Posted in भारत का गुप्त - Bharat Ka rahasyamay Itihaas

इस्लामिक विद्वान

विष्णु अरोड़ा
एक टीवी  चैनेल पर एक इस्लामिक विद्वान को ये कहते सुना की मुस्लिमो के कोई राजा राम मोहन राय कब आएगा जो हमे हलाला जैसी कुरीतियों से मुक्ति दिलाये ??
जनाब .. मुस्लिम समाज कोई भी सुधार नही चाहता .. ये अपनी चौहद सौ साल पहले की बनाई हुई दुनिया में ही जीना पसंद करते है .. उस दुनिया में हिंसा मारकाट बलात्कार ही था … 
सच्चाई ये है की जहाँ सभी धर्मो के लोग आगे बढ़ते जा रहे है वही मुस्लिम और पीछे जाना पसंद करते है .. 
कभी ईरान बेहद आधुनिक देश था .. 1974 तक ईरान में न बुरखा था न हिजाब था .. तेहरान, इस्फहान, शिराज हमेशा पर्यटको से गुलजार रहते थे .. उस समय इरान पर शाह रजा पहलवी का शासन था .. तेहरान युनिवर्सिटी विश्व की आधुनिक युनिवर्सिटी में गिनी जाती थी .. तेहरान की सडको पर लडकियाँ शोर्ट में घुमती थी .. ईरान और अमेरिका में बेहद दोस्ती थी .. शाह रजा पहलवी कभी फ्लोरिडा के महल में तो कभी तेहरान में रहते थे .. ईरान बेहद शन्ति वाला देश था … और बेहद तेजी से तरक्की करता था .. 
फिर यूपी के बाराबंकी का मूल निवासी अयातुलाह खुमैनी छात्रों को भडकाना शुरू किया ,, वो छात्रों से कहता था कि ऐसी जिन्दगी से अल्लाह तुमसे नाराज होंगे और तुम्हे दोखज मिलेगा … वो छात्रों को समझाने लगा की ये इस्लाम नही है .. असली इस्लाम तो दूसरा है .. फिर उसे पकडकर मौत की सजा दी गयी .. वो गिडगिडाने लगा और शाह के सामने देश छोडकर जाने की शर्त पर माफ़ी मांगी .. फिर वो पेरिस में शरण ले लिया .. लेकिन पेरिस से अपने कट्टरपंथी और भडकाऊ भाषण कैसेट में रिकार्ड करके तेहरान भेजा करता था .. फिर एक दिन छात्रों के सहयोग में ईरान में बगावत करवाकर खुद सत्ता हथिया लिया .. शाह रजा पहलवी को इरान छोडकर अमेरिका भागना पड़ा …
सत्ता मिलते ही अयातुलाह खुमैनी ने ईरान को इस्लामिक राष्ट्र घोषित कर दिया जबकि शाह के राज में ईरान धर्मनिरपेक्ष देश था .. और ईरान के कट्टरपंथी शरिया लागू कर दिया … आज ईरान की क्या हालत है ये आप सब जानते ही है .. 
ठीक ऐसे ही अफगानिस्तान में हुआ .. अफगानिस्तान बेहद शांत खुबसूरत देश हुआ करता था … तमाम बालीवुड की फिल्मो की शूटिंग अफगानिस्तान में होती थी … अफगानिस्तान में हर धर्मो के मानने वाले लोग रहते थे .. नजीबुल्लाह बेहद तरक्कीपसंद शासक थे .. कही कोई इस्लामिक कानून शरिया नही लागु था .. कंधार, काबुल, हेरात बेहद खुबसुरत शहर थे जहाँ हमेशा टूरिस्ट घूमते रहते थे … लडकियाँ बिना बुर्का बिना हिजाब के घुमती थी .. 
और आज अफगानिस्तान का क्या हाल है ?? और इस हाल में अफगानिस्तान को मुस्लिम ही लेकर आये ..
