Posted in श्री कृष्णा

कृष्ण


#चेतनाकासहजतम_शिखर #कृष्ण बात अगर कृष्ण की करो तो शुरु करो उन छह निरपराध बड़े भाइयों से जो सिर्फ इसलिए पछाड़कर मारे गए कि कहीं वे कृष्ण न हों। बात उस बहिन की भी करो जो दुष्ट मामा के हाथ से फिसलकर अदृश्य हो गई उसके काल का संकेत देकर (योगमाया)। उसकी भी बात करो तो खुद बचपन से प्राणघातक षड़यंत्रों से खेलते हुए बड़ा हुआ। हर बार मौत से दो कदम आगे चलकर खुद को भी बचाया और अपने पर भरोसा करनेवालों को भी। जेल में ही पैदा हुआ। पूरा जीवन आर्यावर्त में शक्ति संतुलन में झोंक दिया पर खुद एक गाँव की जागीर भी नहीं रखी। सत्य के प्रति निष्ठा इतनी गहन कि सत्य की रक्षा हेतु असत्य के प्रयोग से भी परहेज नहीं। धर्म के पक्ष में खड़े अर्जुन ने जब अपने मोह के आगे अस्त्र डालने चाहे तो इसने अपना ईश्वरत्व प्रकट किया कि “ठहर ! तू कुछ नहीं है सब मैं कर रहा हूँ। तू इसे साधना समझ। ये तेरा निर्वाण पथ है।” शक्तिपात का जो गुह्यतम ज्ञान अबतक कोई सिद्ध किसी शिष्य को बहुत ही पावन वातावरण में कहीं सघन वन में या गिरि कंदरा में देता था, इस सद्गुरु ने अपने शिष्य अर्जुन को रक्तसंबंधियों की रक्तपिपासा से आसक्त भूमि में दिया।(गीता) ये इस अवतार का प्रयोजन भी सिद्ध करता है क्योंकि इस घटना से भविष्य में संदेश जाता है कि “यदि ऐसी भूमि में आत्मज्ञान हो सकता है जहाँ रक्तसंबंध ही रक्तपिपासु हो रहे हों, तो किसी सामान्य व्यक्ति को उसके घर में क्यों नहीं हो सकता???” इस संदेश का असर था मध्यकाल का विराट संत आंदोलन। जब सनातन इस्लाम के खूनी खेल से त्रस्त था तब हर गाँव में कोई नानक , कोई कबीर, कोई दादू, कोई गोरख,कोई सहजो,दया,चरणदास, कोई भीखा, कोई पलटूदास ,कोई मीरा,कोई रैदास ऋषियों की अध्यात्म ज्योति लिए बैठा सनातन संस्कृति को जीवंत रखे हुए था। भारत के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के प्राणों में भी गीता का ही गुंजन था….”न हन्यते हन्यमाने शरीरे।” फिर धर्म राज्य की स्थापना में स्वयं का खानदान भी रोड़ा बनते दिखा तो उसे भी समाप्ति की ओर जाने दिया। अंतत: स्वयं प्रभास पट्टन के नीले समंदर का तीन नदियों से संगम देखते हुए एक व्याध के बाण का निमित्त चुनकर लीला का पटाक्षेप किया। बहुत सस्ता है उसके नाम पर भाँडगिरी करना, छिछोरापन करना या उसके लीचड़ भक्त बनकर स्वयं को छलना। और दुरूहतम है उसे अपने भीतर जगाना….. कृष्ण को….. जो आकर्षण करता है सत्यम्-शिवम्-सुंदरम् को। #अज्ञेय

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Ganesh


Ganesh has several meanings and concepts. Knowledge is of 2 broad types-countable is Ganesh (Ganana = to count, to calculate). KaNa = particle, gaNa = collection of particles or a group). Abstract or non-countable knowledge is Sarasvati. Rasa = abstract, essence. Filled with Rasa is Sarasvati. There are 2 types of nouns- countable, abstract. Space as collection of bodies is GaNesh. Spread of rare matter in space or the space itself is Sarasvati. Visible universe is collection of 100 billion galaxies. So, this number is called Kharva (100 billions). Only one fourth of source material was used for creating universe. Remaining unused material is Uchchhisht Ganapati ( Purush Sukta-3, 4). Aa image of visible universe, our galaxy has 100 billion stars and our brains have 100 billion neurons (Shatapath Brahmana, 12/1/1/1). Galaxy is Ganapati. Its measure in ahargan unit is 48. 49 is boundary of galaxy. Motion in each zone is 1 Marut. There are 49 Marut zones in galaxy. Visible universe is Maha-ganapti. Discrete mathematics is Ganesh, abstract or field theory is Sarasvati. Digital computer is GaNesh, analogue is Sarasvati. I had discussed it with prof Abdus Salam in 1981. He remarked that control of digital computer should be called mouse which is vehicle of Ganesh. This name could have been on his suggestion. As opposite ends of knowledge, Ganesh Puja on Bhadra Shukla 4th and Saraswati puja on Magh Shukla 5th are on opposite sides of year cycle. As collection of people, a country or its head is Ganesh. As collector of tax, he has been called Karat in Taittiriya Samhita. Land itself is Parvati with 52 Shakti Pithas. Arun Upadhyay

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एक से बढ़कर एक 101 रोचक तथ्य


