Posted in PM Narendra Modi

नेताओं के भ्रष्टाचार से बड़े भ्रष्टाचार के अड्डे ये मीडिया चैनल हैं ..


नेताओं के भ्रष्टाचार से बड़े भ्रष्टाचार के अड्डे ये मीडिया चैनल हैं ..

कुछ नमूने :
.
1. पिछले दिनों फेस बुक से पता पड़ा की IBN-7 के राजदीप सरदेसाई ने जनपथ, दिल्ली में 50 करोड़ का बंगला खरीदा है।
राज दीप सरदेसाई की उम्र 48 साल है और अगर 50 करोड़ का बंगला खरीदा है तो और कितनी संपत्ति होगी उसके पास, इसका अंदाजा ही लगाया जा सकता है।
.
2. दीपक चौरसिया को एक व्यक्ति ने चैनल पर ही पूछ लिया कि 50,000 रुपये की पगार पे
काम करने वाला दीपक चौरसिया 500 करोड़ का मालिक कैसे बन गया? तो दीपक चौरसिया सकपका गया, कोई जवाब नही दिया और बहस का मुद्दा ही बदल दिया।
दीपक चौरसिया की उम्र केवल 45 वर्ष है, इतनी सी उम्र में पत्रकार की नौकरी कर कोई इतना पैसा जमा कर सकता है क्या …?
.
3. ‘श’ को ‘स’ बोलने वाला राजीव शुक्ला भी आपको याद होगा। कुछ अरसा ही बीता है जब ये ज़नाब नेताओं के interview लेने वाले एक free lancer पत्रकार थे। परन्तु आज इन श्रीमान जी की पत्नी एक News 24 Channel की मालिक हैं। जुगाड़ देखिये की साहब बिना कोई जनसेवा किये ही राज्यसभा सांसद हैं, कोंग्रेस शासन में केद्रीय मंत्री भी बन गए और BCCI के दबंग सदस्य हैं। सिवाय पैसे और राजनीति जुगाड़बाज़ी के इनकी न कोई following है ओर न कोई काबिलियत। iski patni anuradha prasad BJP neta Ravi Shankar Prasad ki real sister hai
.
4. साजिया इल्मी ने अपनी संपत्ति चुनाव आयोग के सामने 30 करोड़ घोषित की है।
इल्मी की उम्र केवल 43 वर्ष है और वो भी स्टार न्यूज़ में पत्रकार के रूप में काफी लम्बे अर्से तक जुडी रही है …
.
ये तो चंद लोग हैं। इनके अलावा अनेको पत्रकार हैं जो वेतनभोगी थे और आज थोड़े से समय मैं ही अरबों के मालिक हैं।
ये बातें पुख्ता करती हैं कि सभी पत्रकारों की सम्पत्तियों की जांच होनी चाहिए …I
पता चलना चाहिए कि आखिर ये पत्रकारिता कैसा धंधा है जिसमे लोग छोटी सी उम्र में लोग इतने अमीर बन जाते हैं ??

श्येर करो दोस्तो

नेताओं के भ्रष्टाचार से बड़े भ्रष्टाचार के अड्डे ये मीडिया चैनल हैं ..

