Posted in नहेरु परिवार - Nehru Family

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पिछली नालायक सरकार ने इंदिरा गाँधी को एक
बहुत
ही जिम्मेदार ,
ताकतवर और राष्ट्रभक्त महिला बताया है और आप भी इंदिरा को आयरन लेडी समझते हैं
चलिए
इसकी कुछ
कडवी हकीकत से मैं भी आज आपको रूबरू
करवाता हूँ !!!
इंदिरा प्रियदर्शिनी ने नेहरू राजवंश को
अनैतिकता की नयी ऊँचाई पर
पहुचाया. बौद्धिक इंदिरा को ऑक्सफोर्ड
विश्वविद्यालय में
भर्ती कराया गया था लेकिन वहाँ से
जल्दी ही पढाई में खराब प्रदर्शन
के कारण बाहर निकाल दी गयी. उसके बाद
उनको शांतिनिकेतन
विश्वविद्यालय में भर्ती कराया गया था,
लेकिन गुरु
देव रवीन्द्रनाथ
टैगोर ने उन्हें उसके दुराचरण के लिए बाहर कर
दिया.
शान्तिनिकेतन से
बहार निकाल जाने के बाद
इंदिरा अकेली हो गयी.
राजनीतिज्ञ के रूप में
पिता राजनीति के साथ व्यस्त था और
मां तपेदिक के कारण
स्विट्जरलैंड में
मर रही थी. उसके इस अकेलेपन
का फायदा फ़िरोज़
खान नाम के
व्यापारी ने उठाया. फ़िरोज़ खान
मोतीलाल नेहरु
के घर पर
मेहेंगी विदेशी शराब
की आपूर्ति किया करता था.
फ़िरोज़ खान और
इंदिरा के बीच प्रेम सम्बन्ध स्थापित हो गए.
महाराष्ट्र के तत्कालीन
राज्यपाल डा. श्री प्रकाश ने नेहरू को
चेतावनी दी,
कि फिरोज खान इंदिरा के
साथ अवैध संबंध बना रहा था. फिरोज खान
इंग्लैंड में
था और
इंदिरा के प्रति उसकी बहुत सहानुभूति थी.
जल्द
ही इंदिरा अपने धर्म
का त्याग कर,एक मुस्लिम महिला बनी और
लंदन के एक
मस्जिद में
फिरोज खान से उसकी शादी हो गयी.
इंदिरा प्रियदर्शिनी नेहरू ने
नया नाम मैमुना बेगम रख लिया.
उनकी मां कमला नेहरू
इस शादी से
काफी नाराज़ थी जिसके कारण
उनकी तबियत और
ज्यादा बिगड़ गयी.
नेहरू भी इस धर्म रूपांतरण से खुश नहीं था
क्योंकि इससे
इंदिरा के
प्रधानमंत्री बनने की सम्भावना खतरे में आ
गयी. तो,
नेहरू ने
युवा फिरोज खान से कहा कि अपना उपनाम
खान से
गांधी कर लो.
परन्तु इसका इस्लाम से हिंदू धर्म में परिवर्तन के
साथ
कोई लेना –
देना नहीं था. यह सिर्फ एक शपथ पत्र
द्वारा नाम
परिवर्तन का एक
मामला था. और फिरोज खान फिरोज
गांधी बन
गया , हालांकि यह
बिस्मिल्लाह शर्मा की तरह एक असंगत नाम है.
दोनों ने ही भारत
की जनता को मूर्ख बनाने के लिए नाम
बदला था. जब
दोंनो भारत लौटे,
एक नकली वैदिक विवाह जनता के उपभोग के
लिए
स्थापित
किया गया था. इस प्रकार, इंदिरा और उसके
वंश
को काल्पनिक नाम
गांधी मिला. नेहरू और
गांधी दोनों फैंसी नाम हैं.
जैसे एक गिरगिट
अपना रंग बदलती है, वैसे ही इन लोगों ने
अपनी असली पहचान छुपाने के
लिए नाम बदले. . के.एन. राव की पुस्तक नेहरू
राजवंश
(10:8186092005 ISBN)
में यह स्पष्ट रूप से
लिखा गया है संजय गांधी फ़िरोज़
गांधी का पुत्र
नहीं था,
जिसकी पुष्टि के लिए उस पुस्तक में अनेक
तथ्यों को सामने
रखा गया है. उसमें यह साफ़ तौर पर लिखा हुआ
है
कि संजय गाँधी एक
और मुस्लिम मोहम्मद यूनुस नामक सज्जन
का बेटा था.
दिलचस्प बात
यह है कि एक सिख लड़की मेनका का विवाह
भी संजय
गाँधी के साथ
मोहम्मद यूनुस के घर में ही हुआ था. मोहम्मद
यूनुस ही वह
व्यक्ति था जो संजय गाँधी की विमान
दुर्घटना के
बाद सबसे
ज्यादा रोया था. यूनुस की पुस्तक
व्यक्ति जुनून और
राजनीति
(persons passions and politics )
(ISBN-10:
0706910176)
में साफ़ लिखा हुआ है कि संजय
गाँधी के
जन्म के बाद
उनका खतना पूरे मुस्लिम रीति रिवाज़ के
साथ
किया गया था.
कैथरीन फ्रैंक की पुस्तक
“the life of Indira Nehru Gandhi
(ISBN:
9780007259304)

