Posted in छोटी कहानिया - १००० से ज्यादा रोचक और प्रेरणात्मक

मीराबाई कृष्णप्रेम में डूबी पद गा रही थी ।


*मीराबाई* कृष्णप्रेम में डूबी पद गा रही थी ।
एक *संगीतज्ञ* को लगा कि वह सही राग में नहीं गा रही है ।
वह टोकते हुये बोला, “मीरा, तुम राग में नही गा रही हो ।”
मीरा ने बहुत सुन्दर उत्तर दिया,
“मैं राग में नहीं, अनुराग में गा रही हूं । राग में गाउंगी तो दुनियां मेरे को सुनेगी , अनुराग में गाउंगी तो मेरा *कान्हा* मेरे को सुनेगा । मैं दुनियां को नही , अपने *शाम* को रिझाने के लिये गाती हूं ।”

*रिश्ता होने से रिश्ता नहीं बनता,*
*रिश्ता निभाने से रिश्ता बनता है ।*

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