कुछ नमूने :
.
1. पिछले दिनों फेस बुक से पता पड़ा की IBN-7 के राजदीप सरदेसाई ने जनपथ, दिल्ली में 50 करोड़ का बंगला खरीदा है।
राज दीप सरदेसाई की उम्र 48 साल है और अगर 50 करोड़ का बंगला खरीदा है तो और कितनी संपत्ति होगी उसके पास, इसका अंदाजा ही लगाया जा सकता है।
.
2. दीपक चौरसिया को एक व्यक्ति ने चैनल पर ही पूछ लिया कि 50,000 रुपये की पगार पे
काम करने वाला दीपक चौरसिया 500 करोड़ का मालिक कैसे बन गया? तो दीपक चौरसिया सकपका गया, कोई जवाब नही दिया और बहस का मुद्दा ही बदल दिया।
दीपक चौरसिया की उम्र केवल 45 वर्ष है, इतनी सी उम्र में पत्रकार की नौकरी कर कोई इतना पैसा जमा कर सकता है क्या ...?
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3. 'श' को 'स' बोलने वाला राजीव शुक्ला भी आपको याद होगा। कुछ अरसा ही बीता है जब ये ज़नाब नेताओं के interview लेने वाले एक free lancer पत्रकार थे। परन्तु आज इन श्रीमान जी की पत्नी एक News 24 Channel की मालिक हैं। जुगाड़ देखिये की साहब बिना कोई जनसेवा किये ही राज्यसभा सांसद हैं, कोंग्रेस शासन में केद्रीय मंत्री भी बन गए और BCCI के दबंग सदस्य हैं। सिवाय पैसे और राजनीति जुगाड़बाज़ी के इनकी न कोई following है ओर न कोई काबिलियत। iski patni anuradha prasad BJP neta Ravi Shankar Prasad ki real sister hai
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4. साजिया इल्मी ने अपनी संपत्ति चुनाव आयोग के सामने 30 करोड़ घोषित की है।
इल्मी की उम्र केवल 43 वर्ष है और वो भी स्टार न्यूज़ में पत्रकार के रूप में काफी लम्बे अर्से तक जुडी रही है ...
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ये तो चंद लोग हैं। इनके अलावा अनेको पत्रकार हैं जो वेतनभोगी थे और आज थोड़े से समय मैं ही अरबों के मालिक हैं।
ये बातें पुख्ता करती हैं कि सभी पत्रकारों की सम्पत्तियों की जांच होनी चाहिए ...I
पता चलना चाहिए कि आखिर ये पत्रकारिता कैसा धंधा है जिसमे लोग छोटी सी उम्र में लोग इतने अमीर बन जाते हैं ??

श्येर करो दोस्तो
Posted in PM Narendra Modi

Alok Ranjan मनमोहन सिंह की आवाज अपने ही देश में कोई नहीं सुन सका मोदी जी की आवाज़ दुनिया पूरी दुनिया में गूंज रही है।
• मोदी ने कहा था एक दिन अमेरिका लाइन में लगेगा आज सच हो गया— सभी अमेरिकन कांग्रेस को मोदी ने लाइन में खड़ा करवा ही दिया
• 64 साल का इंसान उपवास मे
ं भी 65 मिनट तक बिना रुके धारा प्रवाह वाणी में गर्जना करते देख… “आज अमेरिका भी मान गया ये हिन्दुश्तान का शेर है”
• जिस तरह का माहौल अमेरिका के मेडिसन स्क्वायर में बना हुआ है, मुझे शक है कि कल से सभी अमेरिकन “हेलो फ्रेन्डस, हाऊ आर यू” के जगह पर “जय श्री कृष्णा, केम छो मित्रों” कहना न शुरू कर दें।
• मोदी जी भी बहुत शरारती हैं सेकुलरों को जलाने के लिए भगवा जैकेट पेहेन कर मैडिसन स्क्वायर गार्डन पहुंचे हैं। आज तो सेकुलरों का बर्नोल से भी काम नहीं चलने वाला है। आज पक्का सेक्युलरों को फायर ब्रिगेड की जरूरत पड़ने वाली है।
• अब समझ में आया अमेरिका को सेक्युलर नेता क्यों मोदी जी को वीसा नहीं देने के लिए चिट्ठियाँ लिखे थे । चुनाव के पहले आज जैसा माहौल बनता तो 44 सीटे भी नहीं मिल पाती बाबा को ।
• इसे मोदी का जादू कहो या हिन्दुओं की एकता की ताकत कि पिछले 67 सालों में हिन्दुस्तान के जितने भी प्रधान मंत्री हुये सभी ने अमेरिका के आगे सर झुकाया मगर पहली बार एक शख्स के आगे अमेरिका ने सर झुकाया है।मोदी जी आने वाले कुछ महीनों में ओबामा को पछाड कर दुनिया के नंबर एक होगे और 5 साल बाद भारत दुनिया की अगुवाई करेगा।

Posted in भारत का गुप्त इतिहास- Bharat Ka rahasyamay Itihaas

अगर अंग्रेंज नहीं आते तो इस देश में रेल नहीं होती


अगर अंग्रेंज नहीं आते तो इस देश में रेल
नहीं होती

अंग्रेंजो का दुनिया के 71 देशो में शासन था
उन देशो में से भारत का रेल नेटवर्क
दुनिया का सबसे बढ़ा नेटवर्क ही क्यों है ????