में इंदिरा गांधी के अन्य प्रेम
संबंधों के
कुछ पर
प्रकाश डाला है. यह लिखा है
कि इंदिरा का पहला प्यार शान्तिनिकेतन
में जर्मन शिक्षक के साथ था. बाद में वह एमओ
मथाई,
पिता के
सचिव
धीरेंद्र ब्रह्मचारी इंदिरा का योग शिक्षक
के साथ
और दिनेश सिंह
विदेश मंत्री के साथ भी अपने प्रेम संबंधो के
लिए
प्रसिद्द हुई. पूर्व
विदेश मंत्री नटवर सिंह ने इंदिरा गांधी के
मुगलों के
लिए संबंध के बारे में
एक दिलचस्प रहस्योद्घाटन
किया अपनी पुस्तक
“profiles and
letters ” (ISBN: 8129102358) में किया. यह
कहा गया है
कि 1968 में इंदिरा गांधी भारत
की प्रधानमंत्री के
रूप में
अफगानिस्तान की सरकारी यात्रा पर
गयी थी .
नटवरसिंह एक
आईएफएस अधिकारी के रूप में इस दौरे पे गए थे.
दिन भर
के
कार्यक्रमों के होने के बाद
इंदिरा गांधी को शाम में
सैर के लिए बाहर
जाना था . कार में एक लंबी दूरी जाने के
बाद,
इंदिरा गांधी बाबर
की कब्रगाह के दर्शन करना चाहती थी,
हालांकि यह
इस
यात्रा कार्यक्रम में शामिल
नहीं किया गया.
अफगान
सुरक्षा अधिकारियों ने उनकी इस इच्छा पर
आपत्ति जताई पर
इंदिरा अपनी जिद पर अड़ी रही . अंत में वह उस
कब्रगाह पर गयी . यह
एक सुनसान जगह थी. वह बाबर की कब्र पर सर
झुका कर
आँखें बंद
करके कड़ी रही और नटवर सिंह उसके पीछे खड़े
थे . जब
इंदिरा ने
उसकी प्रार्थना समाप्तकर ली तब वह मुड़कर
नटवर से
बोली आज
मैंने अपने इतिहास को ताज़ा कर
लिया
( Today we
have had our
brush with history ).
यहाँ आपको यह बता दें
कि बाबर मुग़ल
साम्राज्य का संस्थापक था, और नेहरु
खानदान
इसी मुग़ल साम्राज्य
से उत्पन्न हुआ. इतने सालों से भारतीय
जनता इसी धोखे में है कि नेहरु
एक कश्मीरी पंडित था….जो की सरासर गलत
तथ्य
है…..
भाई संजीव कुमार जी ने
कांग्रेस का जन्म दिनांक
८-९-२०१५
में आपको पहले
ही बता 
दिया है
इस तरह इन
नीचों ने भारत में अपनी जड़ें जमाई जो आज एक
बहुत बड़े
वृक्ष में
तब्दील हो गया है
जिसकी महत्वाकांक्षी शाखाओं ने
माँ भारती को आज बहुत जख्मी कर
दिया हैं यह
मेरा एक प्रयास है
कि आज इस सोशल मीडिया के माध्यम
से
ही सही मगर हकीकत
से रूबरू करवा सकूं!!!
बाकी देश के
प्रति यदि आपकी भी कुछ
जिम्मेदारी बनती हो , तो अब आप लोग
निःशब्द
ना बनियेगा
इसे
फैला दीजिए हर घर में !!!!
रॉबर्ट और प्रियंका की शादी सन 1997
में हुई थी .लेकिन अगर कोई रॉबर्ट को ध्यान से देखे
तो यह
बात सोचेगा कि सोनिया ने रॉबर्ट जैसे कुरूप
और
साधारण व्यक्ति से प्रियंका की शादी कैसे
करवा दी?
क्या उसे प्रियंका के लिए कोई उपयुक्त वर
नहीं मिला ,
और यह शादी जल्दी में और चुप चाप
क्यों की गयी . ???
वास्तव में सोनिया ने रॉबर्ट से
प्रियंका की शादी अपनी पोल खुलने के डर से
की थी .
क्योंकि जिस समय सोनिया इंगलैंड में एक
कैंटीन में
बारगर्ल थी . उसी समय उसी जगह रोबट
की माँ मौरीन
(Maureen)
भी यही कामकरती थी
मौरीन को सोनिया और माधव राव
की रास
लीला की बात पता थी ,
जबवह उसी कैंटीन सोनिया उनको शराब
पिलाया करती थी .
मौरीन यह भी जानती थी कि किन
किन लोगों के
साथ सोनिया के अवैध सम्बन्ध थे .
जब सोनिया राजीव से शादी करके
दिल्ली आ गयी ,
तो कुछ समय बाद मौरीन भी दिल्ली में बस
गयी .
मौरीन जानती थी कि सोनिया सत्ता के
लिए कुछ
भी कर सकती है ,
क्योंकि जो भी व्यक्ति उसके खतरा बन
सकता था सोनिया ने उसका पत्ता साफ कर
दिया ,
जैसे संजय , माधव राव , पायलेट जितेन्द्र प्रसाद ,
योगी , यहाँ तक लोगों को यह भी शक है
कि राजीव
की हत्या में सोनिया का भी हाथ है ,
वर्ना वह अपने पति के हत्यारों को माफ़
क्यों कर देती ?
चूँकि मौरीन का पति और रॉबर्ट
का पिता राजेंदर
वडरा पुराना जनसंघी था ,
और सोनिया को डर था कि अगर अपने
पति के दवाब ने
मौरीन अपना मुंहखोल देगी तो मुझे भारत पर
हुकूमत करने
और अपने नालायक कुपुत्र राहुल
को प्रधानमंत्री बनाने
में सफलता नहीं मिलेगी .
इसीलिए सोनिया ने मौरीन के लडके रॉबर्ट
की शादी प्रियंका से करवा दी .
…………शादी के बाद-की कहानी -……….
राजेंद्र वडरा के दो पुत्र , रिचार्ड और रॉबर्ट
और एक
पुत्री मिशेल थे .
और प्रियंका की शादी के बाद सभी एक एक
कर मर गए
या मार दिएगए .
जैसे , मिशेल
( Michelle )
सन 2001
में कार
दुर्घटना में
मारी गयी ,
रिचार्ड ( Richard )
ने सन 2003
में आत्महत्या कर
ली .
और प्रियंका के ससुर सन
2009
में एक मोटेल में मरे
हुए पाए
गए थे .
लेकिन इनकी मौत के कारणों की कोई जाँच
नहीं कराई
गयी ,
और इसके बाद सोनिया ने रॉबर्ट
को राष्ट्रपति और
प्रधान मंत्री के बराबर का दर्जा
SPG
इनाम के तौर
पर दे
दिया .
मित्रो इस रॉबर्ट को कोई
पडोसी भी नहीं जानता था ,
उसने मात्र तीन वर्षों में
करोड़ों की संपत्ति कैसे बना ली ,और कई
कंपनियों का मालिक बन गया , साथ
ही सैकड़ों एकड़
कीमती जमीनें भी हथिया ली
साथीयों अगर
आपको मेरे
द्वारा दी गयी जानकारी अच्छी लगे
तो कृप्या शेयर करना न भूलें

भारत माता
की जय!
वंदे मातरम्!

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એક લાઈન હાસ્ય લાઈન


 

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૨૦ વરસના થયા ત્યાં લગી બાપા કહેતા હતા, તને આમાં ખબર ન પડે.
૨૫ વરસના થયા પછી પત્ની કહેવા લાગ્યા, તમને આમાં ખબર ન પડે.
૫૦ વરસના થયા પછી હવે સંતાનો કહેવા લાગ્યા છે કે તમને આમાં ખબર ન પડે.
સાલું, હવે તો સમજાતું નથી કે ખબર ક્યારે પડે ?

ઊંચી ટાંકી પાસે જઈને એક ભાઈએ પાણી પીવા નળ ખોલ્યો. નળમાંથી એક ટીપું પણ ન નીકળ્યું.ભાઈ નિરાશ થયા.તેમણે ઉપર જોયું તો એક પાટિયું લગાવેલું હતું.તેમાં લખ્યું હતું : ‘BJP’ (બીજે પી !!)
મારા મિત્રના સપનામાં એના દાદા આવ્યા અને કહ્યું તમારે જેટલા પાપ કરવા હોય એટલા કરજો, કેમકે અહી નર્કમાં અમને દીવાલ ઉપર માંડ-માંડ જગ્યા મળી છે.
છોકરી ઓ નું દિલ પાણી જેવું હોય છે
અને
છોકરા ઓ નું દિલ મોબાઈલ જેવું …
મોબાઈલ પાણી માં પડે કે પાણી મોબાઈલ પર બરબાદ મોબાઈલ જ થાય છે …
કોઈ નો અકસ્માત થાય ત્યારે…..
કોઈ નો અકસ્માત થાય ત્યારે બધા ના અલગ અલગ નિવેદનો …..
અમેરીકન : ઓહ માય ગોડ !
પાકિસ્તાની : યા અલ્લાહ !

