Posted in छोटी कहानिया - १००० से ज्यादा रोचक और प्रेरणात्मक

एक छोटा बच्चा था ..


एक छोटा बच्चा था ..
बहुत ही नेक और होशियार
पढ़ने में भी काफी तेज था …
एक दिन वो मंदिर में गया
मंदिर के अन्दर सभी भक्त
भगवान के दर्शन कर रहे थे
और मंत्र बोल रहे थे ।
!!
कुछ भक्त स्तुतिगान भी कर
रहे थे
कुछ भक्त संस्कृत के काफी
मुश्किल श्लोक भी बोल रहे थे
बच्चे ने कुछ देर यह सब देखा
और उसके चहेरे पर मायूसी
छा गयी ।
!!
क्योंकि उसे यह सब भजन या
मंत्र नहीं आते थे वो कुछ देर वहाँ
खड़ा रहा और कुछ उपाय खोजने
लगा ।
!!
कुछ पल में ही उसके चेहरे पर
मुस्कराहट छा गयी
उसने अपनी आँखे बंद की ,
अपने दोनों हाथ जोड़े और
दस बार अ-आ-इ-ई (हिंदी वर्णमाला) बोलनेलगा
मंदिर के पुजारी ने यह देखा
उसने बच्चे से पूछा कि

!!
“बेटे तुम यह क्या कर रहे हो ?
बच्चे ने पूरी बात बताई
पुजारी ने कहा कि बेटे भगवान
की इस तरह से पूजा नहीं की जा
सकती,
तुम तो अ-आ-इ-ई बोल रहे हो
!!
बच्चे ने उत्तर दिया कि ” मुझे प्रार्थना , मंत्र , भजन नहीं आते .
मुझे सिर्फ अ-आ-इ-ई ही आती है
प्रार्थना , मंत्र ,भजन यह सब अ-आ-
इ-ई से ही बनते है
मैं दस बार अ-आ-इ-ई बोल गया हूँ
यह सब शब्द में से भगवान
अपने लिए खुद प्रार्थना , मंत्र ,
भजन बना लेंगे
!!
उसकी बात सुनकर पुजारी जी
निरुत्तर हो गए
उनको अपनी भूल का एहसास
हो गया ।
ईश्वर दान या दिखावे के नहीं
सिर्फ भाव के भूखे होते हैं…!!!!

Advertisements

Author:

Hello, Harshad Ashodiya I have 12,000 Hindi, Gujarati ebooks

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s