क्योकि हिंदुस्तान के कोने कोने से राॅ मेटेरियल
को इकट्ठा करके रेल के जरिये उसे मुंबई तक पहुचाया जाये और
मुंबई से पानी के जहाज में भर के लंदन ले
जाया जाये ।

एक्सपेरिमेंट के लिये जो रेलवे लाइन चलाई है
अंग्रेंजो ने वो मुंबई से ठाणा के बीच में
लेकिन जब एक्सपेरिमेंट सफल हो गया
तो रेल चलाई है

अहमदाबाद से मुंबई

इस देश में अहमदाबाद से मुंबई वाली
ये सबसे पुरानी रेलवे लाइन है
इस देश की ये जो अहमदाबाद से मुम्बई तक
का इलाका है
ये सबसे best cotton produser के areas रहे है

तो यहाँ होता क्या था
रेल चल रही है
उसमें cotton भर भर के
मुंबई के बन्दर गाह पर जाता था
और यहाँ से जहाजो में भर कर इंग्लैंड
जाता था
लेकिन वहा से खाली जहाज वापस भारत
आता था

तो अंग्रेंजो ने सोचा कि
भारत से तो राॅ मेटीरियल
आता है
परन्तु यहाँ से खाली जहाज भारत जाता है

और खाली जहाज़ डूबने के ज्यादा चांस होते है

इसके लिए उन्होंने युक्ति निकली

इन जहाजों में नमक भर के भारत भेजा जाये ।

वो नमक से भरे जहाज भारत लाकर
खाली किए जाते
और यहाँ से कच्चा माल भर के इंग्लैंड भेज
दिया जाता

अब बंदरगाह पर नमक का ढेर लगने लगा।

ये नमक का ढेर ईस्ट इण्डिया कम्पनी के लिये
समस्या बन गया।
कि आखिर इस नमक का करे क्या

इसके लिए ईस्ट इण्डिया कम्पनी ने
ब्रिटेन का नमक
हिन्दुस्तान के बाज़ारो में
बिकवाना शुरू किया

इसके लिए कम्पनी ने
हिन्दुस्तान के स्वदेशी नमक
पर टैक्स लगा दिया
और ब्रिटेन के नमक को टैक्स
फ्री कर दिया

इसे हिन्दुस्तान के गाँव गाँव में
ब्रिटेन का नमक
भी बिकने लगा

और ये बात गांधी जी को बर्दाश्त
नहीं हुई

1890 में गांधी जी ने लेख लिखा
कि ये अंग्रेंज
लोग कितने क्रूर है
इन्होने हिन्दुस्तानी नमक पर
भी टैक्स लगा दिया

इनकी चाल ये है
ताकि ब्रिटेन का नमक हिंदुस्तान
के गाँव में बिके

इससे अंग्रेंजो के दोनों हाथो में लड्डू है

भारतीय नमक पर टैक्स लेते है
और ब्रिटेन के नमक
की बिक्री पर प्रॉफिट कमाते है

1890 से गांधी जी के दिमाग में ये मंथन शुरू हुआ
और 1930 में नमक सत्यग्रह के रूप में प्रकट हुआ

6 अप्रेल1930 को गांधी जी ने
दांडी के समुन्द्र तट
पर एक मुठी नमक हाथ में लेकर
नमक कानून को तोडा

कानून तोड़ने पर लाखो लोग जेल गए
बहुत से लोग
मारे गए

अंत में अंग्रेंजी सरकार
को झुकना पढ़ा
और नमक कानून को वापस लिया गया

इतना सब होने के बाद
इस देश का दुर्भाग्य है
आज़ादी के 67 साल बाद भी
इसी देश में विदेशी नमक
बिक रहा है

अंग्रेंजो के बनाये इस शिक्षा तंत्र में
हम वही पढ़ते है
जो वो हमें पढ़ाना चाहते थे

इसे बदला नहीं गया

आज़ादी के बाद भी
ये शिक्षा तंत्र
वैसा का वैसा ही चल रहा है

हम आज भी वही पढ़ रहे
है

अगर अंग्रेंज नहीं आते तो इस देश में रेल
नहीं होती

अंग्रेंजो का दुनिया के 71 देशो में शासन था
उन देशो में से भारत का रेल नेटवर्क
दुनिया का सबसे बढ़ा नेटवर्क ही क्यों है ????

