Posted in भारत का गुप्त इतिहास- Bharat Ka rahasyamay Itihaas

एक अंग्रेज अपने आत्मकथा में लिखता है


Rajan Verma एक अंग्रेज अपने आत्मकथा में लिखता है :-
“हिन्दूस्तान को गुलाम बनाने के लिए जब हमने पहला युद्द किया और जीतने के बाद हम जब जुलुस निकाल रहे थे । तब सारे हिन्दू जुलुस देख कर ताली बजा रहे थे । अपने ही देश के राजा के हारने पर वे खुशी से हमारा स्वागत कर कर र
हे थे ।
आगे अंग्रेज़ लिखता है …
अगर हिन्दू उसी समय हम लोगो को सिर्फ एक-एक पत्थर उठाकर ही मार देते तो, हिन्दूस्तान सन् 1700 में ही आजाद हो जाता , उस समय हम अंग्रेज सिर्फ 3000 थे ।”
आज भी हिन्दू सुधरा नहीं है, हालत वही है ….
आज भी हिन्दू दिल्ली मे #मोदी की हार पर सऊदी अरब, पाकिस्तान और बांग्लादेश, चीन और अमेरिका के साथ मिलकर ताली बजा रहे है ।

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