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एनडीटीवी


📛लो हो गया फ्री स्पीच पर अब तक का सबसे बड़ा हमला।एनडीटीवी के खिलाफ सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर ली। हालांकि शिकायतकर्ता सरकार नही है। कोई सरकारी एजेंसी भी नही है। एनडीटीवी का ही एक शेयरहोल्डर है। एनडीटीवी ने आईसीआईसीआई बैंक से 350 करोड़ का लोन लिया था। उस वक़्त एनडीटीवी के पास महज 74 करोड़ की सम्पत्ति थी। मगर कांग्रेस राज में फ्री स्पीच के इस सबसे बड़े कथित मसीहा की धमक का आलम ये था कि 74 करोड़ की सम्पत्ति की कीमत पर 350 करोड़ का लोन हासिल कर लिया गया। वो भी तब जब एनडीटीवी के शेयर औंधे मुंह गिर चुके थे। उनका भाव 438 रुपया प्रति शेयर से गिरकर 156 रुपये प्रति शेयर पर आ चुका था। ऐसी कंपनी को इतना भारी भरकम लोन! फिर इस लोन का एक बड़ा हिस्सा प्रणव रॉय और राधिका रॉय के पर्सनल खातों में डाइवर्ट कर दिया गया। ये एक और बड़ा कारनामा किया इन फ्री स्पीच वालों ने। इस लोन के एवज में ब्याज की 48 करोड़ की रकम बनती थी। मामला इस बात का है कि एनडीटीवी इसे भी पी गया। इसी मामले में सीबीआई की बैंकिंग फ्रॉड डिवीज़न ने एनडीटीवी के मालिक प्रणव रॉय, उनकी पत्नी राधिका रॉय और होल्डिंग कंपनी आरआरपीआर प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।

हालांकि सीबीआई की बैंकिंग फ्रॉड डिवीज़न ने इसके पहले भी ब्याज की रकम हड़प कर जाने के न जाने कितने मामलों में एफआईआर दर्ज की है। मगर “फ्री स्पीच” पर कभी भी इस तरह का कोई हमला नही हुआ। यहां तक कि बैंकों के करोड़ों हड़प कर जाने वाले माल्या ने भी फ्री स्पीच पर हमले का आरोप नही लगाया। ट्विटर के प्लेटफार्म से ही सही, माल्या की फ्री स्पीच दनादन जारी है। दिक्कत ये है कि एनडीटीवी ने अपनी ईमानदारी का कथित सर्टिफिकेट खुद ही जारी किया हुआ है। और इसके चारों कोनों पर वामपंथ की गली हुई प्लास्टिक से बाइंडिंग भी कर दी है। इस सर्टिफिकेट के चारों ओर ‘सेकुलरिज्म’ के नंगे तार झूलते रहते हैं। छूने की सोचना भी मत। चेतावनी अलिखित है, मगर बिल्कुल स्पष्ट है। लालू यादव भी चारा घोटाले से लेकर हज़ार करोड़ की बेनामी सम्पत्ति के मामले में सेकुलरिज्म के ऐसे ही कवच का इस्तेमाल कर चुके हैं और करे जा रहे हैं।

इसी एनडीटीवी के रवीश पांडेय (सिगरेट के पैकेट पर लिखी चेतावनी वाले रूल के मुताबिक-रवीश कुमार) के सगे बड़े भाई एक दलित लड़की को प्रताड़ित करने और सेक्स रैकेट चलाने के मामले में महीनों से फरार चल रहे हैं। मगर इस फ्री स्पीच और अभिव्यक्ति की आज़ादी को तब काठ मार गया था जब इसी चैनल पर ब्रजेश पांडेय की खबर बिना ताबूत के ही दफन कर दी गई। देश के तमाम चैनलों और अखबारों में बिहार कांग्रेस के उपाध्यक्ष रहे ब्रजेश पांडेय (रवीश पांडेय के भाई) की खबरें प्रमुखता से चलीं और छपीं मगर अभिव्यक्ति की आज़ादी के इस सबसे बड़े कथित झंडाबरदार ने उस पीड़ित दलित लड़की की आवाज़ कुचल दी। भाई का मामला जो था। दिल्ली की किस मार्किट में बिकते हैं, इतने मजबूत मुखौटे? टेंडर भर निकल जाए तो ठेकेदारों में होड़ लग जाएगी! रवीश पांडेय को शायद पता होगा इस मार्केट का?

