Posted in छोटी कहानिया - १०,००० से ज्यादा रोचक और प्रेरणात्मक

भीड़ के पीछे न चलें एक चोर को सजा के तौर पर न्यायाधीश ने उसकी नाक काटने की सजा दी ।


भीड़ के पीछे न चलें एक चोर को सजा के तौर पर न्यायाधीश ने उसकी नाक काटने की सजा दी ।नाक कटते ही धूर्त चोर खुशी से नाचने गाने लगा । लोगों ने जब उसकी खुशी का राज पुछा तो चोर बोला मुझे साक्षात नारायण के दर्शन हो रहे हैं उन्हें देखकर मैं प्रसन्न हो रहा हूँ ।लोगों ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा की हमें नारायण नहीं दिख रहें ।धुर्त चोर बोला नाक बीच में आ रही है इसलिए नहीं दिख रहें नाक कटा लो दिखाई देंगे । उनमें से एक व्यक्ति ने सोचा भले ही नाक कट जाए पर नारायण भगवान के दर्शन अवश्य करूंगा । नाक कटाते ही चोर ने उसके कान में मंत्र दिया “भाई अब नाक तो गई अब मेरी तरह खुशी मना नहीं तो तेरा और मेरा सब लोग मजाक बनायेंगे” । बस दूसरा व्यक्ति भी खूब खुश होकर बताने लगा मुझे भी नारायण के दर्शन हो रहे हैं । समाचार फैलने लगा, सैकड़ों लोग नाक कटाते और कान में मंत्र सुनते ही नाचने लगते की हमें नारायण के दर्शन हो रहे हैं ।संख्या निरंतर बढ़ती जा रही थी इस नक्कटु समुदाय का नाम रखा गया “नारायणदर्शी” यह खबर वहां के नादान राजा के पास पहुँची तो राजा भी समुदाय के लोगों से मिलने पहुँच गया वहां अत्यंत हर्षोल्लाष का वातावरण था ।राजा ने समुदाय के प्रमुख से मिलने की इच्छा व्यक्त की, चोर जो की इस समुदाय का मुखिया था, बड़ा महंत हो कर ऐशो आराम की जिंदगी जी रहा था । राजा ने चोर से आश्रम में इतने हर्षोल्लास का कारण पूछा तो उसे नारायण दर्शन की जानकारी दी गई । यह सुनकर राजा ने भी नाक कटाकर नारायण दर्शन की इच्छा व्यक्त की ।नारायणदर्शी समुदाय के ज्योतिष ने तीन दिन बाद का मुहूर्त भी निकाल दिया ।राजा ने तैयारी करने का आदेश दे दिया । राजा की यह बात कुछ बुद्धिजीवियों को ठीक नहीं लगी उनमें राजा का दीवान भी था उसे परेशान देखकर उसके दादाजी जो पूर्व राजा के दीवान हुआ करते थे कारण पूछा । कारण जानने के बाद दूसरे दिन बुजुर्ग राजा से मिले और उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन राजा नारायण दर्शन की जिद पर अड़े रहे तो बुजुर्ग ने कहा की ठीक है मेरी उम्र बहुत हो चुकी है पहले यह दर्शन मैं करूंगा मुझे दिख गया तो आप भी अपनी नाक कटा लें । कल ही आप अपनी पुरी सेना के साथ आश्रम पर आ जाएँ । दुसरे दिन बुजुर्ग की नाक राजा और उसकी पुरी सेना के सामने काटी गई, नाक कटते ही महंत ने कान में मंत्र बोला मंत्र सुनते ही बुजुर्ग दीवान ने राजा को कहा अपने सैनिकों को कहें की इस धुर्त महंत और इसके अनुयायियों को गिरफ्तार कर लें यह सबको मुर्ख बना रहे हैं कहीं कोई नारायण नहीं दिख रहें हैं,लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ करने वाले इन नीच पापियों को कड़े से कड़ा दंड दिया जाए । आज के समय में साई के भक्त भले ही करोड़ों हो लेकिन सबकी अवस्था भी नारायणदर्शी समुदाय के लोगों जैसी ही है,अब नाक कटा ही ली है तो बस नारायण दर्शन का झूठ बोलते रहते हैं । मिल किसी को कुछ नहीं रहा लेकिन अपना मजाक न बनें इसलिए अपने ईष्टदेवों को छोड़कर बिना जाने समझे एक साधारण मुसलमान भिखारी को भगवान मानकर पुज रहें हैं । नीरज आर्य

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