સાઉથ આફ્રીકન : ઓ….. લા લા !
ગુજરાતી : બઉં હવા મારતો હતો ને …. ઘુસાડી દીધી
પત્નીઓ ભલે પોતાની મમ્મી જોડે ૪૫ મિનિટ સુધી ફોન પર ચોંટીને વાતો કરતી રહે, ફોન મૂકતા પહેલાં તો એમ જ કહેશે કે, ”મમ્મી, પછી ફ્રી થાઉં એટલે નિરાંતે વાત કરું છું…”
અને પેલી બાજુ એની મમ્મી બિચારી પણ એમ જ વિચારે કે, ”જુઓને, બિચારીને ફોનમાં બે મિનિટ વાત કરવાની યે ફૂરસદ નથી !”
जब अमेरिका में लाइट जाती है तो वे पावर ऑफिस में फोन करते हैं।
जब जापान में लाइट जाती है तो फ्यूज चेक करते हैं।
और जब अपने भारत में लाइट जाती है तो सबसे पहले बाहर निकलकर देखते हैं कि सबकी गई है न.. फिर राहत की सांस लेते हैं।
છગને એક સામાયિકમાં જાહેરાત આપી : ‘પ્રિય વાચકો, હું ગાંધીજીના ફોટા ભેગા કરું છું. તમે મદદ કરી શકો છો. તમારા ઘરમાં જેટલી પણ 500/1000 રૂપિયાની નોટ હોય એ મને મોકલી દેવા વિનંતી.’
ચીની કહેવત : એક દિવસ માટે સુખી થવું હોય તો ભૂંડ મારીને ખાજો.
એક અઠવાડિયા માટે સુખી થવું હોય તો લગ્ન કરજો અને જો જિંદગીભર સુખી થવું હોય તો આંગણામાં બાગ બનાવજો!
આવનારી ફિલ્મોના નામ:
જબ વી ચેટ
નમસ્તે ફેસબુક
હમ આપકે હે મ્યુચ્યુઅલ ફ્રેન્ડ
સાત ગાલી માફ
હમ લાઇક કર ચુકે સનમ
કભી રિલેશનશિપ કભી સિંગલ
મેને પોક ક્યું કિયા
મુજસે ચેટિંગ કરોગે…..
માણસ ચારથી કદી સંતુષ્ટ નથી થતો :
(૧) મોબાઈલ (૨) ઓટોમોબાઈલ (૩) ટી. વી. (૪) બી. વી. કારણ ? કારણ કે પડોશી પાસે હંમેશા સારું મોડેલ હોવાનું જ.
ગેલીલિયો દીવાના અજવાળે વાંચતા, ન્યૂટન મીણબત્તીમાં વાંચતો, આઇન્સ્તાઇન શેરીના દીવા હેઠળ વાંચતો. મુઝે યહ સમજ મેં નહિ આતા કી યે સાલે સબ દિન મેં ક્યાં કરતે થે ?
સંતાએ ઘર બંધાવ્યું ને એય પાછું બે માળનું… એણે ઉપરના માળે રંગ કર્યો… ને પછી નીચેના માળે લખી લીધું… ‘Same as above’ ઉપર પ્રમાણે…
તમારા પત્નીનો જન્મદિવસ યાદ રાખવાનો અસરકારક કીમિયો બતાવું ?
બસ એકવાર ભૂલી જવાની હિંમત કરી જુઓ… પછી કદી નહીં ભૂલો..
जो अमृत पीते हैं उन्हें देव…
और
जो विष पीते हैं उन्हें ‘महादेव’ कहते है…
लेकिन विष पीकर भी जो अमृत जैसा मुंह बनाए उसे
‘पतिदेव’ कहते हैं…
लड़की फ्रेंड बनती है तो शादी जैसी फिलिंग भले ही न आती हो… . . .
पर जब block करती है तो माँ कसम तलाक जैसी फिलिंग जरूर आने लगती है।…
બ્રુસ લી નું પ્રિય શાક ? મૂ-લી, નાસ્તો, ઈડ-લી. પ્રિય એક્ટ્રેસ ? સોના-લી, પ્રિય પ્રાણી ? બિલ-લી, હથિયાર ? ગો-લી, ટાઈમપાસ ? ખુજ-લી.
સરકારી ઓફિસની પરીક્ષામાં એક પાટિયું મારેલું હતું : અહી અવાજ ના કરવો. કોઈ અટકચાળાએ નીચે એક લીટી ઉમેરી દીધી :
નહીતર કદાચ અમે ઊંઘમાંથી ઊઠી જઈએ.
ખુદી કો કર બુલંદ ઈતના કી હિમાલય કી ચોટી પે જા પહોંચે. ઔર ખુદા તુમસે ખુદ પૂછે : બેટા, આ તો ગયા અબ ઊતરેગા કૈસે ?
વ્યક્તિ લગ્ન પહેલા ‘એરટેલ’ જેવી હોય છે. ઐસી આઝાદી ઔર કહા ? ને લગ્ન પછી ? ‘હચ’ જેવી : Wherever you go, network follows.
શાહજહાએ તાજમહેલને અંદર, બહાર ફરીને ધ્યાનથી જોયો. દીવાલો અને છત… બધું જોઇને પછી બબડયો : મજાક મજાક મેં બહોત ખર્ચા કર ડાલા….
લેક્ચરરની વ્યાખ્યા : એક એવી વ્યક્તિ જેને કોઈક સુતું હોય ત્યારે બોલ્યે રાખવાની કુટેવ હોય !
હોશિયાર, બુધ્ધિશાળી, સુંદર, પ્રેમાળ, સમજુ, સ્વાદિષ્ટ ભોજન બનાવનારી ધર્મપત્ની મળી છે એવું કોઈ કહે તો એ ઘટનાને તમે શું કહો ? કઈ નહીં…. અફવા કહું, બીજું શું કહું ?
જો ડોક્ટર ફિલ્મ બનાવે તો કેવા શીર્ષકો રાખે ?
ઓપીડી સે ઘર તક / દો પેશન્ટ બારહ ડોક્ટર / કાશ એ પેશન્ટ હમારા હોતા… / ઓટી કે ઉસ પાર / મુઝે પેશન્ટ મિલ ગયા… / મેરા પ્રિસ્ક્રીપ્શન તુમ્હારે પાસ હૈ… / મેરા સ્ટેથો તેરા દિલ… / હમ આપકે લંગ્ઝ મેં રહતે હૈ.
સંતા એ ઘોડાઓ વિશે ૨૦૦ પાનાની ચોપડી લખી. શીર્ષક હતું : ઘોડા કઈ રીતે દોડે છે ? પ્રથમ પાના પર લખ્યું હતું : ઘોડા કઈ રીતે દોડે છે ? …બાકીના ૧૯૯ પાના પર લખ્યું હતું : તબડક… તબડક… તબડક…
પોતે ખોટી હોય અને સરન્ડર થાય એ વ્યક્તિને પ્રામાણિક કહેવાય, જેને પોતાની વાત બાબતે ખાતરી ન હોય અને સરન્ડર થાય એને ડાહી કહેવાય પણ જે વ્યક્તિ સાચી હોય છતાં સરન્ડર થઇ જાય એને પતિ કહેવાય.
સંતાને સાઈકલનું પેંડલ જડયું ક્યાંકથી… એણે ઘરે જઈ પત્નીને આપ્યું અને કહ્યું : લે ઇસે સંભાલ કે રખ… કભી ઇસમે સાઈકલ ડલવાયેંગે…
થોડીક પરાકાષ્ઠા… Heights.
ફેશનની પરાકાષ્ઠા : કોઈને કોરું વિઝીટીંગ કાર્ડ આપવું તે…
પતિ જોઈએ છે’ એવી જાહેરાતના જવાબમાં એક હજાર સ્ત્રીઓએ લખ્યું : અમારો લઈ જાઓ.
પત્ની એને કહેવાય જે લગ્ન પછી ૧૦-૧૫ વર્ષ સુધી ટોકી ટોકીને તમારી બધી જ આદતોને બદલતી રહે અને પછી પાછી એની એ જ આવું કહે : ‘તમે હવે પહેલા જેવા નથી રહ્યા.’
એક જાહેર દીવાલ પર લખ્યું હતું : વાંચવાવાળો ગધેડો…
