Posted in स्वाध्याय

मनुष्य गौरव दिन


समस्त विश्व के सभी मानवों को “मनुष्य गौरव दिन” की हार्दिक शुभेच्छाए । 💐💐💐

स्वाध्याय विचार के प्रणेता, तत्त्वचिंतक ओर आर्षद्रष्टा परम पूजनीय पांडुरंग शास्त्रीजी आठवले – पूजनीय दादाजीको उनके १०० वे जन्मदिवस पर भावपूर्ण शत शत नमन । 🙏🏻🙏🏻🙏🏻

💐💐 HUMAN DIGNITY DAY 💐💐

श्रीमद्भगवद् गीता में भगवान कहते है “सर्वस्व चाहं ह्रदि सन्निविष्टो” ( मै सभी के ह्रदय में बिराजमान हुं ) इस गीता कथन से पू. दादाजी ने मनुष्य के गौरवभाव को जगाया है।

मुझमे राम – मेरा गौरव ( आत्मसम्मान- Self Respect )
तुझमे राम – तेरा गौरव ( परसम्मान – Respect for Others )
सबमे राम – सबका गौरव ( Reverence for Mankind – मनुष्य गौरव ) निर्माण किया ।

“भगवान मेरे साथ है – GOD is with ME “ यह विचारधारा स्वाध्याय प्रवचनसे स्थिर की । दादाजीने बताया की विश्व का कोइ भी मनुष्य दीन, हीन, लाचार, तुच्छ, तिरस्करणीय या पराया नहीं हो सकता ।वह भगवान का अंश है – * ममैवांशो जीवलोके जीवभूत सनातन । *

“Other is not Other but he is my Divine Brother” ( दूसरा दूसरा नहीं है, वह मेरा दैवी भाई ही है ।)

“Divine Brotherhood of Man under the fatherhood of GOD” (दैवी भ्रातृभाव )


रक्त के सम्बंध से भी आगे जाकर, हम सभी मनुष्यों का रक्त बनानेवाला भगवान एक ही है । यही विचार से दादाजीने * “वैश्विक दैवी भ्रातृभाव” – Divine Brotherhood * समजाकर चरितार्थ किया * “मनुष्य गौरव “* ।

पू. दादाजीने यह “ह्रदयस्थ भगवान” * के क्रांतिकारी विचारसे मानव की *अस्मिताजागृति करके भोगों के पीछे न भागते हुए, भगवान के प्रति कृतज्ञ भाव खडा किया व पुष्ट कीया जिससे आपने मानव मे भावजागृति खडी की ।

सनातन वैदिक आर्षग्रन्थ- वेद, उपनिषद्, श्रीमद् भगवद् गीता आदि की तेजस्वि विचारधारा का “स्वाध्याय” से मानव मे कृतज्ञता, अस्मिता ओर भावजागृति करके कृतिप्रवणता खडी की ।
इस साल दादाजी का सोवां ( १०० वा ) जन्मदिवस मना रहे है। यही विचार यही संदेश लेकर हम स्वाध्यायी घर घर मे जायेंगे । दैवी सम्बंध स्थापित करके मानव मानव को जोडने का दिव्य कार्य, भावफेरी और भक्तिफेरी के माध्यम से करेंगे । जीवन में नि:स्वार्थ कृति करने का एक अभ्यास है । तेजस्वी वैदिक विचारों को आचार मे लाने का प्रामाणिक प्रयत्न कर रहे है ।

इस तरह प्रभु के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते है और पू. दादाजी के पुनित चरणों मे भाववंदना करते हैं।

💐🙏🏻 ॥ कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम् ॥ 🙏🏻💐

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