Posted in नहेरु परिवार - Nehru Family

लोग इंदिरा गाँधी की आलोचना करते है क्योंकि उसने आपातकाल लगाया था जनता से उनके फंडामेंटल राइट्स छीनकर नागरिक अधिकार समाप्त कर दिए और अभिव्यक्ति की आजादी छीन ली थी, विरोध करने वालों को बंदी बनाया था,
किंतु क्या आप जानते हैं कि जिनकी कभी आलोचना नहीं की जाती, लुटियंस पत्रकारों के प्रिय लिब्र्लिज्म व् सेक्युलरिज्म के चैम्पियन, भारतीय मिडिया के अनुसार अभिव्यक्ति की आजादी के देवता, भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु अपने शासनकाल में फ्रीडम ऑफ़ स्पीच एंड एक्सप्रेशन को किन ऊँचाइयों पर ले गए थे ?

चलिये आज हम आपको बताते हैं की इंदिरा को आपातकाल लगाकर पुरे देश को बंदी बनाने और लोगों को अपने विचार व्यक्त करने हेतु जेल में डालने की प्रेरणा व् सीख अपने पिता जवाहरलाल नेहरु से ही मिली थी और स्वतंत्र भारत में अभिव्यक्ति की आजादी पर सबसे पहला हमला और दमन नेहरू ने ही किया था

अब हम आपको उदाहरण व् प्रमाण सहित नेहरु द्वारा रचे गये अभिव्यक्ति की आजादी के कीर्तिमानों से अवगत करवाते है (पोस्ट के साथ संलग्न फोटो प्रमाणों को अवश्य देखिएगा)

भारत के प्रथम प्रधानमन्त्री “स्टेट्समैन” जवाहरलाल नेहरू उर्फ़ “चचा” नेहरु ने:-

o मजरूह सुल्तानपुरी को उसके ऊपर कविता लिखने के अपराध में जेल भेज दिया था, 1 साल तक उन्हें जेल में रखा था

o रमेश सहगल से जबरदस्ती उनकी फिल्म काफिला के डायलॉग डिलीट करवाएं गए थे

o साहिर लुधियानवी का गाना सेंसर कर दिया गया था

o प्रदीप की फिल्म से साहिर लुधियानवी का का पूरा पूरा गाना “अमर रहे प्यार” काट दिया गया था

o फिर सुबह होगी फिल्म से दो गाने प्रतिबंधित कर दिए गए थे

oएरिया ऑफ डार्कनेस किताब प्रतिबंधित कर दी गई थी

o मार्क रोबसन की फिल्म “नाइन आवर्स टू रामा” जो स्टैनले वॉलपार्ट की नोवेल नाइन आवर्स टू रामा पर बेस्ड थी वह किताब और फिल्म दोनों प्रतिबंधित कर दी गयी थी

o नोबेल विजेता वी एस नायपॉल कि किताब “एरिया ऑफ डार्कनेस” प्रतिबंधित कर दी गई थी
ओबरी मेनन की किताब “दी रामायण” प्रतिबंधित कर दी थी

o अलेक्जेंडर कैंपबेल कि “द हार्ट ऑफ इंडिया” प्रतिबंधित कर दी थी

o आर्थर कोएस्टलर की “द लोटस एंड द रोबोट” प्रतिबंधित कर दी थी

o 1960 से लेकर 1964 तक किताबों को इंपोर्ट करने पर ब्लैंकेट बैन लगा दिया गया था

o कर्ट फ्रीशलर की किताब “आयशा” पर गजेटेड नोटिफिकेशन निकाल कर प्रतिबंधित किया गया था

o नोबेल विजेता बर्ट्रेंड रसेल की १९६२ भारत-चीन युद्ध पर लिखी किताब “अनआर्म्ड विक्ट्री” पर प्रतिबंध लगा दिया गया था