ગુસ્સે થયેલા મગને લખાણ ભૂંસી નાખ્યું અને લખ્યું ‘લખવાવાળો ગધેડો…
મુર્ખાઈની પરાકાષ્ઠા : કાચના બારણાના કી-હોલમાંથી જોવું તે.
ફેશનની પરાકાષ્ઠા : કોઈને કોરું વિઝીટીંગ કાર્ડ આપવું તે…
સંતા એ ઘોડાઓ વિશે ૨૦૦ પાનાની ચોપડી લખી. શીર્ષક હતું : ઘોડા કઈ રીતે દોડે છે ? પ્રથમ પાના પર લખ્યું હતું : ઘોડા કઈ રીતે દોડે છે ? …બાકીના ૧૯૯ પાના પર લખ્યું હતું : તબડક… તબડક… તબડક…
સરકારી ઓફિસની પરીક્ષામાં એક પાટિયું મારેલું હતું : અહી અવાજ ના કરવો. કોઈ અટકચાળાએ નીચે એક લીટી ઉમેરી દીધી :
નહીતર કદાચ અમે ઊંઘમાંથી ઊઠી જઈએ.
કોઈ ગુજરાતી જયારે એમ કહે કે મારો દીકરો સ્ટેટમાં ગયો ત્યારે શો અર્થ કરવાનો ? Simple. એનો દીકરો નાપાસ થયો એવો અર્થ.
રજનીકાંત ગિટાર વગાડતો હતો.. અવકાશમાંથી એક એલિયને આવીને વિનંતી કરી : મારો દીકરો વાંચે છે, જરા ધીમેથી વગાડશો ભાઈ !
એક બસની પાછળ આવું લખ્યું હતું :
અગર ખુદાને ચાહા તો મંઝિલ તક પહૂંચા દુંગા ઔર અગર આંખ લગ ગઈ તો મા કસમ, ખુદા સે હી મિલવા દુંગા.
સંતાએ છાપામાં વાંચ્યું : માઈક્રોસોફ્ટવાળાએ ૪ લાખ ડોલરમાં યાહૂ મેસેન્જર ખરીધ્યું.
માથું ખંજવાળી સંતા બબડયો : અરે પાપે, ખરીદા કયું ? ડાઉનલોડ કર લેતા તો…
હવે ૫૦ રૂ.ના રીચાર્જ પર ૫૦૦૦ રૂ. નો ટોકટાઈમ ૧૦૦ વર્ષની ગેરંટી, ૦.૦૧ પૈસામાં એક મિનિટની વાતચીત… આ બધા માટે સંપર્ક કરો : www. જા અપના ટાવર ખુદ લગા લે. Com
સંતાને વિમા એજન્ટે ફોર્મ ધર્યું Sign એવું લખ્યું હતું. સંતાએ ફટ દઈને લખી દીધું : Leo (સિંહ રાશિ)
કંજુસીની પરાકાષ્ઠા કઈ ? મારવાડી સેકન્ડ હેન્ડ નેનો ખરીદવાની રાહ જુવે. એમાંય જો ગેસ કીટ ફીટ કરેલ હોય તો પેલી પસંદગી….
ધારો કે તમે પત્ની સાથેની દલીલબાજીમાં જીતી ગયા. હવે શું કરશો ? એની માફી માગી લો ભાઈ, જો શાંતિથી જીવવું હોય તો.
દુનિયા તમારી નોંધ લે, તમને જોઈને ચોંકી ઊઠે એવું ઈચ્છો છો? સહેલું છે યાર ! હાથી પર શીર્ષાસન કરો, ફોટો પડાવો ને પછી ઊંધો લટકાવી દો. પછી જોઈ લો મજા !!
સુથાર
છોલવું કારણ વિના એ એમની લત હોય છેપ્રેમનો રંધો નવો ને રોજ કસરત હોય છેછે ટકાઉ સાગ જેવું દિલ છતાં વ્હેરાય છેએમની પાસે નજરની એક કરવત હોય છે
લુહાર
ઘણની સાથે કોની જોડી હોય છે ?લાગણી ટીપી ને તોડી હોય છેબેવફા તારા હૃદયની એરણે –રોજ બદલાતી હથોડી હોય છે !
ટપાલી
તારી ગલીમાં જાતને વેચ્યા કરું છું હુંતારા પ્રણયના બોજને ખેંચ્યા કરું છું હુંકોની કૃપાથી હું ઘસું છું તારા ઉંબરા ?પત્રો લખે છે કોક ને વહેંચ્યા કરું છું હું !
ટાલ ધરાવનાર
હું ઘસાયો એકલો ને તું સદા વ્હેતી ગઈ‘લ્યો લપસજો’ કહીને લીસ્સા ઢાળ તું દેતી ગઈતેં દિધેલો કાંસકો ઝાલીને હું બેસી રહ્યોબેવફા તું મસ્તકેથી વાળ પણ લેતી ગઈ !
સેલ્સમેન
સાવ રીઝનેબલ અમારા રેટ છેપ્રેમપત્રોનું અસલ પેકેટ છેહર સિઝનમાં ચાલતી પ્રોડક્ટ આ –વાપરો તો દિલ મફતમાં ભેટ છે
દરજી
ગાજ-ટાંકામાં નવું શું ? રોજ એ કરતો રહું ?પ્રેમનો ગ્રાહક મળે તો રોજ છેતરતો રહુંઆમ તો કાતર જૂની છે, તોય રઘવાયી રહેપારકા તાકા મળે તો રોજ વેતરતો રહું !
પોલીસ
હથકડી હૈયાની નહીં તૂટી શકે !મુજ વિના કોઈ નહીં લૂંટી શકે !તું ભલે ઝડપાઈ મારા પ્રેમમાં –પણ વગર હપ્તે નહીં છૂટી શકે !
ઈંગ્લીશ બોલતો ગુજરાતી
ફિલ્ડ છે લવનું ડીયર, તું ફલર્ટ કર ને ફ્લાય કરતન થયું ટાયર્ડ, તો તું મનને મેગ્નીફાય કરપ્રેમમાં ઈનફેક્ટ, યુ સી, ન્હોય પરમેનન્ટ કૈંતુંય થા બીઝી ગમે ત્યાં, ને ગમે ત્યાં ટ્રાય કર !
દૂરદર્શનનો ઉદ્દઘોષક
પ્રેમનું આ છે પ્રસારણ દિલની ચેનલ વન ઉપરહે પ્રિયે ચેનલ બદલ ના વાત લેજે મન ઉપરખેંચ ના સિરિયલ હવે સંબંધની દર્શનેએક એપિસોડ તો કર પાસના દર્શન ઉપર
ક્રિકેટર
છે પ્રિયે લિમિટેડ ઓવર્સ, ને પ્રણયની ખેંચ છેડેડ-પીચ પર ચાલતી આ એક વન-ડે મેચ છેથર્ડ અમ્પાયરને વચમાં નાંખ ના, આ પ્રેમ છેઆપણો સંબંધ શું છૂટી ગયેલો કેચ છે
પાયલોટરન-વે પ્રણયનો વ્યસ્ત છે, પ્લેનો હજાર છેતારી નજરનો જોકે જુદેરો પ્રકાર છેજગ્યા તો તરત થઈ જશે, તું લેન્ડ કરી જોસિગ્નલ સતત ઝીલે છે, હૃદયનું રડાર છે
કંઈ કેટલીય છોકરીઓ સપનાં જોતી હોય છે કે એક દિવસ એક રાજકુમાર ઘોડા પર સવાર થઈને આવશે….
ખરેખર ! હવે પેટ્રોલના ભાવ જોતાં એ સપનું સાકાર થાય એવા દિવસો નજીક આવી રહ્યાં છે…
આજના યુવાનોએ આજના વૃદ્ધોને માન અને સન્માન બંને આપવું જોઈએ કારણ કે આ એ પેઢી છે… જે ગુગલ અને વિકીપીડીયા વિના પાસ થઈ છે !
નવા સંશોધન મુજબ વૈજ્ઞાનિકો કહે છે કે જગતની 1 ટકા મહિલાઓ માનસિક બિમારીની દવાઓ લે છે.
ટૂંકમાં ચેતજો ! 99 ટકા મહિલાઓ યોગ્ય દવાઓ વિના છૂટ્ટી ફરી રહી છે !
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પરણેલી મહિલા તેના પતિ સાથે નવા ઘરમાં આવી!!!