एक से बढ़कर एक 101 रोचक तथ्य 1: फिलिपिन्स में पाया जाने वाला बोया पक्षी प्रकाश में रहने का इतना शौकीन होता है कि अपने घोंसले के चारो और जुगनु भरकर लटका देता है. 2.वेटिकनसिटी दुनिया का सबसे छोटा देश है इसका क्षेत्रफल 0.2 वर्ग मील है और इसकी आबादी लगभग 770 है. इनमें से कोई भी इसका परमानेंट नागरिक नही है. 3.नील आर्मस्ट्राँग ने सबसे पहले अपना बाँया पैर चँद्रमा पर रखा था और उस समय उनके दिल की धड़कन 156 बार प्रति मिनट थी. 4.धरती के गुरूत्वाकर्षण के कारण पर्वतों का 15,000 मीटर से ऊँचा होना संभव नही है. 5.रोम दुनिया का वो शहर है जिसकी आबादी ने सबसे पहले 10 लाख का आकड़ा पार किया था. 6.1992 के क्रिकेट विश्वकप में इंग्लैंड को हराते हुए जिम्बाब्वे ने बड़ा उल्टफेर कर दिया था. पहले बल्लेबाजी करते हुए जिम्बाब्वे ने सिर्फ 134 रन बनाए और इंग्लैंड का काम आसान कर दिया लेकिन हुआ ऐसा नही, इंग्लैंड की टीम 125 रन पर ही ढेर हो गई. 7. 269 मीटर की ऊँचाई वाले टाइटैनिक को अगर सीधा खड़ा कर दिया जाए तो यह अपने समय की हर इमारत से ऊँचा होता .8.टाइटैनिक की चिमनिया इतनी बड़ी थी कि इनमें से दो ट्रेने गुजर सकती थी. 9.सिगरेट लाइटर की खोज माचिस से पहले हुई थी. 10.हमारे ऊँगलीयों के निशानों की तरह हमारी जुबान के भी निशान भिन्न होते है. 11.विश्व में अभी भी 30 प्रतीशत लोग ऐसे है जिन्होंने कभी मोबाइल का प्रयोग नही किया. 12.औसतन हर दिन 12 नव-जन्में बच्चे किसी ओर मां-बाप को दें दिए जाते हैं. 13.आईसलैंड में पालतू कुत्ता रखना क़ानून के विरूद्ध है. 14.Righted-handed लोग औसतन left-handed लोगों से 9 साल ज्यादा जीते हैं. 15.शहद एक एकलौता ऐसा खाद्य पदार्थ है जो कि हजारों सालों तक खराब नही होता. Egypt के पिरामिडों में फैरो बादशाह की क्रब में पाया गया शहद जब खोजी वैज्ञानिकों द्वारा चखा गया तब भी वह उतना ही स्वादिष्ट था. बस उसे थोडा गरम करने की जरूरत थी.16.एक औसतन लैड की पेंसिल से अगर एक लाइन खींची जाए तो वह 35 किलोमीटर लंम्बी होगी जिससे 50,000 अंग्रेजी शब्द लिखें जा सकते है. 17.एक समुद्री केकडे का दिल उसके सिर में होता है. 18.गोरिल्ला एक दिन मे ज्यादा से ज्यादा 14 घंटे सोते है. 19.हर साल लोग साँपों के ज्यादा मधु मक्खियों द्वारा काटे जाने से मारे जाते है. 20.कुछ कीड़े भोजन ना मिलने पर खुद को ही खा जाते हैं. 21.कुछ शेर दिन में 50 बार सहवास करते है. 22.तितलियाँ किसी वस्तु का स्वाद अपने पैरों से चखती है. 23.1386 ईसवी में फ्रांस में लोगो द्वारा एक सुअर को एक बच्चे के क़त्ल के दोष में फाँसी पर लटका दिया गया था. 24.मानव गर्भनिरोधक गोलियां गोरिल्ला पर भी काम करती है.25.एक गिलहरी की उम्र 9 साल तक होती है. 26.क्या आप जानते है छिपकली का दिल 1 मिनट में 1000 बार धड़कता है. 27.अगर एक बिच्छू पर थोड़ी सी मात्रा में भी शराब या रस डाल दिया जाए तो यह पागल हो जाएगा और खुद को डंक मार लेगा. 28.एक औसत मनुषय के लिए अपनी ही कुहनी चाट पाना असंभव है. 29.जो लोग इस को पढ़ रहे है उन में से 75 % से ज्यादा लोग अपनी कुहनी चाटने की कोशिश करेगे. 30.अगर आप जोर से छीके तो आप अपनी पसली तुडवा सकते हैं. 31.अगर आप छीकते वक्त अपनी आँखे जोर से खुली रखने की कोशिश करे तो आप की eyeball (डेला) तिडक सकता है. 32.सिर्फ एक घंटा हेडफोन लगाने से हमारे कानो में जीवाणुयों की तादाद 700 गुना बढ़ जाती है. 33.पूरे जीवन काल के दौरान नीद में आप भिन्न-भिन्न तरह के 70 कीट और 10 मकडीयाँ खा जाते है. 34.आपका दिल एक दिन में लगभग 100,000 बार धडकता है. 35.आप के शरीर की लगभग 25 फीसदी हड़डियाँ आप के पैरों में होती हैं. 36.ऊगलियों के नाखुन पैरों के नाखुनों से 4 गुना ज्यादा जलदी बढ़ते हैं. 37.