Posted in भारत का गुप्त इतिहास- Bharat Ka rahasyamay Itihaas

बाजीराव बल्लाल


Rakesh Bali
2 hrs ·
शिवाजी का सपना, जिसे बाजीराव बल्लाल भट्ट ने पूरा कर दिखाया?

दरअसल जब औरंगजेब के दरबार में अपमानित हुए वीर शिवाजी आगरा में उसकी कैद से बचकर भागे थे तो उन्होंने एक ही सपना देखा था, पूरे मुगल साम्राज्य को कदमों पर झुकाने का। मराठा ताकत का अहसास पूरे हिंदुस्तान को करवाने का। अटक से कटक तक केसरिया लहराने का और हिंदू स्वराज लाने का। इस सपने को किसने पूरा किया? पेशवाओं ने, खासकर पेशवा बाजीराव प्रथम ने।

संजय लीला भंसाली ने एक तरह से इतिहास पर एक उपकार किया है। मराठा और हिंदुस्तानी इतिहास के साथ न्याय किया है, लेकिन ये न्याय अब भी अधूरा है।

दस दिन की दूरी बाजीराव ने केवल पांच सौ घोड़ों के साथ 48 घंटे में पूरी की, बिना रुके, बिना थके। देश के इतिहास में ये अब तक दो आक्रमण ही सबसे तेज माने गए हैं, एक अकबर का फतेहपुर से गुजरात के विद्रोह को दबाने के लिए नौ दिन के अंदर वापस गुजरात जाकर हमला करना और दूसरा बाजीराव का दिल्ली पर हमला।

बाजीराव दिल्ली तक चढ़ आया, आज जहां तालकटोरा स्टेडियम है, वहां बाजीराव ने डेरा डाल दिया। उन्नीस-बीस साल के उस युवा ने मुगल ताकत को दिल्ली और उसके आसपास तक समेट दिया था। तीन दिन तक दिल्ली को बंधक बनाकर रखा। मुगल बादशाह की लाल किले से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं हुई। यहां तक कि 12वां मुगल बादशाह और औरंगजेब का नाती दिल्ली से बाहर भागने ही वाला था कि बाजीराव मुगलों को अपनी ताकत दिखाकर वापस लौट गया। नहीं दिखाया भंसाली ने ये सब,

लेकिन क्या आगे की पीढ़ियां ये जानेंगी कि हिंदुस्तान के इतिहास का बाजीराव अकेला ऐसा योद्धा था, जिसने 41 लड़ाइयां लड़ीं और एक भी नहीं हारी,
बाजीराव पहला ऐसा योद्धा था, जिसके समय में 70 से 80 फीसदी भारत पर उसका सिक्का चलता था।

आगे की पीढ़ियां बाजीराव को जानेंगी, भंसाली को इसका क्रेडिट मिलना चाहिए, लेकिन एक रोमांटिक हीरो की तरह जानेंगी, एक ऐसे योद्धा की तरह जानेंगी, जिसने कट्टर ब्राह्मणों से टक्कर लेकर भी अपनी मुस्लिम बीवी को बनाए रखा। बेटे का संस्कार ना करने पर उसका नाम बदलकर गुस्से में कृष्णा से शमशेर बहादुर कर दिया, इसलिए जानेंगी। जोधा अकबर की तरह बाजीराव मस्तानी को भी जाना जाएगा।

वर्ल्ड वॉर सेकंड में ब्रिटिश आर्मी के कमांडर रहे मशहूर सेनापति जनरल मांटगोमरी ने भी अपनी किताब ‘हिस्ट्री ऑफ वॉरफेयर’ में बाजीराव की बिजली की गति से तेज आक्रमण शैली की जमकर तारीफ की है और लिखा है कि बाजीराव कभी हारा नहीं। आज वो किताब ब्रिटेन में डिफेंस स्टडीज के कोर्स में पढ़ाई जाती है। बाद में यही आक्रमण शैली सेकंड वर्ल्ड वॉर में अपनाई गई, जिसे ‘ब्लिट्जक्रिग’ बोला गया।
निजाम पर आक्रमण के एक सीन में भंसाली ने उसे दिखाने की कोशिश भी की है।

