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राष्ट्रों के संस्कृतनिष्ठ प्राचीन नाम


राष्ट्रों के संस्कृतनिष्ठ प्राचीन नाम
संसार के तमाम देशों के एक से अधिक नाम हैं। अपने देश भारत के ही भारत, इंडिया, हिन्दुस्तान आदि नाम हैं। लेकिन मूलतः जो प्राचीन नाम हैं, वे सब संस्कृत से निकले हैं और शेष शब्द उसके ही पर्यायवाची एवं अपभ्रंश शब्द हैं। जेकालियट ने पृथ्वी के समस्त देशों के नाम संस्कृत के ही बताएं हैं:
देश संस्कृत का नाम
स्वीडन स्वेदन
नार्वे नारावाज (मल्लाहों का देश)
ईरान आर्यान
इजिप्त अजप्त
यूनान यवन
जर्मन शर्मन
डेनमार्क धनमार्ग
आयरलैंड आर्याखंड
अफगान अपगान
फारस वार्ष
रसिया ऋषीय
बल्गारिया बालिगिरीय
प्रशिया प्रऋषीय
जार्डन जर्नादन
उरुग्वे उरुग्वः
ग्वाटेमाला गौतमालय
फलस्तीन पुलस्तिन
वियना (विंडोवन) वृंदावन
हंगेरी शंृगेरी
अंगुल अंगुल (इंग्लैंड को पहले अंगुल कहा जाता था)
‘स्थान’ अर्थात् ‘स्तान’ अन्त्य पदवाले सभी क्षेत्रा संस्कृत-मूलक हैं: जैसे हिन्दुस्तान, अर्वस्तान, अफगानिस्तान, ब्लूचिस्तान आदि।
‘विया’ उर्फ ‘इया’ अन्त्य-पद संस्कृत सूचक है, जैसे रशिया, साइबेरिया (शिविरों का देश)।
‘रान’ शब्द से अन्त होने वाले नगर-उपनगर जैसे तेहरान आदि पूर्व काल में वनों एवं अरण्यों के द्योतक हैं। वीरान आदि शब्द हिन्दी में भी उद्घाटित हो गए हैं।
संस्कृत में एक शब्द ‘अणिक’ है, जिसके पर्यायवाची शब्द सेना, फौज हैं। इसलिए ‘अणिका’ अन्त्य-पद वाले नगर जैसे सलोनिका, वेरोनिका आदि संस्कृत के ही हैं।
‘तल’ अर्थात् समुद्रतल या धरातल जैसे संस्कृत शब्दों से ही कई देशों के नाम पड़े हैं, जैसे तेल अवीव, तेल अमरना इत्यादि।
‘राम’ रामायण के प्रसिद्ध पात्र हैं और उन्हें ईश्वर का अवतार माना जाता है। यही कारण है कि उनके नाम पर विश्वभर में अनेक देश और नगर बसाए गए, जैसे इटली में रोम, जर्मनी में रामस्टीन, बेल्जियम में राम टेम्पिल, फलस्तीन में रामल्ला इत्यादि।
हैम्पशायर, वारविकशायर आदि नामों में ‘शायर’ अन्त्य-पद के प्रतिरूप भारत में रामेश्वर, त्रयम्बकेश्वर, महाबलेश्वर आदि में मिलते हैं। भगवान का अर्थद्योतक ईश्वर आमतौर पर भगवान् शिव का संकेतक है। इंग्लैंड में यही अंत्य-पद शायर उच्चारण किया जाता है। देवेनशायर शब्द निश्चित रूप से देवनेश्वर शब्द ही है। ‘बुरी’/‘बरी’ अंत्य पदों वाले शब्द परी या पुरी का मृदु-तर उच्चारण है। जिस प्रकार ब्रिटेन में वाटरबरी, ऐन्सबरी आदि स्थल हैं, उसी प्रकार भारत में कृष्णापुरी, द्वारकापुरी आदि शब्द हैं। वाटरबरी तो जलपुरी का यथार्थ पर्यायवाची शब्द ही है। ‘बोरा’ या ‘बोरो’ शब्द संस्कृत के ‘पुरा’ का मृदु-तर अल्प-प्राण उच्चारण है। सिंहपुर से सिंगापोर। ‘प्रिन्सेज़ रिसबोरो’ इंग्लैंड का एक प्रसिद्ध नगर है, यह राजर्षिपुर अर्थात् ऋषि जैसा सम्राट ही है। ब्रिटेन में लंकाशायर संस्कृत शब्द लंकेश्वर है और लंकास्टर शब्द संस्कृत का लंकास्त्रा है। साउथम्पटन आदि में पटन शब्द संस्कृत का पट्नम ही है, भारत में दक्षिण-पट्नम आदि देख सकते हैं।
‘ब्रिज’ संस्कृत शब्द वज्र है, जो एक स्थान से दूसरे स्थान पर प्रस्थान करने का द्योतक है। ब्रिज यानी कि पुल संस्कृत से ही उत्पन्न है। इसी संदर्भ में आप कैम्ब्रिज शब्द देख सकते हैं, जो पुराणों का संवज्र शब्द ही है। टेम्स नदी तमसा नदी है, जिसका उल्लेख वाल्मीकी रामायण में भी है।

Writer : Farhana Taj….. and yes ek baar firse… this is my loving didi

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