आप 300 हड़डियों के साथ जन्म लेते है., पर 18 साल तक होतो-होते आप की हड़डियाँ जुड़ कर 206 रह जाती हैं. 38.एक औसतन ईन्सान दिन में 10 बार हसता है.39.छीकते समय आँखे खुली रख पाना नामुनकिन है और छीकते समय दिल की गती एक मिली सेंकेड के लिए रुक जाती है. 40.”Rhythm”(लय) vowel के बिना इंग्लिस का सबसे बड़ा शब्द है. 41.’TYPEWRITER’ सबसे लंम्बा शब्द है जो कि keyboard पर एक ही लाइन पर टाइप होता है. 42.’Uncopyrightable’ एकलौता 15 अक्षरो वाला शब्द है जिसमे कोई भी अक्षर दुबारा नही आता. 43.’Forty’ एकलौती संख्या है जिसके अक्षर alphabetical order के अनुसार जबकि ‘one” के alphabetical order से उलट हैं. 44.इंग्लिस के शब्द ‘therein’ से सात सार्थक शब्द निकाले जा सकते है -the,there,he,in,rein(लगाम),her,here,ere (शीघ्र),therein,और herein(इसमे). 45.Albert Einstein के अनुसार हम रात को आकाश में लाखों तारे देखते है उस जगह नही होते ब्लकि कही और होते है. हमें तों उनके द्वारा छोडा गया कई लाख प्रकाश साल पहले का प्रकाश होता है. 46.ज्यादातर विज्ञापनो में घड़ी पर 10 बज कर 10 मिनट का समय दिखाया जाया जाता है. 47.पुरूषों की shirts के बटन Right side पर जबकि औरतो left side के पर होते हैं. 48.चमगादड गुफा से निकलते समय हमेसा बाएँ हाथ मुडते है. 49.लगभग 100 चमगादड़ मिल के एक साल में 25 गाय का खून पी जाते हैं. 50.अगर एक आदमी सात दिनो के लिए कही बाहर जाता है तो वह पाँच दिन के कपड़े पैक करता है. मगर जब एक औरत सात दिन के टूर पर जाती है तो वह लगभग 21 सूट पैक करती है क्योकि वह यह नही जानती कि हर दिन उसे क्या पहनने को दिल करेगा. 51.100 की उम्र के पार पहुँचने वालो में से 5 में से 4 औरते होती हैं. 52.जिन लोगो कि शरीर पर तिलों की संख्या ज्यादा होती है वह औसतन कम तिल वाले लोगो से ज्यादा जीते हैं. 53.कुत्ते और बिल्लीयाँ भी मनुष्य की तरह left या right-handed होते है.54.इतिहास में सबसे छोटा युद्ध 1896 में England और Zanzibar के बीच हुआ. जिसमें Zanzibar ने 38 मिन्ट बाद ही सरेंडर कर दिया था. 55.फेसबुक पर 10 या उससे अधिक likes वाले 4 करोड़ 20 लाख पेज है। 56.फेसबुक के 43 प्रतिशत users पुरुष है वहीं 57 फीसदी महिलाएं। 57.यदि कोई व्यक्ति हर वेबसाइट को मात्र एक मिनट तक ब्राउज़ करे तो उसे सारी वेबसाइटें खंगालने में 31000 वर्ष लगेंगे. यदि कोई व्यक्ति सारे वेबपन्ने पढना चाहे तो उसे ऐसा करने में करीब 6,00,00,000 दशक लगेंगे. 58.दुनिया का सबसे ऊंचा क्रिकेट का मैदान हिमाचल प्रदेश के चायल नामक स्थान पर है। इसे समुद्री सतह से 2444 मीटर की ऊंचाई पर भूमि को समतल बना कर 1893 में तैयार किया गया था। 59.व्यक्ति खाना खाए बिना कई हफ्ते गुजार सकता है, लेकिन सोए बिना केवल 11 दिन रह सकता है। 60.जिस हाथ से आप लिखते हैं, उसकी उंगलियों के नाखून ज्यादा तेजी से बढ़ते हैं। 61.हमारे शरीर में लोहा भी होता है इतना कि एक शरीर से प्राप्त लोहे से एक इंच की कील भी तैयार की जा सकती है | 62.एक सामान्य मनुष्य अपने पूरे जीवनकाल में भूमध्य रेखा के पाँच बार चक्करलगाने जितना चलता है। यह लगभग 2 लाख किलोमीटर बनता है. 63.भास्कराचार्य ने खगोल शास्त्र के कई सौ साल पहले पृथ्वी द्वारा सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाने में लगने वाले सही समय की गणना की थी। उनकी गणना के अनुसार सूर्य की परिक्रमा में पृथ्वी को 365258756484 दिन का समय लगता है।64.वाराणसी, जिसे बनारस के नाम से भी जाना जाता है, एक प्राचीन शहर है जब भगवान बुद्ध ने 500 बी सी में यहां आगमन किया और यह आज विश्व का सबसे पुराना और निरंतर आगे बढ़ने वाला शहर है। 65.