પરણેલી મહિલા તેના પતિ સાથે નવા ઘરમાં આવી!!!

નવી પરણેલી યુવતી તેના પતિ સાથે નવા ઘરે રહેવા માટે આવી…!!!
તેણીએ આવતાની સાથે જ એક નાનું બોક્ષ માળિયા પર રાખતા તેના પતિ ને કહ્યું કે આ બોક્ષને અડવાનું નહીં,
તમારે મારી માતાએ ખાસ મારા માટે આ મોક્લ્યું છે…
પતિ ડાહ્યો હતો…
એને એમ લાગ્યુ કે જરૂર કંઇક અગત્યનું હશે…
એટલે વધારે કાંઇ પૂછ્યુ નહિં…!!!
અને આમ ને આમ વર્ષોનાં વર્ષો ચાલ્યા ગયા….
૫૦ વર્ષ સુધી પતિ એ તો તે બોક્ષને અડી પણ નહીં…
આ બાજુ પત્ની પણ ઘરડી થઇ ગઈ હતી…
અને મૃત્યુ નજીક આવતાં એ મરણ-પથારી એ પડી હતી..
એક દિવસ જ્યારે પતિ ઘરની વસ્તુઓ બરાબર ગોઠવતો હતો ત્યારે અચાનક પેલું બોક્ષ તેના ધ્યાનમાં આવ્યું…!!!
અને તેણે વિચાર્યું કે આ બોક્ષમાં જરૂર કઈક મહત્વનું તો હશે જ… એટલે તેણે પત્નીની પરવાનગી લઈને એ બોક્ષ પત્નીની પાસે લઇ આવ્યો…!!!
તેણે જ્યારે બોક્ષને ખોલ્યું તો તેની અંદરથી ૨ સ્વેટર અને રૂ.૨,૮૨,૫૦૦ નીકળ્યા…!!!
તે આ જોઈને આશ્ચર્ય પામ્યો અને પત્નીને બોક્ષ વિશે પૂછ્યું…
પત્નીએ કહ્યુ,”જ્યારે હું પરણીને સૌપ્રથમ આ ઘરમાં આવી ત્યારે મારા મમ્મીએ આ બોક્ષ મને આપેલ,એમા સ્વેટર ગૂંથવા માટે ઊન અને એનો સામાન છે.
મારી મમ્મીએ કહ્યું હતું કે”તું જ્યારે જ્યારે તારા પતિથી નિરાશ થઇ જાય અથવા એમના પર ગુસ્સો આવે ત્યારે તું સ્વેટર બનાવવા લાગજે, જે તારી હતાશા ને દુર કરશે…”
પેલો પતિ તો એકદમ દિલગીર થઈ ગયો…
એણે જોયું કે બોક્ષમાં તો માત્ર બેજ સ્વેટર હતા…
એટલે ગળગળો થઇને ધીમેથી બોલ્યો,”છેલ્લા ૫૦ વર્ષમાં તેં બે જ સ્વેટર બનાવ્યા…!!!”
“પણ આ રૂ.૨,૮૨,૫૦૦ કેમ અહિં છે?”
પત્નીએ કહ્યું,“અરે એ તો અત્યાર સુધીમાં જેટલા સ્વેટર વેંચ્યા તેના છે…!!!”

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अक्रूर जी भगवान श्री कृष्ण की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित थे,


