Posted in भारतीय शिक्षा पद्धति

हिंदी में कैसे छापें (टाइप करें) …………???


हिंदी में कैसे छापें (टाइप करें) …………???

हिंदी में कैसे छापें (टाइप करें) …………???  पढने के बाद वीडियो देखना न भूलें …… !

देखा गया है कई मित्रअंग्रेजी अक्षरों में हिंदी में टिपण्णी (comment) करते हैं। अगर आप के पी.सी. में या लेपटाप में हिंदी टाइप करना चाहते हैं तोनीचे दिए गई कड़ी (link) द्वारा गूगलआई.एम.इ. का अधोभारण करें (download) करें।उसे दिए गएनिर्देशानुसार स्थापित (Install) करें।

कड़ी पे माउस रख कर दाहिनाबटन दबाएँ. फिर आप को जो भाषा (हिंदी, या गुजराती, या अन्य) भाषा का अधोभारण करना हो उस पर खरे का निशान लगाएं (tick). अब download लिखा है उस पर दाहिना बटन दबाएँ। जब अधोभारण हो जाए तब उसे स्थापित कर लें. अबआप के द्र्श्य्पटल (मोनिटर) पर बाएँ भाषा दंड (language bar) नीचे की और आ जाएगा. आप जितनी चाहे उतनी भाषा का अधोभारण कर सकते हैं।

गूगल ने यह टूल एक साथ 14 भाषाओं (अरबी, फ़ारसी (पर्सियन), ग्रीक, बंगाली, गुजराती, हिन्दी, कन्नड़, मलयालम, मराठी, नेपाली, पंजाबी, तमिल, तेलगू और ऊर्दू) में छपाई (type) करने के लिए ज़ारीकिया है।

उदाहरण के तौर पर हिंदीलीजिए. (अंग्रेजी शब्दों के लिए क्षमा करें)

क्या खा़स है इस टूल में-

1) इंटरनेट कनैक्शन की कोईआवश्यकता नहीं- आप एक बार इंस्टॉल कर लें, फिर आपके पासइंटरनेट कनैक्शन हो या न हो, कोई फ़र्क़ नहींपड़ता।

2) आसान कीबोर्ड- गूगल के इसटूल से लोगों की यह भी शिकायत रहती थीं कि वे हिन्दी के चालू शब्द तो टाइप कर लेतेथे, लेकिन कई संस्कृतनिष्ठ शब्द नहीं टाइप हो पाते थे। जैसे बहुत कोशिशों के बादभी ‘हृदय’ लिखना मुश्किल होता था, ‘ह्रदय’ से ही काम चलाना पड़ता था। जो लोग इस टूल का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें इस टूल की सीमाओं का पता है। अब नये IME में गूगल ने एक कीबोर्ड दिया है, जिसकी मदद से आपदुर्लभ और जटिल शब्द भी टाइप कर सकते हैं।

3) शब्दों की पूर्ति- इसमेंशब्दकोश आधारित शब्द पूर्ति पद्धति सक्रिय है। इसकी मदद से टाइप करने वाले को यहआसानी होती है कि जैसे ही वह किसी शब्द के 2-3 अक्षर टाइप करता है, गूगल का यह सिस्टम इससे बन सकने वाले शब्दों का सुझाव देने लगता है। जैसे- ‘हिन्दी’ लिखना है, hi टाइप करते ही ‘हिन्दी’ का विकल्प प्रदर्शित हो जाता है।

4) खोज का विकल्प- इस टूल केसाथ हर शब्द, शब्द-युग्म और सम्भावितशब्द के नीचे एक तीरनुमा आकृति बनी है, जिसपर क्लिक करने सेSearch (खोज) का विकल्प आता है, उसपर क्लिक करते हीगूगल उस शब्द से संबंधित खोज परिणाम प्रदर्शित करने लगता है। टाइपिंग पट्टी केऊपरी दायें कोने में भी गूगल का ऑइकॉन है, जिसपर क्लिक करकेगूगल-सर्च किया जा सकता है। इस विकल्प के जुड़े रहने से देवनागरी-सर्च को भीबढ़ावा मिलेगा।

5) वैयक्तिक चयन- गूगल का यहटूल आप द्वारा किये गये संशोधनों को भी अपने ध्यान में रखता है और अगली बार आपकेरोमन अक्षरयुग्मों से उन्हीं शब्दों का सुझाव देता है जो आप द्वारा वांछित है।जैसे आप ‘kam’ से ‘काम’ की जगह ‘कम’ लिखना चाहते हैं तो अगली बार से यह आपकी पसंद का ख्याल रखता है।