भारत 17वीं शताब्दी के आरंभ तक ब्रिटिश राज्य आने से पहले सबसे सम्पन्न देश था। क्रिस्टोफर कोलम्बस भारत की सम्पन्नता से आकर्षित हो कर भारत आने का समुद्री मार्ग खोजने चला और उसने गलती से अमेरिका को खोज लिया। 66.संस्कृत सभी उच्च भाषाओं की जननी माना जाता है. क्योंकि यह कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के लिए सबसे सटीक है, और इसलिए उपयुक्त भाषा है. 67.70%फीसदी लिवर, 80 फीसदी आंत और एक किडनी बगैर भी इंसान जिंदा रह सकता है। 68.कुर्सी पर बैठ कर अपने दाएं पैर से गोला बनाइये और साथ ही अपने दाएं हाथ से हवा में 6 लिखिए , आपके पैरों की दिशा बदल जाएगी. 69.मुंबई के ब्रेबॅार्न स्टेडियम में 1988 में खेल One day अभ्यास मैच में सचिन तेंदुलकर ने पाकिस्तान के लिए फ़ीलि्डिंग की थी. 70.गुगल से 10 अरब से अधिक पेज जुडे हुए है जो हर 19 महीने में दुगने हो जाते है. 71.Internet में 80% प्रतीशत ट्रेफिक सर्च इंजनो की वजह से आता है. 72.हम शाम के मुकाबले सुबह लगभग 1 cm लम्बे होते हैं. 73.सपनो में हम सिर्फ वही चीजें देख सकते हैं जो हम पहले से देख चुके हैं. 74.अफजल खान की एक बीवी ने उसे शिवाजी की शरण जाने को कहा तो अफजल खान इतना भड़क गया कि उसने अपनी पूरी 63 बीवीयो को मार कर एक कुवे में फेक दिया. 75.गरम पानी ठन्डे पानी से पहले बर्फ में बदल जाता है. 76.अगर पृथ्वी को सेब के आकार का बना दे तो पृथ्वी के ऊपर वायुमंडल केवल उसके छिलके के बराबर है. 77.टाइटैनिक जहाज को बनाने को लिए उस समय 35 करोड़ 70 लाख रूपये लगे थे जब कि टाइटैनिक फिलम बनाने के लिए 1000 करोड़ के लगभग लागत आई. 78.बिल गेट्स हर सेकेण्ड में करीब 12000 रुपये कमाते हैं यानि एक दिन में करीब 102 करोड़ रूपये. 79.राष्ट्रपति जार्ज बुश ने एक बार जपानी प्रधानमंन्त्री की कुर्सी पर उल्टी कर दी थी. 80.चीन में एक 17 साल के लड़के ने i pad2 और i phone के लिए अपनी kidney बेच दी थी. 81.धरती पे जितना भार सारी चीटीयों का है उतना ही सारे मनुष्यो का है. 82.Octopus के तीन दिल होते हैं. 83.सिर्फ मादा मच्छर ही आपका ख़ून चूसती हैं. नर मच्छर सिर्फ आवाजे करते हैं. 84.ब्लु वेहल एक साँस में 2000 गुबारो जितनी हवा खिचती है और बाहर निकालती है. 85.मच्छलीयो की यादआसत सिर्फ कुछ सेकेंड की होती है. 86.पैराशूट की खोज हवाईजहाज से 1 सदी पहले हुई थी. 87..कंगारु उल्टा नही चल सकते. 88.चीन में आप किसी व्यकित को 100 रूपया प्रति घंटा अपनी जगह लाइन में लगने के लिए कह सकते है. 89.Facebook उपयोग करने वाली सबसे बुजुर्ग मनुष्य 105 साल की एक महिला है जिसका नाम Lillion Lowe है. 90.ग्रीक और बुलगागिया में एक युद्ध सिर्फ इसलिए लड़ा गया था क्योंकि एक कुत्ता उनका border पार कर गया था. 91.1894 में जो सबसे पहला कैमरा बना था उससे आपको अपनी फोटो खीचने के लिए उसके सामने 8 घंटे तक बैठना पड़ेगा.92.आप को कभी भी यह याद नही रहेगा कि आपका सपना कहा से शुरू हुआ था. 93.Keyboard पर टॅायलेट सीट से 60 गुना ज्यादा germs होते है. 94.हर साल 4 लोग अपनी पैंट बदलते समय अपनी जान गवा देते हैं. 95.फेसबुक संस्थापक मार्क जुकरबर्ग ने यूनिवर्सिटी में पढाई के दौरान Facemash नाम से वेबसाईट बनाई थी बाद में इसी का नाम Facebook कर दिया गया. 96.Abraham Lincoln जब Depression(अवसाद) से गुजर रहे थे तो वह चाकू-छूरों से दूर रहते थे, उन्हें डर था कि वह खुद को मार न ले. 97.लोग सबसे ज्यादा तेज फैसले तब लेते है जब वह वीडियो गेम खेल रहे होते हैं. 98.हर साल दो मिनट ऐसे होते है जिन्में 61 सैकेंड होते हैं. 99.आम तौर पे classes में पढ़ाया जाता है कि प्रकाश की गति 3 लाख किलोमीटर/सैकेंड होती है पर असल में यह गति 2,99,792 होती है. 100.हर सैकेंड 100 बार आसमानी बिजली धरती पर गिरती है. 101. Kiss करने से ज्यादा हाथ मिलाते समय germs एक दुसरे को ट्रान्सफर होते हैं.