अक्रूर जी भगवान श्री कृष्ण की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित थे, कियोंकि उन्हें अपने दिए हुए वचन के अनुसार कृष्ण जी को कंस द्वारा की जा रही प्रतियोगिता में लेकर जाना था, जबकि अक्रूर जी को कंस की चाल का भी पता था की कंस कृष्ण जी को वहां बुलाकर उनकी जान लेना चाहता है। इसलिए उनका सारा ध्यान श्री कृष्ण जी की सुरक्षा में लगा हुआ था। अक्रूर जी को चिंतित देख कर भगवान् श्री कृष्ण ने कहा की आप इतने चिंतित क्यों है, तो अक्रूर जी उन्हें बताते है की वे चिंतित नहीं है वे तो केवल अपने राजकुमार की सुरक्षा को लेकर सावधान है कियोंकि उन्हें कंस पर बिलकुल भरोषा नहीं है उसके सैनिक आप पर कभी भी हमला कर सकते है और मैं तो अपना सेनापति का धर्म निभा रहा हूँ मेरा एक मात्र लक्ष्य आपकी सुरक्षा करना है। फिर वे अपनी योजना के बारे में बताते हैं की आपकी सुरक्षा के लिए हमने पग पग पर अपने सैनिक खड़े किये हुए है जो साधारण वेश में दूर दूर तक आपकी सुरक्षा पर नजर बनाये हुए। और कुछ वीर सैनिकों थोड़े से फासले पर हमारे साथ चल रहे है। ये सब वे बड़े अभिमान से बता रहे है की उन्होंने कितनी सावधानी से श्री कृष्ण जी की सुरक्षा के लिए इतनी उतम योजना बनाई है। ये सुनकर भगवान् श्री कृष्ण कहते है की मान गये काका आपकी योजना को आपने बहुत उतम रणनीति बनाई है लेकिन जितना भरोषा आप अपने सैनिकों पर करते है इतना भरोषा हम दोनों भाइयों पर भी करके देखो। लेकिन अक्रूर जी फिर अपने सैनिक और अपनी रणनीति के बारे में अहंकार दिखाने लगते है। यह देखकर की अक्रूर जी ऐसे नहीं मानेगे तो श्री कृष्ण जी चुप हो जाते है। फिर रथ रोकता है और अक्रूर जी बताते है की ये भी उनकी योजना का हिस्सा है, यहाँ से वे नदी में चार बार डूबकी लगा कर अपने दूर खड़े सैनकों को इशरा करेंगे। फिर वे अपने वस्त्र उतार कर नदी में जाते है। बलराम कान्हा से कहते है कान्हा, अक्रूर जी आपके सच्चे भक्त है उन पर कृपा करो। तो कृष्ण जी कहते है की हाँ वे मेरे सच्चे भक्त है लेकिन अहंकार ने उन्हें जकड़ा हुआ है उन्हें अब अहंकार से मुक्त करने का समय आ गया है। फिर जैसे ही अक्रूर जी नदी में पहली डुबकी लगाते है तो उन्हें पानी के अन्दर ही कृष्ण जी और बलराम खड़े दिखाई देते है। वे उन्हें पानी में देखकर घबरा जाते है वे फिर तुरंत पानी से बहार निकलते है तो देखते है की वे तो रथ पर बैठे है। ये देख कर वे सोचते है की जरूर ये उनका भ्रम होगा वे फिर दूसरी दुबकी लगाते है तो फिर देखते है की कृष्ण जी पानी में एक बड़े से सिंघाशन पर विराजमान है और बलराम उनके पास खड़े है। वे फिर घबरा कर पानी से बहार आते है तो देखते है की कृष्ण जी और बलराम जी तो रथ पर ही बैठे है वे फिर उसे अपने मन का भ्रम समझ कर तीसरी डूबकी लगाते है। तो वह किया देखते है की पानी में पूरा प्रकाश का तेज फैला हुआ है और सारे देवता, सारा जगत श्री कृष्ण जी के नाम की स्तुति कर रहे है। भगवान् श्री कृष्ण जी अक्रूर जी को अपने नाम का ज्ञान देते है और उन्हें अपने नूरी स्वरूप का दर्शन कराते है और कहते है की आपने मेरे जीवन की सुरक्षा का इतना चिंतन किया की मैं आपके चित में समा गया, और आपका हर क्षण मेरे ध्यान में बिता, मेरा इतना ध्यान तो बड़े से बड़े योगी भी नहीं कर पाए जितना आपने किया। मैं आपकी भक्ति से बहुत खुश हूँ। ये सब आपके पूर्व जन्मो और इस जन्म की निस्वार्थ भक्ति का फल है की आपको मेरे इस नूरी स्वरूप के दर्शन हुए, आज से आप जन्म मरन के बंधन से मुक्त होकर मेरे धाम को प्राप्त हुए। तथास्तु! कह भगवान अद्रश्य हो जाते है, और अक्रूर जी पानी से बहार हा जाते है तो उन्हें बहार आता देख उनके सैनिक कहते है की आपने चोथी डूबकी तो लगाई नहीं, तो अक्रूर जी कहते है अब चिंता करने की कोई बात नहीं जो सबकी रक्षा करते है, हम उनकी रक्षा किया करें, और वे श्री कृष्ण से अपने अहंकार के लिए क्षमा मंगाते है। और कहते है की अब जैसा आप कहेंगे हम वैसा ही करेंगे प्रभु। इसलिए अगर हमें किसी की चिंता करनी भी है तो उस मालिक के नाम की करनी चाहिए कियोंकि अगर उसका चिंतन मन में बस जाये तो हमारा जीवन सार्थक हो जायेगा।
।। जय श्री राधे जय श्री कृष्णा जी ।।

जय श्रीकृष्ण

विष्णु अरोङा's photo.
Posted in भारत का गुप्त इतिहास- Bharat Ka rahasyamay Itihaas

राणा सांगा


आपने इतिहास प्रसिद्ध मेवाड़ के शासक राणा सांगा (Maharana Sangram Singh) का पेड़ ने नीचे सोते हुए एक चित्र अवश्य देखा होगा, इस चित्र में अपना फन उठाये एक सांप भी नजर आता है| चित्र को देखकर हर व्यक्ति के मन में आता होगा कि सांगा के जंगल में पेड़ के नीचे सोते हुए चित्र में सांप का क्या रहस्य है? क्या सांप उस वक्त सोते हुए राणा को काटने के उद्देश्य से आया था और या किसी और प्रयोजन के तहत? तो आइये आज जानते है राणा सांगा से जुडी एक ऐतिहासिक कहानी के माध्यम से चित्र में फन उठाये सांप का रहस्य –
भविष्यवक्ताओं द्वारा सांगा का चितौड़ का स्वामी बनने की भविष्यवाणी के बाद उसके भाइयों ने उस पर प्राणघातक हमला किया और उसे मारने के लिये अग्रसर हुये| सांगा चूँकि अपने भाइयों पर प्रहार नहीं करना चाहते थे अत: वे भाइयों से बचकर घायलावस्था में ही भाग निकले| भाइयों से अपनी जान बचाने को सांगा कई वर्षों तक भेष बदल कर रहे और इधर-उधर दिन काटते रहे, इसी क्रम में वे एक घोड़ा खरीदकर श्रीनगर (अजमेर जिले में) के करमचंद परमार की सेवा में जाकर चाकरी करने लगे| इतिहास में प्रसिद्ध है कि एक दिन करमचंद अपने किसी सैनिक अभियान के बाद जंगल में आराम कर रहा था| उसी वक्त सांगा भी एक पेड़ के नीचे अपना घोड़ा बाँध आराम करने लगा और उसे नींद आ गई| सांगा को सोते हुए कुछ देर में उधर से गुजरते हुए कुछ राजपूतों ने देखा कि सांगा सो रहे है और एक सांप उनपर फन तानकर छाया कर रहा है| यह बात उन राजपूतों ने करमचंद को बताई तो उसे बड़ा आश्चर्य हुआ और उसने खुद ने जाकर यह घटना अपनी आँखों से देखी|
इस घटना के बाद करमचंद को सांगा पर सन्देश हुआ कि हो ना हो, यह कोई महापुरुष है या किसी बड़े राज्य का वारिश और उसने गुप्तरूप से रह रहे सांगा से अपना सच्चा परिचय बताने का आग्रह किया| तब सांगा ने उसे बताया कि वह मेवाड़ राणा रायमल के पुत्र है और अपने भाइयों से जान बचाने के लिए गुप्त भेष में दिन काट रहा है|
इसी ऐतिहासिक घटना की कहानी के आधार पर बाद में किसी चित्रकार ने अपनी कल्पना के आधार पर राणा सांगा (Rana Sanga) का पेड़ के नीचे सोते हुए चित्र बनाया जिसमें पेड़ की छाया दूर होने के बाद धुप से सांगा को बचाने हेतु फन उठाया हुआ एक सांप उन पर छाया कर रहा है|

विष्णु अरोङा's photo.
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मूर्ति पत्थर नहीं है


मूर्ति पत्थर नहीं है

एक राजा था,एक बार उसने भगवान कृष्ण जी का एक मंदिर बनवाया और पूजा के लिए एक पुजारी जी को लगा दिया. पुजारी जी बड़े भाव से बिहारी जी की सेवा करने लगे,भगवान का श्रंगार करते,भोग लगाते,उन्हें सुलाते, ऐसा करते-करते पुजारी जी बूंढे हो गए,राजा रोज एक फूलो की माला सेवक के हाथ से भेजा करता था,पुजारी जी वह माला बिहारी जी को पहना देते थे,जब राजा दर्शन करने जाते थे तो पुजारी जी वह माला बिहारी जी के गले से उतार कर राजा को पहना देते थे. ये हर दिन का नियम था.

