Posted in Sanskrit Sahitya

आइये समाज में फैले कु्छ षड्यंत्रों पर प्रकाश डालें

ये जानकारियां पिछले 60 वर्ष के शासन का पोल खोलेगी , जिसने एक षड्यंत्र से विज्ञापनों के माध्यम से हमारे दिमागों पर नियंत्रण कर लिया और आज सुधार के लिए बहुत प्रयास करना पड़ेगा ।

आइये समाज में फैले कु्छ षड्यंत्रों पर प्रकाश डालें :-

अर्धसत्य —फलां फलां तेल में कोलेस्ट्रोल नहीं होता है!

पूर्णसत्य — किसी भी तेल में कोलेस्ट्रोल नहीं होता ये केवल यकृत में बनता है । ✅

अर्धसत्य —सोयाबीन में भरपूर प्रोटीन होता है !

पूर्णसत्य—सोयाबीन सूअर का आहार है मनुष्य के खाने लायक नहीं है! भारत में अन्न की कमी नहीं है, इसे सूअर आसानी से पचा सकता है, मनुष्य नही ! जिन देशों में 8 -9 महीने ठण्ड रहती है वहां सोयाबीन जैसे आहार चलते है । ✅

अर्धसत्य—घी पचने में भारी होता है

पूर्णसत्य—बुढ़ापे में मस्तिष्क, आँतों और संधियों (joints) में रूखापन आने लगता है, इसलिए घी खाना बहुत जरुरी होता है !और भारत में घी का अर्थ देशी गाय के घी से ही होता है । ✅

अर्धसत्य—घी खाने से मोटापा बढ़ता है !

पूर्णसत्य—(षड्यंत्र प्रचार ) ताकि लोग घी खाना बंद कर दें और अधिक से अधिक गाय मांस की मंडियों तक पहुंचे, जो व्यक्ति पहले पतला हो और बाद में मोटा हो जाये वह घी खाने से पतला हो जाता है✅

अर्धसत्य—घी ह्रदय के लिए
हानिकारक है !

पूर्णसत्य—देशी गाय का घी हृदय के लिए अमृत है, पंचगव्य में इसका स्थान है । ✅

अर्धसत्य—डेयरी उद्योग दुग्ध
उद्योग है !

पूर्णसत्य—डेयरी उद्योग -मांस उद्योग है! यंहा बछड़ो और बैलों को, कमजोर और बीमार गायों को, और दूध देना बंद करने पर स्वस्थ गायों को कत्लखानों में भेज दिया जाता है! दूध डेयरी का गौण उत्पाद है । ✅

अर्धसत्य—आयोडाईज नमक से
आयोडीन की कमी पूरी
होती है !

पूर्णसत्य—आयोडाईज नमक का
कोई इतिहास नहीं है, ये
पश्चिम का कंपनी षड्यंत्र
है आयोडाईज नमक में
आयोडीन नहीं पोटेशियम
आयोडेट होता है जो भोजन
पकाने पर गर्म करते समय
उड़ जाता है स्वदेशी जागरण
मंच के विरोध के फलस्वरूप
सन्2000 में भाजपा सरकार
ने ये प्रतिबन्ध हटा लिया था,
लेकिन कांग्रेस ने सत्ता में आते
ही इसे फिर से लगा दिया ताकि
लूट तंत्र चलता रहे और विदेशी
कम्पनियाँ पनपती रहे । ✅

अर्धसत्य— शक्कर (चीनी ) का
कारखाना !

पूर्णसत्य— शक्कर (चीनी ) का
कारखाना इस नाम की आड़
में चलने वाला शराब का
कारखाना शक्कर इसका
गौण उत्पाद है । ✅

अर्धसत्य—शक्कर (चीनी ) सफ़ेद
जहर है !

पूर्णसत्य— रासायनिक प्रक्रिया के
कारण कारखानों में बनी
सफ़ेद शक्कर(चीनी) जहर
है ! पम्परागत शक्कर
एकदम सफ़ेद नहीं होती !
थोडा हल्का भूरा रंग लिए
होती है ! ✅

अर्धसत्य— फ्रिज में आहार ताज़ा
होता है !

पूर्णसत्य— फ्रिज में आहार ताज़ा
दिखता है पर होता नहीं है
जब फ्रिज का अविष्कार
नहीं हुआ था तो इतनी
देर रखे हुए खाने को
बासा / सडा हुआ खाना
कहते थे । ✅

अर्धसत्य— चाय से ताजगी आती है!

