Posted in हिन्दू पतन

  मैं तुम्हारा भोलेनाथ हूँ


सालों से मस्जिद में घुट रहा,

          मैं तुम्हारा भोलेनाथ हूँ 

हिन्दुओं मैं ही तुम्हारा,

      वाराणसी का काशी विश्वनाथ हूँ…!!!
अयोध्या के फटे तंबू में पडा, 

       तुम्हारी नामर्दी का प्रमाण हूँ…

हिन्दुओं ,मैं वही बुराई का वध करनेवाला,

          दशरथपुत्र राम हूँ …!!!
दुष्ट कंस का संहारक मैं ही,

          मैं ही गीता का ज्ञान हूँ …

हिन्दुओं मथुरा की मस्जिद में पड़ा,

           मैं कृष्ण भगवान हूँ ….!!!!
सालों पहले लोग कहते थे,

           मै हिन्दुत्व का ताज हूँ…

आज अकबर के किले से घिरा हुआ,

           मै तीर्थ प्रयाग हूँ…!!!!
कहने के लिए मैं तुम हिन्दुओं की,

            भाग्य विधाता हूँ …

आतंकीयों की गोलियों से छलनी हो रही,

             मै वैष्णो माता हूँ …!!!!
कहते हो तुम कि,

            मैं हर हिन्दू का श्वास हूँ…

चीन के कदमों मे पडा,

            मैं तीर्थ कैलाशहूँ …!!!
नारों मे तो सुनता हूँ कि,

            मै हर हिन्दू के साथ हूँ…

बम बारुद से घायल पडा,

            मैं जख्मी अमरनाथ हूँ …!!!
क्या 96 करोड भी कम हैं ,

         भगवा की लाज बचाने को?

या तुमको शौक पड़ी है अपने,

          घर मे आग लगाने को?
उठो जागो और सर्वनाश,

          या सर्वबलिदान में से एक चुनो…

तुम अर्जुन की जैसी ललकार करो,

           और धर्म युध्द की तैयारी करो…!
🚩 “अहिंसा परमोधर्म: धर्महिंसा तदैव च” 🚩

🚩🚩🚩

आपका अपना..

*जयश्रीराम जयश्रीराम*