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अपने घर की छोटी बच्चियो को ये बात जरूर समझाए


अपने घर की छोटी बच्चियो को ये बात जरूर समझाए #संस्कार घर के बाहर अकेली खेल रही वंशिका को देख कर पड़ौस में रहने वाले सत्या ने मुस्कुरा कर पूछा ” आज स्कूल नहीं गयी वंशी? वंशी ने भी चहकते हुए जवाब दिया “नहीं भैया, पता है आज बड़े बच्चे टूर पर गये हैं इसलिये मेरी छुट्टी हो गयी, अौर अब मैं पूरा दिन खेलूंगी “। ” अरे वाह फिर तो इस खुशी में एक चॉकलेट तो बनती है, है ना ” “तो फिर लाओ दो ना चॉकलेट, वो मेरी फेवरेट है !” वंशिका ने बाल सुलभ जिद करते हुए कहा। सत्या ने इधर उधर देखा और उसके करीब जाकर बोला “यहां नहीं मेरे साथ चलना पड़ेगा, वहां उस मकान के पास!” सत्या ने थोड़ी दूर दिख रहे टूटे से खन्डहर नुमा घर की ओर इशारा करते हुए कहा ” वहां बिल्लू की दुकान है, उसी पर “। चॉकलेट के नाम से छोटी सी वंशिका के मुंह में पानी आ रहा था और वह सत्या के पीछे चल पड़ी। अभी कुछ ही कदम बढ़ाये थे कि सहसा वह ठिठक रुक गयी और कुछ सोचने लगी। ” नहीं भैया मुझे आपके साथ कहीं नहीं जाना, मेरी मम्मा कहती हैं चॉकलेट के बहाने से अपने साथ ले जाने वाले रावण होते हैं, और मैंने टीवी पर भी देखा है कि रावण बहुत बुरा था, वो सीता मैया को किडनैप कर उठा कर ले गया था और “। बेटी के छोटे से मुख से बड़ी बातें सुन कर बालकनी में खड़ी मां के चेहरे पर संतुष्टि के भाव साफ झलक रहे थे कि हर तरफ घूम रहे इन्सानी भेड़ियों से बचने कि लिये वंशी को दिये जा रहे संस्कार सही आकार ले रहे है। 😊😊 . .

मनु कुमार

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Hello, Harshad Ashodiya I have 12,000 Hindi, Gujarati ebooks

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