Posted in काश्मीर - Kashmir

#कैलाश_मानसरोवर_यात्रा 
चाइना ने कैलाश मानसरोवर यात्रा रोक दी बहुत ज़ोर शोर के साथ TV पे दिखाया गया वामीयो और काँगियो ने इसे मोदी की विफलता साबित करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी ।
चाइना मानसरोवर यात्रा रोक सकता है क्यूँ ना रोके आख़िरकार कैलाश मानसरोवर अब चाइना का हिस्सा है लेकिन वह १९६२ से पहिले भारत में था ।
यह वामपंथियों ने नहीं बताया …… नेहरु प्रधानमंत्री थे और उनका एक लटकन माने चाटुकार रक्षामंत्री नाम था वी के कृष्ण मेनन निहायद मूर्ख और गँवार ….. उसकी योग्यता बस इतनी थी की वह नेहरु का चाटुकार था।
उसने कभी देश की सेना का बल बढ़ाने के बारे में नहीं सोचा बल्कि उनका कहना था की हमारा कोई दुश्मन है नहीं चाइना दोस्त है हिंदी चीनी भाई भाई टाइप वाला और पाकिस्तान से दुश्मनी १९४८ के बाद ख़त्म हो गयी है तो महानुभाव ने संसद में प्रस्ताव रखा की सेना हटा ली जाय और कम कर दी जाय ऑर्डिनेन्स फ़ैक्टरी भी चलाने की ज़रूरत नहीं है । यह सब उनकी राय थी जिससे आप उनकी मूर्खता का अंदाज़ा स्वयं भी लगा सकते हैं !……
फिर क्या चाइना ने आक्रमण कर दिया रक्षामंत्री विदेश घूमने में इतने मगन की की एक हफ़्ते तक सेना भी नहीं भेजी । और जब भेजी तब तक चाइना २६०००० वर्ग किलॉमेटर क़ब्ज़ा कर चुका था जिसमें कैलाश मानसरोवर का भी नाम है हालाँकि सेना अपनी सामर्थ्य भर लड़ी लेकिन हम युद्ध हर गए और समझौते में नेहरु ने वह ज़मीन चाइना के हवाले कर दिया । 
जब संसद में महावीर त्यागी जी ने सवाल उठाया की यह भूमि हमको कब वापस मिलेगी तो नेहरु  जवाब था बंजर ज़मीन है कुछ नहीं उगता जाने दो ! यह कांग्रेसियत है और ऐसे थे हमारे देश के महान प्रथम प्रधानमंत्री जिनको हम चाचा नेहरु बोलते है !

लेकिन मैं तो संघी हूँ तो यह सब झूठ है कहो मैं झूठ बोलियाँ ……

कश्मीर पर कल. 

राणा प्रवीन जी की पोस्ट. 

कापी पेस्ट.

Author:

Buy, sell, exchange old books

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s