क्योकि हिंदुस्तान के कोने कोने से राॅ मेटेरियल
को इकट्ठा करके रेल के जरिये उसे मुंबई तक पहुचाया जाये और
मुंबई से पानी के जहाज में भर के लंदन ले
जाया जाये ।

एक्सपेरिमेंट के लिये जो रेलवे लाइन चलाई है
अंग्रेंजो ने वो मुंबई से ठाणा के बीच में
लेकिन जब एक्सपेरिमेंट सफल हो गया 
तो रेल चलाई है 

अहमदाबाद से मुंबई

इस देश में अहमदाबाद से मुंबई वाली
ये सबसे पुरानी रेलवे लाइन है 
इस देश की ये जो अहमदाबाद से मुम्बई तक
 का इलाका है
 ये सबसे best cotton produser के areas रहे है

तो यहाँ होता क्या था 
रेल चल रही है 
उसमें cotton भर भर के
 मुंबई के बन्दर गाह पर जाता था
और यहाँ से जहाजो में भर कर इंग्लैंड
जाता था 
लेकिन वहा से खाली जहाज वापस भारत
आता था

तो अंग्रेंजो ने सोचा कि
 भारत से तो राॅ मेटीरियल
आता है
 परन्तु यहाँ से खाली जहाज भारत जाता है

और खाली जहाज़ डूबने के ज्यादा चांस होते है

इसके लिए उन्होंने युक्ति निकली

इन जहाजों में नमक भर के भारत भेजा जाये ।

वो नमक से भरे जहाज भारत लाकर 
खाली किए जाते
और यहाँ से कच्चा माल भर के इंग्लैंड भेज
दिया जाता

अब बंदरगाह पर नमक का ढेर लगने लगा।

ये नमक का ढेर ईस्ट इण्डिया कम्पनी के लिये
समस्या बन गया। 
कि आखिर इस नमक का करे क्या

इसके लिए ईस्ट इण्डिया कम्पनी ने 
ब्रिटेन का नमक
हिन्दुस्तान के बाज़ारो में 
बिकवाना शुरू किया

इसके लिए कम्पनी ने 
हिन्दुस्तान के स्वदेशी नमक
पर टैक्स लगा दिया 
और ब्रिटेन के नमक को टैक्स
फ्री कर दिया

इसे हिन्दुस्तान के गाँव गाँव में 
ब्रिटेन का नमक
भी बिकने लगा

 और ये बात गांधी जी को बर्दाश्त
नहीं हुई

1890 में गांधी जी ने लेख लिखा 
कि ये अंग्रेंज
लोग कितने क्रूर है 
इन्होने हिन्दुस्तानी नमक पर
भी टैक्स लगा दिया

इनकी चाल ये है 
ताकि ब्रिटेन का नमक हिंदुस्तान
के गाँव में बिके

इससे अंग्रेंजो के दोनों हाथो में लड्डू है

भारतीय नमक पर टैक्स लेते है
 और ब्रिटेन के नमक
की बिक्री पर प्रॉफिट कमाते है

1890 से गांधी जी के दिमाग में ये मंथन शुरू हुआ
और 1930 में नमक सत्यग्रह के रूप में प्रकट हुआ

6 अप्रेल1930 को गांधी जी ने
 दांडी के समुन्द्र तट
पर एक मुठी नमक हाथ में लेकर 
नमक कानून को तोडा

कानून तोड़ने पर लाखो लोग जेल गए 
बहुत से लोग
मारे गए 

अंत में अंग्रेंजी सरकार
को झुकना पढ़ा
 और नमक कानून को वापस लिया गया

इतना सब होने के बाद
 इस देश का दुर्भाग्य है
आज़ादी के 67 साल बाद भी
 इसी देश में विदेशी नमक
बिक रहा है

अंग्रेंजो के बनाये इस शिक्षा तंत्र में
 हम वही पढ़ते है 
जो वो हमें पढ़ाना चाहते थे

इसे बदला नहीं गया

आज़ादी के बाद भी
 ये शिक्षा तंत्र
वैसा का वैसा ही चल रहा है

 हम आज भी वही पढ़ रहे
है
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An old conversation between Rajdeep Sardesai and Amitabh Bacchan…


An old conversation between Rajdeep Sardesai and Amitabh Bacchan…

An old conversation between Rajdeep Sardesai and Amitabh Bacchan...
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राजदीप सरदेसाई और उसकी पत्नी सागरिका घोष का काला सच .


