Posted in भारत का गुप्त इतिहास- Bharat Ka rahasyamay Itihaas

पद्मावती


पद्मावती
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साहित्य की दृष्टि से सभी प्रेमाख्यानक काव्य जो मुस्लिम कवियों द्वारा लिखे गये , जो हिंदू राजा रानियों के जीवनवृत्त पर आधारित हैं। उनमें ऐतिहासिकता कितनी है और कल्पना कितनी ,कहा नहीं जा सकता ।
पहला प्रेमाख्यानक काव्य कवि मुल्ला दाउद ने चंदायन नाम से सन् 1379 ई में लिखा जिसमें नायक लोर और नायिका चंदा है।
दूसरा महत्वपूर्ण प्रेमाख्यानक काव्य कवि कुतुबन ने मृगावती नाम से सन् 1503 ई लिखा जिसका नायक राजकुमार और नायिका मृगावती है।
इसके बाद कई प्रेमाख्यानक काव्य लिखे गये जिनमें जायसी का पद्मावत(1540ई ), मंझन का मधुमालती(1545ई) , उसमान का चित्रावली (1613 ई ), शेखनबी का ज्ञानदीप, काशिमशाह का हंसजवाहर, नूर मुहम्मद का अनुराग बांसुरी1764 ई आदि।
इन सभी प्रेमाख्यानक महाकाव्यों में हिंदू समाज में प्रचलित कथाओं में राजा रानियों को आधार बनाकर प्रेम की लौकिक कथा को अलौकिक बनाकर प्रस्तुत किया गया है।
प्रसंगवश मलिक मुहम्मद जायसी का पद्मावत महाकाव्य की नायिका पद्मावती है और नायक रतनसेन चित्तौड के राजा जो 1303 ई के ऐतिहासिक प्रमाणिक पात्र हैं । कवि जायसी ने तत्कालीन बादशाह अलाउद्दीन खिलजी को महाकाव्य का खलपात्र घोषित किया है जबकि वो स्वयं मुसलमान थे यह बिन्दु विचारणीय है । रतनसेन और पद्मावती के प्रेम को कवि ने ईश्वरीय प्रेम घोषित किया है।
कवि ने महाकाव्य के अंत में पात्रों का रूपक इस तरह दिया है जिसम्ं खिलजी केवल और केवल खलनायक है—
तन चितउर मन राजा कीन्हां
हिय सिंहल बुधि पद्मिनि चीन्हां।
गुरु सुवा जेहिं पंथ दिखावा
बिन गुरु जगत को निरगुन पावा।
नागमती यह दुनियां धंधा
बांचा सोई न यहि चित बंधा।
राघव दूत सोई सैतानू
माया अलादीन सुल्तानू।।

जब अलाउद्दीन खिलजी ने रतनसेन को मार दिया तब पद्मावती को प्राप्त करने के लिए अलाउद्दीन खिलजी ने किले पर चढाई की । नायिका पद्मावती ने खिलजी को अपना शरीर नहीं दिया बल्कि महल की अन्य रानियों के साथ अग्नि की चिता में कूदकर जौहर कर लिया।
जौहर और सती प्रथा दो अलग- अलग विषय हैं जौहर आत्म सम्मान को बचाने के लिए और सती प्रथा एक सामाजिक बुराई जिसमें जबरदस्ती विधवाओं को आग में झोक दिया जाता था।
जौहर आत्महत्या नहीं बल्कि स्त्री को अपने सम्मान के बचाने के लिए वीरता का कृत्य है।
प्रासंगिक है कि आज भी कोई पतिव्रत स्त्री अपने सम्मान को बचाने के लिए आग में कूद जाएगी।
पद्मावती ने भी यही कियी । यह आत्महत्या नहीं है।
यद्यपि काव्य में कल्पना तत्व अधिक होता है इतिहास कम। फिर भी पद्मावत का उत्तरार्ध भाग ऐतिहासिक दृष्टि से प्रमाणिक है।
फिल्मकार भंसाली ने खिलजी और पद्मावती का प्रेम प्रसंग दिखाने का प्रयास किया है वह न तो इतिहास सम्मत है और न ही साहित्य सम्मत। केवल फिल्म की लोकप्रियता के लिए इतिहास से छेडछाड करना कहां तक उचित है ?