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व्यक्ति को उसके अच्छे-बुरे सभी कर्मों का फल उसके भाग्य के रूप में मिलता है।


व्यक्ति को उसके अच्छे-बुरे सभी कर्मों का फल उसके भाग्य के रूप में मिलता है। अच्छे कर्मों पर अच्छा तथा बुरे कर्मों पर बुरा भाग्य बनता है। हालांकि ज्योतिष के कुछ विशेष उपायों (तांत्रिक टोने-टोटकों सहित) को अपना कर व्यक्ति अपने भाग्य में कुछ हद तक परिवर्तन कर सकता है परन्तु पूरी तरह बदलना केवल ईश्वर कृपा और अच्छे कर्मों से ही संभव हो पाता है। इस पोस्ट में हम आपके लिए लाएं हैं ऐसे ही कुछ विशेष टोने-टोटके जो आपके भाग्य को पूरी तरह तो नहीं बदल सकते परन्तु आपकी समस्या का तुरंत निराकरण अवश्य कर देंगे, रोगों से मुक्ति पाने के लिए (1) कोई असाध्य रोग हो जाए तथा दवाईयां काम करना बंद कर दें तो पीडि़त व्यक्ति के सिरहाने रात को एक तांबे का सिक्का रख दें तथा सुबह इस सिक्के को किसी श्मशान में फेंक दें। दवाईयां असर दिखाना शुरू कर देंगी और रोग जल्दी ही दूर हो जाएगा। (2) यदि व्यक्ति चिड़चिढ़ा हो रहा है तथा बात-बात पर गुस्सा हो रहा है तो उसके ऊपर से राई-मिर्ची उसार कर जला दें। तथा पीडि़त व्यक्ति को उसे देखते रहने के लिए कहें। (3) सुबह कुल्ला किए बिना पानी, दूध अथवा चाय न पिएं। साथ ही उठते ही सबसे पहले सबसे पहले अपनी दोनों हथेलियों के दर्शन करें। इससे स्वास्थ्य तो सही रहेगा ही, भाग्य भी चमक उठेगा। (4) यदि किसी के साथ बार-बार दुर्घटना होती हैं तो शुक्ल पक्ष (अमावस्या के तुरंत बाद का पहला) के प्रथम मंगलवार को 400 ग्राम दूध से चावल धोकर बहती नदी अथवा झरने में प्रवाहित करें। यह उपाय लगातार सात मंगलवार करें, दुर्घटना होना बंद हो जाएगा। (5) यदि कोई पुराना रोग ठीक नहीं हो रहा हो तो गोमती चक्र को लेकर एक चांदी की तार में पिरोएं तथा पलंग के सिरहाने बांध दें। रोग जल्दी ही पीछा छोड़ देगा। (6) सूर्य जब मेष राशि में प्रवेश करें तो नीम की नवीन कोपलें, गुड़ व मसूर के साथ पीस कर खाने से व्यक्ति पूरे वर्ष निरोग तथा स्वस्थ रहता है। धन की प्राप्ति के लिए (1) सोमवार को शिव-मंदिर में जाकर दूध मिश्रित जल शिवलिंग पर चढ़ाएं तथा रूद्राक्ष की माला से ‘ऊँ सोमेश्वराय नम:’ का 108 बार जप करें। साथ ही पूर्णिमा को जल में दूध मिला कर चन्द्रमा को अध्र्य देकर व्यवसाय में उन्नति की प्रार्थना करें, तुरन्त ही असर दिखाई देगा। (2) यदि बेहद कोशिशों के बाद भी घर में पैसा नहीं रूकता है तो एक छोटा सा उपाय करें। सोमवार या शनिवार को थोड़े से गेहूं में 11 पत्ते तुलसी तथा 2 दाने केसर के डाल कर पिसवा लें। बाद में इस आटे को पूरे आटे में मिला लें। घर में बरकत रहेगी और लक्ष्मी दिन दूना रात चौगुना बढऩे लगेगी। (3) घर में लक्ष्मी के स्थाई वास के लिए एक लोहे के बर्तन में जल, चीनी, दूध व घी मिला लें। इसे पीपल के पेड़ की छाया के नीचे खड़े होकर पीपल की जड़ में डाले। इससे घर में लक्ष्मी का स्थाई वास होता है। (4) घर में सुख-समृद्धि लाने के लिए एक मिट्टी के सुंदर से बर्तन में कुछ सोने-चांदी के सिक्के लाल कपड़े में बांधकर रखें। इसके बाद बर्तन को गेहूं या चावल के भर कर घर के वायव्य (उत्तर-पश्चिम) कोने में रख दें। ऐसा करने से घर में धन का कभी कोई अभाव नहीं रहेगा। ससुराल में सुखी रहने के लिए (1) साबुत काले उड़द में हरी मेहंदी मिलाकर जिस दिशा में वर-वधू का घर हो, उस और फेंक दें, दोनों के बीच परस्पर प्रेम बढ़ जाएगा और दोनों ही सुखी रहेंगे। (2) यदि कन्या 7 साबुत हल्दी की गांठें, पीतल का एक टुकड़ा, थोड़ा सा गुड लेकर ससुराल की तरफ फेंक दें तो वह कन्या को ससुराल में सुख ही सुख मिलता है। (3) शादी के बाद जब कन्या विदा हो रही हो तो एक लोटे में गंगाजल, थोड़ी सी हल्दी, एक पीला सिक्का लेकर कन्या के सिर के ऊपर से 7 बार उसार कर उसके आगे फेंक दें। उसका वैवाहिक जीवन सदा सुखी रहनोट – अपना भुत-भविष्य जानने के लिए और सटीक उपायो के लिए सम्पर्क करे मगर ध्यान रहे ये सेवाएं सशुल्क और पेड़ कंसल्टिंग के तहत है , जानने के लिए अपनी फ़ोटो, वास्तु की फ़ोटो, दोनों हथेलियो की फ़ोटो और बर्थ डिटेल्स भेजे ज्योतिषाचार्य,लाल किताब, वास्तु तज्ञ,kp, वैदिक पराशरी जैमिनी एक्सपर्ट ,तन्त्र प्रवीण ज्योतिष भास्कर त्रिवीक्रम Whats app no 9021076371 अपॉइंटमेंट लेने के बाद ही कॉल करे