अब एनडीटीवी पर एक और मामला जांच में सामने आया है। विदेशों में 33 ‘पेपर कंपनियां’ बनाई। 1100 करोड़ रुपए उगाहे और फिर सारी कंपनियां dissolve कर दीं। पेपर कंपनियां यानि वे जो सिर्फ कागजों पर चलती हैं। ये 1100 करोड़ रुपए भी उन अज्ञात लोगों ने दिए जो ब्रिटिश वर्जिनिया आइलैंड और केमन आइलैंड जैसे टैक्स हैवेन देशों या यूं कह लें कि काली कमाई के अड्डों से तालुक रखते हैं। ये सारी जानकारी घरेलू एजेंसियों से छुपा ली गई। न इनकम टैक्स को खबर हुई और न ही कॉरपोरेट अफेयर्स मिनिस्ट्री को। हो गए चुपचाप करोड़ों पार।

सिलसिला है ये। एक दो नही कई-कई मामले। हिंदुस्तान टाइम्स में छपी रिपोर्ट पर यकीन करें तो एयरसेल मैक्सिस डील से लेकर एयरइंडिया की प्लेन खरीद तक। हर जगह एनडीटीवी। मलाईदार कमाई के हर रास्ते पर। मुहर दर मुहर।

मगर नही। मामला फ्री स्पीच का है। मामला कथित ईमानदार पत्रकारिता के इकलौते ठेकेदार का है। मामला सेक्युलर और वामपंथी सोच के झण्डाबरदार का है। सो सारे गुनाह माफ। सारी एजेंसियां “संघी”। खिलाफ आवाज़ उठाने वाले सारे लोग “कम्युनल”। देश का लोकतंत्र “खतरे” में। फ्री स्पीच “कोमा” में। उफ़, शाम के 7.30 हो गए। अब यहीं खत्म करता हूँ। कुछ ज़रूरी काम निपटा लूं। कुछ देर बाद “काली स्क्रीन” भी देखनी होगी

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हिंदू मुस्लिम भाई भाई की कुछ झलकियाँ


