Posted in छोटी कहानिया - १०,००० से ज्यादा रोचक और प्रेरणात्मक

संघ के परम् पूजनीय आद्यसरसंघचालक डा. हेडगेवार जी एवं हिंदू धर्म के समाजसुधारक डा. बाबा साहब अंबेडकरजी का एक वाकया

बाबा अंबेडकर जब पहली बार संघ कार्यालय गए तो देखो क्या सलूक हुआ उनके साथ

हेडगेवार जी : स्वागत है भीमराव जी – वंदेमातरम्

बाबा साहेब :वन्देमातरम् धन्यवाद

हेडगेवार जी : कैसे आना हुआ
बाबा साहेब : आपका कार्यालय और कार्यशैली देखनी है

हेडगेवार जी : क्यूँ नहीं

बाबा साहेब : यहाँ कौन लोग है ?
जवाब : हिंदू है ,

बाबा साहब : ब्राह्मण,राजपूत कितने हैं?
जवाब: कोई नहीं

बाबा साहब : मेघवाल,महार कितने हैं?
जवाब: कोई नहीं

बाबा साहब : दलित कितने लोग है
जवाब : कोई नहीं

बाबा साहेब चौंकते हुए

बाबा साहब: सवर्ण कितने लोग हैं?
जवाब : कोई नहीं

बाबा साहब :ये कैसा जवाब है ?

हेडगेवार जी : जो आपने पूछा उसी का जवाब है ।

बाबा साहब: तो ये लोग कौन हैं ? किस जाति के हैं ??
जवाब : सब हिंदू हैं और हिंदू ही इनका धर्म है ,हिंदू ही इनकी जाती है,

बाबा साहेब : मुझे इन लोगों से मिलना है
जवाब : क्यूँ नहीं, पर मैं आपके साथ नहीं चलूंगा । आप स्वयं ही भेंट कर लीजिए

(बाबा साहब खुद ऐसे ही जवाब की प्रतीक्षा में थे)

बाबा साहेब संघ के एक स्वयंसेवक से
सवाल : तुम कौन हो ?
जवाब : हिंदू हूँ ?

दूसरे कार्यकर्ता से
सवाल :तुम कौन हो ? किस जाति के हो भाई ?
जवाब : हिंदू हूँ ,

सवाल : जाति ??
जवाब : आदिवासी हूँ जाति तो पता नहीं

बाबा साहेब को अन्य कार्यकर्ताओं से भी ऐसा ही जवाब मिला
बाबा साहब भी चतुर थे उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से पूछा की तुम संघ के लिये करते क्या हो ?
जवाब : हिंदू धर्म के लोगों की जो बन पड़े वो सहायता, देश धर्म की रक्षा ।।

बड़ी तरकीबों के बाद कुछ कार्यकर्ता ने बाबा साहब को अपनी जाति बताई की वो दलित है जरूर किंतु संघ वालों ने कभी हमसे जाति पूछी ही नहीं और हमने भी कभी बताई ही नहीं क्योंकि हम सब राष्ट्र -धर्म और संस्कृती की रक्षा के लिये संकल्पित हैं और यहां जाति पाति में भेद नहीं है।

बाबा साहब बहुत खुश हुए और उन्होंने हेडगेवार जी के साथ वहाँ भोजन का आनंद लिया तथा कहा की वास्तव में संघ ही एकमात्र एक ऐसा संगठन है जो जातिवाद ,छुआछुत,भेदभाव को नहीं मानता । अगर जातिवाद खत्म हो जाये तो भारत देश की हर समस्या का समाधान हो जाये ।

दोस्तों गौर करना जिस दलित को कांग्रेस ने शिमला के राज्य भवन मे घुसने नहीं दिया उसे संघ ने राष्ट्रपति बना दिया ।
आज खुद को दलित बताने का स्वांग रच रहे जिग्नेश मेवानी जो खुद आतंकियो से पैसा लेता है ,

उमर खालिद जैसे देशद्रोही (भारत तेरे टुकड़े होंगे ) वाले लोग अब हमारे हिंदू समाज को तोड़ेंगे ? ? ?

याद रखना दलितों सवर्णों – जब जब हिंदू बंटा है तब तब देश के भी टुकड़े हुये हैं ।।।

आगे जो आपको ठीक लगे

(हिंदू समाज की एकता अखंडता के लिये इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें)