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असम में एक 16 साल की लड़की नाहिद आफरीन

असम में एक 16 साल की लड़की नाहिद आफरीन के खिलाफ 46 मुस्लिम मौलवी मौलानाओ ने फतवा दिया है, और फतवा देने का कारण तो बिलकुल बर्दास्त करने के काबिल नहीं है
लड़की का कसूर इतना था की, उसने इस्लामिक स्टेट ISIS के खिलाफ गीत गाया
और इस से मुस्लिम धर्मगुरु भड़क उठे और आतंकी संगठन के समर्थन में आकर 46 ने नाहिद आफरीन के खिलाफ फतवा दे दिया
अब इसपर बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने भी अपनी प्रतिक्रिया रखी है
उन्होंने न केवल फतवेबाज मुल्ला मौलवियों की बल्कि लचर भारतीय कानून की भी आलोचना की है, जो इन फतवेबाजों के खिलाफ कारवाही नहीं करता
तस्लीमा नसरीन ने कहा है की, भारत में कट्टरपंथी मुल्ला किसी को भी जान से मारने की धमकी फतवे के नाम पर दे देते है, जबकि भारत एक लोकतांत्रिक देश है यहाँ कानून चलता है
फिर भी इन फतवेबाजो के खिलाफ कारवाही नहीं की जाती
तस्लीमा नसरीन ने कहा है की, भारत कोई इस्लामिक राष्ट्र नहीं है जहाँ पर किसी को फतवे के नाम पर जान से मारने की धमकी दी जा सके, फतवेबाज मुल्लो पर कारवाही होनी चाहिए
और ऐसे कट्टरपंथियों को बर्दास्त नहीं करना चाहिए
आपको बता दें की हम भी मानते है की, तस्लीमा नसरीन की बातों में तर्क है
चूँकि आप स्वयं किसी को जान से मारने की धमकी दीजिये, देखिये आपके खिलाफ धमकी देने का केस
दर्ज हो जायेगा, कारवाही होगी
पर आप स्वयं देखिये, आये दिन किसी का सर काटने, किसी को पत्थर मारने के फतवे मुस्लिम धर्मगुरु देते है
जो असली में एक धमकी ही होती है, पर इन कट्टरपंथियों पर कोई कारवाही नहीं होती
सही मायनो में लचर कानून है हमारा, जो लोकतंत्र में इस तरह की गैर लोकतांत्रिक धमकियों को बर्दास्त किया जा रहा है
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Hello, Harshad Ashodiya I have 12,000 Hindi, Gujarati ebooks

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