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प्राचीन भारतीय खगोल विज्ञान


प्राचीन भारतीय खगोल विज्ञान Ancient Indian Astronomy ब्रह्मांड के गूढ रहस्यों की सूक्ष्म से सूक्ष्म जानकारी भारतीयो को बहुत प्राचीन समय से रही है। सृष्टि के आदि से ही वेदों में ज्ञान-विज्ञान से आर्य लोग विज्ञान के गूढ़ रहस्यों को साक्षात कर लेते है फिर चाहे वह खगोल विज्ञान हो , शरीर रचना , विमान आदि या फिर परमाणु जैसी शक्ति हो। फ्रांस निवासी जेकालयट आर्यावर्त की विज्ञान को देखकर अपनी प्रसिद्ध पुस्तक (दि) बाइबल इन इंडिया में लिखता है कि “सब विद्या भलाइयों का भंडार आर्यावर्त है।” आर्यावर्त से ज्ञान विज्ञान को अरब वालों ने सीखा व तथा अरब से ही यूरोप पहुंचा। इसका एक प्रमाण यह है कि मिल साहब अपनी पुस्तक हिस्ट्री ऑफ इंडिया , जिल्द-2 पृष्ठ १०७ पर लिखते है कि “खलीफा हारुरशीद और अलमामू ने भारतीय ज्योतिषियों को अरब बुलाकर उनके ग्रन्थों (वेदों, पुराणों व उपनिषदों) का अरबी में अनुवाद करवाया।” इसके अलावा मिस्टर बेबर इंडियन लिटरेचर नामक अपनी पुस्तक में लिखते है कि “आर्य ग्रीकों और अरबों के गुरु थे। आर्यभट्ट के ग्रन्थों का अनुवाद कर उनका नाम धर्मबहर रखा गया। अल्बेरूनी लिखता है कि अंकगणित शास्त्र में हिन्दू लोग संसार कि सब जतियों से बढ़कर है। संसार की कोई भी जाति हजार से आगे के अंक नहीं जानती है जबकि हिन्दू लोगों में १८ अंक तक की संख्याओं के नाम है और वे उसे परार्ध कहते है। ancient indian astronomy Ancient Vedic Arithmetic मैं यहाँ कुछ वेदों के मंत्रो से उद्धरण प्रस्तुत करके प्रमाण सहित संक्षेप में खगोल विज्ञान की सभी जानकारी वेदों में प्राचीन समय से या यूँ कहें की सृष्टि की आदि में ही ईश्वर से प्राप्त होती है , उनको यहाँ दे रहा हूँ । आर्य उच्च कोटि के विद्वान थे, इसको हम इस प्रकार सिद्ध कर सकते है :- 1. पृथ्वी के आकार का ज्ञान:- चक्राणास परीणह पृथिव्या हिरण्येन मणिना शुम्भमाना । न हिन्वानाससित तिरुस्त इन्द्र परि स्पशो अद्धात् सूर्येण ॥ -ऋग्वेद१-३३-८ मंत्र से स्पष्ट है कि पृथ्वी गोल है तथा सूर्य के आकर्षण पर ठहरी है। शतपथ में जो परिमण्डल रूप है वह भी पृथ्वी कि गोलाकार आकृति का प्रतीक है। भास्कराचार्य जी ने भी पृथ्वी के गोल होने व इसमें आकर्षण (चुम्बकीय) शक्ति होने जैसे सभी सिद्धांतों वेदाध्ययन के आधार पर ही अपनी पुस्तक सिद्धान्त शिरोमणि(गोलाध्याय व ४-४) में प्रतिपादित किये। कांसे से बना प्राचीन भारतीय खगोल :- प्राचीन भारतीय खगोल प्राचीन भारतीय खगोल 2. आयं गो पृश्निर क्रमीदसवन्मातारं पुर: । पितरं च प्रयन्त्स्व ॥ – यजुर्वेद ३-६ मंत्र से स्पष्ट होता है कि पृथ्वी जल सहित सूर्य के चारों ओर घूमती जाती है। भला आर्यों को ग्वार कहने वाले स्वयं जंगली ही हो सकते है। ग्रह-परिचालन सिद्धान्त को महाज्ञानी ही लिख सकते है। 3. वेद सूर्य को वृघ्न कहते है अर्थात पृथ्वी से सैकड़ो गुणा बड़ा व करोड़ो कोस दूर। क्या ग्वार जाति यह सब विज्ञान के गूढ रहस्य जान सकती है? 4. दिवि सोमो अधिश्रित -अथर्ववेद १४-९-९ जिस तरह चन्द्रलोक सूर्य से प्रकाशित होता है, उसी तरह पृथ्वी भी सूर्य से प्रकाशित होती है। 5. एको अश्वो वहति सप्तनामा । -ऋग्वेद १-१६४-२ सूर्य की सात किरणों का ज्ञान ऋग्वेद के इसी मंत्र से संसार को ज्ञात हुआ । अव दिवस्तारयन्ति सप्त सूर्यस्य रश्मय: । – अथर्ववेद १७-१०-१७-९ सूर्य की सात किरणें दिन को उत्पन्न करती है। सूर्य के अंदर काले धब्बे होते है। 6. यं वै सूर्य स्वर्भानु स्तमसा विध्यदासुर: । अत्रय स्तमन्वविन्दन्न हयन्ये अशक्नुन ॥ – ऋग्वेद ५-४०-९ अर्थात जब चंद्रमा पृथ्वी ओर सूर्य के बीच में आ जाता है तो सूर्य पूरी तरह से स्पष्ट दिखाई नहीं देता। चंद्रमा द्वारा सूर्य को अंधकार में घेरना ही सूर्यग्रहण है । अत: स्पष्ट है कि आर्यों को सूर्य-चन्द्रग्रहण के वैज्ञानिक कारणों का परिज्ञान था तथा पृथ्वी की परिधि का भी ठीक-ठीक ज्ञान था। 7. सिद्धान्त शिरोमणि में तुरीय यंत्र (दूरबीन) का स्पष्ट पता चलता है। नीचे दी चित्र में सिद्धान्त शिरोमणि का प्रमाण :- prachin vigyan ancient indian astronomy>>> चित्र में शिल्प संहिता में लिखा है कि पहले मिट्टी को गलाकर कांच तैयार करें, फिर उसको साफ करके स्वच्छ कांच (लैंस बनाकर) को बांस या धातु की नली में (आदि, मध्य और अंत) में लगाकर फिर ग्रहणादि देखें। वेद भगवान भी कहता है कि जब चन्द्र की छाया से सूर्यग्रहण हो तब तुरीय यंत्र से आंखे देखती है। – (ऋग्वेद ५-४०-६) 8. वैदिक मंत्रों के सत्य अर्थ बताने वाले ऐतरेय और गोपथ ब्राह्मण में लिखा है कि न सूर्य कभी अस्त होता है, न उदय होता है। वह सदैव बना रहता है, परंतु जब पृथ्वी से छिप जाता है तब रात्रि हो जाती है और जब पृथ्वी से आड़ समाप्त हो जाती है तब दिन हो जाता है। (Haug’s Aitereya Brahmana, Vol. 2, p. 243) इसी प्रकार वेदों में ध्रुव प्रदेश में होने वाले छ:-छ: मास के दिन-रात का भी वर्णन है। पृथ्वी पर ऐसी कोई जगह नहीं बची जिसका परिज्ञान आर्यों को न हो। ऐसे में जो ये कहे कि खगोल विज्ञान के सभी सूक्ष्म-से-सूक्ष्म आविष्कार आर्यों ने नहीं किए तो वे महामूर्ख ही कहे जाएंगे। 9. विभिन्न ग्रहों की दूरी:- महान वैदिक ज्योतिष के विद्वान आर्यभट्ट जी ने सूर्य से विविध ग्रहों की दूरी के बारे में जो आंकड़े प्रस्तुत किए थे वे आजकल के आंकड़ो ने बिलकुल मिलता-जुलते है। आज पृथ्वी से सूर्य की दूरी (१.५ * १०८ कि.मी.) है। इसे एयू (खगोलीय इकाई- astronomical unit) कहा जाता है। इस अनुपात के आधार पर निम्न सूची बनती है :- ग्रह आर्यभट्ट का मान वर्तमान मान बुध ०.३७५ एयू ०.३८७ एयू शुक्र ०.७२५ एयू ०.७२३ एयू मंगल १.५३८ एयू १.५२३ एयू गुरु ५.१६ एयू ५.२० एयू शनि