बाजीराव हर हिंदू राजा के लिए आधी रात मदद करने को तैयार था वो,
पूरे देश का बादशाह एक हिंदू हो, उसके जीवन का लक्ष्य ये था, लेकिन जनता किसी भी धर्म को मानती हो उसके साथ वो न्याय करता था।

कभी वाराणसी जाएंगे तो उसके नाम का एक घाट पाएंगे, जो खुद बाजीराव ने 1735 में बनवाया था, दिल्ली के बिरला मंदिर में जाएंगे तो उसकी एक मूर्ति पाएंगे। कच्छ में जाएंगे तो उसका बनाया आइना महल पाएंगे, पूना में मस्तानी महल और शनिवार बाड़ा पाएंगे।

अगर पेशवा कम उम्र में ना चल बसता, तो ना अहमद शाह अब्दाली या नादिर शाह हावी हो पाते और ना ही अंग्रेज और पुर्तगालियों जैसी पश्चिमी ताकतें। TALENT HUNT CONTEST
Manohar Sansar Publishers has launched TALENT HUNT CONTEST. Prizes worth Rs. 20,000/- will be given to the winners. Winners will also have a chance to get published and earn royalties. A unique contest that promises money, name and fame to the winners! To know where and how you have to send the entries visit Manohar Sansar Publishers’ website: Participant can buy a copy of this book from Amazon online store. http://www.amazon.in
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Posted in PM Narendra Modi

श्रीलंका में राजीव गांधी के साथ इस घटना


Rohit Sardana and Sudhir Chaudhary Fan Club's photo.
Rohit Sardana and Sudhir Chaudhary Fan Club

17 hrs ·

श्रीलंका में राजीव गांधी के साथ इस घटना(photo-1987) ने प्रत्येक देश को चेतावनी दे डाली थी ..

किसी दूसरे देश के राजनयिकों के दौरे से पहले गार्ड ऑफ ओनर देने वालों का पूरा Mental CheckUp किया जाता है और ज़रा सी भी शंका होने पर संदेहास्पद सिपाही या अफसर को राजनयिक से दूर रखा जाता है..
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एसे में 2 घंटे पहले सुचना देकर, आतंकीयों के गढ में घुसकर, दुश्मन आर्मी द्वारा गार्ड ओफ ओनर पाना, दुश्मन देश के प्रधानमंत्री के घर में घुसकर उनकी मां का चरणस्पर्श करके आशीर्वाद लेना — ये कोई भी देश के प्रधानमंत्री के लिए नामुमकीन है ..!! इसके लिए मुठ्ठी में मौत लेकर चलना पडता है, 56 का सीना लगता है … !!
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कोंग्रेस को ये हजम नहि हो रहा क्युंकि उनकी पार्टी के राजीवगांधी की पीटाई हो गई थी श्रीलंका में ..!!

Posted in भारत का गुप्त इतिहास- Bharat Ka rahasyamay Itihaas

Bajirao Mastani


 

Facts about Peshwa Bajirao, which the movie “Bajirao Mastani” doesn’t describe

1. Bajirao never gave importance to caste. He promoted talented Maratha and Dalit soldiers in his army purely on merit. Similarly he never gave importance to religion. His battle with the Mughals remains restricted to his desire to end the Mughal tyranny.

2. It is said that when he received Maharaj Chattrasal’s letter (from Bundelkhand’s soldier & not from Mastani as shown in the movie) asking for help, he was having his meal. He left immediately & his soldiers joined later. He said “History would say that Bajirao was enjoying his meal & hence Chattrasal was defeated”

3. Bajirao is reported to have requested the Rana of Udaipur to become the emperor of India to head what he called ‘Hindu Padpadshahi’ (Hindu empire).