हिंदू मुस्लिम भाई भाई की कुछ झलकियाँ !!
1.बरेली में मुसलमान खुलेआम

कांवड़ियों पर हमला करे

(हिन्द मुस्लिम भाई भाई)।
2. कश्मीर में मुल्ले तिरंगा न

फहराने दे

(हिन्दू मुस्लिम भाई भाई)।
3.कश्मीर में हुआ हिन्दू पंडितो

का कत्ल और सफाया

(हिन्दू मुस्लिम भाई भाई)।
4.हैदराबाद में मंदिर में घंटी बजने

पर रोक और रामनवमी के जुलुस

पर रोक।

(हिन्दू मुस्लिम भाई भाई)।
5.असम 1984 के दंगे में मरे हजारो

हिन्दू और सिख पर गोधरा का

बदला गलत ।

(हिन्दू मुस्लिम भाई भाई)।
6.जाकिर नाइक, औबैसी और बुखारी

सरेआम भगवान राम को

गाली दे।

(हिन्दू मुस्लिम भाई भाई)
7.एम् ऍफ़ हुसैन देवी देवताओ के नग्न

चित्र बनाये।

(हिन्दू मुस्लिम भाई भाई)।
8.मुसलमान सरेआम केरल में लव जिहाद

चलाये।

(हिन्दू मुस्लिम भाई भाई)।
9.केरल में प्रतिदिन हो रहा खुलेआम

धर्मपरिवर्तन का खेल।

(हिन्दू मुस्लिम भाई भाई)
10.भारत में काटी जा रही प्रतिदिन

हजारो गौमाता।

(हिन्दू मुस्लिम भाई भाई)।
11.भारत में मुल्लो ने खोले इस साल

1500 नए कत्लखाने।

(हिँदू मुस्लिम भाई भाई)।
12. कुछ महीने पहले कोशिकला में 700

से ज्यादा हिन्दुओ को

मारा जिसमे ३०० औरते और बच्चे भी

शामिल।

(हिन्दू मुस्लिम भाई भाई)।
13.कोशिकला में सरेआम गाय काटकर

फेकी गयी ताकि हिन्दू

भड़के।

(हिन्दू मुस्लिम भाई भाई)।
14. भारत में तोड़े गए हजारो मंदिर

और वहाँ बनाई गयी मस्जिद

(हिन्दू मुस्लिम भाई भाई)।
15.प्रतापगढ़ में सरेआम हिन्दुओ को जलाया।

(हिन्दू मुस्लिम भाई भाई)।
16.मुल्ले जालीदार टोपी में घुमे

तो ठीक हम तिलक या भगवा

पहने तो हम सांप्रदायिक ।

(हिन्दू मुस्लिम भाई भाई)।
17.आमिर खान के कार्यक्रम में

हिन्दुओ पर जातिवाद दिखा

कर मज़ा लो लेकिन सिया और

सुन्नी के बारे में कुछ भी न कहो

(हिन्दू मुस्लिम भाई भाई)।
18.मूर्ति पूजा का विरोध करो और

मुर्तिया तोड़ो हिन्दुओ की।

(हिन्दू मुस्लिम भाई भाई)।
19.पकिस्तान और बंगलादेश में हिन्दुओ का हुआ सफाया।

(हिन्दू मुस्लिम भाई भाई)
20.असाम में हिन्दुओ को बेघर कर

मुल्ले कर रहे है राज़।

(हिन्दू मुस्लिम भाई भाई)
21.हिन्दुओ के बारे में सब कहो पर

आएशा और मोहम्मद की

कहानी इस्लाम में सही मत बताओ।

(हिन्दू मुस्लिम भाई भाई)।
22.अल्लाह को सब कुछ बताओ और सब

कुछ अल्लाह के आगे

बेकार।

(हिन्दू मुस्लिम भाई भाई)।
23.मुसलमान कभी शुभ दीपावली या

होली न कहे, फिर भी

उन्हें ईद मुबारक कहो।

(हिन्दू मुस्लिम भाई भाई)।
24.मुसलमान कभी न भगवा पहने न तिलक

लगाये पर तुम

जालीदार टोपी पहनो।

(हिन्दू मुस्लिम भाई भाई)।
25.कुरान के अनुसार हिन्दू काफिर

उन्हें मारो पर हम सेकुलर

शांति से समझाओ ।

(हिन्दू मुस्लिम भाई भाई)।
26.मोदी जी का विरोध करो क्योकि

वे

हिन्दुहित में है और बुखारी के

तलवे

चाटो जो खुद को पाक एजेंट बताता

है।

(हिन्दू मुस्लिम भाई भाई) ।
27.मुस्लिम अपने धर्म के प्रति

हमेशा कट्टर और हम कट्टर बने तो

गलत।

(हिन्दू मुस्लिम भाई भाई)।
28.अफजल, कसाब और बुखारी को सजा न

दो पर मोदी जी को

कोसो।

(हिन्दू मुस्लिम भाई भाई)
कब तक भाई भाई कहकर खुद का सम्मान

और धर्म की बर्बादी

करते रहोगे..

सभी सेक्युलर हिन्दुओ से एक

प्रश्न

क्या मुस्लिम एक हो सकते है तो

हम..

हिंदु एक क्यों नही हो सकते।

और हां अब भी समय है जाग जाओ

कहीं देर न हो जाए। सेकुलर बनने से काम नहीं होगा कट्टर हिन्दू बनो हाथ में शास्त्र और शस्त्र उठाओ।                             😢😢😢

_2035 का सीन …._🇨🇳
_मुसलमान 50%..हो गए है। आज केंद्र सरकार के चुनाव का रिजल्ट आया है BSP के साथ मिलकर MIM की सरकार बन गई है। असुद्दीन ओवैसी प्रधानमन्त्री बन गया है ।_

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_छहः महीने पहले पूर्व प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी राजनीती से सन्यास ले चुके हैं ।_

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_आज ओवेसी के नेतृत्व में मुस्लिम सरकार बनते ही हिन्दुस्तान को मुस्लिम रास्ट्र घोषित कर दिया गया है जो की उनका मुख्य चुनावी वादा था।_
_देश में जगह जगह मन्दिरो को तोड़ा जा रहा है देश भर में मस्जिदों का निर्माण जोरो शोरो से चल रहा है।_

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_इधर पाकिस्तान-चीन ने मिलकर भारत पर हमला कर दिया है सेना उधर बोर्डर पर मर रही है इधर देश में भयंकर गृह युद्ध चल रहा है।_
_कानून व्यवस्था पूरी मुस्लिमो के हाथ में है हिन्दू जगह जगह सड़क पर काटे जा रहे है !_

_(मरने वाले लोगो को याद आ रहा है कि 2015 में वो मोदी को इसलिए गालीयां दे रहे थे कि दाल महंगी है)_
_हिन्दू लड़कियो को सड़क पर नंगा करके 50 -50 लोग तब तक बलात्कार कर रहे है जब तक की वो सड़क पर ही नही मर जाए। सारी बैंके..बड़े बड़े शोरूम बाजार सब लुटे जा रहे है। सारे मकान बंगलो में से हिन्दुओ को निकाल कर फेंका जा रहा है।_
_झोपड़ पट्टी छाप कटवे बंगलो में घुस कर कब्जा कर रहे है और बड़े बड़े घर की हिन्दू लड़कियो को रखेल बनाया जा रहा है या बाजारों में बोली लगा कर बेचा जा रहा है।_

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_आज तक जिन हिन्दू “नेताओ” ने हिन्दुओ को सेक्युलर बनाए रखा था उनमे से कई ने इस्लाम अपना लिया और कई अपनी हजारो करोड़ की दौलत लेकर विदेशो में बस गए।_
_पर मिडिल क्लास और गरीब हिन्दू इन नरपिशाचों के बीच यहाँ खाया जा रहा है। उसकी बीवी , लडकिया रोड पर बलात्कार कर के मारी जा रही है या रखैल बनाई जा रही है और लड़को को गिलिमा बनाया जा रहा है।

.