6) सुखद अनुकूलन- गूगल इस टूलमें फॉन्ट चयन, साइच चयन का विकल्प भीप्रदान करता है, जिससे आप अपनी पसंद केस्टाइल में टाइपिंग कर सकें।

अब इतना जान लेने के बाद आपयह ज़रूर जानना चाहेंगे कि इसे आप अपने सिस्टम में संस्थापित (इंस्टॉल) कैसे करें।

1) यहाँ क्लिक करके इसकासेट-अप डाउनलोड करें (आप चाहें तो इस टूल के अधिकारिक पृष्ठ पर जाकर भी सेट-अपडाउनलोड कर सकते है)।

2) एक ही क्लाइंट मशीन पर एकसे अधिक भाषाओं का IME सेट-अप चलाया जासकता है।

3) यह टूल Windows 7/Vista/XP32-bit ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ काम करता है।

4) जब इंस्टॉलर डाउनलोड होजाये तो उसे चलायें। यह कुछ डाउनलोड करने की शुरूआत करेगा।

5) नियम व शर्तों को स्वीकारकरें-

6) गूगल इनपुट सेट-अप इंस्टॉलहो रहा है-

7) फिनिश बटन पर क्लिक करकेइंस्टॉलेशन विज़ार्ड से बाहर आयें-

विन्यास (कन्फिगरेशन)

आप यदि इस टूल को चलानाचाहते हैं तो पहले तो आपके सिस्टम में यूनिकोड का सपोर्ट इंस्टॉल होना चाहिए। इसकेलिए आप Control Panel ->Regional and Language Options -> Languages tab -> Install files forcomplex scripts and right to left languages और Install files forEast Asian languages दोनों को चेक्ड करकेइंस्टॉलर सीडी द्वारा इंस्टॉल करें। इसके बाद आपके टूलबार में भाषा का विकल्पदिखने लगेगा। भाषा के इस विकल्प को लैंग्वेज बार भी कहते हैं।

यदि लैंग्वेज-बार न दिखेतो।

डेस्कटॉप पर राइट क्लिककरें (दायाँ क्लिक करें) और टूलबार में जायें और निम्नलिखित चित्र की भाँतिलैंग्वेज़ बार इनेबल करें।

यदि फिर भी लैंग्वेज बारनहीं दिखता तो निम्नलिखित तरीके से लैंग्वेज बार दिखायें-

Windows 7/Vista

Control Panel -> Regional and Language Options -> Keyboard andLanguages tab

Text services and input languages dialog खोलने के लिए Change keyboards पर क्लिक करें।

Language Bar tab पर क्लिक करें

लैंग्वेज़ बार वर्ग से Docked in thetaskbar रेडियो बटन को इनेबल(सक्रिय) करें।

उपर्युक्त सभी सेटिंग कोइप्लाई करें और देखने की कोशिश करें कि आपके टूलबार में लैंग्वेज बार देखें।

Windows XP

जायें-Control Panel ->Regional and Language Options -> Languages tab -> Text services and inputlanguages (Details) -> Advanced Tab

यह सुनिश्चित कीजिए कि Systemconfiguration विकल्प के अंतर्गत Turn off advancedtext services चेक्ड नहीं है।

जायें- Control Panel ->Regional and Language Options -> Languages tab -> Text services and inputlanguages (Details) -> Settings Tab

Language Bar पर क्लिक करें

Show the Language bar on the desktop चुनें और OK पर क्लिक करें।

IME का Shortcut कैसे सक्रिय करें-

हालाँकि आप लैंग्वेज बार सेअंग्रेजी और हिन्दी को बारी-बारी से चुनकर दोनों भाषाओं के बीच टॉगल कर सकते हैं, लेकिन यदि आप अपने कीबर्ड से कोई शार्टकर्ट का इस्तेमाल करके किसी भीअनुप्रयोग में इसे चलाना चाहते हैं तो निम्नलिखित तरीके से कर सकते हैं-

Windows 7/Vista

Control Panel -> Regional and Language Options -> Keyboard andLanguages tab

Text services and input languages dialog खोलने के लिए Change keyboards… बटन पर क्लिक करें।

