Posted in ઉત્સવ

होली पर्व

” होली पर्व ”

की सभी को शुभकामनाए [अग्रिम ]

होली पर्व खुशी हर्षो उल्लास का पर्व है किंतू कुछ मूर्ख -नसमझो ने भांग -दारु [ शराब ] मांस -मछली -अंडे खाकर व केमीकल रंगों का उपयोग करके [जो कि ‘शरीर ‘ के लिए जानलेवा होता है ] अपने व दूसरो के लिए मूसीबत पैदा करते हैं ।
कीचड़ उझालना आदि अपवित्र चीजो का उपयोग करके होली पर्व को दूषित न करें 🙏🏼

प्राकृतिक रंगों से होली खेले

🌷 *प्राकृतिक रंग बनाने की सरल विधियाँ* 🌷
🔶 *केसरिया रंगः पलाश के फूलों से यह रंग सरलता से तैयार किया जा सकता है। पलाश के फूलों को रात को पानी में भिगो दें। सुबह इस केसरिया रंग को ऐसे ही प्रयोग में लायें या उबालकर होली का आनंद उठायें। यह रंग होली खेलने के लिए सबसे बढ़िया है। शास्त्रों में भी पलाश के फूलों से होली खेलने का वर्णन आता है। इसमें औषधीय गुण होते हैं। आयुर्वेद के अनुसार यह कफ, पित्त, कुष्ठ, दाह, मूत्रकृच्छ, वायु तथा रक्तदोष का नाश करता है। रक्तसंचार को नियमित व मांसपेशियों को स्वस्थ रखने के साथ ही यह मानसिक शक्ति तथा इच्छाशक्ति में भी वृद्धि करता है।*
🔵 *सूखा हरा रंगः मेंहदी का पाउडर तथा गेहूँ या अन्य अनाज के आटे को समान मात्रा में मिलाकर सूखा हरा रंग बनायें। आँवला चूर्ण व मेंहदी को मिलाने से भूरा रंग बनता है, जो त्वचा व बालों के लिए लाभदायी है।*
🔆 *सूखा पीला रंगः हल्दी व बेसन मिला के अथवा अमलतास व गेंदे के फूलों को छाया में सुखाकर पीस के पीला रंग प्राप्त कर सकते हैं।*
🔆 *गीला पीला रंगः एक चम्मच हल्दी दो लीटर पानी में उबालें या मिठाइयों में पड़ने वाले रंग जो खाने के काम आते हैं, उनका भी उपयोग कर सकते हैं। अमलतास या गेंदे के फूलों को रात को पानी में भिगोकर रखें, सुबह उबालें।*
🔴 *लाल रंगः लाल चंदन (रक्त चंदन) पाउडर को सूखे लाल रंग के रूप में प्रयोग कर सकते हैं। यह त्वचा के लिए लाभदायक व सौंदर्यवर्धक है। दो चम्मच लाल चंदन एक लीटर पानी में डालकर उबालने से लाल रंग प्राप्त होता है, जिसमें आवश्यकतानुसार पानी मिलायें।*
🔆 *पीला गुलाल : (१) ४ चम्मच बेसन में २ चम्मच हल्दी चूर्ण मिलायें | (२) अमलतास या गेंदा के फूलों के चूर्ण के साथ कोई भी आटा या मुलतानी मिट्टी मिला लें |*
🔆 *पीला रंग : (१) २ चम्मच हल्दी चूर्ण २ लीटर पानी में उबालें | (२) अमलतास, गेंदा के फूलों को रातभर भिगोकर उबाल लें |*
🔶 *जामुनी रंग : चुकंदर* *उबालकर पीस के पानी में मिला लें* |
*काला रंग : आँवला चूर्ण लोहे के बर्तन में रातभर भिगोयें |*
🔴 *लाल रंग : (१) आधे कप पानी में दो चम्मच हल्दी चूर्ण व चुटकीभर चूना मिलाकर १० लीटर पानी में डाल दें | (२) २ चम्मच लाल चंदन चूर्ण १ लीटर पानी में उबालें |*
🚺 *लाल गुलाल : सूखे लाल गुडहल के फूलों का चूर्ण उपयोग करें |*
❇ *हरा रंग : (१) पालक, धनिया या पुदीने की पत्तियों के पेस्ट को पानी में भिगोकर उपयोग करें | (२) गेहूँ की हरी बालियों को पीस लें |*
🚺 *हरा गुलाल : गुलमोहर अथवा रातरानी की पत्तियों को सुखाकर पीस लें |*
🔵 *भूरा हरा गुलाल : मेहँदी चूर्ण के साथ आँवला चूर्ण मिला लें |*

Advertisements

Author:

Hello, Harshad Ashodiya I have 12,000 Hindi, Gujarati ebooks

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s