ….
Jo
Na kabhi hara he
Na kabhi thaka he ..

Posted in हास्यमेव जयते

👱🏼‍♂ પતિ એ પત્ની પાસેથી રૂ 250 ઉછીના લીધા👱‍♀

થોડા દિવસ પછી ફરીથી Rs.250 ઉછીના લીધા

પતિની બેગમાં થોડા રૂપિયા 💷જોઈને 💼, તેણે પતિ 👱🏼‍♂પાસેથી રૂપિયા પાછા માંગ્યા

પતિ એ જ્યરે પૂછ્યું કે કેટલા પાછા આપવાના થાય છે તો પત્ની એ કહ્યું Rs.4100.

ચમકી ઉઠેલા 😳પતિ એ સમજાવવા વિનંતી કરી તો પત્નીએ નીચે પ્રમાણે હિસાબ આપ્યો.👱‍♀

1). Rs. 2 5 0
2). Rs. 2 5 0
Total Rs. 4 10 0

પતિ👱🏼‍♂ હજી પણ શોધી રહ્યો છે કે પત્ની 👱‍♀️કઈ સ્કુલ 🏫 માં આવું ગણિત શીખી છે? .

થોડા દિવસ પછી👇👇👇

પતિ એ તેને ₹400 પાછા આપી પૂછ્યું કે હવે કેટલા આપવાના બાકી રહ્યા ?.

પત્ની એ લખ્યું✍

₹ 4100

₹ 400

=₹ 100

પતિ એ તરત ₹100 પાછા આપી રાહત નો શ્વાસ લીધો.

એ પછી બંને 👱🏼‍♂👱‍♀ સુખેથી જીવ્યા.

માત્ર ગણિત મરી પરવાર્યું.😆

Posted in छोटी कहानिया - १०,००० से ज्यादा रोचक और प्रेरणात्मक

आज का प्रेरक प्रसंग

आपसी समझदारी से काम आसान

एक साधु थे, जो सदैव परमात्म-भक्ति में लीन रहते थे, वो गृहस्थी भी थे, इसलिए समय निकाल कर घर द्वार का भी काम देखा करते थे , समय निकालकर लोगों को अच्छी बाते भी बताते थे । दूर-दूर से लोग उन्हें सुनने आते थे। एक दिन प्रातः सत्संग खत्म होने पर भी एक आदमी वहीं बैठा रहा।

साधु ने उससे कारण पूछा तो उस व्यक्ति ने कहा “मैं गृहस्थ हूं। घर में सभी लोगों से मेरा झगड़ा होते रहता है। मैं जानना चाहता हूं कि मेरे यहां गृह क्लेश क्यों होता है और वह कैसे दूर हो सकता है ?” साधु थोड़ी देर चुप रहे। फिर उन्होंने अपनी पत्नी से कहा, ‘दीपक जला कर लाओ।’

साधु की पत्नी दीपक जला कर ले आईं। वह आदमी हैरानी से देखता रहा कि साधु ने दिन में दीपक क्यों मँगवाया ? थोड़ी देर बाद कबीर बोले, ‘कुछ मीठा दे जाना।’ इस बार उनकी पत्नी मीठे के बजाय नमकीन ले आईं। उस आदमी ने सोचा कि यह तो शायद पागलों का घर है। मीठा के बदले नमकीन, दिन में दीपक, यह सब क्या है ?

वह बोला, ‘ठीक है, मैं चलता हूं।’ साधु ने पूछा, ‘आपको अपनी समस्या का समाधान मिल गया या अभी कुछ संशय बाकी है?’ वह व्यक्ति बोला, ‘मेरी समझ में कुछ नहीं आया।’ साधु ने कहा, ‘मैंने दीपक मंगवाया तो मेरी घरवाली कह सकती थी कि तुम क्या सठिया गए हो? प्रातःकाल दीपक की क्या जरूरत है?

