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डॉ घनश्याम गर्ग

🌸गुरु पूर्णिमा क्यों मनायी जाती हैं ?
(Guru purnima kyo manayi jati hai ?)

हरि ॐ,
गुरु पूर्णिमा क्यो मनायी जाती हैं ?
गुरु पूर्णिमा का महत्व क्या है ?
आज यहाँ इस पोस्ट के माध्यम से सविस्तार जानिए…

  1. गुरु पूर्णिमा कब आती हैं ?

➖गुरु पूर्णिमा वर्षाऋतु के आरंभ में अषाढ़ मास में शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के दिन गुरु पूर्णिमा आती हैं |

  1. क्या है गुरु पूर्णिमा ?

➖गुरु पूर्णिमा यह एक गुरु और शिष्य का पर्व हैं यह एक ऐसा पर्व है जिस दिन हम अपने गुरुजनो , महा पुरुषों , माता-पिता तथा श्रेष्ठ जनो
के लिए कृतग्नता व्यक्त करते हैं | पूरे विश्व में अषाढ़ मास की पूर्णिमा के दिन गुरु
की पूजा करने का विधान है | उस दिन हर शिष्य अपने गुरु की पूजा करता है |

  1. क्यों चूना यही दिन ?

➖गुरु के लिए पूर्णिमा से बढ़कर जो ओर तिथि हो ही नहीं सकती | क्योंकि गुरु और पूर्णत्व दोनो एकदूसरे के समानार्थी हैं |जिस तरह चन्द्रमा पूर्णिमा की रात सर्व कलाओं से परिपूर्ण होता हैं और अपनी शीतल रश्मियां समभाव से सभी को वितरित करता है उसी तरह संपूर्ण ग्यान से गुरु अपने शिष्यों को अपने ज्ञान से आप्लावित करता है |
यह दिन महाभारत के रचयिता कृष्ण दृैपायन व्यास का जन्मदिन है |वे संस्कृत के बहुत ही बड़े विद्वान थे |उन्होने वेदो का विस्तार किया और कृष्ण द्वैपायन से ‘वेद व्यास’ कहलाये | यही कारण से इस गुरु पूर्णिमा को ‘व्यास पूर्णिमा ‘ भी कहते हैं | 18 पूराणों और 16 शास्त्रो के रचयिता वेद व्यास जी ने गुरु के सम्मान मे विशेष पर्व मनाने के लिए अषाढ़ मास की पूर्णिमा को चूना | कहा जाता है कि वेद व्यास जी ने अपने शिष्यों एवं मुनियो को सबसे पहले श्री भागवत पूराण का ज्ञान इसी दिन दिया था | वेद व्यास जी के अनेक शिष्यों में से पांच शिष्यों ने गुरु पूजा की परंपरा डाली | पुष्प मंडप में उच्चा आसन पर व्यास जी को बिठाकर पुष्पमाला अर्पित की और आरती की एवं अपने ग्रंथ किए | तब से इस पर्व को गुरु पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है |

  1. क्यों मनाते हैं गुरु पूर्णिमा ?

➖शास्त्रो में ‘गुरु’ शब्द का अर्थ बताया गया है कि ‘गु ‘ का अर्थ है अंधकार या मूल अज्ञान और ‘र’ का अर्थ है कि निरोधक | अंधकार को हटाकर प्रकाश की ओर ले जानेवाले को गुरु कहते हैं | देवता एवं गुरु में समानता के लिए एक श्लोक मे बताया है कि जैसी भक्ति की आवश्यकता देवता के लिए है वैसी ही भक्ति गुरु के लिए भी है | सद् गुरु की कृपा से जीवन में इश्वर का भी
साक्षातकार करना संभव है | सद्गुरु के बिना या अभाव में कुछ भी संभव नहीं है

🙏🏻ॐ🙏🏻🚩

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