_कैसा लगा??_

_आत्मा काँप गई  ना पढ़ कर ही ?

.

_ये सिर्फ कल्पना नही है ..
_ये सब चीजे 1990 में काश्मीर में हुई थी.. काश्मीर में बचे 3545 पंडितो को पुछ लिजिए कि 19/01/1990 को दिन 5,00,000 काश्मीरी पंडितो, उसकी बहन-बेटियो-घरो के साथ क्या क्या हुआ था ??

.
_मुर्ख मत बनो.. तुमको मोदी के रूप में एक हिन्दू  प्रधानमंत्री मिला  है.. उसको काम करने दो.. ऊँगली मत करो ।
भरा नही जो भावो से_

_बहती जिसमे रसधार नही_

_हिन्दू नही वो गद्दार है_

_जिसको मोदी स्वीकार नही !!
कुछ नामर्द हिन्दू इसे शेर भी नहीं करेंगे ।।।।।
🚩🚩🚩  _जय श्री राम ।।।

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राजदीप_सरदेसाई और उसकी पत्नी #सागरिका_घोष का काला सच


[07/06, 7:36 p.m.] ‪+91 78560 69769‬: #NDTV-की-सच्चाई

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एक पोस्ट .. मेमोरी से जो प्रणव रॉय और सागरिका की गंदी हकीकत बताती है
#राजदीप_सरदेसाई और उसकी पत्नी #सागरिका_घोष का काला सच ….”
टाइम्स ऑफ इंडिया के मालिक समीर जैन के ऊपर एक ताकतवर नौकरशाह प्रसार भारती के महानिदेशक ‘भास्कर घोष’ का बार बार दबाव आता था की मेरी बेटी सागरिका घोष और मेरे दामाद राजदीप सरदेसाई को टाइम्स ऑफ़ इंडिया का सम्पादक बनाओ ..बदले में सरकारी फायदा लो .. टाइम्स ऑफ इंडिया के मालिक समीर जैन ने मजबूरी में अपने सम्पादक को बुलाया और कहा- ‘‘पडगांवकर जी, अब आपकी छुट्टी की जाती है …. क्योकि मुझे भी अपना बिजनस चलाना है .. एक नौकरशाह की बेटी और उसके बेरोजगार पति जिससे उसने प्रेम विवाह किया है उसे नौकरी देनी है वरना सरकारी विज्ञापन मिलने बंद हो जायेंगे ….
भास्कर घोष का एक और सगा रिश्तेदार था प्रणव रॉय. … ये प्रणव रॉय अपने अंकल भास्कर घोष की मेहरबानी से दूरदर्शन पर हर रविवार “इंडिया दिस वीक” नामक कार्यक्रम करते थे …. उसकी पत्नी घोर वामपंथी नेता वृंदा करात की सगी बहन थी … उस समय दूरदर्शन के लिए खूब सारे नये नये उपकरण और साजोसमान खरीदे जा रहे थे ..उस समय विपक्ष के नाम पर सिर्फ वामपथी पार्टी ही थी बीजेपी के सिर्फ दो सांसद थे .. प्रणव रॉय ने अपने अंकल भाष्कर घोष के कहने पर न्यू देहली टेलीविजन कम्पनी लिमिटेड [एनडीटीवी] नामक कम्पनी बनाई और दूरदर्शन के लिए खरीदे जा रहे तमाम उपकरण धीरे धीरे एनडीटीवी के दफ्तर में लगने लगे … और एक दिन अचानक एनडीटीवी नामक चैनेल बन गया …
बाद में भास्कर घोष पर भ्रष्टाचार के तमाम आरोप लगे जिससे उन्हें पद छोड़ना पड़ा लेकिन जाते जाते उन्होंने अपनी बेटी सागरिका और उसके बेरोजगार प्रेमी से पति बने राजदीप सरदेसाई की जिन्दगी बना दी थी … फिर कुछ दिन दोनों मियां बीबी एनडीटीवी में रहे .. बाद में राघव बहल नामक एक कारोबारी ने “चैनेल-7” जो बाद में ‘आईबीएन-7’ बना उसे लांच किया और ये दोनों मियां बीबी आईबीएन-7 में आ गये … इन दोनों बंटी और बबली की जोड़ी ने अपने पारिवारिक रसूख का खूब फायदा उठाया …आईबीएन में सागरिका घोष की मर्जी के बिना पत्ता भी नही हिलता था क्योकि सागरिका घोष की सगी आंटी अरुंधती घोष हैं -अरुंधती घोष संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थाई प्रतिनिधि थी -CNN-IBN का “ग्लोबल बिजनेस नेटवर्क” (GBN) से व्यावसायिक समझौता है। -GBN टर्नर इंटरनेशनल और नेटवर्क-18 की एक कम्पनी है। भारत में सीएनएन के पीछे अरुंधती घोष की ही लाबिंग थी जिसका फायदा राजदीप और सागरिका ने खूब उठाया | सागरिका घोष की बड़ी आंटी रुमा पाल थी जिनके रसूख का फायदा भी इन दोनों बंटी और बबली की जोड़ी ने कांग्रेसी नेताओ के बीच पैठ जमाकर उठाया … रुमा पाल भले ही सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ जज थी लेकिन उनके फैसले के पीछे सागरिका घोष और राजदीप की दलाली होती थी …
बाद में वक्त का पहिया घुमा … देश में मोदीवाद उभरा .. आईबीएन को मुकेश अंबानी ने खरीद लिया .. और इन दोनों दलालों बंटी राजदीप और बबली सागरिका को लात मारकर भगा दिया … कुछ दिनों तक दोनों गायब रहे फिर बाद में अरुण पूरी के चैनेल आजतक पर नजर आने लगे.