राजदीप सरदेसाई और उसकी पत्नी सागरिका घोष का काला सच ….

टाइम्स ऑफ इंडिया के मालिक समीर जैन के उपर एक ताकतवर नौकरशाह प्रसार भारती के महानिदेशक भाष्कर घोष का बार बार दबाव आता था की मेरी बेटी सागरिका घोष और मेरे दामाद राजदीप सरदेसाई को टाइम्स ऑफ़ इंडिया का सम्पादक बनाओ ..बदले में सरकारी फायदा लो .. अपने सम्पादक को बुलाया और कहा- ‘‘पडगांवकर जी, अब आपकी छुट्टी की जाती है …. क्योकि मुझे भी अपना बिजनस चलाना है .. एक नौकरशाह की बेटी और उसके बेरोजगार पति जिससे उसने प्रेम विवाह किया है उसे नौकरी देनी है वरना सरकारी विज्ञापन मिलने बंद हो जायेंगे ….

भाष्कर घोष का एक और सगा रिश्तेदार था प्रणव रॉय … ये प्रणव रॉय अपने अंकल भाष्कर घोष की मेहरबानी से दूरदर्शन पर हर रविवार “इंडिया दिस वीक” नामक कार्यक्रम करते थे …. उसकी पत्नी घोर वामपंथी नेता वृंदा करात की सगी बहन थी …

उस समय दूरदर्शन के लिए खूब सारे नये नये उपकरण और साजोसमान खरीदे जा रहे थे ..उस समय विपक्ष के नाम पर सिर्फ वामपथी पार्टी ही थी बीजेपी के सिर्फ दो सांसद थे ..
प्रणव रॉय ने अपने अंकल भाष्कर घोष के कहने पर न्यू देहली टेलीविजन कम्पनी लिमिटेड [एनडीटीवी] नामक कम्पनी बनाई और दूरदर्शन के लिए खरीदे जा रहे तमाम उपकरण धीरे धीरे एनडीटीवी के दफ्तर में लगने लगे … और एक दिन अचानक एनडीटीवी नामक चैनेल बन गया … बाद में भाष्कर घोष पर भ्रष्टाचार के तमाम आरोप लगे जिससे उन्हें पद छोड़ना पड़ा लेकिन जाते जाते उन्होंने अपनी बेटी सागरिका और उसके बेरोजगार नालायक प्रेमी से पति बने राजदीप सरदेसाई की जिन्दगी बना दी।

फिर कुछ दिन दोनों मियां बीबी एनडीटीवी में रहे .. बाद में राघव बहल नामक एक कारोबारी ने “चैनेल-सेवेन” जो बाद में आईबीएन सेवेन बना उसे लांच किया और ये दोनों मियां बीबी आईबीएन सेवेन में आ गये … इन दोनों बंटी और बबली की जोड़ी ने अपने पारिवारिक रसूख का खूब फायदा उठाया …आईबीएन में सागरिका घोष की मर्जी के बिना पत्ता भी नही हिलता था क्योकि सागरिका घोष की सगी आंटी अरुंधती घोष हैं -अरुंधती घोष संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थाई प्रतिनिधि थी -CNN-IBN का “ग्लोबल बिजनेस नेटवर्क” (GBN) से व्यावसायिक समझौता है। -GBN टर्नर इंटरनेशनल और नेटवर्क-18 की एक कम्पनी है। भारत में सीएनएन के पीछे अरुंधती घोष की ही लाबिंग थी जिसका फायदा राजदीप और सागरिका ने खूब उठाया |

सागरिका घोष की बड़ी आंटी रुमा पाल थी जिनके रसूख का फायदा भी इन दोनों बंटी और बबली की जोड़ी ने कांग्रेसी नेताओ के बीच पैठ जमाकर उठाया … रुमा पाल भले ही सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ जज थी लेकिन उनके फैसले के पीछे सागरिका घोष और राजदीप की दलाली होती थी …कान्ग्रेस के cash for vote घोटाले को भी राजदीप ने दबा लिया

बाद में वक्त का पहिया घुमा … देश में मोदीवाद उभरा .. आईबीएन को मुकेश अंबानी ने खरीद लिया .. और इन दोनों दलालों बंटी राजदीप और बबली सागरिका को लात मारकर भगा दिया … कुछ दिनों तक दोनों गायब रहे फिर बाद में अरुण पूरी के चैनेल आजतक पर नजर आने लगे ….

