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निओ दिप

तो भक्त जनों

आज की अगली कड़ी में साईं शिरडी (उर्फ़ चाँद मिया) की कथा आगे बढ़ाते हैं

एक बार एक जिज्ञासु बालक साईं शिरडी के भक्त के सामने कुछ प्रश्न लेकर बेठ गया

जिज्ञासु बालक- के कुछ प्रश्न

1) हमारे शास्त्रों में ॐ को कभी नाम के आगे नही लगाया जाता । जैसे ॐ राम या ॐ कृष्ण कभी नही होता
🤔तो ॐ साईं राम क्यों???

2) जो साईं (उर्फ़ चाँद मिया) कभी अपने गांव की सीमा के पार नही गये वो ब्रह्मांड नायक किस तरह?

3) साईं शिरडी (चाँद मिया) के जीवन काल में शिरडी गाँव में बड़ी मुश्किल से 40 या 50 परिवार रहते होंगे
जबकि साईं के चमत्कारों से सम्बंधित किस्से कहानियों की संख्या 500 या हज़ार के पार जा चुकी है जिसमे हर कहानी में साई के चमत्कार की कृपा पात्र व्यक्ति अलग अलग परिवारों से हैं। अब ये 50 परिवार के गाँव में 500 या हज़ार परिवार किधर से आ गए ?

4) साईं शिरडी (चाँद मुहम्मद) ने जीवन भर इस्लाम का पालन किया । पांच समय नमाज़ पढ़ी। बकरे को स्वयं हलाल करके खाया।
जबकि श्री रामजी शुद्ध शाकाहारी व् वेद अनुयायी थे।

तो एक इस्लाम का अनुयायी और एक वेद अनुयायी में साम्यता कैसे ?

🤔🤔 तो साईं के साथ श्री रामजी का नाम क्यों जोड़ दिया ?

5) साईं शिरडी की अम्मी का नाम क्या था?

6) साई शिरडी के अब्बा हजूर का नाम क्या था?

7) साईं शिरडी के अब्बा हज़ूर का पेशा क्या था व् उनका जन्म किधर हुआ था? क्या अफगानिस्तान में?

😳😳ईन प्रश्नों को सुनते ही मेरे तोते उड़ गए

में प्रतीक्षा में था कि साईं के भक्त इस प्रश्न का उत्तर देंगे लेकिन वे निरुत्तर थे।

फिर मेने इन प्रश्नों का उत्तर खोज निकाला

क्या आप भी उत्तर खोजोगे ? 🤔🤔🤔🤔

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