Posted in छोटी कहानिया - १०,००० से ज्यादा रोचक और प्रेरणात्मक

एक औरत ने तीन संतों को अपने घर के सामने देखा। वह उन्हें जानती नहीं थी।


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एक औरत ने तीन संतों को अपने घर के सामने
देखा। वह उन्हें जानती नहीं थी।
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औरत ने कहा –
“कृपया भीतर आइये और भोजन करिए।”
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संत बोले – “क्या तुम्हारे पति घर पर हैं?”
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औरत – “नहीं, वे अभी बाहर गए हैं।”

संत –“हम तभी भीतर आयेंगे जब वह घर पर
हों।”
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शाम को उस औरत का पति घर आया और
औरत ने उसे यह सब बताया।
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पति – “जाओ और उनसे कहो कि मैं घर
आ गया हूँ और उनको आदर सहित बुलाओ।”
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औरत बाहर गई और उनको भीतर आने के
लिए कहा।
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संत बोले – “हम सब किसी भी घर में एक साथ
नहीं जाते।”
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“पर क्यों?” – औरत ने पूछा।
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उनमें से एक संत ने कहा – “मेरा नाम धन है”
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फ़िर दूसरे संतों की ओर इशारा कर के कहा –
“इन दोनों के नाम सफलता और प्रेम हैं।
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हममें से कोई एक ही भीतर आ सकता है।
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आप घर के अन्य सदस्यों से मिलकर तय कर
लें कि भीतर किसे निमंत्रित करना है।”
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औरत ने भीतर जाकर अपने पति को यह सब
बताया।
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उसका पति बहुत प्रसन्न हो गया और
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बोला –“यदि ऐसा है तो हमें धन को आमंत्रित
करना चाहिए।
हमारा घर खुशियों से भर जाएगा।”
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पत्नी – “मुझे लगता है कि हमें सफलता को
आमंत्रित करना चाहिए।”
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उनकी बेटी दूसरे कमरे से यह सब सुन रही थी।
वह उनके पास आई और बोली –
“मुझे लगता है कि हमें प्रेम को आमंत्रित करना
चाहिए। प्रेम से बढ़कर कुछ भी नहीं हैं।”
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“तुम ठीक कहती हो, हमें प्रेम
को ही बुलाना चाहिए” – उसके माता-पिता ने
कहा।
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औरत घर के बाहर गई और उसने संतों से पूछा –
“आप में से जिनका नाम प्रेम है वे कृपया घर में
प्रवेश कर भोजन गृहण करें।”
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प्रेम घर की ओर बढ़ चले।
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बाकी के दो संत भी उनके
पीछे चलने लगे।
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औरत ने आश्चर्य से उन दोनों से पूछा –
“मैंने
तो सिर्फ़ प्रेम को आमंत्रित किया था। आप लोग
भीतर क्यों जा रहे हैं?”
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उनमें से एक ने कहा – “यदि आपने धन और
सफलता में से किसी एक कोबुलाया होता
तो केवल वही भीतर जाता।
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आपने प्रेम को आमंत्रित किया है।
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प्रेम कभी अकेला नहीं जाता।
प्रेम जहाँ-जहाँ जाता है, धन और सफलता
उसके पीछे जाते हैं।
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इस कहानी को एक बार, 2 बार, 3 बार
पढ़ें ……..
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अच्छा लगे तो प्रेम के साथ रहें,
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प्रेम बाटें, प्रेम दें और प्रेम लें
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क्यों कि प्रेम ही
सफल जीवन का राज है।

‪#‎प्रेम_बंसल‬

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