4. He is often compared with Napoleon Bonaparte by many great historians.

5. Bajirao’s decision to advance against Nadir Shah is said to have chilled Nadir Shah’s decision to attack Deccan & this cruel persian ruler who idolized Genghis Khan and Timur returns back to his country (The same Nadir Shah of Iran who looted and massacred Delhi and took the Peacock Throne and Kohinoor Diamond)

6. He spent 70% of his life with soldiers in camps, travelling & in battlefield. He ate with his soldiers.

7. He also died in a shamiyana (22nd April 1740) at Raverkhedi in Madhya Pradesh & his memorial exists there. People over there even today remember & respect him & call him as “Peshwa Sarkar” & his place as “Peshwa Sarkar ka Mandir”.

8. His premature death, due to super human exertions he underwent for the speedy realization of Hindu Padpadshahi, was a greater blow to the Hindu cause than half a dozen invasions of Nadir Shah.

9. After taking Kukshi fort when he advanced north & arrived at Mewar, Maharana Jagat Singh (descendant of Maharana Pratap) gave a grand reception to welcome him. Honouring him, Jagat Singh requested him to sit on the golden throne. In response to this, Bajirao Ballal sat on the silver foot rest. Everyone was shocked to see this. Bajirao’s explaination was that he doesn’t deserve to sit on the throne which was once Maharana Pratap’s throne.

10. Bajirao expanded the Maratha Kingdom beyond Maharashtra. (At its peak the Maratha empire included some parts of today’s Afghanisthan, Bangladesh and Pakistan).

11. It was he who was responsible for ending 800 years of Mughal dominance in the Indian subcontinent.

12. Shahu Maharaj had once said “ If I am asked to choose between 10,000 army men & Bajirao ,I will surely choose Bajirao”

13. Bajirao’s strategic warfare tactics are included in military trainings chapters of US army.

14. Bajirao was brilliant at charging bhala (spear). It’s said that his throw was so powerful that not only the horsemen died but also the horse used to get injured.

15. His enemies use to tremble hearing his name. For those who have seen the movie must have seen the fright on the face of Bangash Khan in the initial half of the film & then later on the face of Nazir Jung (Nizam’s son) in the 2nd half of the movie when they see him & the Maratha flag marching towards them.

16. This was when Bajirao went to meet Nizam who was then the most powerful ruler in south. When he was offered seat by Nizam, Bajirao replied that he will sit only with the Maratha flag on the background. Hence the Maratha flag was displayed on the background & only then he sat.

(I have written these points just as they struck my mind…They may not be in historical order .. I have much more to write…but these I felt were the most important points.. Please excuse)

Finally I would end saying “THOSE WHO DO NOT READ HISTORY ARE DESTINED TO SUFFER THE REPETITION OF ITS MISTAKES”

***if u really like & appreciate the efforts of this great Peshwa, do copy + paste or share this so that many others know about him

‪#‎Bajirao‬ ‪#‎TheGreatMaratha‬ ‪#‎BajiraoPeshwa‬ ‪#‎BajiraMastani‬‪#‎IndianHistory‬ Bajirao Mastani

Rss Kailash Sharma's photo.
Rss Kailash Sharma's photo.
Posted in कविता - Kavita - કવિતા

Mother


एक मित्र ने बहुत ही सुंदर पंक्तियां भेजी है, फारवर्ड करने से खुद को रोक नहीं पाया ….