नीरज आर्य अँधेड़ी

Posted in संस्कृत साहित्य

सन्यासी किसे कहते है


सन्यासी किसे कहते है जो लाल पीले कपड़े पहन लें ओर लम्बी लम्बी दाढ़ी रखे ?? जो भिक्षा मांग कर गुजारा करे?? जो सर्व धर्म सद्भाब की बात करे? जो मनुष्यो को भरी जवानी में घर परिवार से पलायन करना सिखाये ओर खुद रहे चेले चेलियों के बीच?? जो खुद अनपढ़ गंवार अंगूठाछाप हो बाते करे बड़ी बड़ी ?? जो काम धंधा छोड़ कर राधे राधे या राम राम जपने को कहे?? हिन्दुओ बहुत पतन हो गया तुम्हारा अब तो सम्भल जाओ साधु सन्यासी वही होता है जो खुद व्याकरण व वेद का विद्वान हो समाज मे वेद विद्या का प्रचार करे जो अधर्म का मूल विनाश करने के लिए युवाओं को प्रेरित करे जो धर्म की स्थापना को प्रमुख कार्य मानते हुए प्राणों की भी परवाह न् करे जो भाग्यवाद पाखण्ड अंधविश्वास का विरोद्ध करे और कर्म की शिक्षा दे अब अपने आस् पास नजर दौड़ाओ कितने साधु सन्यासी है समाज मे रामलीला मैदान में मरती हुई औरतो और बच्चों को पीछे छोड़ सलवार पहन कर भाग जाने वाले रामदेव को सन्यासी कहते हो?? मांस खाने वाले, सिगार के शौकीन, पशुबलि समर्थक , गौमांस को वेदो में दुष्प्रचारित करने वाले, ईसामसीह की भक्ति में आकंठ डूबे विवेकांनंद को सन्यासी कहते हो ?? TV पर आकर राम व कृष्ण के जादू टोनो की झूठी कथा वांच कर लोगो को भाग्यवादी बनाने वाले व्यापारियों को साधु कहते हो?? अपने आप को कृष्ण का अवतार बताकर , स्टेज पर भाँडो की तरह नाचने वाले आसाराम को सन्यासी कहते हो ?? हिन्दुओ की बुद्धि विवेक जाग्रत करो संत क्या होता है ये सीखो गुरुगोविंद सिंह से जिसने चमत्कार नही दिखाए सिर्फ शौर्य दिखाया , बलिदान दिखाया। संसार को सीख दी कि अगर कोई मुसलमान सौ बार भी कुरान की कसम खाये तो भी उसका यकीन मत करना साधु क्या होता है ये सीखो रविदास से जिन्होंने खुल कर कुरान को झूठा कहा ओर वेद मत का मण्डन किया वेद धर्म सबसे बड़ा, अनुपम सच्चा ज्ञान फिर मैं क्यों छोड़ूँ इसे पढ़ लूँ झूट क़ुरान वेद धर्म छोड़ूँ नहीं कोसिस करो हजार तिल-तिल काटो चाही गोदो अंग कटार सन्यासी क्या होता है ये सीखो स्वामी श्रद्धानन्द से जिन्होंने इस्लाम और ईसायत की धज्जियां उड़ा दी और लाखों मुसलमानों की पुनः वैदिक धर्म मे वापसी कराई पंडित क्या होता है ये सीखो पंडित महेंद्र पाल आर्य से, जो पूर्व में मुस्लिम इमाम थे, धर्म के वैदिक स्वरूप को जानकर् घर वापसी की , वैदिक ग्रन्थों का पठन पाठन करके विद्या अर्जित की ओर आज हज़ारो मुसलमानों की भीड़ में मुसलमानों से शाश्त्रार्थ करते है , हज़ारो मुसलमानों की घर वापसी करा चुके है। आचार्य क्या होता है ये सीखो गुरुकुल चितोडाझाल के आचार्यो से जो हिन्दू समाज के बीच जाकर उन्हें अपने धर्म के वैदिक सिद्धान्त व विधर्मियो की कूटनीति से अवगत कराते है , हिन्दू समाज को पाखण्ड अंधविश्वास से निकाल शौर्य की शिक्षा देते है। हर रोज नए खतरों का सामना करते है अपने ही सेक्युलर गद्दार नेताओ का विरोध झेलते है , मुस्लिम कट्टरपंथियों से टक्कर लेते है । परन्तु ये तथाकथित जादू टोना करने वाले धूर्त , बड़े बड़े मठो के अधिकारी है, मीठी मीठी लच्छेदार बाते करके आपको यंत्र तंत्र माला ताबीज लाकेट बेचते है इस्लाम के विरुद्ध इनके मुँह से बोल नही निकलते , हिन्दुओ के पाखण्ड के विरुद्ध बोलने से आय के साधन नष्ट होने का भय रहता है । वेद की शिक्षाओं को समाज तक बताने का संकल्प नही रखते क्योकि ये खुद जानते है वेद शिक्षा का अर्थ है समाज से पाखण्ड अंधविश्वास जादू टोना तंत्र टोटका फलित ज्योतिष भाग्यवाद अवतारवाद से मुक्त करना है ओर समाज को कर्म शौर्य वीरता विज्ञान की शिक्षा देना ही धर्म है। ऐसा करते ही इनकी करोड़ो रुपयों का चढ़ावा इकट्ठा करने वाले मठ बन्द हो जाएंगे । हिन्दुओ अपने आदर्श साधु सन्तो का चुनाव बुद्धि से करो विवेकानन्द जैसे महासेक्युलर मांसभक्षी को संत कहते लज़्ज़ा नही आती जो संसार के सभी धर्मों को सत्य के रूप देखता है मूल्लो की सभा मे इस्लाम का मण्डन ईसाइयों की सभा मे ईसाइयत का मण्डन हिन्दुओ की सभा मे हिन्दू धर्म का मण्डन ओर सामूहिक धर्म सभा मे सर्व धर्म सद्भाब की सेक्युलर शिक्षा देता है। जिसने कभी स्वतंत्रता की लड़ाई में भाग नही लिया । वेदो का दुष्प्रचार करते हुए कहता है वेदो में गौमांस भक्षण की शिक्षा है । आंखे खोलो हिन्दुओ श्री राम व श्री कृष्ण ने विजय जादू टोनो से नही बल्कि वेद विद्या के बल पर वीरता और शौर्य से प्राप्त की थी वेद कहता है कृतं में दक्षिणे हस्ते जयो मे सव्य आहितः। गोजिद् भूयासमश्वजिद् धनञ्जयो हिरण्यजित्।।-(अथर्व० ७/५०/८) तेरे दायें हाथ में कर्म है और बायें हाथ में विजय है। तू अपने कर्मों के द्वारा गौ,भूमि,अश्व,धन और स्वर्ण का विजेता बन चितोडाझाल गुरुकुल के आचार्यो द्वारा आयोजित दो दिवीसीए लघु गुरुकुल का सत्र करो ओर धर्म को अनुसन्धान द्वारा सही सही जानो गुरुकुल के आचार्य उच्च कोटि की व्याकरण ( अष्टाध्यायी महाभाष्य निरुक्त आदि) के ज्ञाता है, बुद्धि विवेक व प्रमाणों द्वारा मिलावट को सिद्ध करते हुए धर्म के वास्तविक स्वरूप को आपके समक्ष रखते है । हरिद्वार क्षेत्र में होने वाले सत्र की सूचना 02 -03 सितम्बर 2017 स्थान : निर्भय फार्म ग्राम फेरूपुर, हरिद्वार-लक्शर रोड, निकट: हरिद्वार, उत्तराखंड। सम्पर्क सूत्र : अमित कुमार: 97 60 231406 सुभाष आर्य : 97 20 720640 पीयूष चौहान : 8449785474 श्री विजय पाल सिंह : 9410395336 सत्र में आने से पूर्व उपरोक्त नंबर पर काल करके रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है