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हमारे युवा और कुछ नए मालदार लोग⁠⁠⁠⁠ सुबह उठकर


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हमारे युवा और कुछ नए मालदार लोग⁠⁠⁠⁠ सुबह उठकर
*कोलगेट* से ब्रश करते हैं
*जिलेट* से दाढ़ी बनाते हैं
*ओल्ड स्पाइस* का आप्टरशेव लगाते हैं
*पियर्स* से नहाते हैं
अंतःवस्त्र *जोकी* के पहनते हैं
*वान हुसैन* की कमीज पहनते हैं
पैंट *ली वाइस* की पहनते हैं
नाश्ते में *ओट्स* या *मैगी* खाते हैं
साथ में *नेसकैफे* या *स्टारबक्स* की कोफी पीते हैं
मोबाइल *सैमसंग* या *एपल* का रखते हैं
चश्मा *रेबेन* का लगाते हैं
समय *राडो* या *कैशियो* की घड़ी में देखते हैं
किसी *बहुराष्ट्रीय कंपनी* में नौकरी करते हैं
*टोयोटा* की कार या *होंडा* की मोटरसाइकिल से चलते हैं
*एपल* या *लेनोवो* का लैपटाप प्रयोग करते हैं
*मैक्डोनाल्ड* में लंच करते हैं
दिन भर *कोक* और *पेप्सी* पीते हैं
शाम को घर आते हुए पत्नी व बच्चों के लिए *केएफसी* का बर्गर या *पिज्जा हट* से पिज्जा लेकर आते हैं
और शाम को *ब्लैक लेबल* की चुस्की लेते हुए आपस में चर्चा करते हैं कि *यार ये रूपया डॉलर के मुकाबले इतना गिर क्यों रहा है और मोदी सरकार ने बायदा किया था डॉलर और रुपए को बराबर लाने का सरकार कुछ कर ही नही रही*
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थोड़ा सोचिएगा

Posted in PM Narendra Modi

आज कुछ तुलनात्मक अध्ययन किया कि –


आज कुछ तुलनात्मक अध्ययन किया कि –

¤ एक समय था कि अफगानिस्तान में बौद्ध मंदिरों को तोपों से उड़ा दिया गया था । और आज वहां के राष्ट्रपति हमारे मुल्क के इतने पक्के दोस्त हैं कि हमारे देश पे आतंकवादी हमला हुआ तो उन्होंने दक्षेस सम्मलेन में पाक जाने से मना कर दिया ।

¤ एक समय था जब ईरान हमारी एक नहीं सुनता था, आज उन्हीने भारत को *चाबहार* बंदरगाह बनाने और ईरान में अपनी फौजें रखने की इज़ाज़त दे दी ।

¤ एक समय था कि नार्थ ईस्ट में terrorists हमला करके म्यांमार भाग जाते थे । आज वहां की सरकार के सहयोग से इंडियन आर्मी ने वहीँ जा के उनके terrorist capms तबाह कर दिए ।

¤ एक समय था जब खाड़ी देश पाक का साथ देते थे । दाऊद बरसों तक दुबई में शरण लिए रहा। आज सऊदी अरब ने दाऊद की संपत्ति ही जब्त कर ली ।

¤ एक समय था जब खाड़ी देश भारत को कमजोर और गरीब समझते थे,

¤~ आज अचानक क्या हुआ जो उन्हीने भारत के PM के आगमन पे अपने यहाँ पहला हिन्दू मंदिर बनाने के लिए जमीन देदी ।
¤~ आज अचानक क्या हुआ जो बुर्ज खलीफा तिरंगे में रंगा दिखने लगा ।
¤~ आज अचानक क्या हुआ जो हमारी 26 जनवरी की परेड में UAE का फौजी दस्ता शामिल हुआ ।
¤~ आज अचानक क्या हुआ जो भारत में इतनी हिम्मत आ गयी कि चीन के अरुणांचल के बॉर्डर में सड़कें बना ली, हवाई पट्टी बना ली, 100 मिसाइल भी तैनात कर दिए और टैंक की डीवीजन पोस्ट कर दी ।
¤~ आज अचानक क्या हुआ जो USA के नवनिर्वाचित प्रेजिडेंट ने सबसे पहले भारत के PM को फोन करके आभार व्यक्त किया ।
¤~ आज अचानक क्या हुआ जो ऑस्ट्रेलिया, इंडिया को यूरेनियम देने को राजी हो गया ।
¤~ आज अचानक जापान ने इंडिया के साथ युद्धाभ्यास किया ।

जरा सोचीयेगा.