जीभ जन्म से होती है 
और मृत्यु तक रहती है…..
क्योकि वो कोमल होती है.
दाँत जन्म के बाद में आते है 
और मृत्यु से पहले चले जाते हैं.. 
क्योकि वो कठोर होते है। 

छोटा बनके रहोगे तो 
मिलेगी हर बड़ी रहमत…
बड़ा होने पर तो 
माँ भी गोद से उतार देती है.
पानी के बिना नदी बेकार है,
     अतिथि के बिना आँगन बेकार है,
   प्रेम न हो तो सगे-सम्बन्धी बेकार है,
       पैसा न हो तो पाकेट बेकार है,
           और जीवन में गुरु न हो
               तो जीवन बेकार है,,
                इसलिए जीवन में
         “गुरु”जरुरी है.. “गुरुर” नही.ं
यदि कबीर जिन्दा होते तो आजकल के दोहे यह होते :-

🔹नयी सदी से मिल रही, दर्द भरी सौगात!
       बेटा कहता बाप से, तेरी क्या औकात!!
🔹पानी आँखों का मरा, मरी शर्म औ लाज!
      कहे बहू अब सास से, घर में मेरा राज!!
🔹भाई भी करता नहीं, भाई पर विश्वास!
     बहन पराई हो गयी, साली खासमखास!!
🔹मंदिर में पूजा करें, घर में करें कलेश!
      बापू तो बोझा लगे, पत्थर लगे गणेश!!
🔹बचे कहाँ अब शेष हैं, दया, धरम, ईमान!
      पत्थर के भगवान हैं, पत्थर दिल इंसान!!
🔹पत्थर के भगवान को, लगते छप्पन भोग!
      मर जाते फुटपाथ पर, भूखे, प्यासे लोग!!
🔹फैला है पाखंड का, अन्धकार सब ओर!
     पापी करते जागरण, मचा-मचा   कर शोर!
🔹पहन मुखौटा धरम का, करते दिन भर पाप!
     भंडारे करते फिरें, घर में भूखा बाप!😒😒😒😒
मन लगाकर पढ़िये और दिल से सोचो की माँ के दिल पर क्या गुजरती हैं जब ये उनके साथ होता हैं:~
🔆वाह रे जमाने तेरी हद हो गई,
    बीबी के आगे मदर रद्द हो गई !

♻बड़ी मेहनत से जिसने पाला,
    आज वो मोहताज हो गई !
♻और कल की छोकरी, तेरे  
    सर का ताज हो गई !
♻बीवी हमदर्द और मॉं सरदर्द
     हो गई !

    🔆वाह रे जमाने तेरी हद ………
♻पेट पे सुलाने वाली, पैरों में सो
       रही है !
♻बीवी के लिए लिम्का,
      मॉं पानी को रो रही है !
♻सुनता नहीं कोई, वो आवाज
     देते देते सो गई !

    🔆वाह रे जमाने तेरी हद ………
♻मॉं मांजती है बर्तन , वो सजती
       संवरती है !
♻अभी निपटी ना बुढ़िया तू ,
       इस लीये उस पर बरसती है !
♻अरे दुनिया को आई मौत,
       मौत तेरी कहॉ गुम हो गई !
        
   🔆वाह रे जमाने तेरी हद  ……….
♻अरे जिसकी कोख में पला,
     अब उसकी छाया बुरी लगती है,

♻बैठे होण्डा पे महबूबा,
     कन्धे पर हाथ जो रखती,
♻वो यादें अतीत की,
       वो मोहब्बतें मॉ की,
                 सब रद्द हो गई !
🔆 वाह रे जमाने तेरी हद  ………..

♻बेबस हुई मॉ अब,
      दिए टुकड़ो पर पलती है,
♻अतीत को याद कर,
     तेरा प्यार पाने को मचलती है !
♻अरे मुसीबत जिसने उठाई,
       वो खुद मुसीबत हो गई !

🔆 वाह रे जमाने तेरी हद …….
♻🌿♻🌿♻🌿♻🌿♻🌿आप सभी से हाथ
जोड़कर निवेदन हैं की आप
ये मैसेज ज्यादा से ज्यादा
अपने दोस्तों को भेजो जिससे
उनके मन में  अपनी माँ के प्रति
दया की भावना आ जाये और
माँ पर होने वाले अत्याचार से
माँ को  छुटकारा मिल जाये ।
कृपया माँ की खातिर कम से
कम
10 लोगो को भेजो प्लीज