एक दिन राजा किसी काम से मंदिर नहीं जा सके इसलिए उसने सेवक से कहा-तुम ये माला लेकर मंदिर जाओ और पुजारी जी से कहना आज हमें कुछ काम है इसलिए हम नही आ सकते वे हमारा इंतजार न करे.सेवक ने जाकर माला पुजारी जी को दे दी और सारी बात बता कर वापस आ गया .
पुजारी जी ने माला बिहारी जी को पहना दी फ़िर वे सोचने लगे की आज बिहारीजी की मुझ पर बड़ी कृपा है. राजा तो आज आये नहीं क्यों न ये माला में पहन लू ,इतना सोचकर पुजारी जी ने माला उतार कर स्वंय पहन ली . इतने में सेवक ने बाहर से कहा – राजा आ रहे है.पुजारे जी ने सोचा अगर राजा ने माला मेरे गले में देख ली,तो मुझ पर बहुत नाराज होगे हड़बडाहट में पुजारी जी ने अपने गले से माला उत्तार कर बिहारी जी को पहना दी,

जैसे ही राजा आये तो माला उतार कर राजा को पहना दी.राजा ने देखा माला में एक सफ़ेद बाल लगा है तो राजा समझ गए की पुजारी जी ने माला स्वंय पहन ली है राजा को बहुत गुस्सा आया.राजा ने पुजारी जी से पूँछा – पुजारी जी ये सफ़ेद बाल किसका है ? पुजारी जी को लगा अगर में सच बोलूगा तो राजा सजा देगा इसलिये पुजारी जी ने कहा-ये सफ़ेद बाल बिहारी जी का है. अब तो राजा को और भी गुस्सा आया कि ये पुजारी जी झूठ पर झूठ बोले जा रहा है. बिहारी जी के बाल भी कही सफ़ेद होते है.

राजा ने कहा – पुजारी जी अगर ये सफेद बाल बिहारी जी का है तो सुबह श्रंगार करते, समय में आँउगा और देखूँगा कि बिहारी जी के बाल सफ़ेद है या काले,अगर बिहारी जी के बाल काले निकले तो आपको फाँसी की सजा दी जायेगे.इतना कह कर राजा चला गया .

अब पुजारी जी रोने लगे और बिहारी जी से कहने लगे– हे प्रभु अब आप ही बचाइए नहीं तो राजा मुझे सुबह होते ही फाँसी पर चढा देगा,पुजारी जी की सारी रात रोने में निकल गयी कब सुबह हो गयी उन्हें पता ही नहीं चला. सुबह होते ही राजा आ गया और बोला पुजारी जी में स्वंय देखूगा. इतना कहकर राजा ने जैसे ही मुकुट हटाया तो क्या देखता है

बिहारी जी के सारे बाल सफ़ेद है.राजा को लगा,पुजारी जी ने ऐसा किया है अब तो उसे और भी गुस्सा आया और उसने परीक्षा करने के लिए कि बाल असली है या नकली, जैसे ही एक बाल तोडा तो बिहारी जी के सिर से खून कि धार बहने लगीऔर बिहारी जी के श्री विग्रह से आवाज आई कि- हे राजा तुमने आज तक मुझ केवल एक मूर्ति ही समझा इसलिए आज से में तुम्हारे लिए मूर्ति ही हूँ और पुजारी जी की सच्ची भक्ति से भगवान बड़े प्रसन्न हुए.

सार
मंदिर में बैठे भगवान केवल एक पत्थर की मूर्ति नहीं है,उन्हें इसी भाव से देखो की वे साक्षात बिहारी जी है और वैसे ही उनकी सेवा करो .
“जय जय श्री राधे”

विष्णु अरोङा's photo.
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गार्डन में लैपटॉप


गार्डन में लैपटॉप लिए एक लड़के से बुजुर्ग दम्पति ने कहा बेटा हमें फेसबुक का अकाउंट बना दो। लड़के ने कहा ठीक है लो अभी बना देता हूँ कहिये किस नाम से बनाऊ बुजुर्ग ने कहा लड़की के नाम से कोई भी अच्छा सा नाम रख लो।लड़का अचम्भे से उनकी तरफ देखने लगा फेक अकाउंट क्यों ? बुजुर्ग ने कहा बेटा पहले बना तो दो फिर बताता हूँ क्यों ? बड़ो का मान करना उस लड़के ने सीखा था तो बिना कुछ पूछे अकाउंट बना ही दिया अब उसने पूछा अंकल जीप्रोफाइल इमेज क्या रखु तो बुजुर्ग ने कहा कोई भी हीरो इनकी इमेज जो आजकल के बच्चे को अच्छी लगती हो उसने गूगल से इमेज सर्च करके डाल दी फेसबुक का अकाउंट ओपन हो गया फिर बुजुर्ग ने कहा बेटा कुछ अच्छे लोगो को ऐड कर दो लड़के ने कुछ अच्छे लोगो को रिक्वेस्ट सेंड कर दी फिर बुजुर्ग ने अपने बेटे का नाम सर्च करवा के रिक्वेस्ट सेंड करवा दी। .लड़का जो वो कहते करता गया जब काम पूरा हो गया तो उसने कहा अंकल जी अब तो आप बता दीजिये आपने ये फेक अकाउंट क्यों बनवाया? बुजुर्ग की आँखे नम हो गयी उनकी पत्नी की आँखों से तो आंसू बहने लगे उन्होंने कहा मेरा एक ही बेटा है और शादी के बाद वो हमसे अलग रहने लगा सालो बीत गए वो हमारे पास नहीं आता शुरू शुरू में हम उसके पास जाते थे तो वो नाराज हो जाता था कहता आपको मेरी पत्नी पसंद नहीं करती आप अपने घर में रहिए हमें चैन से यहाँ रहने दीजिये। कितना अपमान सहते इसलिए बेटे के यहाँ जाना छोड़ दिया एक पोता है और एक प्यारी पोती उनको देखने का बड़ा मन करता है किसी ने कहा की फेसबुक में लोग अपने फैमिली की इमेज डालते है फंक्शन की इमेज डालते है तो सोचा फेसबुक में ही अपने बेटे से जुड़कर उसकी फैमिली के बारे में जान लेंगे अपने पोता पोती को देख लेंगे तो मन को शांति मिल जाएगी। अब अपने नाम से तो अकाउंट बना नहीं सकते वो हमें ऐड करेगा नहीं इसलिए हमने ये फेक अकाउंट बनवाया। बुजुर्ग दंपत्ति के नम आखो को उनके पत्नी के बहते आसुओं को देखकर उसका दिल भर आया..

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खीर’


विष्णु अरोङा

लघुकथा : ”खीर”
बेटा सुबह दस बजे खाना खाकर चला जाता था, बूढ़े पिताजी को आंख से न के बराबर दिखाई देता था। पिताजी दोपहर में खाना खाते थे।
इत्तेफाकन एक दिन जैसे ही बेटा खाने बैठा, पिता को आवाज लगा दी — ‘खाना खा लीजिये पिताजी ।
पत्नी ने मना करते हुये कहा : अभी उनका खाना खाने का टाईम नहीं हुआ है।
बेटे की आवाज सुनकर पिताजी बेटे के पास आकर बैठ गये तो बेटे ने अपनी थाली पिताजी की ओर बढ़ा दी।
खाना खाते वक्त पिताजी ने खुशी जाहिर की :
”अरे वाह ! आज तो बहु ने खीर बनाया है।
आज भोजन करने में बहुत आनन्द आ रहा है बेटा !
बहुत दिनों से खीर खाने की इच्छा हो रही थी !”
बेटे का दिल धक से रह गया। बहुत मुश्किल से अपनी सिसकियों को रोक पाया।
आखों से लगातार आंसू झरने लगे।
.
.
.
….. क्योंकि खीर तो रोज ही बनती थी। —

विष्णु अरोङा's photo.
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हाथ से फेंका पत्थर 100 फुट दूर जाता हैं


हाथ से फेंका पत्थर 100 फुट दूर जाता हैं
बन्दूक की गोली 1000 फुट दूरी जाती हैं
तोप का गोला 5 मील दूर जाता हैं
लेकीन
एक गऊ को दिया हुआ
रोटी का टुकड़ा तो,
स्वर्ग के दरवाजे तक जाता है
गऊ माता की सेवा कीजिये……….

