Posted in हास्यमेव जयते

🤣चुटकुला🤣
एक बुढा और एक बुढ़िया थे।बुढा बुढ़िया को बहुत प्यार करता था। बुढ़िया जहाँ जाती बुढा उसके पीछे-पीछे जाता ।जैसे की बुढ़िया बरतन धोती बुढा उसके पीछे खड़ा हो जाता।बुढ़िया घर का कोई भी काम करती बुढा उसके पीछे रहता ।वह बुढ़िया को एक सेकंड के लिए भी अकेला नहीं छोड़ता। इससे बुढ़िया बहुत परेशान हो गयी । बुढ़िया के घर से उसकी माँ के फ़ोन आ रहे थे की बेटी एक बार मिलने आजा पर बुढ़िया कैसे जाए बुढा तो उसे अकेला छोड़ता ही नहीं। तब बुढ़िया ने कुछ सोचा उसने बुढे से कहाँ चलो जी आज हम छुप्पन-छुप्पआई खेलते है । तुम छुपो मैं तुम्हे ढूढूगी ।बुढा जाकर छुप गया । बुढ़िया जल्दी से दुसरे कमरे में गयी वहां से उसने अपना बक्सा उठाया । और जल्दी से अपनी माँ के घर पहुच गयी। अपनी माँ के घर पहुचकर बक्सा रखकर बोली चलो बुढे से छुटकारा तो मिला ।और जैसे ही उसने बक्सा खोला बुढा बोला धप्पा।।।🤣💐🤣🤣😝😝😝😝😝🤭

Author:

Hello, Harshad Ashodiya I have 12,000 Hindi, Gujarati ebooks

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s