नीरज आर्य अँधेड़ी

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चाहे 90% हार्ट ब्लॉकेज या लकवा ही क्यों ना हो,


चाहे 90% हार्ट ब्लॉकेज या लकवा ही क्यों ना हो, शरीर के सभी ब्लॉकेज बाहर निकाल फेंकेगा उपाय  दोस्तों आज इस लेख में हम आपको बेहद ही असरदार नुस्खा बता रहे है|इसको अपनाकर आप किसी भी प्रकार के ब्लोकेज को सही कर सकते है |चाहे फिर ब्लोकेज शरीर के किसी भी भाग में क्यों ना हो यह नुस्खा सभी प्रकार के ब्लोकेज को खोल सकता है |इसे आपनाकर ऐडी से चोटी तक शरीर की ब्लाक नसों को खोलें |इसके लीए जरुरी सामान आपको सहज ही मिल जायेगा,तो अब देर किस बात कि आइये जानते इस नुस्खे को ज़रूरी सामग्री :- 1 ग्रांम दाल चीनी। 10 ग्रांम काली मिर्च साबुत। 10 ग्रांम तेज पत्ता। 10 ग्रांम मगज। 10 ग्रांम मिश्री डला (साबुत)। 10 ग्रांम अखरोट गिरी। 10 ग्रांम अलसी। टोटल 61 ग्रांम। (सारा सामान करियाना या राशन की दुकान से मिल जाएगा) बनाने की विधि:- सभी को मिक्सी में पीस के बिलकुल पाउडर बना लें और 6 ग्रांम की 10 पुड़िया बन जाएंगी। सेवन की विधि:- एक पुड़िया हर रोज सुबह खाली पेट पानी से लेनी है और एक घंटे तक कुछ भी नहीं खाना है। चाय पी सकते हो। रोग निवारण ऐड़ी से लेकर चोटी तक की कोई भी नस बन्द हो तो खुल जाएगी। हार्ट पेशेंट भी ध्यान दें ये खुराक लेते रहो, गारंटीड पूरी जिंदगी हार्ट अटैक या लकवा नहीं आएगा। (चाहे 90% हार्ट ब्लॉकेज {Heart Blockage} ही क्यों ना हो, ये अद्भुत उपाय पुरे शरीर के सभी ब्लॉकेज को बाहर निकाल फेंकेगा) यह जानकारी अगर आपको अच्छी लगी हो तो कृपया गरीबो तक जरुर पहुचाये ,इसके लिए आप चाहे तो facebook या अन्य सोशियल माध्यम से भी शेयर कर सकते है |