Advanced Key Settings tab खोजें और इसपर क्लिककरें।

यदि Google Input उस लिस्ट में नहीं है तो Add पर क्लिक करें। Add Input languagedialog box में भाषा विकल्प में हिन्दीऔर कीबोर्ड में Google Input चुनें।

Hot keys for input languages वर्ग में – Google Input पर जायें।

Change Key Sequence दबायें

Enable Key Sequence चुनें

Left ALT + SHIFT + Key 1 जैसा कोई विकल्पचुनें।

ऊपर्युक्त सभी सेटिंग कोएप्लाई करें।

अब नोटपैड, वर्डपैड जैसे किसी अनुप्रयोग को खोलकर यह चेक करें कि शॉर्टकर्ट काम कर रहा हैया नहीं। Left ALT + SHIFT +Key 1 दबायें और देखें कि हिन्दी में लिख पारहे हैं या नहीं।

Windows XP

Control Panel -> Regional and Language Options -> Languages tab-> Text services and input languages (Details) -> Settings Tab

यदि या Google InstalledServices बॉक्स में भाषा के रूप मेंनहीं जुड़ा है, तो Add पर क्लिक करके Add Input language dialog box खोलें Input language में जोड़े और Keyboard layout/IMEमें Google Input चुनें। OK पर क्लिक करें।

Key Settings पर क्लिक करें।

Hot keys for input languages में Switch to -GoogleInput चुनें

Change Key Sequence पर क्लिक करें

Enable Key Sequence चुनें

Left ALT + SHIFT + Key 1 जैसा कोई विकल्पचुनें।

ऊपर्युक्त सभी सेटिंग कोएप्लाई करें।

अब नोटपैड, वर्डपैड जैसे किसी अनुप्रयोग को खोलकर यह चेक करें कि शॉर्टकर्ट काम कर रहा हैया नहीं। Left ALT + SHIFT +Key 1 दबायें और देखें कि हिन्दी में लिख पारहे हैं या नहीं।

फीचर-

मैं इसके बहुत से फीचरों केबारे में पहले ही बता चुका हूँ। एक बार चित्र के मध्यम से देखते हैं-

स्टेटस विंडो-

जब आप लैंग्वेज बार सक्रियकर लेंगे और गूगल का विकल्प जोड़ लेंगे तो IME सक्रिय करने काशॉर्टकर्ट चलाते ही आपके स्क्रीन पर इस टूल का स्टेटस दिखाई देगा।

संपादन खिड़की-

स्क्रीन पर गूगल IME का विंडो दिखते ही आप नोटपैड सरीखे किसी अनुप्रयोग को खोलें और टाइप करना शुरूकरें। जब आप ‘googl’ टाइप करेंगे तो निम्नलिखिततरीके से विकल्प दिखेंगे-

नेविगेशन और चयन-

बाय-डिफाल्ट सबसे बायाँविकल्प आपका सक्रिय चयन है। आप अपना चयना BOTTOM-ARROW या TAB बटन द्वारा बदल सकते हैं। विकल्पों पर आगे बढ़ जाने के बाद पीछे केविकल्प/विकल्पों पर लौटने के लिए UP-ARROW या SHIFT+TAB बटन का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह मुश्किल लगे तो माउस राजा तो है हीं। Enter बटन को दबाकर वांछित शब्द इमसर्ट कर सकते हैं। SPACE या कोई PUNCTUATION CHARACTER (विराह चिह्न) आदिबटनों का प्रयोग करके भी शब्द को पूरा टाइप किया जा सकता है। CTRL+ के शॉर्टकर्ट से भी आप प्रदर्शित विकल्पों में से वांछित विकल्प चुन सकते हैं।जैसे दूसरा विकल्प चुनने के लिए CTRL+2 –

शब्द-पूर्ति-

जब आप इस संपादित्र (एडीटर)के माध्यम से कोई शब्द टाइप करते हैं तो यह सारे संभावित शब्द युग्मों को काले औरनीले रंगों में दिखाता है। काले रंग के बैकग्राउंड में प्रदर्शित हो रहे शब्द आपकेद्वारा टंकित रोमन अक्षरों से सम्भावित शब्द है और नीले रंग के बैकग्राउंड में प्रदर्शितहोने वाले शब्द शब्दकोश के शब्द हैं।