विष्णु अरोङा's photo.
Posted in छोटी कहानिया - १०,००० से ज्यादा रोचक और प्रेरणात्मक

पांचो भाइयों में सिर्फ युधिष्ठिर ही वामपंथी विचारधारा और स्यूडोसेकुलरिज्म के अनुयायी थें.


पांचो भाइयों में सिर्फ युधिष्ठिर ही वामपंथी विचारधारा और स्यूडोसेकुलरिज्म के अनुयायी थें. बाकी के बचे चार यानी वृकोदर भीम, फल्गुनी अर्जुन, और अश्विनीकुमारों के अंश नकुल सहदेव पक्के फेनेटिक हिन्दू थे. पर प्यास तो किसी को भी लग सकती है, तो सभी को लग गयी.

सबसे पहले सहदेव सरोवर गया पानी लाने के लिए, उस सरोवर का अधिपति यक्ष पक्का वामपंथी था और एक नंबर का स्यूडोसेकुलर. जैसे ही सहदेव ने सरोवर में मटका डाला, यक्ष ने चीख कर बोला.

सावधान सहदेव, अगर जल चाहते हो तो मेरे प्रश्नों का का उत्तर दो.

सहदेव: ठीक है पूछो जो पूछना चाहते हो

यक्ष – कौन हूँ मैं?

सहदेव: तुम लैंड एन्क्रोचर हो, तुम्हारा घर तुडवा के एक मंदिर बनवाया जाना चाहिए

बिजली कौंधी और सहदेव ढेर.

कुछ देर बाद नकुल वहां आया, फिर वही हुआ? यक्ष ने वही सवाल पुछा.

यक्ष – कौन हूँ मैं?

नकुल: तुम केजरीवाल के रिश्तेदार लग रहे हो, थिएट्रीकालिटी का शौक सेम टू सेम है

बिजली कौंधी और नकुल ढेर.

कुछ देर बाद अर्जुन वहां आया, फिर वही हुआ? यक्ष ने वही सवाल पुछा.

यक्ष – कौन हूँ मैं?

अर्जुन: तुम वाड्रा हो, यक्ष का भेस बदल के आये हो. तभी सरकारी प्रॉपर्टी लपेट के बैठे हो? हुडा ने दिलवाई ना?

बिजली कौंधी और अर्जुन ढेर.

कुछ देर बाद भीम वहां आया, फिर वही हुआ? यक्ष ने वही सवाल पुछा.

यक्ष – कौन हूँ मैं?

भीम: उठा के पटक दूंगा ज्यादा चूंचपड़ की तो

बिजली कौंधी और भीम ढेर.

कुछ देर बाद युधिस्ठिर वहां आया, फिर वही हुआ? यक्ष ने वही सवाल पुछा.

यक्ष – कौन हूँ मैं?

युधिष्ठिर – तुम माइनॉरिटी हो, यक्ष जाति के लोग कम होते हैं और क्यूंकि तुम माइनॉरिटी हो तुम्हारे साथ बहुत ज्याद्द्तियाँ हो रही हैं

यक्ष – ह्म्म्म उम्दा, जीवन का उद्देश्य क्या है?

युधिष्ठिर – जीवन का उद्देश्य सेक्युलरिज्म है

यक्ष – संसार में दुःख क्यों है?

युधिष्ठिर – क्यूंकि हिन्दू मुसलमानों को मार रहा है, हिन्दू सिखों को मार रहा है, हिन्दू ईसाईयों को मार रहा है

यक्ष – भाग्य क्या है?

युधिष्ठिर – माइनॉरिटी रिलिजन में पैदा होना, या कोटे वाले कास्ट में पैदा होना ही भाग्य है।

यक्ष – सुख और शान्ति का रहस्य क्या है?

युधिष्ठिर – सदैव हिन्दू धर्म की निंदा करना, हिन्दुओं की हत्याओं को गौण मानना, माइनॉरिटी पे हुई छोटी छोटी से घटना की निंदा करना, प्रधान मंत्री का इस्तीफ़ा माँगना ही सुख और शान्ति का रहस्य है

यक्ष – चित्त पर नियंत्रण कैसे संभव है?

युधिष्ठिर –जब कभी भी हिन्दू धर्म पर कोई आक्षेप या प्रहार हो तो वहां से हट जाना या फिर इनडिफरेंट हो जाने से चित्त पर नियंत्रण संभव है

यक्ष – सच्चा प्रेम क्या है?

युधिष्ठिर – अपने धर्मं का अनादर, दूसरो का आदर

यक्ष – बुद्धिमान कौन है?

युधिष्ठिर – जो बिना कोटे के भी सरकारी नौकरी पा ले वही बुद्धिमान है

यक्ष – कमल के पत्ते में पड़े जल की तरह अस्थायी क्या है?

युधिष्ठिर – भारत में हिन्दुओं का भविष्य

यक्ष – नरक क्या है?

युधिष्ठिर – दोज़ख का पर्यायवाची शब्द

यक्ष – दुर्भाग्य का कारण क्या है?

युधिष्ठिर – भारत का प्रधान मंत्री मोदी

यक्ष – सौभाग्य का कारण क्या है?

युधिष्ठिर – दिल्ली का मुख्यमंत्री केजरीवाल

यक्ष – सारे दुःखों का नाश कौन कर सकता है?

युधिष्ठिर – मोदी को छोड़ के कोई भी कर सकता है, मोदी बस दुःख ही दे सकता है

यक्ष – दिन-रात किस बात का विचार करना चाहिए?

युधिष्ठिर – की देश में सेक्युलरिज्म की तूती कैसे बोले?

यक्ष – सबसे बड़ा प्रश्न क्या है

युधिष्ठिर – बीफ बैन आखिर क्यों?

यक्ष – काजल से काला क्या है?

युधिष्ठिर – दो हजार दो गुजरात दंगो के दाग

यक्ष – सबसे सम्मानित लोग कौन है?

युधिष्ठिर – अकादेमी अवार्ड विजेता लेखक और कवि

यक्ष – सबसे बड़ा सत्य क्या है?

युधिष्ठिर – यही की देश में कभी भी कोई दंगे नहीं हुए, जैसे ही मोदी पीएम बना वैसे ही दंगे शुरू हो गए

यक्ष – सबसे बड़ा असत्य क्या है?

युधिष्ठिर – की भारत देश प्रगति कर रहा है, या फिर कर भी सकता है

यक्ष – कौन सी विचारधारा सबसे उत्तम है?

युधिष्ठिर – वामपंथी

यक्ष – कौन सी विचारधारा सबसे निम्न है?

युधिष्ठिर – राष्ट्रवादी

युधिष्ठिर के धर्मनिरपेक्ष बयानों से यक्ष अत्यंत प्रसन्न हुआ. उसने सरोवर का फाटक युधिष्ठिर के लिए खोल दिए. युधिष्ठिर ने अपने भाइयों का जीवन दान भी माँगा, जो यक्ष ने सहर्ष लौटा दिया.