[07/06, 7:39 p.m.] ‪+91 82996 75174‬: 26/11 के #मुंबई हमले के रिपोर्टिंग के दौरान का वाक्या है……. #एनडीटीवी पर #बिनोद_दुआ नाम का महाप्रतापी एंकर हुआ करता था, जिसे ज्यादातर भारतवासी ‘#जायका_इंडिया_का’ से जानते थे,  जिसने ब्रिटेन से अपने कार्यक्रम जायका इंडिया में गौ मांस के कई व्यंजन दिखाया था और खुद गौ मांस खाया था और कहा था आखिर भारतीय गौ मांस क्यों नहीं खाते गौ मांस बेहद लजीज होता है उस मुम्बई हमले की रिपोर्टिंग के दौरान स्टूडियो में ज्यादातर समय वही था । इसी दौरान नरीमन हाउस पर कब्जे के बाद जब #एनएसजी के कमांडो बाहर खुशियाँ मना रहे थे तो उनमें में से कई कमांडों….. #हर_हर_महादेव ..हर हर महादेव का उदघोष कर रहे थे, धीरे धीरे नारे लगाने में आमलोग भी शामिल हो गए । #आतंकवादियों को खत्म करने की खुसी में लग रहे हर हर महादेव की गगनभेदी आवाज हर टीवी देखने वाले को रोमांचित कर रही थी…… लेकिन एनडीटीवी पर एंकरिंग कर रहे विनोद दुआ का कहना था …..कि ……’क्या ऐसे मौके पर धार्मिक नारे लगाना उचित है और क्या इससे दूसरे समुदाय की भावना को ठेस नही पहुँचेगी’ ???
तब से एक वो दिन था और एक आज का दिन है…… #NDTV के प्रति जो घिन उत्पन्न हुई थी वो आज भी कायम है ।
हर हर महादेव 🙏

Posted in भारतीय शिक्षा पद्धति, संस्कृत साहित्य

कौन सी धातु के बर्तन में भोजन करने से क्या क्या लाभ और हानि होती है.