ठीक यही हाल लेबनान का हुआ .. लेबनान धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र था .. और बेहद तरक्कीपसंद देश था .. कही कोई शरिया या बुरखा हिजाब नही था .. बेरुत एक जमाने में विश्व का सबसे बड़ा गोल्ड ट्रेडर शहर था .. तमाम बालीवुड फिल्मो की शूटिग बेरुत में हुई है .. उसमे धर्मेन्द्र माला सिन्हा की आँखे प्रमुख है ..
फिर कुछ कट्टरपंथी मुस्लिम गुट ने लेबनान को इस्लामिक देश बनाने के लिए हिंसा फैला दी .. और आज पूरा लेबनान खंडहर बन गया .. तमाम लेबनानी आस्ट्रेलिया यूरोप अमेरिका में शरणार्थी बन गये …
ठीक यही हाल सीरिया का हुआ … डाक्टर हाफिज-अल-असद हार्वड से पढ़े थे ..उन्होंने सीरिया को ऊँचाई की बुलन्दियो तक ले गये .. दमास्कस, खुबानी, होम्स, रक्का जैसे शहर विश्व व्यापर के बड़े केंद्र थे .. फिर उनके बेटे डाक्टर बशर अल असद जो लन्दन में आई सर्जन थे उन्होंने भी सीरिया को खूब आधुनिक देश बनाया .. लेकिन असद परिवार शिया है .. और सीरिया में 90% सुन्नियो को ये मंजूर नही हुआ की एक शिया उनके उपर राज करे .. इसलिए सुन्नियो ने विद्रोह करके सीरिया को बर्बाद कर दिया ..
मालदीव के अब तक से सबसे प्रगतिशील पढ़े लिखे राष्ट्रपति रहे नशीद के साथ क्या सूलूक किया गया ? उन्हें भी सत्ता से बेदखल किया गया क्योकि वो आधुनिक सोच रखते थे … नशीद ने मालदीव में काफी सुधार किया ..और पर्यावरण खासकर ग्लोबल वार्मिग के लिए उन्होंने पुरे विश्व को खूब चेताया .. उन्होंने अपनी केबिनेट की एक बैठक समुद्र के अंदर करके विश्व जगत का ध्यान ग्लोबल वार्मिग के तरफ खिंचा था .. क्योकि ग्लोबल वार्मिग से ग्लेशियर पिघल रहे है और मालदीव बंगलादेश आदि निचले देशो के लिए बहुत खतरा बन गया है 
इन शांतिदूतो ने इजिप्त को आधुनिक बनाने वाले अनवर सआदत को मार डाला … इन शांतिदूतो ने ईरान को दुनिया का सबसे आधुनिक देश बनाने वाले शाह रजा पहलवी का तख्ता पलट कर उन्हें अपने ही देश से भागने पर मजबूर कर दिया और ईरान को दोख्ज में ढकेल दिया .. इन शांतिदूतो ने अफगानिस्तान को आधुनिक देश बनाने वाले मोहम्मद नजीबुल्लाह को फांसी पर लटका दिया … इन शांतिदूतो ने तुर्की को आधुनिक बनाने वाले ओटोमन राजाओ का राज खत्म करके इस्लामिक राज स्थापित की .. फिर बाद में सेना के एक जनरल कमाल अहमद अतातुर्क ने तुर्की को फिर से आधुनिक और धर्मनिरपेक्ष बनाया तो आजकल इन शांतिदूतो ने तुर्की को भी दोखज बनाने में लगे है …
इसलिए कृपया इस भ्रम में मत रहिये की इस्लाम में कभी कोई राजा राम मोहन राय या कोई ईश्वर चन्द्र विद्यासागर या कोई दयानन्द सरस्वती या कोई ज्योतिबा फुले आयगा…………

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Hello, Harshad Ashodiya I have 12,000 Hindi, Gujarati ebooks

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