Posted in छोटी कहानिया - १०,००० से ज्यादा रोचक और प्रेरणात्मक

जहाँ हो, वहीँ पर भजन………

आशीष

दो बहने चक्की पर गेहूं पीस रही थी पीसते पीसते एक बहन गेहूं के दाने खा भी रही थी.

दूसरी बहन उसको बीच बीच में समझा रही थी.

देख अभी मत खा घर जाकर आराम से बैठ कर चोपड़ कर चूरी बनाकर खायेंगे लेकिन फिर भी दूसरी बहन खा भी रही थी, पीस भी रही थी.

कुछ देर बाद गेहूं पीस कर कनस्तर में डाल कर दोनों घर की तरफ चल पड़ी.

अचानक रास्ते में कीचड़ में गिरने से सारा आटा खराब हो गया.

कबीर दास जी सब देख रहे थे तो उन्होंने लिखा:-

“आटो पडयो कीच में,कछु न आयो हाथ”
“पीसत पीसत चाबयो, सो ही निभयो साथ”

अर्थात – समस्याओं से भरे जीवन में रहते हुवे भगवान् से अपनी प्रीत लगाये रखनी है.

न की अच्छा समय आने का इंतज़ार करना है.

भगवान् से की गई यही प्रीत और परतीत अंत समय तक साथ निभायेगी.

इसलिये उठते बैठते सोते जागते दुनियाँ के काम करते हुये,

हरि से लगन लगाये रखो
🌹Radhey Radhey🌹

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