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बेवकूफ हिन्दू” होने की 10 पहचान


“बेवकूफ हिन्दू” होने की 10 पहचान :—

1. “बेवकूफ हिन्दू” घर में NDTV देखेंगे, Times of India अखबार पढ़ेंगे और इनकी दिखाई हर खबर को 100% सच मान लेंगे….!!

2. “बेवकूफ हिन्दू” इस्लामिक अंडरवर्ल्ड की Guideline के अनुसार काम करने वाले ” बॉलीवुड” की फ़िल्में देखेंगे और बॉलीवुड के गद्दार मुल्लों को अपना HERO मान लेंगे….!!

3. ये “बेवकूफ हिन्दू” अपने ग्रुप का नाम संघ के बजाय कोई ब्रिगेड रखेंगे और ये संतो को सेंट (Saint ) कहने में गर्व महसूस करेंगे…!!

4. इन “बेवकूफ हिन्दूओं” को अपनी खुद की मातृ भाषा बोलने में शर्म आएगी और English बोलनेमें बहुत गर्व महसूस होगा…!!

5. ये “बेवकूफ हिन्दू” हमेशा कहेंगे कि सब धर्मों का भगवान एक ही है। और ये सब धर्म हमें उस एक ही भगवान की और ले जाते हैं। जबकि ये “बेककूफ हिन्दू” लोग धर्म की ABCD भी नहीं जानते…!! ना ही कोई धार्मिक किताब पढ़ी होगी..!!

6. ये “बेवकूफ हिन्दू” अक्सर कहेंगे कि आतंक का कोई धर्म नहीं होता। थोड़े बहुत आतंकी सभी धर्मों में होते हैं…!!

7. ये “बेवकूफ हिन्दू” अपने खुद के धर्म के साधु-संतों के चरित्र पर शक करेंगे और मुसलामानों पर पूरा भरोसा करेंगे..!!

8. ये लोग घर में Peace TV देखेंगे और जाकिर नाइक वेदों पर जो कुछ भी कहेगा, उस पर पूर्णत विश्वासः कर लेंगे ….!!

9. ये “बेवकूफ हिन्दू” अक्सर कहते हैं कि हमें सभी धर्मों को भूल जाना चाहिए और इंसानियत को ही धर्म मान लेना चाहिए..!!

10. ये “बेवकूफ हिन्दू” मुसलमानों को Happy Ramzan और ईसाईयों को Happy Christmas की शुभकामनाएं देंगे और वो भी ये जानते हुए कि इन दोनों धर्मों ने इत्तिहास में हिंदुओं के साथ भयंकर मार-काट की है…!! –

🙏जागो हिन्दू पुत्रों जागो 🙏

Posted in छोटी कहानिया - १०,००० से ज्यादा रोचक और प्रेरणात्मक

दुर्लभ सत्य कथा


Arjun Pandit

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दुर्लभ सत्य कथा

एक बार गोपियो ने श्री कृष्ण से कहा की ‘हे कृष्ण हमे अगस्त्य ऋषि को भोग लगाने जाना है, और ये यमुना जी बीच में पड़ती है अब बताओ केसे जाये
भगवान श्री कृष्ण ने कहा की जब तुम यमुना जी के पास जाओ तो कहना की, हे यमुना जी अगर श्री कृष्ण ब्रह्मचारी है तो हमे रास्ता दे
गोपियाँ हंसने लगी की लो ये कृष्ण भी अपने आप को ब्रह्मचारी समझते है, सारा दिन तो हमारे पीछे पीछे घूमता है, कभी हमारे वस्त्र चुराता है कभी मटकिया फोड़ता है …
खेर फिर भी हम बोल देगी

गोपिय यमुना जी के पास जाकर कहती है, हे यमुना जी अगर श्री कृष्ण ब्रह्मचारी है तो हमे रास्ता दे, और गोपियो के कहते ही यमुना जी ने रास्ता दे दिया

गोपिया तो सन्नन रह गई ये क्या हुआ कृष्ण ब्रह्मचारी ???????????

अब गोपिया अगस्त्य ऋषि को भोजन करवा कर वापिस आने लगी तो अगस्त्य ऋषि से कहा की अब हम घर केसे जाये यमुना जी बीच में है

अगस्त्य ऋषि ने कहा की तुम यमुना जी को कहना की अगर अगस्त्य जी निराअहार है तो हमे रास्ता दे

गोपियाँ मन में सोचने लगी की अभी हम इतना सारा भोजन लाई सो सब गटका गये और अब अपने आप को निराहार बता रहे है???????????