पूर्णसत्य— ताजगी गरम पानी से
आती है! चाय तो केवल
नशा(निकोटिन) है । ✅

अर्धसत्य—एलोपैथी स्वास्थ्य
विज्ञान है !

पूर्णसत्य—एलोपैथी स्वास्थ्य विज्ञानं
✅ नहीं चिकित्सा विज्ञान है!

अर्धसत्य—एलोपैथी विज्ञानं ने बहुत
तरक्की की है !

पूर्णसत्य— दवाई कंपनियों ने बहुत
तरक्की की है! एलोपैथी में
मूल दवाइयां 480-520 है
जबकि बाज़ार में 1 लाख
से अधिक दवाइयां बिक
रही है ।✅

अर्धसत्य— बैक्टीरिया वायरस के
कारण रोग होते हैं !

पूर्णसत्य— शरीर में बैक्टीरिया
वायरस के लायक
वातावरण तैयार होने पर
रोग होते हैं ! ✅

अर्धसत्य— भारत में लोकतंत्र है !
जनता के हितों का ध्यान
रखने वाली जनता द्वारा
चुनी हुई सरकार है !

पूर्णसत्य— भारत में लोकतंत्र नहीं
कंपनी तन्त्र है बहुत से
सांसद, मंत्री, प्रशासनिक
अधिकारी कंपनियों के
दलाल हैं उनकी भी
नौकरियां करते हैं उनके
अनुसार नीतियाँ बनाते
हैं, वे जनहित में नहीं
कंपनी हित में निर्णय लेते
हैं ! भोपाल गैस कांड से
बड़ा उदहारण क्या हो
सकता है !जंहा एक
अपराधी मुख्यमंत्री और
प्रधानमंत्री के आदेशानुसार
फरार हो सका ! लोकतंत्र
होता तो उसे पकड के
वापस लोटाते । ✅

अर्धसत्य— आज के युग में
मार्केटिंग का बहुत
विकास हो गया है !

पूर्णसत्य— मार्केटिंग का नहीं ठगी
का विकास हो गया है !
माल गुणवत्ता के आधार
पर नहीं विभिन्न प्रलोभनों
व जुए के द्वारा बेचा जाता
है ! जैसे क्रीम गोरा बनाती
है!भाई कोई भैंस को गोरा
बना के दिखाओ ! ✅

अर्धसत्य— टीवी मनोरंजन के लिए
घर घर तक पहुँचाया
गया है !

पूर्णसत्य— जब टी वी नहीं था तब
लोगों का जीवन देखो और
आज देखो जो आज इन्टरनेट
पर बैठे सुलभता से जीवन जी
रहे हैं !उन्हें अहसास नहीं होगा
कंपनियों का माल बिकवाने
और परिवार व्यवस्था को
तोड़ने
े के लिए टी वी घर घर
तक पहुँचाया जाता है ! ✅

अर्धसत्य— टूथपेस्ट से दांत साफ
होते हैं !

पूर्णसत्य— टूथपेस्ट करने वाले
यूरोप में हर तीन में से एक
के दांत ख़राब हैं दंतमंजन
करने से दांत साफ होते हैं
मंजन -मांजना, क्या बर्तन
ब्रश से साफ होते हैं ?
मसूड़ों की मालिश करने से
दांतों की जड़ें मजबूत भी
होती हैं ! ✅

अर्धसत्य— साबुन मैल साफ कर
त्वचा की रक्षा करता है !

पूर्णसत्य— साबुन में स्थित केमिकल
(कास्टिक सोडा, एस. एल.
एस.) और चर्बी त्वचा को
नुकसान पहुंचाते हैं, और
डाक्टर इसीलिए चर्म रोग
होने पर साबुन लगाने से
मना करते हैं ! साबुन में गौ
की चर्बी पाए जाने पर
विरोध होने से पहले
हिंदुस्तान लीवर हर साबुन
में गाय की चर्बी का
उपयोग करती थी। ✅

Advertisements

Author:

Hello, Harshad Ashodiya I have 12,000 Hindi, Gujarati ebooks

One thought on “आइये समाज में फैले कु्छ षड्यंत्रों पर प्रकाश डालें

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s