*कौन सी धातु के बर्तन में भोजन करने से क्या क्या लाभ और हानि होती है…….🙏🏼*
*सोना*
सोना एक गर्म धातु है। सोने से बने पात्र में भोजन बनाने और करने से शरीर के आन्तरिक और बाहरी दोनों हिस्से कठोर, बलवान, ताकतवर और मजबूत बनते है और साथ साथ सोना आँखों की रौशनी बढ़ता है।
*चाँदी*
चाँदी एक ठंडी धातु है, जो शरीर को आंतरिक ठंडक पहुंचाती है। शरीर को शांत रखती है  इसके पात्र में भोजन बनाने और करने से दिमाग तेज होता है, आँखों स्वस्थ रहती है, आँखों की रौशनी बढती है और इसके अलावा पित्तदोष, कफ और वायुदोष को नियंत्रित रहता है।
*कांसा*
काँसे के बर्तन में खाना खाने से बुद्धि तेज होती है, रक्त में  शुद्धता आती है, रक्तपित शांत रहता है और भूख बढ़ाती है। लेकिन काँसे के बर्तन में खट्टी चीजे नहीं परोसनी चाहिए खट्टी चीजे इस धातु से क्रिया करके विषैली हो जाती है जो नुकसान देती है। कांसे के बर्तन में खाना बनाने से केवल ३ प्रतिशत ही पोषक तत्व नष्ट होते हैं।
*तांबा*
तांबे के बर्तन में रखा पानी पीने से व्यक्ति रोग मुक्त बनता है, रक्त शुद्ध होता है, स्मरण-शक्ति अच्छी होती है, लीवर संबंधी समस्या दूर होती है, तांबे का पानी शरीर के विषैले तत्वों को खत्म कर देता है इसलिए इस पात्र में रखा पानी स्वास्थ्य के लिए उत्तम होता है. तांबे के बर्तन में दूध नहीं पीना चाहिए इससे शरीर को नुकसान होता है।
*पीतल*
पीतल के बर्तन में भोजन पकाने और करने से कृमि रोग, कफ और वायुदोष की बीमारी नहीं होती। पीतल के बर्तन में खाना बनाने से केवल ७ प्रतिशत पोषक तत्व नष्ट होते हैं।
*लोहा*
लोहे के बर्तन में बने भोजन खाने से  शरीर  की  शक्ति बढती है, लोह्तत्व शरीर में जरूरी पोषक तत्वों को बढ़ता है। लोहा कई रोग को खत्म करता है, पांडू रोग मिटाता है, शरीर में सूजन और  पीलापन नहीं आने देता, कामला रोग को खत्म करता है, और पीलिया रोग को दूर रखता है. लेकिन लोहे के बर्तन में खाना नहीं खाना चाहिए क्योंकि इसमें खाना खाने से बुद्धि कम होती है और दिमाग का नाश होता है। लोहे के पात्र में दूध पीना अच्छा होता है।
*स्टील*
स्टील के बर्तन नुक्सान दायक नहीं होते क्योंकि ये ना ही गर्म से क्रिया करते है और ना ही अम्ल से. इसलिए नुक्सान नहीं होता है. इसमें खाना बनाने और खाने से शरीर को कोई फायदा नहीं पहुँचता तो नुक्सान भी  नहीं पहुँचता।
*एलुमिनियम*
एल्युमिनिय बोक्साईट का बना होता है। इसमें बने खाने से शरीर को सिर्फ नुक्सान होता है। यह आयरन और कैल्शियम को सोखता है इसलिए इससे बने पात्र का उपयोग नहीं करना चाहिए। इससे हड्डियां कमजोर होती है. मानसिक बीमारियाँ होती है, लीवर और नर्वस सिस्टम को क्षति पहुंचती है। उसके साथ साथ किडनी फेल होना, टी बी, अस्थमा, दमा, बात रोग, शुगर जैसी गंभीर बीमारियाँ होती है। एलुमिनियम के प्रेशर कूकर से खाना बनाने से 87 प्रतिशत पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं।
*मिट्टी*
मिट्टी के बर्तनों में खाना पकाने से ऐसे पोषक तत्व मिलते हैं, जो हर बीमारी को शरीर से दूर रखते थे। इस बात को अब आधुनिक विज्ञान भी साबित कर चुका है कि मिट्टी के बर्तनों में खाना बनाने से शरीर के कई तरह के रोग ठीक होते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, अगर भोजन को पौष्टिक और स्वादिष्ट बनाना है तो उसे धीरे-धीरे ही पकना चाहिए। भले ही मिट्टी के बर्तनों में खाना बनने में वक़्त थोड़ा ज्यादा लगता है, लेकिन इससे सेहत को पूरा लाभ मिलता है। दूध और दूध से बने उत्पादों के लिए सबसे उपयुक्त हैमिट्टी के बर्तन। मिट्टी के बर्तन में खाना बनाने से पूरे १०० प्रतिशत पोषक तत्व मिलते हैं। और यदि मिट्टी के बर्तन में खाना खाया जाए तो उसका अलग से स्वाद भी आता है।
पानी पीने के पात्र के विषय में ‘भावप्रकाश ग्रंथ’ में लिखा है….
*जलपात्रं तु ताम्रस्य तदभावे मृदो हितम्।*

*पवित्रं शीतलं पात्रं रचितं स्फटिकेन यत्।*

*काचेन रचितं तद्वत् वैङूर्यसम्भवम्।*

(भावप्रकाश, पूर्वखंडः4)
अर्थात् पानी पीने के लिए ताँबा, स्फटिक अथवा काँच-पात्र का उपयोग करना चाहिए। सम्भव हो तो वैङूर्यरत्नजड़ित पात्र का उपयोग करें। इनके अभाव में मिट्टी के जलपात्र पवित्र व शीतल होते हैं। टूटे-फूटे बर्तन से अथवा अंजलि से पानी नहीं पीना चाहिए।
*जय श्री राधे….🌸💐👏🏼*

*जय श्री कृष्ण….🌸💐👏🏼*

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लोकतन्त्र पर काला धब्बा


25 जून/इतिहास-स्मृति

*लोकतन्त्र पर काला धब्बा*

संविधान के निर्माताओं की इच्छा थी कि भारत एक लोकतान्त्रिक देश रहे; पर 25 जून, 1975 को प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, उनके पुत्र संजय गांधी और उनकी धूर्त मंडली ने लोकतन्त्र के मुख पर कीचड़ पोत दी।

