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क़िस्साएजम्मूकश्मीर


#क़िस्साएजम्मूकश्मीर

मितरों और मितरानियों , हुआ ये कि 1957 में एक बार जम्मू-काश्मीर में सफाई कर्मियों ने हड़ताल कर दी । उन दिनों वहां CM की जगह PM मने प्रधानमंत्री होता था । तो PM थे बक्शी गुलाम मुहम्मद । किसी ज़माने में बक्शी साब National Conference के सबसे बड़े नेता शेख अब्दुल्लाह के चेले हुआ करते थे और उसके डिप्टी PM हुआ करते थे पर 1953 में इन्ने बगावत कर दी और खुद PM बन बैठे ।
सो 1957 में सफाई कर्मियों ने हड़ताल कर दी । शहरों में गंदगी के अंबार लग गए ।
ऐसे में PM बक्शी ने पंजाब के CM प्रताप सिंह कैरों से बात की ……. भाई मेरे , 250- 300 आदमी भेज दे , सफाई करने को ……… बक्शी कैरों का पक्का यार …….
कैरों ने कहा , साले …… तेरी हिम्मत कैसे हुई …….. अबे पंजाबी बंदा तुम साले काशमीरियों की गंदगी उठाएगा ? हरगिज़ नही ……..
उन्ने कही , भाई ऐसे नही उठवाऊंगा , बाकायदे पक्की नौकरी दूंगा …….. मुंसिपाल्टी में सफाई कर्मी की ……..
कैरों ने कहा , ऐसे कैसे दे देगा ? , मने ये J&K के Permanent Resident तो हैं नही ……. कैसे देगा नौकरी ।
गुलाम मुहम्मद बक्शी ने नया प्रावधान निकाला ……. मुंसिपाल्टी में सफाई कर्मी की नौकरी पाने के लिए PR होना ज़रूरी नही ………
1957 में 250 से ज़्यादा परिवार पंजाब से आ के जम्मू में बस गए । उन्हें सफाई कर्मी की job दे दी गयी । उन्हें वाल्मीकि बस्ती , गांधी नगर जम्मू में बसा दिया गया ।
अब यहां से शुरू हुआ उन 250 परिवारों पे अतियाचार ……..
आज 60 साल बाद उन परिवारों की जनसंख्या बढ़ के लगभग 25,000 हो चुकी है ।
पर भारतीय संविधान की धारा 35A के कारण ये 25,000 लोग सिर्फ और सिर्फ भंगी मेहतर की नौकरी करने के लिए अभिशप्त हैं ।
क्यों ??????
आपको याद होगा कि PR तो इनपे थी नही , सो सिर्फ मुंसिपाल्टी का मेहतर बनने के लिए इनको PR से छूट मिली थी ।
PR वो आज तक न हुए ।
अब इनके बच्चे न किसी सरकारी Professional college Univ में पढ़ सकते हैं , न कोई Scholarship ले सकते हैं , न कोई जमीन मकान दुकान खरीद सकते हैं और न कोई सरकारी नौकरी कर सकते हैं । आज इनके परिवार का कोई बच्चा पढ़ लिख के Dr , Engineer कुछ भी बन जाये , J&K में नौकरी उसको सिर्फ और सिर्फ मेहतर की ही मिलेगी । मेहतर में भी उसको आजीवन कोई promotion नही मिलेगा क्योंकि मेहतर के अलावा और कोई पद पाने का हक़ ही नही ।
इन 25000 वाल्मीकियों को विधान सभा और local bodies के चुनावों में मतदान तक का अधिकार नही । ये सिर्फ लोकसभा में vote कर सकते हैं ।

उन 25,000 वाल्मीकियों पे ये अतियाचार होता है हमारे संविधान की धारा 35A के कारण । धारा 35A के कारण ही जम्मू काश्मीर में धारा 370 का दुरुपयोग होता है ।
जबकि धारा 35A पूरी तरह असंवैधानिक है क्योंकि इसका कभी भारत की संसद ने पास ही नही किया । ये चोर दरवाजे से सिर्फ President Of India के order से ही लागू कर दी गयी जिसका उन्हें अधिकार ही नही ।

अब धारा 35A को रद्द करने की याचिका सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है ।

Vikash Khurana

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