Posted in छोटी कहानिया - १००० से ज्यादा रोचक और प्रेरणात्मक

फौजी_केहरसिंह_बनाम_जज


फौजी_केहरसिंह_बनाम_जज

वो बिना हेलमेट के बाइक चला रहा था। पुलिस वाले ने रोककर पूछा : हेलमेट कहाँ है ?

उसने बोला : भूल गया।

पुलिस वाला : क्या नाम है ? काम क्या करते हो ?

बाइक सवार : केहर सिंह नाम है और मैं एक फौजी हूँ।

पुलिस वाला : अच्छा कोई बात नहीं जाओ, आगे से हेलमेट पहन कर बाइक चलाना।

फौजी : नहीं भाई, आप अपना काम करो। मैंने गलती की है मेरा चालान काटो।

पुलिस वाला : ठीक है, अगर ऐसी ही बात है तो निकालो 100₹ और पर्ची लेकर जाओ।

फौजी : नहीं, यहाँ नहीं भुगतना चालान। मैं अदालत में ही जाकर चालान भुगतुंगा।

#अदालत

संतरी : केहर सिंह हाजिर हों।

जज : हाँ जी केहर सिंह आप 100 रु का चालान भर दीजिये।

फौजी : नहीं जनाब, यह कोई तरीका नहीं हुआ। आपने मेरी दलील तो सुनी ही नहीं।

जज : अच्छा बताओ क्यों तुम्हें 100₹ का फाइन न किया जाए ?

फौजी : जनाब, 100₹ का फाइन थोड़ा कम है, इसे आप 335₹ का कर दीजिए।

जज : क्यों ? और 335₹ का ही क्यों ?

फौजी : क्योंकि मुझे 100₹ कम लगता है और 336₹ ज्यादा ही नाइन्साफी जो जाएगी।

(वहाँ खड़ी भीड़ हँसती है)

जज: (काठ का हथौड़ा मेज पर मारते हुए) शांति, शांति बनाए रखिये।

फौजी : जनाब एक और सलाह है, ये हथौड़ा काठ की बजाए स्टील का होना चाहिए आवाज ज्यादा होगी। एक और बात, यहाँ इस कमरे में भीड़ बहुत ज्यादा है। आप एक आर्डर पास कर दीजिए कि कल से यहाँ ज्यादा से ज्यादा बस 127 लोग ही आयें।

जज : Have you lost your mind Mr. Kehar Singh ? आप यहाँ अदालत में जोक्स क्रैक कर रहे हैं। आप एक जज को सिखा रहे हैं कि अदालत कैसे चलानी है ? कानून क्या होना चाहिए ? फैसला क्या करना है ? आपको पता भी है हम किस परिस्थिति में काम करते हैं ? हमारे ऊपर कितना प्रेशर होता है ?

फौजी : जनाब! मैं एक फौजी हूँ। अभी कश्मीर में पोस्टेड हूँ। with all due respect sir आपको घण्टा नहीं पता कि प्रेशर क्या होता है। आपका प्रेशर ज्यादा से ज्यादा आपको एक दो घंटे ओवरटाइम करवा देगा। हमारा प्रेशर हमारी और सैकड़ों और लोगों की जान ले सकता है। जनाब, क्षमा कीजिये कि मैंने आपको सलाह दी। जिस काम के लिए आपको ट्रेनिंग दी जाती है, जिस काम में आप माहिर हैं उस काम में मैंने आपको सलाह दी। परन्तु आप भी तो यही करते हैं हमारे साथ ….. मसलन … बन्दूक को 90 डिग्री से नीचे कर के चलाओ, असली गन मत चलाओ, पेलेट गन चलाओ, बस घुटनों के नीचे निशाना लगाओ, प्लास्टिक की गोलियाँ इस्तेमाल करो, प्लास्टिक की गोली भी खोखली होनी चाहिए, उसका वजन xyz ग्राम से ज्यादा न हो। ये क्या बकचोदी है जज साब ? क्या आप यहाँ ac रूम में बैठ कर हमें सिखाओगे कि हमें अपना काम कैसे करना है? जिस काम के लिए हम trained हैं, जिन situations का हमको firsthand experience है आप हमें बताओगे कि उस situation में हमें कैसे react करना चाहिए ?

(तब से जज साहब छुट्टी पर है)

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Author:

Hello, Harshad Ashodiya I have 12,000 Hindi, Gujarati ebooks

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