o “चंद्र मोहिनी और मार्का ए सोमनाथ” के इंपोर्ट पर प्रतिबंध लगा दिया गया था

o रॉबर्ट टेलर की किताब “द डार्क अर्ज” पर प्रतिबंध लगा दिया गया था

o डी एच लॉरेंस की किताब “लेडी चैटर्लीज़ लवर” पर प्रतिबंध लगा दिया गया था और एक आदमी को उसे बेचने के लिए जेल भेज दिया गया था

o “व्हाट हैज रिलिजन डन फॉर मैनकाइंड” नामक किताब पर प्रतिबंध लगा दिया था

o क्लुवंक रावत्वंक की किताब “भूपत सिंह” प्रतिबंधित कर दी थी

o अजीज़ बेग की किताब “कैप्टिव कश्मीर” के इंपोर्ट पर बैन लगा दिया था

o मृणाल सेन की फिल्म “नील अक्षर नीचे” प्रतिबंधित कर दी गई थी

o ऑब्रे मेनन की किताब “रामा रिटोल्ड” प्रतिबंधित कर दी गई थी

o स्विस जियोलॉजिस्ट और ह्यूमनिटेरियन टोनी हगेन की किताब “नेपाल” को प्रतिबंधित कर दिया था

o RSS ऑर्गेनाइजर की किताब “प्रॉसिक्यूटर” को प्रतिबंधित कर दिया था

o “गोकुल शंकर” नाम की फिल्म जिसमें गोडसे को दर्शाया गया था उसे प्रतिबंधित कर दिया गया

o नाथूराम गोडसे द्वारा कोर्ट में दिया गया बयान नेहरू ने प्रतिबंधित करवा दिया था

o एस सी गोस्वामी कि फिल्म “रूनुमि” जो कि इब्सेन के प्ले पर बेस्ड थी, को प्रतिबंधित करवा दिया था

o कई उन इतिहासकारों और लेखकों को नेहरू ने बंदी बनाकर जेल में डलवा दिया था जिन्होंने भारत-चीन युद्ध के बाद नेहरू की आलोचना की थी

o जवाहरलाल नेहरु ने अपने मंत्रियों को निर्देश दिए थे कि सरदार पटेल के अंतिम संस्कार में वे ना जायें

o नेहरू ने डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद को कड़े शब्दों में कहा था कि सरदार पटेल के अंतिम संस्कार में ना जाएं किंतु राष्ट्रपति ने नेहरू की बात अनसुनी कर दी थी

o नेहरू ने 1962 की हिट फिल्म “भूल ना जाना” को प्रतिबंधित कर दिया था जिसके कारण दाना सिंह सदा के लिए नेपथ्य में चले गए

o नेहरू ने डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद की स्पीच को संसद के रिकॉर्ड से हटाने का आदेश दिया था

o नेहरू ने राष्ट्रपति राधाकृष्णन को डॉ राजेंद्र प्रसाद के अंतिम संस्कार में ना जाने के लिए कहा था और नेहरु खुद भी नहीं गए थे

o नेहरू ने विदेशों से कॉस्मेटिक्स का आयात प्रतिबंधित कर दिया था, नेहरु की बेटी ने इसका विरोध किया और तब नेहरू ने जेआरडी टाटा से कहा था कि एक कॉस्मेटिक ब्रैंड शुरू करें और उसका नाम रखा गया लैक्मे

o नेहरू को हारमोनियम की आवाज से चिड़ थी और इसीलिए नेहरू ने ऑल इंडिया रेडियो से वर्षों तक हारमोनियम की आवाज को प्रतिबंधित कर दिया था

o नेहरू ने 1951 में ऑब्जेक्शनएबल मैटर एक्ट बनाकर मीडिया की आजादी को इस तुगलकी कानून द्वारा छीन लिया था

o नेहरू ने टाइम्स ऑफ़ इंडिया का एक कॉलम भी बंद करा दिया था क्योंकि वह नेहरू के प्रति आलोचनात्मक था

o नेहरू ने “क्रॉसरोड्स” नाम की मैगजीन को प्रतिबंधित कर दिया था

o नेहरू ने ऐतिहासिक प्ले “निंगलेन कम्युनिस्तकी” प्रतिबंधित करा दिया था और अभिनेताओं को बंदी बना दिया था

