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​एक बार संख्या 9 ने 8 को थप्पड़ मारा


​एक बार संख्या 9 ने 8 को थप्पड़ मारा

8 रोने लगा…

पूछा मुझे क्यों मारा..?😎

,

9 बोला…

,

मैं बड़ा हु इसीलए मारा..

,

सुनते ही 8 ने 7 को मारा

और 9 वाली बात दोहरा दी

,

7 ने 6 को..

6 ने 5 को..

5 ने 4 को..

4 ने 3 को..

3 ने 2 को..

2 ने 1 को..

,

अब 1 किसको मारे

1 के निचे तो 0 था ! 😝

,

1 ने उसे मारा नहीं

बल्कि प्यार से उठाया

और उसे अपनी बगल में

बैठा लिया

,

जैसे ही बैठाया…

उसकी ताक़त 10 हो गयी..!

और 9 की हालत खराब हो गई.

,

जिन्दगीं में किसी का साथ काफी हैं,

कंधे पर किसी का हाथ काफी हैं,

दूर हो या पास…क्या फर्क पड़ता हैं,

,

“अनमोल रिश्तों”

का तो बस “एहसास” ही काफी हैं !

बहुत ही खूबसूरत लाईनें..

,

किसी की मजबूरियाँ पे न हँसिये,

कोई मजबूरियाँ ख़रीद कर नहीं लाता..!

,

डरिये वक़्त की मार से,

बुरा वक़्त किसीको बताकर नही आता..!

,

अकल कितनी भी तेज ह़ो,

नसीब के बिना नही जीत सकती..

,

बीरबल अकलमंद होने के बावजूद,

कभी बादशाह नही बन सका…!!”

,

“ना तुम अपने आप को गले लगा सकते हो,

ना ही तुम अपने कंधे पर सर

रखकर रो सकते हो !

,

एक दूसरे के लिये जीने का नाम ही जिंदगी है! इसलिये वक़्त उन्हें दो

जो

तुम्हे चाहते हों दिल से!

,

रिश्ते पैसो के मोहताज़ नहीं होते क्योकि कुछ रिश्ते मुनाफा

नहीं देते पर

जीवन अमीर जरूर बना देते है ”

,

आपके पास मारुति हो या बीएमडब्ल्यू –

सड़क वही रहेगी |

,

आप टाइटन पहने या रोलेक्स –

समय वही रहेगा |

,

आपके पास मोबाइल एप्पल का हो या सेमसंग –

आपको कॉल करने वाले लोग नहीं बदलेंगे |

,

आप इकॉनामी क्लास में सफर करें

या बिज़नस में –

आपका समय तो उतना ही लगेगा |

,

भव्य जीवन की लालसा रखने या जीने में कोई बुराई नहीं हैं, लेकिन

सावधान रहे क्योंकि आवश्यकताएँ पूरी हो सकती है, तृष्णा नहीं |

,

एक सत्य ये भी है कि धनवानो का आधा धन तो ये जताने में चला

जाता है की वे भी धनवान हैं |

,

कमाई छोटी या बड़ी हो सकती है….

पर रोटी की साईज़ लगभग

सब घर में एक जैसी ही होती है।

,

: शानदार बात

,

बदला लेने में क्या मजा है

मजा तो तब है जब तुम

सामने वाले को बदल डालो..||

,

इन्सान की चाहत है कि उड़ने को पर मिले,

और परिंदे सोचते हैं कि रहने को घर मिले…!!