गोपिया यमुना जी के पास जाकर बोली, हे यमुना जी अगर अगस्त्य ऋषि निराहार है तो हमे रास्ता दे और यमुना जी ने रास्ता दे दिया

गोपिया आश्चर्य करने लगी की जो खाता है वो निराहार केसे हो सकता है ???????????
और जो दिन रात हमारे पीछे पीछे फिरता है वो ब्रह्मचारी केसे हो सकता है ???????????

इसी उधेड़ बूंद में गोपिया
कृष्ण के पास आकर फिर से वही प्रश्न किया

भगवान श्री कृष्ण कहने लगे गोपियो मुझे तुमारी देह से कोई लेना देना नही है, मैं तो तुम्हारे प्रेम के भाव को देख कर तुम्हारे पीछे आता हूँ. मेने कभी वासना के तहत संसार नही भोगा मैं तो निर्मोही हूँ इस लिए यमुना ने आप को मार्ग दिया

तब गोपिया बोली भगवन मुनिराज ने तो हमारे सामने भोजन ग्रहण किया फिर वि ओ बोले की अगत्स्य आजन्म उपवाशी हो तो हे यमुना मैया मार्ग देदे !!!!!!!!!!!!
और बड़े आश्चर्य की बात है कि यमुना ने मार्ग देदिया!!!!!!!

श्री कृष्ण हंसने लगे और बोले कि अगत्स्य आजन्म उपवाशी हे ।
अगत्स्य मुनि भोजन ग्रहण करने से पहले मुझे भोग लगाते है
और उनका भोजन में कोई मोह नही होता उनको कतई मन में नही होता की में भोजन करु या भोजन कर रहा हु
ओ तो अपने अंदर रहे मुझे भोजन करा रहे होते है इस लिए ओ आजन्म उपवासी हे

जो मुझसे प्रेम करता है में उनका सच में ऋणि हुँ, में तुम सबका ऋणि हुँ

Posted in ભક્તિ ગીત - Bhakti Geet

પાર્થને કહો ચડાવે બાણ


પાર્થને કહો ચડાવે બાણ

પાર્થને કહો ચડાવે બાણ,
હવે તો યુદ્ધ એ જ કલ્યાણ;
કહો, કુંતાની છે એ આણ:
પાર્થને કહો ચડાવે બાણ.

ભીખ્યાં, ભટક્યાં, વિષ્ટિ, વિનવણી,
કીધાં સુજનનાં કર્મ;
આર્યસુજનતા દૈન્ય ગણી તો
યુદ્ધ એ જ યુગધર્મ:
સજીવન થાય પડ્યાયે પ્હાણ;
પાર્થને કહો ચડાવે બાણ.

દ્રૌપદીની હજી વેણ છૂટી છે,
રાજસભાના બોલ :
રણનોતરાંના ઉત્તર દેજો
રણધીરને રણઢોલ:
પાર્થની પ્રત્યંચાને વાણ:
પાર્થને કહો ચડાવે બાણ.

મેહુલો બોલે, વાયુ હુંકારે,
ત્યમ તલપો સિંહબાળ !
યુગપલટાના પદ પડછન્દે
ગજવો ઘોર ત્રિકાળ:
સજો શિર વીર ! હવે શિરત્રાણ:
પાર્થને કહો ચડાવે બાણ.

નૃલોક જોશે, કાળ નીરખશે
રણરમતો મુજ વંશ;
સત શીલ ને ધર્મયજ્ઞમાં
હજો વિશ્વવિધ્વંસ;
ઊગે જો ! નભ નવયુગનો ભાણ:
પાર્થને કહો ચડાવે બાણ;

વિધિનાં એ જ મહાનિર્માણ:
પાર્થને કહો ચડાવે બાણ.

 – મહાકવિ નાનાલાલ

Posted in भारत गौरव - Mera Bharat Mahan

સાયકલ પર વિશ્વભ્રમણ કરનારા ત્રણ ગુજરાતી


 

 

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Posted in हिन्दू पतन

हिंदुस्तान को हिंदुस्तान न रहने देनेकी सेक्युलरोंकी साजिस


हिंदुस्तान को हिंदुस्तान न रहने देनेकी  सेक्युलरोंकी साजिस ========================== ●मुस्लिम साथ दे, तो हम BJP को हरा देगें । – मायावती (यह कथन लोकतंत्र है) ●मुसलमान और यादव को एकजुट होकर अ…

Source: हिंदुस्तान को हिंदुस्तान न रहने देनेकी  सेक्युलरोंकी साजिस