Posted in Rajniti Bharat ki

सत्तर अस्सी के दशक में राजनीति के गलियारे में दबी जुबान से ”जग्गू-जगुआर” की चर्चा हुआ करती थी ! तब मुझे राजनीति की कोई समझ नहीं थी और न ही कोई ख़ास लगाव हुआ करता था ! 
दरअसल ”जग्गू-जगुआर” का मतलब जग्गू यानी जगजीवन राम (तत्कालीन रक्षामंत्री) और जगुआर लड़ाकू विमान ! इस विमान की खरीद में कथित रूप से बब्बू जी को घूस मिलने की बात राजनैतिक गलियारे में चर्चा का विषय हुआ करती थी ! एक बार तो जगजीवन राम ने सेना अध्यक्ष ”मानिक शा” पर भी अभद्र भाषा का प्रयोग किया था ! 
मेरे पिता जी को राजनीति में बहुत लगाव था उस समय पर ”दिनमान और रविवार” नाम की पाक्षिक पत्रिकाएं आती थी जिन्हे पिता जी बहुत पढ़ते थे ! (आपको बता दूँ की पूर्व उपराष्ट्रपति स्वर्गीय श्री भैरोंसिंह शेखावत जी भी ये पत्रिकाएं पढ़ते थे) कभी कभी मैं भी चित्र देखने के बहाने कुछ पढ़ लिया करता था ! सायद 1975 की बात है तब मैं 10 साल का था, गर्मियों की छुट्टी में पिता जी शहडोल (MP) से गाँव आये हुए थे ! उनकी चारपाई में तकिये के नीचे दिनमान या रविवार या कोई अन्य पत्रिका रखी थी, मैंने उसे उठाकर पन्ने पलटने लगा इतने में पिता जी आ गए और पत्रिका हाथ से छुड़ा लिया ! जबकि इसके पहले कभी भी ऐसा नहीं किया ! उलटा बोलते थे ”चित्र देख लिए हो तो लाओ मुझे दे दो” ! 
मेरे बालमन में बार बार उस पत्रिका के चित्र देखने की लालच नहीं गया और एक दिन चुपचाप मैंने देख लिए ! उसमे कई फोटो छपे थे पर अब कुछ याद नहीं ! पर आज एक मित्र की पोस्ट में मीराकुमार (राष्ट्रपति की उम्मीदवार) के भाई सुरेश कुमार के किसी महिला के साथ आपत्तिजनक स्थित में एक फोटो देखा तो मुझे 42 साल पुरानी ओ धुंधली याद आ गई जिसमे पत्रिका के एक पेज को पिता जी ने मोड़ कर छिपा दिया था !
इस फोटो की आधी अधूरी सच्चाई जो ज्ञात है (गुगलियाये नहीं कुछ नहीं मिलेगा) ओ ये है की ! बाबू जगजीवन राम जी का बेटा ”सुरेश कुमार” एक बिगड़ी हुई अय्याश किस्म की औलाद था जिसने  देश की रक्षा संबधी महत्वपूर्ण जानकारियों को चीन तथा पाकिस्तान को बेच दिया था ! तब 1970 से 1974 तक जगजीवन राम देश के रक्षामंत्री के रूप में काम किया करते थे विदेशी गुप्त चार एजेंसिया गुप्त सूचनाएं हासिल करने के लिए सुरेश कुमार को शराब तथा अय्याशी का पूरा इंतजाम किया करते थे ! इसी सिलसिले में उसने सुषमा नाम की विदेशी एजेंट से शारीरिक संबंध भी बनाए विदेशी गुप्तचर एजेंसियों ने ब्लैकमेल करने के लिए उसकी अश्लील फोटो भी खीच रखी थी जिसके वजह से वह हर महत्वपूर्ण सूचना भारत विरोधी गुप्तचर संस्थाओं को दे देता था ! इन अश्लील चित्रों के लीक होने से जगजीवन राम को काफी अपमानित होना पडा था , तथा राजनैतिक कैरियर में नुकसान भी उठाना पडा था ! 
सनद रहे जिस दिन पेपर में यह चित्र छपा था उस पेपर की सारी प्रतिया रातो रात खरीद ली गई थी और कुछ माह बाद वह पेपर बंद हो गया था (अखबार का नाम याद नहीं आ रहा) ! इसी तरह से ओ पत्रिका भी कुछ साल बाद बंद हो गई !
अब ये कहेंगे की गड़े मुर्दे उखाड़ने से क्या मिलेगा ? तो भैया जी मामला देश के सर्वोच्च पद का है ! कांगियों की नीति और नियत तो बताना हम राष्ट्रवदियों का पुनीत धर्म है !
नोट—: सभी अश्लील फोटो पोस्ट नहीं कर रहा हूँ !

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Hello, Harshad Ashodiya I have 12,000 Hindi, Gujarati ebooks

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