o नेहरू ने एक समय पर ऑल इंडिया रेडियो पर फिल्मी सॉन्ग प्ले करने पर भी प्रतिबंध लगा दिया था

o नेहरू ने “पराशक्ति” नामक फिल्म पर प्रतिबंध लगवा दिया था

o नेहरू ने “नास्तिक” फिल्म प्रतिबंधित करा दी थी

o नेहरू ने पश्चिमी पॉप और रॉक बैंड और म्यूजिक को ऑल इंडिया रेडियो पर प्रतिबंधित करा दिया था

o नेहरू ने इंडियन पीपल्स थिएटर एसोसिएशन को प्रतिबंधित कर दिया था

o नेहरू ने प्रसिद्ध प्ले “हरिपद मास्टर” को प्रतिबंधित कर दिया था

o नेहरू ने दिलीप कुमार की फिल्म गंगा जमुना को प्रतिबंधित कर दिया था

o नेहरू ने शरद चंद्र चट्टोपाध्याय के “महेश” और रविंद्र नाथ टैगोर के प्ले “गोरा” और
“विसर्जन” को प्रतिबंधित कर दिया था

o नेहरु ने बलराज साहनी के ऐतिहासिक प्ले “जादू की कुर्सी” को प्रतिबंधित कर दिया था क्योंकि इसमें नेहरू को दर्शाया गया था

o नेहरू ने प्रदीप की फिल्म से पूरा एक गाना ही कटवा दिया था क्योंकि उसको शब्दों पर आपत्ति थी

o नेहरू ने “फिर सुबह होगी” नामक फिल्म से दो गाने कटवा दिए था

o नेहरू ने “द मराठा” के एडिटर प्रल्हाद केशव अत्रे को एक आर्टिकल लिखने के लिए जेल भिजवा दिया था

o नेहरू ने दिलीप कुमार की फिल्म जुगनू को भी प्रतिबंधित कर दिया था

o नेहरू ने “झरना” नामक फिल्म प्रतिबंधित कर दी थी

o नेहरू ने टाइम्स ऑफ इंडिया को इश्तिहार प्राप्त करने से प्रतिबंधित कर दिया था क्योंकि टाइम्स ऑफ इंडिया अखबार ने नेहरू की सरकार की कुछ पॉलिसियों का विरोध किया था

o नेहरु ने अपने कैबिनेट के सभी मंत्रियों को निर्देश दे रखे थे कि यदि कोई भी नेहरू की आलोचना करता है तो वह उसके विरुद्ध कड़ा प्रतिकार करें और इस बात पर जोर दें कि जो भी नेहरु की आलोचना कर रहे हैं वह देशद्रोही व गद्दार हैं

o नेहरु ने अपने घर में टाइम्स ऑफ इंडिया अखबार का आना ही बंद करवा दिया था क्योंकि उसे लगता था कि टाइम्स ऑफ इंडिया उसकी आलोचना करता है और टाइम्स ऑफ इंडिया के एक लेख जो की एम.ओ मथाई की किताब से उठाया गया था जिसमें दावा किया गया था कि नेहरु की बेटी इंदिरा को किसी अनाम बिजनेसमैन ने साड़ियां उपहार में दी थी उस लेख के विरुद्ध नेहरू ने टाइम्स ऑफ इंडिया से क्षमा पत्र मांगा था

o नेहरू ने हिंदुस्तान टाइम्स के एडिटर से कहा था कि तुम सबसे निचले दर्जे के मनुष्य हो और उसके बाद हिंदुस्तान टाइम्स के मालिकों से कहकर उन्होंने उस एडिटर को नौकरी से निकलवा दिया था और उसका कॉलम प्रतिबंधित करा दिया था

आशा है की अब सागरिका rajdeep रविश शेखर गुप्ता बरखा, स्वाति चतुर्वेदी जैसे नेहरु को पूजने वाले अगली बार अभिव्यक्ति की आजादी और नेहरु शब्द कभी एक साथ इस पंक्ति में प्रयोग नहीं करेंगे
:Rohan Sharma

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