राजदीप सरदेसाई और उसकी पत्नी सागरिका घोष का काला सच ....

टाइम्स ऑफ इंडिया के मालिक समीर जैन के उपर एक ताकतवर नौकरशाह प्रसार भारती के महानिदेशक भाष्कर घोष का बार बार दबाव आता था की मेरी बेटी सागरिका घोष और मेरे दामाद राजदीप सरदेसाई को टाइम्स ऑफ़ इंडिया का सम्पादक बनाओ ..बदले में सरकारी फायदा लो .. अपने सम्पादक को बुलाया और कहा- ‘‘पडगांवकर जी, अब आपकी छुट्टी की जाती है .... क्योकि मुझे भी अपना बिजनस चलाना है .. एक नौकरशाह की बेटी और उसके बेरोजगार पति जिससे उसने प्रेम विवाह किया है उसे नौकरी देनी है वरना सरकारी विज्ञापन मिलने बंद हो जायेंगे ....

भाष्कर घोष का एक और सगा रिश्तेदार था प्रणव रॉय ... ये प्रणव रॉय अपने अंकल भाष्कर घोष की मेहरबानी से दूरदर्शन पर हर रविवार "इंडिया दिस वीक" नामक कार्यक्रम करते थे .... उसकी पत्नी घोर वामपंथी नेता वृंदा करात की सगी बहन थी ...

उस समय दूरदर्शन के लिए खूब सारे नये नये उपकरण और साजोसमान खरीदे जा रहे थे ..उस समय विपक्ष के नाम पर सिर्फ वामपथी पार्टी ही थी बीजेपी के सिर्फ दो सांसद थे ..
प्रणव रॉय ने अपने अंकल भाष्कर घोष के कहने पर न्यू देहली टेलीविजन कम्पनी लिमिटेड [एनडीटीवी] नामक कम्पनी बनाई और दूरदर्शन के लिए खरीदे जा रहे तमाम उपकरण धीरे धीरे एनडीटीवी के दफ्तर में लगने लगे ... और एक दिन अचानक एनडीटीवी नामक चैनेल बन गया ... बाद में भाष्कर घोष पर भ्रष्टाचार के तमाम आरोप लगे जिससे उन्हें पद छोड़ना पड़ा लेकिन जाते जाते उन्होंने अपनी बेटी सागरिका और उसके बेरोजगार नालायक प्रेमी से पति बने राजदीप सरदेसाई की जिन्दगी बना दी।

फिर कुछ दिन दोनों मियां बीबी एनडीटीवी में रहे .. बाद में राघव बहल नामक एक कारोबारी ने "चैनेल-सेवेन" जो बाद में आईबीएन सेवेन बना उसे लांच किया और ये दोनों मियां बीबी आईबीएन सेवेन में आ गये ... इन दोनों बंटी और बबली की जोड़ी ने अपने पारिवारिक रसूख का खूब फायदा उठाया ...आईबीएन में सागरिका घोष की मर्जी के बिना पत्ता भी नही हिलता था क्योकि सागरिका घोष की सगी आंटी अरुंधती घोष हैं -अरुंधती घोष संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थाई प्रतिनिधि थी -CNN-IBN का “ग्लोबल बिजनेस नेटवर्क” (GBN) से व्यावसायिक समझौता है। -GBN टर्नर इंटरनेशनल और नेटवर्क-18 की एक कम्पनी है। भारत में सीएनएन के पीछे अरुंधती घोष की ही लाबिंग थी जिसका फायदा राजदीप और सागरिका ने खूब उठाया |

सागरिका घोष की बड़ी आंटी रुमा पाल थी जिनके रसूख का फायदा भी इन दोनों बंटी और बबली की जोड़ी ने कांग्रेसी नेताओ के बीच पैठ जमाकर उठाया ... रुमा पाल भले ही सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ जज थी लेकिन उनके फैसले के पीछे सागरिका घोष और राजदीप की दलाली होती थी ...कान्ग्रेस के cash for vote घोटाले को भी राजदीप ने दबा लिया 

बाद में वक्त का पहिया घुमा ... देश में मोदीवाद उभरा .. आईबीएन को मुकेश अंबानी ने खरीद लिया .. और इन दोनों दलालों बंटी राजदीप और बबली सागरिका को लात मारकर भगा दिया ... कुछ दिनों तक दोनों गायब रहे फिर बाद में अरुण पूरी के चैनेल आजतक पर नजर आने लगे ....
Posted in नहेरु परिवार - Nehru Family

