Posted in छोटी कहानिया - १०,००० से ज्यादा रोचक और प्रेरणात्मक

भोग का फल…..

एक सेठजी बड़े कंजूस थे।
.
एक दिन दुकान पर बेटे को बैठा दिया और बोले कि बिना पैसा लिए किसी को कुछ मत देना, मैं अभी आया।
.
अकस्मात एक संत आये जो अलग अलग जगह से एक समय की भोजन सामग्री लेते थे,
.
लड़के से कहा, बेटा जरा नमक दे दो।
.
लड़के ने सन्त को डिब्बा खोल कर एक चम्मच नमक दिया।
.
सेठजी आये तो देखा कि एक डिब्बा खुला पड़ा था। सेठजी ने कहा, क्या बेचा बेटा ?
.
बेटा बोला, एक सन्त, जो तालाब के किनारे रहते हैं, उनको एक चम्मच नमक दिया था।
.
सेठ का माथा ठनका और बोला, अरे मूर्ख ! इसमें तो जहरीला पदार्थ है।
.
अब सेठजी भाग कर संतजी के पास गए, सन्तजी भगवान् के भोग लगाकर थाली लिए भोजन करने बैठे ही थे कि..
.
सेठजी दूर से ही बोले, महाराज जी रुकिए, आप जो नमक लाये थे वो जहरीला पदार्थ था, आप भोजन नहीं करें।
.
संतजी बोले, भाई हम तो प्रसाद लेंगे ही, क्योंकि भोग लगा दिया है और भोग लगा भोजन छोड़ नहीं सकते।
.
हाँ, अगर भोग नहीं लगता तो भोजन नही करते और कहते-कहते भोजन शुरू कर दिया।
.
सेठजी के होश उड़ गए, वो तो बैठ गए वहीं पर।
.
रात हो गई, सेठजी वहीं सो गए कि कहीं संतजी की तबियत बिगड़ गई तो कम से कम बैद्यजी को दिखा देंगे तो बदनामी से बचेंगे।
.
सोचते सोचते उन्हें नींद आ गई। सुबह जल्दी ही सन्त उठ गए और नदी में स्नान करके स्वस्थ दशा में आ रहे हैं।
.
सेठजी ने कहा, महाराज तबियत तो ठीक है।
.
सन्त बोले, भगवान की कृपा है..!!
.
इतना कह कर मन्दिर खोला तो देखते हैं कि भगवान् के श्री विग्रह के दो भाग हो गए हैं और शरीर काला पड़ गया है।
.
अब तो सेठजी सारा मामला समझ गए कि अटल विश्वास से भगवान ने भोजन का ज़हर भोग के रूप में स्वयं ने ग्रहण कर लिया और भक्त को प्रसाद का ग्रहण कराया।
.
सेठजी ने घर आकर बेटे को घर दुकान सम्भला दी और स्वयं भक्ति करने सन्त शरण चले गए।
**
भगवान् को निवेदन करके भोग लगा करके ही भोजन करें, भोजन अमृत बन जाता है।
.
जय जय श्रीराधे जी

Author:

Buy, sell, exchange books

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s