लेकिन नहीं, उसने सोचा कि जरूर किसी काम के लिए मंगवाया होगा। इसके बाद मैंने मीठा मंगवाया तो वह नमकीन दे गई। मैं चुप रहा, यह सोचकर कि हो सकता है घर में कोई मीठी वस्तु न हो। यही तुम्हारे सवाल का जवाब है। आपसी विश्वास बढ़ाने और तकरार में न फंसने से विषम परिस्थितियां अपने आप दूर हो जाती हैं।’

इतनी देर में वह व्यक्ति समझ चुका था कि गृहक्लेश का रोना रोने से कुछ नहीं होता।

सीख :—-
गृहस्थी में आपसी विश्वास से ही तालमेल बनता है। पति से गलती हो तो पत्नी संभाल ले और पत्नी से कोई त्रुटि हो तो पति उसे नजरअंदाज कर दे, यही गृहस्थी का मूल मंत्र है।
💎🌹𓅂⚕☠☬𖣘💎🌹𓅂

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आज का प्रेरक प्रसंग

आपसी समझदारी से काम आसान

एक साधु थे, जो सदैव परमात्म-भक्ति में लीन रहते थे, वो गृहस्थी भी थे, इसलिए समय निकाल कर घर द्वार का भी काम देखा करते थे , समय निकालकर लोगों को अच्छी बाते भी बताते थे । दूर-दूर से लोग उन्हें सुनने आते थे। एक दिन प्रातः सत्संग खत्म होने पर भी एक आदमी वहीं बैठा रहा।

साधु ने उससे कारण पूछा तो उस व्यक्ति ने कहा “मैं गृहस्थ हूं। घर में सभी लोगों से मेरा झगड़ा होते रहता है। मैं जानना चाहता हूं कि मेरे यहां गृह क्लेश क्यों होता है और वह कैसे दूर हो सकता है ?” साधु थोड़ी देर चुप रहे। फिर उन्होंने अपनी पत्नी से कहा, ‘दीपक जला कर लाओ।’

साधु की पत्नी दीपक जला कर ले आईं। वह आदमी हैरानी से देखता रहा कि साधु ने दिन में दीपक क्यों मँगवाया ? थोड़ी देर बाद कबीर बोले, ‘कुछ मीठा दे जाना।’ इस बार उनकी पत्नी मीठे के बजाय नमकीन ले आईं। उस आदमी ने सोचा कि यह तो शायद पागलों का घर है। मीठा के बदले नमकीन, दिन में दीपक, यह सब क्या है ?

वह बोला, ‘ठीक है, मैं चलता हूं।’ साधु ने पूछा, ‘आपको अपनी समस्या का समाधान मिल गया या अभी कुछ संशय बाकी है?’ वह व्यक्ति बोला, ‘मेरी समझ में कुछ नहीं आया।’ साधु ने कहा, ‘मैंने दीपक मंगवाया तो मेरी घरवाली कह सकती थी कि तुम क्या सठिया गए हो? प्रातःकाल दीपक की क्या जरूरत है?

लेकिन नहीं, उसने सोचा कि जरूर किसी काम के लिए मंगवाया होगा। इसके बाद मैंने मीठा मंगवाया तो वह नमकीन दे गई। मैं चुप रहा, यह सोचकर कि हो सकता है घर में कोई मीठी वस्तु न हो। यही तुम्हारे सवाल का जवाब है। आपसी विश्वास बढ़ाने और तकरार में न फंसने से विषम परिस्थितियां अपने आप दूर हो जाती हैं।’

इतनी देर में वह व्यक्ति समझ चुका था कि गृहक्लेश का रोना रोने से कुछ नहीं होता।

सीख :—-
गृहस्थी में आपसी विश्वास से ही तालमेल बनता है। पति से गलती हो तो पत्नी संभाल ले और पत्नी से कोई त्रुटि हो तो पति उसे नजरअंदाज कर दे, यही गृहस्थी का मूल मंत्र है।
💎🌹𓅂⚕☠☬𖣘💎🌹𓅂