बाटला हाउस पर सोनिया गांधी रोई थी सोनिया गांधी कल फिर कशमीर बाढ पीडितो की हालत देखकर अपने आंसू नही रोक पाई


बाटला हाउस पर सोनिया गांधी रोई थी सोनिया गांधी कल फिर कशमीर बाढ पीडितो की हालत देखकर अपने आंसू नही रोक पाई ..मेडम कल कशमीर त्रासदी पर लोगों से वन टू वन मिली ।

परन्तु केदारनाथ त्रासदी पर सोनिया गांधी की आखो में पानी सुख गया था ।केदारनाथ त्रासदी पर सोनिया गांधी ने हवाई सर्वेक्षण किया था और फिर आनन् फानन में बेटे के विदेश से लौटते ही राहत सामग्री रवाना की थी जो बाद में सडी हुई निकली थी ।

कश्मीर और उत्तराखंड में मेडम के द्वारा अंतर करने के दो कारण लगते हैं …

या तो कशमीर में शीघ्र ही चुनाव होने वाले हैं या फिर केदारनाथ वाले कम्युनल और कश्मीर के लोग सेक्युलर ।

आपको क्या लगता है दोस्तों ?…..अपनी टिप्पणी अवश्य दे….

Posted in Media

राजदीप सरदेशाई


मित्रों अमेरिका की धरती पर भारत का त्रिशूल गाड़ने वाला , इन सेकुलर (अमेरिकी कुतों) और अमेरिका के लिए उन्हीं की धरती पर 65 वर्षों से देश को लूट रहे गद्दारों के मुह पर मोदी जी का करारा तमाचा है ,,,,यही अमेरिका और इसके पलने वाले हम भारतियों में छुपे बैठे “सेकुलर कुत्तों” को अपने बनाये लूट के महाजाल पर अमेरिकीयों द्वारा पीठ थपथपाए जाने से यह दबंग हम भारतियों का खून चूसते थे ! और हम भारतियों को सपेरों और भखारियों का देश कहते थे ,,,और अमेरिका, इंग्लेंड के गीत गा गा कर देशवासियों कोनीचा दिखाते थे, को। … मोदी जी की अमेरिकी धरती पर एतिहशिक तूफानी सभा से अमेरिका का घमंड और सेकुलर कुत्तों की बैचेनी , राजदीप सरदेशाई की टीवी रिपोर्टिंग में दिखाई देगयी , जब आनन-फानन में गुजरात दंगों का जिक्र करते करते ,,,कम्यूनल हिन्दुओं का इवेन्ट बन चूका है, कह गये ,,,,अचानक एक करारे तमाचे से राजदीप सरदेसाई की तंत्र-नाड़ियाँ हिल गयी और भाग ने में सफल हो गये ,,,,और भागते भागते यह कह रहे थे की पत्रकारिता में ऐसा होता रहता है ,,,और सारी खबर और टीवी फुटेज को गायब कर गए ,,,और नही कोई FIR भी लिखाई। ……. मित्रों अमेरिका को बहुत घमंड था की उसके एजेंट (सेकुलर कुत्ते) पुरे भारत में पलते है ,,,और वाही देश की दशा और दिशा तै करतें है , इन्हीं कुत्तों की मदद से , भारत में नफरत जातवाद, अराजकता, घ्रणा, और अलगावाद का खुनी खेल खेलते थे और पुरे देश को ऐस्थिर कर पुरे देश को जबरदस्त लूट करते थे। …… मित्रों बहुत गर्व हुआ जब मोदी जी ने अमेरिकीयों से जादा , भारतियों को अमेरिका की छाती पर दिखा कर इन षड्यंत्रकरी दाद्दारों की चूलें हिला दी ,,,,,जागिये और जागते रहें ,,,,,,देश द्रोही आपसे ज्यादा सक्रीय है। … अपना देश बचाईये ,,,,,और सबको यह खबर सेएर करें ,,,ॐ

— with Gopal Krishan and 3 others.

