Posted in छोटी कहानिया - १०,००० से ज्यादा रोचक और प्रेरणात्मक

🍅 टमाटर या गुलाब🌷
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🌷🍅एक बार गुरु जी ने अपने छात्रों को कुछ टमाटर🍅 लाने को कहा।

🌷🍅लेकिन हर टमाटर🍅 को एक सफेद लिफ़ाफ़े में पैक करना था और उस लिफ़ाफ़े पर उस व्यक्ति का नाम लिखना था जिससे छात्र को घृणा या नाराज़गी😡😠 हो।यदि किसी छात्र को किसी एक से घृणा या नाराज़गी है तो वह एक टमाटर🍅 और जिसको अधिक से है तो वह अधिक टमाटर🍅🍅🍅 लाएगा।

इस तरह जितने व्यक्तियों से घृणा या नाराज़गी😠😡 हो उतने ही टमाटर🍅🍅 छात्र को लाने हैं। ऐसे निर्देश भी गुरु जी ने छात्रों को दिये।

🌷🍅अब अगले दिन सभी छात्र बढ़िया सफेद लिफाफों💌 में टमाटर🍅 डाल कर लाये।सभी लिफाफों पर छात्रों द्वारा गुरु जी के निर्देशानुसार उस व्यक्ति का नाम अंकित किया गया था जिससे छात्र को घृणा या नाराज़गी😡😠 थी।

🌷🍅अब कोई छात्र 1 तो कोई 2 तो कोई 4 तो कोई 8 और कुछ छात्र तो 15 20 टमाटर🍅🍅 युक्त लिफ़ाफ़े💌💌 लेकर शाला पँहुच गए।जो छात्र जितने व्यक्तियों से घृणा करता था या किसी बात पर नाराज़ था वह उतने टमाटर युक्त लिफ़ाफ़े🍅💌 ले आया।

🌷🍅गुरु जी ने कक्षा में आते ही पूछा, “हाँ बच्चों ले आये टमाटर🍅🍅?”

सभी छात्र एक साथ बोल उठे, “जी गुरु जी ले आये।”

कुछ छात्र ऐसे भी थे जो कोई लिफाफा कोई टमाटर🍅❌ नहीं लाये थे।
पूछने पर उन्होंने बताया कि उन्हें किसी से कोई नाराज़गी या घृणा😡😠❌ नहीं है।

🌷🍅गुरु जी सभी छात्रों को एक एक कपड़े का थैला🛍 देते हुए अपने लिफ़ाफ़े उसमें रखने के निर्देश दिए।

जो छात्र टमाटर नहीं लाये थे उन्हें गुरु जी ने थैले में गुलाब के फूल🌷🌷 दिए।

🌷🍅गुरु जी ने आदेश दिया ये थैले🛍 जिसमें टमाटर🍅 या गुलाब🌷 हैं इन्हें अच्छी तरह से बन्द कर 10 दिन तक लगातार अपने पास रखना है जँहा भी जाएँ यह थैला🛍 अपने साथ रखें।

🌷🍅एक सप्ताह बाद ही गुरु जी ने पूछा, “क्यों बच्चों थैला🛍 साथ रख रहे हो न?कैसा लग रहा है?”

🌷🍅छात्र दुःखी स्वर से बोल उठे,”गुरु जी टमाटरों🍅 की दुर्गन्ध और वज़न से परेशानी😫😫 हो रही है।”

गुरु जी गुलाब के फूलों🌷🌷 वाले छात्रों से कहा, “तुम अपना अनुभव बताओ।”

वे छात्र जो कम ही थे बोले “गुरु जी, हमें कोई परेशानी😫❌ नहीं, थैला🛍 हल्का है,और भीनी भीनी खुशबू😊 भी आ रही है।”

🌷🍅अब गुरु जी ने छात्रों को समझाया,जिनके पास घृणा नफरत या नाराज़गी😫😠 रूपी टमाटर🍅 थे वे सभी परेशान😫 हुए।जबकि जिनके पास घृणा नफरत या नाराज़गी😠😡❌ नहीं थी वे सब् खुश😁😁 हैं।

यह बिल्कुल वैसा ही है कि तुम अपने हृदय💙 में किसी भी व्यक्ति के लिए क्या रखते हो

यदि घृणा नफरत या नाराज़गी😡😠 रखोगे तो वज़न और दुर्गन्ध रूपी परेशानी😫 उठानी पड़ेगी वंही यदि किसी से प्रेम प्यार अपनापन💘💞 रखोगे तो हल्कापन और सुगन्ध रूपी प्रसन्नता😃😃 मिलेगी।

🌷🍅 घृणा नफरत नाराज़गी😠😡 तुम्हारे हृदय💙 को अस्वस्थ कर देंगें जबकि प्रेम प्यार💘 और अपनापन💞 उसी हृदय💙 को निरोग रखने में सहायक होंगें।

🌷🍅जब तुम एक सप्ताह में ही टमाटरों🍅 की दुर्गन्ध और वज़न से परेशान😫 हो गए तो सोचो प्रतिदिन तुम जो अपने साथ घृणा नफरत और नाराज़गी रूपी दुर्गन्ध और वज़न रखते हो तो तुम अपना कितना नुकसान😫 करते हो।

🌷🍅तुम्हारा हृदय💙 तो एक सुन्दर बगिया है जिसमें सुगन्धित और हल्के गुलाब🌷🌷 होने चाहिए न कि सड़े हुए दुर्गन्धित और भारी टमाटर🍅🍅।

🌷🍅 जिनसे भी तुम्हें घृणा नफरत या नाराज़गी😠😡 है उन्हें क्षमा दान देकर गले लगाओ फिर देखो तुम्हारे जीवन में गुलाब🌷🌷 रूपी सुगन्ध प्रसन्नता भर देगी।

🌷🍅सामने टेबल्स पर गुलाब🌷 और टमाटर🍅 दोनों पड़े हैं जाओ और जो तुम्हें अच्छा लगे उठा लो।

🌷🍅सभी छात्र गुलाब🌷 की टेबल की ओर दौड़ पड़े..।
आईये आज की सुहानी सुबह का शुभारम्भ करें प्रेम प्यार और अपनापन रूपी गुलाब🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷 के साथ और घृणा नफरत और नाराज़गी😠😡 को सदा के लिए त्यागने❌ के संकल्प के साथ,

क्यों जी सही है न तो फिर कँहा है जी आपश्री की मुस्कान😊😊😊😊जी हाँ यही👌👌👌👌
आपश्री सदा यूँ ही मुस्कुराते रहें इसी कामना के साथ
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संजय गुप्ता

Author:

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