Posted in भारत का गुप्त इतिहास- Bharat Ka rahasyamay Itihaas

हिंदूऔ इन चूनावो मे क्या चूनोगे अपना विकास या अपना विनाश


हिंदूऔ इन चूनावो मे क्या चूनोगे अपना विकास या अपना विनाश

इन चूनावो मे हिंदू तय करेगा कि वह राम मंदिर विरोधी व हिंदूऔ की विरोधी व मूस्लिम समर्थक पार्टियो को वोट देगा या हिंदू समर्थक पार्टि भाजपा को वोट देगा
जैसे प०बंगाल के महामूर्ख हिंदूऔ ने हिंदू समर्थक पार्टि भाजपा को वोट न देकर हिंदू विरोधी व मूस्लिम समर्थक TMC ममता बेनर्जी को वोट देकर 70% हिंदू 30% मूस्लिमो से रोज मार खा रहे हैl यदि UP मे भी हिंदूऔ ने भाजपा को वोट न देकर गैरभाजपा को वोट दिया तो UP मे भी हिंदूऔ की वही दूर्दशा होनी है जो प०बंगाल मे हिंदूऔ की दूर्दशा मूस्लिमो ने कर रखी है, ये तय है l
देखते है कि हिंदू भाजपा को वोट देकर अपना विकास चूनते है या गैरभाजपा को वोट देकर अपना विनाश ?

हिंदूऔ की फुट का दू:शपरिणाम

बाबर और राणा सांगा में भयानक युद्ध चल रहा था। बाबर ने युद्ध में पहली बार तोपों का इस्तमाल किया था। उन दिनों युद्ध केवल दिन में लड़ा जाता था…..
शाम के समय दोनों तरफ के सैनिक अपने-अपने शिविर में आराम करते थे। फिर सुबह युद्ध होता था। लड़ते-लड़ते शाम हो चली थी। दोनों तरफ के सैनिक अपने शिविर में भोजन कर रहे थे, बाबर टहलते हुए अपने शिविर के बाहर खड़ा दुश्मन सेना को कैम्प देख रहा था। तभी उसे राणा सांगा की सेना के शिविरों से कई जगह से धुआं उठता दिखाई दिया। बाबर को लगा कि दुश्मन के शिविर में आग लग गई है। उसने तुरंत अपने सेनापति मीर बांकी को बुलाया और पूछा देखो, दुश्मन के शिविर में आग लग गई है। शिविर में पचासों जगहों से धुएं निकल रहे हैं…..
सेनापति ने अपने गुप्तचरों को आदेश दिया:- “जाओ, पता लगाओ कि दुश्मन के सैन्य शिविर से इतनी बड़ी संख्या में इतनी जगहों से धूएं का गुबार क्यों निकल रहा है??? गुप्तचर कुछ देर बाद लौटे। उन्होंने बताया कि हुजुर, दुश्मन सैनिक सब हिन्दू हैं। वो एक साथ एक जगह बैठ कर खाना नहीं खाते। सेना में कई जाति के सैनिक है, जो एक दुसरे का छुआ नहीं खाते। इसलिए सब अपना भोजन अलग-अलग बनाते हैं। एक दुसरे का छुआ पानी तक नहीं पीते…….
ये सुनकर बाबर खूब जोर से हंसा। काफी देर हंसने के बाद उसने अपने सेनापति से कहा कि मीरबांकी, फ़तेह हमारी होगी, ये क्या हमसे लड़ेंगे?? जो सेना एक साथ मिलकर बैठकर खाना तक नहीं खा सकती वो एक साथ मिलकर दुश्मन के खिलाफ कैसे लड़ेगी??……
तीन दिनों में राणा सांगा की सेना मार दी गई और बाबर ने मुग़ल शासन की नीव रखी। लेकिन हिन्दू आज भी उतने ही बेवकूफ है, जितने पहले थे। वे आज भी ब्राह्मण महासम्मेलन, क्षत्रिय महासम्मेलन, वैश्य महासम्मेलन,दलित महासम्मेलन, जाट महासम्मेलन करते रहते हैं, मात्र अपनी जाति की शक्ति बढाने की बात करते है। लेकिन जब बात हिंदूऔ की एकता की बात आती है तो कोई नहीं दिखता…!

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Hello, Harshad Ashodiya I have 12,000 Hindi, Gujarati ebooks

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