मित्रों अमेरिका की धरती पर भारत का त्रिशूल गाड़ने वाला , इन सेकुलर (अमेरिकी कुतों) और अमेरिका के लिए उन्हीं की धरती पर 65 वर्षों से देश को लूट रहे गद्दारों के मुह पर मोदी जी का करारा तमाचा है ,,,,यही अमेरिका और इसके पलने वाले हम भारतियों में छुपे बैठे "सेकुलर कुत्तों" को अपने बनाये लूट के महाजाल पर अमेरिकीयों द्वारा पीठ थपथपाए जाने से यह दबंग हम भारतियों का खून चूसते थे ! और हम भारतियों को सपेरों और भखारियों का देश कहते थे ,,,और अमेरिका, इंग्लेंड के गीत गा गा कर देशवासियों को नीचा दिखाते थे, को। … मोदी जी की अमेरिकी धरती पर एतिहशिक तूफानी सभा से अमेरिका का घमंड और सेकुलर कुत्तों की बैचेनी , राजदीप सरदेशाई की टीवी रिपोर्टिंग में दिखाई देगयी , जब आनन-फानन में गुजरात दंगों का जिक्र करते करते ,,,कम्यूनल हिन्दुओं का इवेन्ट बन चूका है, कह गये ,,,,अचानक एक करारे तमाचे से राजदीप सरदेसाई की तंत्र-नाड़ियाँ हिल गयी और भाग ने में सफल हो गये ,,,,और भागते भागते यह कह रहे थे की पत्रकारिता में ऐसा होता रहता है ,,,और सारी खबर और टीवी फुटेज को गायब कर गए ,,,और नही कोई FIR भी लिखाई। ....... मित्रों अमेरिका को बहुत घमंड था की उसके एजेंट (सेकुलर कुत्ते) पुरे भारत में पलते है ,,,और वाही देश की दशा और दिशा तै करतें है , इन्हीं कुत्तों की मदद से , भारत में नफरत जातवाद, अराजकता, घ्रणा, और अलगावाद का खुनी खेल खेलते थे और पुरे देश को ऐस्थिर कर पुरे देश को जबरदस्त लूट करते थे। …… मित्रों बहुत गर्व हुआ जब मोदी जी ने अमेरिकीयों से जादा , भारतियों को अमेरिका की छाती पर दिखा कर इन षड्यंत्रकरी दाद्दारों की चूलें हिला दी ,,,,,जागिये और जागते रहें ,,,,,,देश द्रोही आपसे ज्यादा सक्रीय है। … अपना देश बचाईये ,,,,,और सबको यह खबर सेएर करें ,,,ॐ
Pitamber Manoj हाँ उत्कर्ष जी लगता है पोस्ट पढ़ी नहीं और नहीं समझ ने का प्रयास किया ,,,थोड़ा राजदीप के इतिहास पर नजर डाल लेते ,,,,,,और यह कमीना किस देशद्रोही दल के लिए , भारतिय समाज और संस्कृति को जलील कर ,,,देश भक्त मोदी जी की भी खिल्ली उड़ने से नहीं चुकता था , इस दुष्ट ने US भारतियों को भी बेवकूफ समझ रखा था , आपने देखा इस देश द्रोही की क्या दशा कर रहें है NRI भारतीय ,,,,,लगता है सिब्बल और दिग्गी की तरेह आपने भी इन गद्दारों को बचाने का बीड़ा उठा रखा है क्या
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सेक्यूलरिज्म का राग अलापने वाले कायर चूहों…


सेक्यूलरिज्म का राग अलापने वाले कायर चूहों…
मैं चैलेंज करता हूँ तुम्हें…
एक बाप की औलाद हो तो पूरा करना…

1) कश्मीरी पंडितों को बिना किसी सिक्योरिटी कश्मीर में बसा कर दिखा दो…
2)कश्मीर के लालचौक पर अकेले जाकर तिरंगा फहरा दो…
3)हैदराबाद के महालक्ष्मी मंदिर में बिना सशस्त्र बलों के आरती करवा दो…
4)शाही इमाम के मुँह से वंदेमातरम गवा दो…
5)औवैसी के माथे पर जाकर टीका लगा दो…

इनमें से एक चैलेंज पूरा कर दो मेरा जो तुम्हें सबसे आसान लगे…
कसम खाता हूँ अपनी माँ की उसी दिन सेक्यूलर बन जाऊँगा…
है कोई सूरमा शांतिदूतों का हिन्दू भाई…????

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qutab-minar-was-dhruv-stambh-vishnu


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