Posted in भारत का गुप्त इतिहास- Bharat Ka rahasyamay Itihaas

Greek लेखकों द्वारा वर्णित Alexander’s invasion upon India (सिकन्दर का भारत पर आक्रमण) पुनः पुनः यह प्रश्न उपस्थित कर देता है कि ग्रीक लेखकों द्वारा वर्णित India क्या था ?


Greek लेखकों द्वारा वर्णित Alexander’s invasion upon India (सिकन्दर का भारत पर आक्रमण) पुनः पुनः यह प्रश्न उपस्थित कर देता है कि ग्रीक लेखकों द्वारा वर्णित India क्या था ?

महाभारत, पुराण आदि में वर्णित “चीन” (ची अथवा चिन्) शब्द के तात्पर्य-भेद की सहायता से भी इस प्रश्न को सरलतया हल किया जा सकता है। चीन शब्द के 4 तात्पर्य हैं जो क्रमशः पूर्वदिशस्थ हैं –

1. चीन – “वर्तमान भारत” का लोहित (ब्रह्मपुत्र) नद तथा “म्यान्मार” देश की सालवीन नदी के मध्य में स्थित भूभाग। इसी भूभाग में “चिन्” पर्वत है जो सम्प्रति “अराकानयोमा” कहलाता है। चीन देश का भगदत्त नामक शासक इसी भूभाग से महाभारत युद्ध में सम्मिलित होने के लिए कुरुक्षेत्र आया था।

2. मध्यचीन – सालवीन नदी तथा “विएतनाम” देश की होंग-हे अथवा सोंग-होंग नदी (Red river) के मध्य में स्थित भूभाग।

3. अतिचीन – Red river तथा “वर्तमान चीन” देश की यांग्त्ज़ी-क्यांग नदी के मध्य में स्थित भूभाग।

4. पराचीन – यांग्त्ज़ी-क्यांग नदी के पूर्वोत्तर में स्थित भूभाग।

पौराणिक काल में प्रथम व द्वितीय चीन पर भारत का आधिपत्य रहा है। विचारणीय है कि पूर्व की ओर बढ़ने पर सतत चीन शब्द का ही प्रयोग क्यों किया गया ?

उत्तर अतिसरल है !

ये चारों नाम भारत द्वारा दिए गए थे जिन्हें इन भूभागों के निवासियों द्वारा स्वीकार कर लिया गया। “वर्तमान चीन” देश में तृतीय व चतुर्थ चीन सम्मिलित हैं, अतः वहाँ के निवासियों ने संक्षेप में केवल “चीन” शब्द को स्वयं के लिए रूढ कर लिया है किन्तु “मौलिक पौराणिक चीन” सदैव प्रथम चीन ही है।

सम्प्रति सिन्धु नद के दक्षिणी प्रवाह के पूर्व के भूभाग को India कहा जा रहा है किन्तु Greek लेखकों का “मौलिक India” तो सिन्धु नद के दक्षिणी प्रवाह के पश्चिम का भूभाग ही है। India शब्द के व्युत्पत्तिकारक “Indus अथवा सिन्धु” नद के नाम पर ही प्रसिद्ध “सिन्धु अथवा सिन्ध” राज्य भी सिन्धु नद के दक्षिणी प्रवाह के पश्चिम में है जो जीवित प्रमाण है कि Greek लेखकों का “मौलिक India” सिन्धु नद के दक्षिणी प्रवाह के पश्चिम का भूभाग ही है। इतिहास साक्षी है कि सौवीर राज्य अथवा सिन्धु-भंग (Indus delta) पर सिन्धु नद के दक्षिणी प्रवाह के पश्चिम के शासकों के आधिपत्य के पूर्व उसे सिन्धु राज्य का एक भाग नहीं अपितु स्वतन्त्र सौवीर राज्य कहते थे। महाभारत में सिन्धुराज को “जयद्रथ” कहा गया है जिसका Greek लेखों में वर्णित Indus नद के पश्चिमवर्ती तथा अरब सागर के तटवर्ती “जेड्रोसिआ” राज्य से पूर्ण साम्य है। जो लोग ऐसा कहते हैं कि

India शब्द “इन्दु”देश (भरतखण्ड) से बना है न कि “सिन्धु”देश से, अतः ग्रीक लेखकों ने भूल से “सिन्धु”देश के लिए India शब्द का प्रयोग कर दिया,

वे भूल रहे हैं कि सिन्धु नद को Greek भाषा में Indus कहा गया है !

बात उतनी भी कठिन नहीं है जितनी बना दी गई है !!

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