पेजिंग-

हमने जिस सेटिंग पर चर्चाकी, उसमें 1 बार में 5 शब्द प्रदर्शित होते हैं। सेटिंग से आप इसे 6 तक बढ़ा सकते हैं। लेकिन मान लें कि इस टूल के पास आप द्वारा टंकितअक्षरयुग्मों के लिए 5 या 6 से अधिक सुझाव हैं तो यह 1 से अधिक पृष्ठोंमें सभी शब्द प्रदर्शित करेगा। आप देखेंगे कि ऊपर और नीचे जाने का Arrow नेविगेशन चमकने लगेगा। आप PAGEUP, PAGEDOWN बटन से भी इनविकल्पों के बीच दौड़ सकते हैं।

खोज-

किसी भी समय जब आप इससंपादित्र में टाइप कर रहे हों, दायें कोने में गूगलके ऑइकॉन पर क्लिक करके उस शब्द (हाइलाइटेड) से संबंधित गूगल खोज कर सकते हैं।गैरसक्रिय विकल्पों पर बने डाउनएरो(DownArrow) के निशान पर क्लिक करके उस विशेष विकल्प से संबंधित गूगल खोज कर सकते हैं।

प्रयोक्ता कैशे (USER CACHE)-

कम्प्यूटर के लिए कैशे एकअस्थाई स्मृति होती है जो कभी पहले इस्तेमाल किये गये डाटा के रूप में संग्रहणितहोती है। कई दफ़ा स्मृति आधारित बहुत से कम्प्यूटर अनुप्रयोग अपनी इसी स्मृति कीमदद से बहुत तेज़ काम करते हैं, तेज़ परिणाम देतेहैं।

गूगल का यह आईएमई टूल भीप्रयोक्ता द्वारा सुझाये गये विकल्पों को अपने कैशे मेमोरी में संचित करके रखता हैऔर अगली दफ़ा आपको वांछित परिणाम देता है। उदाहरण के लिए- मान लें कि आपने इससंपादित्र की मदद से रोमन में ‘program’ टाइप किया। यह टूलपहले आउटपुट के रूप में ‘प्रोग्राम’ दिखाया, लेकिन आपको दूसरा विकल्प ‘प्रोगराम’ वांछित था। आपने उसे एरोबटन या माउस द्वारा चुना।

जब आप अगली बार ”program’ टाइप करेंगे तो गूगल का यह IME टूल आपके सुझाव औरआपकी चाहत को ध्यान में रखेगा और पहले विकल्प के रूप ‘प्रोग्रराम’ दिखायेगा। नीचे दिखाये गयेचित्र की तरह-

दो भाषाओं को आपस मेंबदलना-

आप इस टूल की मदद से पहलेकी तरह अंग्रेज़ी और हिन्दी भाषा दोनों के शब्द अपने एक ही कीबोर्ड से लिख सकतेहैं। जब आईएमई सक्रिय हो, आप F12 या Ctrl+G की मदद से रोमन और देवनागरी को आपस में बदल सकते हैं।

आप चाहें तो आपके कम्प्यूटरस्क्रीन पर बने ऑइकॉन की मदद से ‘अ’ पर क्लिक करके ‘A’ और ‘A’ पर क्लिक करके ‘अ’ कर सकते हैं। ‘अ’ इस बात का सूचक है कि टाइपिंग-आउटपुट देवनागरी में होगा और ‘A’ इस बात का सूचक है कि टाइपिंग-आउटपुट रोमन में होगा।

कीबोर्ड-

गूगल ने इस बार एकइनस्क्रिप्ट कीबोर्ड का विकल्प भी दिया है, जिसमें हिन्दी केसभी स्वर, व्यंजन, विराम चिह्न इत्यादि एकक्रम में सजे हुए हैं। इस कीबोर्ड की मदद से आप बहुत से जटिल और दुर्लभ शब्द याअपनी मर्ज़ी के सार्थक-निरर्थक शब्द अपने आलेख में जोड़ सकते हैं। जैसे यदि आपकीबोर्ड की मदद से ‘यक्ष’ लिखना चाहें तो कीबोर्ड से ‘य’ और ‘क्ष’ का बटन दबायें आपका काम हो जायेगा।

यह कीबोर्ड स्टेटस विंडों(कम्प्यूटर स्क्रीन पर दिखने वाला IME का ऑइकॉन) पर बनेकीबोर्ड के ऑइकॉन पर क्लिक करके खोला जा सकता है या कीबोर्ड शॉर्टकर्ट Ctrl+K द्वारा खोला जा सकता है। माउस द्वारा वांछित अक्षर का चुनाव कर सकते हैं। माउससे स्टेटस विंडो पर बने कीबोर्ड के ऑइकॉन पर दुबारा क्लिक करके, या Ctrl+K दबाकर या Esc का बटन दबाकर इसे बंद कियाजा सकता है।