1971 में लोकसभा चुनाव और फिर पाकिस्तान से युद्ध में सफलता से इंदिरा गांधी का दिमाग सातवें आसमान पर चढ़ा था। वे उ.प्र. में रायबरेली से सांसद बनीं थी; पर उनके निर्वाचन क्षेत्र में हुई धांधली के विरुद्ध उनके प्रतिद्वन्द्वी राजनारायण ने प्रयाग उच्च न्यायालय में मुकदमा दायर कर दिया था। न्यायमूर्ति जगमोहन लाल सिन्हा ने साहसी निर्णय देते हुए इंदिरा गांधी के निर्वाचन को निरस्त कर उन पर छह साल तक चुनाव लड़ने पर प्रतिबन्ध लगा दिया।

इंदिरा गांधी सर्वोच्च न्यायालय में चली गयीं। वहां से उन्हें इस शर्त पर स्थगन मिला कि वे संसद में तो जा सकती हैं; पर बहस और मतदान में भाग नहीं ले सकतीं। माता-पिता की अकेली संतान होने के कारण वे बचपन से ही जिद्दी थीं। उन्होंने त्यागपत्र देने की बजाय आंतरिक उपद्रव से निबटने के नाम पर आपातकाल लगा दिया। राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद तो उनके चमचे थे ही। उन्होंने 25 जून, 1975 की रात में कागजों पर हस्ताक्षर कर दिये।

वस्तुतः इसके लिए मंत्रिमंडल की सहमति आवश्यक थी; पर इंदिरा, संजय और उनके चमचों ने कुछ नहीं देखा। अगले दिन प्रातः मंत्रियों से हस्ताक्षर की औपचारिकता भी पूरी करा ली गयी। आपातकाल लगते ही नागरिकों के मूल अधिकार स्थगित हो गये। विपक्षी नेताओं को जेल में ठूंस दिया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया। समाचार पत्रों पर सेंसरशिप लागू कर दी गयी। सारे देश में आतंक छा गया।

इसके बाद इंदिरा गांधी ने संविधान में ऐसे अनेक संशोधन कराये, जिससे प्रधानमंत्री पर कोई मुकदमा नहीं चलाया जा सकता था। 39 वां संशोधन सात अगस्त, 1975 को संसद में केवल दो घंटे में ही पारित कर दिया गया। विपक्षी नेता जेल में थे और सत्ता पक्ष वाले आतंकित। ऐसे में विरोध कौन करता ? आठ अगस्त को यह राज्यसभा में भी पारित हो गया। नौ अगस्त, (शनिवार) को अवकाश के बावजूद सभी राज्यों की विधानसभाओं के विशेष सत्र बुलाकर वहां भी इसे पारित करा दिया गया। दस अगस्त ( रविवार) को राष्ट्रपति ने भी सहमति दे दी और इस प्रकार यह कानून बन गया।

इस तेजी का कारण यह था कि 11 अगस्त को सर्वोच्च न्यायालय में इस मामले की सुनवाई होनी थी। नये कानून से इंदिरा गांधी न्यायालय से भी ऊंची हो गयीं और सुनवाई नहीं हो सकी। पूरा देश कांग्रेसी गुंडो की तानाशाही की गिरफ्त में आ गया; पर समय सदा एक सा नहीं रहता। धीरे-धीरे लोग आतंक से उबरने लगे। संघ द्वारा भूमिगत रूप से किये जा रहे प्रयास रंग लाने लगे। लोगों का आक्रोश फूटने लगा। आपातकाल और प्रतिबन्ध के विरुद्ध हुए सत्याग्रह में एक लाख से अधिक स्वयंसेवकों ने गिरफ्तारी दी। लोकतन्त्र की इस हत्या के विरुद्ध विदेशों में भी लोग इंदिरा गांधी से प्रश्न पूछने लगे।

इससे इंदिरा गांधी पर दबाव पड़ा। उसके गुप्तचरों ने सूचना दी कि देश में सर्वत्र शांति हैं और चुनाव में आपकी जीत सुनिश्चित है। इस भ्रम में इंदिरा गांधी ने चुनाव घोषित कर दिये; पर यह दांव उल्टा पड़ा। चुनाव में उसकी पराजय हुई और दिल्ली में जनता पार्टी की सरकार बन गयी। मां और पुत्र दोनों चुनाव हार गये। इस शासन ने वे सब असंवैधानिक संशोधन निरस्त कर दिये, जिन्होंने प्रधानमंत्री को न्यायालय से भी बड़ा बना दिया था। इस प्रकार इंदिरा गांधी की तानाशाही समाप्त होकर देश में लोकतन्त्र की पुनर्स्थापना हुई…✍🚩

