Posted in छोटी कहानिया - १०,००० से ज्यादा रोचक और प्रेरणात्मक

राधा रानी जी का अपने भक्तों के लिए प्रेम
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#बहुतमनभावनप्रसंग,💕💚💕 #बड़ेभावसे_पढ़े💕💚💕

तीन साधु थे, राधा रानी जी के बरसाना जा कर राधा रानी जी से मिलने की बहुत इच्छा थी, ऐसा सोच वे साधु यात्रा पर चल दिए।

उनमें एक साधु जिनकी उम्र दोनों साधु से ज्यादा थी, वो वृद्ध थे, उन्होंने कहा “भई हम इस गाँव के बाहर मन्दिर में आसन लगा के यहां रहेगे” तुम तो जवान हो, तुम भले जाओ।

ऐसा सुन कर दोनों साधु आगे चले गए। चलते चलते संध्या हो गयी दोनों साधुओं ने सोचा अब बरसाना आ रहा है, राधा रानी जी का गाँव, क्या करेंगे ? मांगेगे कहाँ ?

साधु दूसरे साधु से बोले,मांगना कहाँ हैं, हम तो राधारानी जी के मेहमान है, खिलाएगी तो खा लेगे नहीं तो मन्दिर में आरती के समय कहीं कुछ प्रसाद मिलेगा वो ही खा के पानी पिलेगें।

साधुओं ने मजाक मजाक में ऐसा कहा और वो साधु पहुंच गये बरसाना और बरसाना में तो आरती हुई, मन्दिर में उत्सव भी हुआ था।

साधु बाबा बोले मांगेगे तो नहीं राधारानी जी के मेहमान है। ऐसे कह कर साधु सो गये।

रात्रि में 11 बजे राधारानी जी के पुजारी को राधारानी जी ने ऐसा जगाया, राधा रानी बोली ” मेहमान हमारे भूखे हैं, तुम सो रहे हो।

“अरे भाई मेहमान कौन है”?

राधा रानी जी बोली दो साधु हैं।बड़ी दूर से आए हैं।

पुजारी के तो होश हवास उड़ गये, पुजारी उठे, सोये साधुओं को उठाया” तुम ” तुम राधारानी के मेहमान हो क्या ? साधु बोले ” नहीं हम तो ऐसे ही।

पुजारी बोले” नहीं आप बैठो” हाथ – पैर धोये पत्तले लाये और अच्छे से अच्छा जो मन्दिर का प्रसाद था, उत्सव का प्रसाद था, जो भी था, लड्डू, रसगुल्ले, खीर बस टनाटन पक्की रसोई जिमाई।

वो साधु थोड़ा टहल के बोले, राधा रानी जी हमने तो मजाक में कहा था आपने सचमुच में हमको मेहमान बना लिया माँ” हे राधे मैया….

साधु राधारानी जी का चिन्तन करते करते सो गये, दोनों साधुओं को एक जैसा सपना आया।

सपने में वो 12 साल की राधारानी बोलतीं है….

साधु बाबा भोजन तो कर लिया आपने, तृप्त तो हो गये, भूख तो मिट गयी ? भोजन तो अच्छा रहा ? बोले” हाँ,

भोजन, जल आपको सुखद लगे ? बोले”हाँ,

अब कोई और आवश्यकता है क्या ? बोले नहीं नहीं राधा मैया,,,,,,

राधारानी जी बोलीं ” देखो वो पुजारी डरा-डरा तुमको भोजन तो कराया लेकिन मेरा पान बीडे का प्रसाद देना भूल गया,

लो ये मैं पान बीडा देती हूँ आपको। ऐसा कहकर उनके सिरहाने पर रखा।

सपने में देख रहे हैं के राधारानी जी सिरहाने पर पान बीडा रख रही है।ऐसे ही उनकी आँख खुल गई।

देखा तो सचमुच में पान बीड़ा सिरहाने पर है दोनों साधुओं के। दोनों साधु राधा रानी जी का धन्यवाद किया और भावविभोर आंखों मैं अश्रु बह रहे हैं।

मेरी राधा प्यारी की कृपा का क्या कहना..

कर लो भजन राधा रानी का,भरोसा नही है जिंदगानी का जग मे मीठा कुछ भी नही,मीठा है नाम बस राधा रानी का

जिसने राधा रानी जी के प्यार को जीत लिया समझो उसने श्रीकृष्ण जी को भी जीत लिया…

🌺🌷जय जय श्री राधे राधे जी🌷🌺
🌹🌹बोलो वृन्दावन बिहारी लाल जी की जय हो🌹🌹

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