गूगल ने पहली बार ZWJ और ZWNJ का विकल्प भी इस कीबोर्ड में दिया है। मैं यूनिप्रशिक्षण के दौरान कई बार इनदोनों के महत्व का उल्लेख कर चुका हूँ। आज संक्षेप में दुबारा लिखता हूँ-

ZWJ- Zero Width Joiner (शून्य चौड़ाई वालायोजक)- मतलब दो व्यंजनों को जोड़ने वाला ऐसा योजक जिसकी चौड़ाई शून्य हो। जैसे जबहम सामान्य तरीके से एक आधा व्यंजन और उसके बाद पूरा व्यंजन लिखते हैं तो दोनोंमिलकर कई बार बहुत अजीब सा (अवांछित) रूप धर लेते हैं। जैसे जबकि हम ‘रक्‍त’ लिखना चाहते हैं, लेकिन इसका रूप ‘रक्त’ जैसा हो जाता है। असल में हम ‘रक्‍त’ इसी ZWJ की मदद से लिखते हैं। मतलब यह जोड़ भी देता है और कोई स्थान भी नहीं घेरता।

रक्त= र+क्+त

रक्‍त=र+क्+ZWJ+त

या मान लें आपको को ‘क्‍’, ‘ख्‍’, ‘ग्‍’…..’च्‍’, ‘छ्‍’…..’त्‍’, ‘थ्‍’ इत्यादि लिखना है तो ZWJ का इस्तेमाल करनाहोगा।

जैसे ग्‍= ग्+ZWJ

ZWNJ- Zero Width Non Joiner (शून्य चौड़ाई वालाअ-योजक)- मतलब दो व्यंजनों को पारस्परिक अलग-अलग दिखाने का उपाय जिससे हम व्यंजनके पूर्ण शुद्ध रूप को निरूपित कर सकते हैं, भले ही उसके बाद कोईव्यंजन ही आये। अमूमन हिन्दी में किसी पूर्ण शुद्ध व्यंजन के बाद कोई व्यंजनजुड़ते ही उसके आकार में कुछ विकार आ जाता है, लेकिन कई बार हम उसेअलग करके दिखाना चाहते हैं, जिसके लिए ZWNJ का इस्तेमाल किया जाता है। जैसे मान लें कि ‘रक्त’ आप ना तो ‘रक्त’ की तरह और ना ही ‘रक्‍त’ की तरह दिखाना चाहते हैं बल्कि आप ‘रक्‌त’ की तरह दिखाना चाहते हैं तब आप ZWNJ का इस्तेमाल करेंगे।

रक्‌त= र+क्+ZWNJ+त

अनुकूलन-

इस टूल में अपने हिसाब सेअनुकूलन करने का विकल्प भी मौज़ूद है। आप स्टेट्स विंडों में सेटिंग के ऑइकॉन परक्लिक करके ‘Suggestion Font’ से यूनिकोड का फॉन्ट, साइज़ और बोल्ड, इटैलिक, अंडरलाइंड इत्यादि जैसे कस्टोमाइजेशन कर सकते हैं। आप मंगल और Arial Unicode MS के अलावा भी जैसे गार्गी, जयपुर यूनिकोड, जनहिन्दी इत्यादि जैसे यूनिकोड फॉन्ट (यदि आपने इसे अपने सिस्टम में अलग सेडाल रखा है तो) जैसा कोई और फॉन्ट चुन सकते हैं।

अंग्रेज़ी के शब्दों के लिएफॉन्ट कस्टोमाइजेशन कर सकते हैं। पेज़ साइज़ बदल सकते हैं (एक पेज़ में कितनेविकल्प दिखाने हैं)।

जिस प्रयोक्ता कैशे काउल्लेख मैंने ऊपर किया आप चाहें तो उसे निष्क्रिय भी कर सकते हैं, क्योंकि कई बार आप बहुत अजीब या कम प्रयोग में आने वाला शब्द टाइप करते हैं औरआप नहीं चाहते कि चालू शब्द पहले नं॰ पर आना बंद हो।

http://www.google.co.in/inputtools/windows/

http://www.youtube.com/watch?v=GndGMEVEDLQ

Author:

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