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Israel


How #Israel & #India helped each other during big wars;  #Israel has always been our secret friend 🙏
1. Text books in Israel praise Indian soldiers who freed #Haifa city from #MuslimTurks. Most of us in India don’t know this (1918)
2. Nehru, the dumb rose guy, voted against the formation of Israel, but begged for help from Israel in #IndiaChinaWar (1962). Israel helped us.
3. Israel provided military assistance to India in #IndoPakistan War (1965)
4. India helped Israel during 6-day war in (1967) with spare parts for Mystere and Ouragan aircraft as well as  AX-13 tanks
5. Israel provided military assistance as well as Intelligence support to India in #IndoPakistan War (1971)
6. After destroying Iraqi nuclear reactor in 1981, Israel wanted to bomb #Pakistan nuclear facilities at #Kahuta in 1980s. But, #IndiraGandhi refused.
7. Israel did not condemn India’s #PokhranII nuclear test. US & other countries raised sanctions against us. But Israel stood by us.
8. #KargilWar, Israel quickly provided India with necessary laser-guided missiles for fighter jets. Due to efforts & help from Israel intelligence on Pakistan positions in the mountain ranges, #IndianArmy recaptured #TigerHill
9. #MOSSAD helped #RAW to setup Networks in the world. Both work together. MOSSAD also shared information & acted as advisors to India during 26/11 #MumbaiTerrorattack by #PakistanTerrorists
10. Israel provided its best intelligence #Mossad to protect PM #Modi during #G20 Summit in #Turkey
11. Israel helped India in every war, even when both countries didn’t have diplomatic relations in 1962, 1965, 1971

Posted in संस्कृत साहित्य

हाथ की पांच उंगलिया


हाथ की पांच उंगलिया

हमारे हाथ की पांचो उंगलिया शरीर के अलग अलग अंगों से जुडी होती है | इसका मतलब आप को दर्द नाशक दवाइयां खाने की बजाए इस आसान और प्रभावशाली  तरीके का इस्तेमाल करना करना चाहिए | आज इस लेख के माध्यम  से हम आपको बतायेगे के शरीर के किसी हिस्से का दर्द सिर्फ हाथ की उंगली को रगड़ने से कैसे दूर होता है |

हमारे हाथ की अलग अलग उंगलिया अलग अलग बिमारिओ और भावनाओं से जुडी होती है | शायद आप को पता न हो, हमारे हाथ की उंगलिया चिंता, डर और चिड़चिड़ापन दूर करने की क्षमता रखती है | उंगलियों पर धीरे से दबाव डालने से शरीर के कई अंगो पर प्रभाव पड़ेगा |

1. अंगूठा
– The Thumb
हाथ का अंगूठा हमारे फेफड़ो से जुड़ा होता है | अगर आप की दिल की धड़कन तेज है तो हलके हाथो से अंगूठे पर मसाज करे और हल्का सा खिचे | इससे आप को आराम मिलेगा |

2. तर्जनी
– The Index Finger
ये उंगली आंतों  gastro intestinal tract से जुडी होती है | अगर आप के पेट में दर्द है तो इस उंगली को हल्का सा रगड़े , दर्द गयब हो जायेगा।

3. बीच की उंगली
– The Middle Finger
ये उंगली परिसंचरण तंत्र तथा circulation system से जुडी होती है | अगर आप को चक्कर या  आपका जी घबरा रहा है तो इस उंगली पर मालिश करने से तुरंत रहत मिलेगी |

4. तीसरी उंगली
– The Ring Finger
ये उंगली आपकी मनोदशा से जुडी होती है | अगर किसी कर्ण आपका मनोदशा अच्छा नहीं है या शांति चाहते हो तो इस उंगली को हल्का सा मसाज करे और खिचे, आपको जल्द ही इस के अच्छे नतीजे प्राप्त हो जयेगे, आप का मूड खिल उठे गा।

5. छोटी उंगली
– The Little Finger
छोटी उंगली का किडनी और सिर के साथ सम्बन्ध होता है | अगर आप को सिर में दर्द है तो इस उंगली को हल्का सा दबाये और मसाज करे, आप का सिर दर्द गायब हो जायेगा | इसे मसाज करने से किडनी भी तंदरुस्त रहती  है |

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જાણવા જેવું: આયુનો નાશ કરનાર દુર્ગુણ — વિચારોનું વૃંદાવન


अतिवादोऽतिमानश्च तथात्यागो नराधिपः क्रोधश्चातिविवित्सा च मित्रद्रोहश्च तानि षट् ।। ९ ।। — મહાભારત , ઉદ્યોગ પર્વ , ૩૭ મો અધ્યાય ( વિદુર નીતિ ) અર્થાત: અતિ અભિમાન હોવું , અતિ વાચાળ હોવું, ત્યાગનો અભાવ રહેવો, ક્રોધ , મિત્રદ્રોહ અને માત્ર પોતાના ભરણપોષણની ચિન્તા રહેવી , આ છ દુર્ગુણ મનુષ્યના આયુનો નાશ કરે છે.

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