Posted in राजनीति भारत की - Rajniti Bharat ki

ब्रेकिंग न्यूज़ :- 28 सितम्बर 2014
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कुर्सी छिनी, 4 साल जेल, 100 करोड़ जुर्माना – कुर्सी छिनी, 4 साल जेल, 100 करोड़ जुर्माना
http://newshunt.com/share/32391395
Source: Rajasthan Patrika
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“देर सवेर भगवान् सुनता जरुर है….”

“कीड़ी के पग नेवर बाजे,
सो भी साहिब सुनता है !!”
“““““““““““““““““““““
आदरणीय और पूजनीय शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वतीजी को झूठे मर्डर केस में दीवाली की रात को जेल में डलवाने का काम करनेवाली तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता को आय से ज्यादा सम्पति मामले में बेंगलोर हाईकोर्ट ने 4 साल की सजा और 100 करोड़ का जुर्मना करार दिया और तुरंत ही गिरफ़्तारी का आदेश भी दे दिया ।

*”कर्म प्रधान विश्व करी राखा !
जो जैसा करे, तैसा फल चाखा !!”*

“कांची काम कोटी पीठ के शंकराचार्य श्री जयेन्द्र सरस्वती जी महाराज” को
झूठे मर्डर केस में जेल में रखा गया और कई यातनाएं भी दी गई ।
आखिर संतों पर षड़यंत्र करके फ़साने का अंजाम अब धीरे-धीरे सामने आ रहा है ।

“**सत्य की हमेशा जय होती है ।**”

निर्दोष को सताने का परिणाम मतलब
“प्रकृति घुमा-घुमा के दे” बस यही हाल करती है ।
जब भगवान् की लाठी बजती है तो आवाज नहीं होती ।
आखिरकार शंकराचार्य जी को निर्दोष बरी तब किया गया जब संत आशारामजी बापू दिल्ली की सड़कों पर उतर आये थे और अनशन भी किया गया था जिसमें बी.जे.पी. के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवानी और अटल बिहारी वाजपेयी भी इस अनशन में शामिल थे ।
शंकराचार्य जी निर्दोष थे और उन्हें फंसाया गया था इसलिए दिल्ली में लाखों की तादात में आम पब्लिक भी इस अनशन में शामिल थी ।
और आखिर कार “कांची काम कोटी पीठ के शंकराचार्य” को निर्दोष बरी किया गया ।

एसे मामलों में उनके भक्तों के साथ भी खिलवाड़ होता है । उनका काफी समय जो ज्ञान-ध्यान एवं सत्य के प्रचार-प्रसार और समाज सेवा में निकलना था वो समय उनको जेल में बिताना पड़ा ।

और आज फिर एसी ही एक और घटना जो कि स्वामी शंकराचार्य जी के लिए घटी थी वो आज शंकराचार्य जी के समर्थन में बैठने वाले संत आसारामजी बापू के जीवन में घट रही है ।
संत आशारामजी बापू को भी झूठे रेप केस में फसाया गया है और एक साल हो गए बापूजी जेल में है और सबसे बड़ी बात ये है कि आरोप सिद्ध करने में षड्यंत्रकारी “बीसों उँगल” का जोर लगा रहें हैं लेकिन अभी तक आरोप साबित नहीं कर पाये हैं ।

ये है आज के भारत की न्याय प्रणाली ।
आज जितने भी नेता और गादी तकियों पर बैठे प्रधान मंत्री सब जानते हैं “बापूजी निर्दोष हैं” लेकिन सबको अपना चप्पू चलाना है ।
चलाओ ! देखते हैं कब तक चलाते हो ?
(आज जैसे जयललिता वैसे तब आप )

आने तो दो एक बार बापूजी को बाहर देखो फिर क्या होता है ……..

ब्रेकिंग न्यूज़ :- 28 सितम्बर 2014
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कुर्सी छिनी, 4 साल जेल, 100 करोड़ जुर्माना - कुर्सी छिनी, 4 साल जेल, 100 करोड़ जुर्माना
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"देर सवेर भगवान् सुनता जरुर है...."

"कीड़ी के पग नेवर बाजे, 
  सो भी साहिब सुनता है !!"
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आदरणीय और पूजनीय शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वतीजी को झूठे मर्डर केस में दीवाली की रात को जेल में डलवाने का काम करनेवाली तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता को आय से ज्यादा सम्पति मामले में बेंगलोर हाईकोर्ट ने 4 साल की सजा और 100 करोड़ का जुर्मना करार दिया और तुरंत ही गिरफ़्तारी का आदेश भी दे दिया ।

*"कर्म प्रधान विश्व करी राखा !
जो जैसा करे, तैसा फल चाखा !!"*

"कांची काम कोटी पीठ के शंकराचार्य श्री जयेन्द्र सरस्वती जी महाराज" को 
झूठे मर्डर केस में जेल में रखा गया और कई यातनाएं भी दी गई ।  
आखिर संतों पर षड़यंत्र करके फ़साने का अंजाम अब धीरे-धीरे सामने आ रहा है । 

"**सत्य की हमेशा जय होती है ।**"

निर्दोष को सताने का परिणाम मतलब 
"प्रकृति घुमा-घुमा के दे" बस यही हाल करती है ।
जब भगवान् की लाठी बजती है तो आवाज नहीं होती ।
आखिरकार शंकराचार्य जी को निर्दोष बरी तब किया गया जब संत आशारामजी बापू दिल्ली की सड़कों पर उतर आये थे और अनशन भी किया गया था जिसमें बी.जे.पी. के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवानी और अटल बिहारी वाजपेयी भी इस अनशन में शामिल थे ।
शंकराचार्य जी निर्दोष थे और उन्हें फंसाया गया था इसलिए दिल्ली में लाखों की तादात में आम पब्लिक भी इस अनशन में शामिल थी ।
और आखिर कार "कांची काम कोटी पीठ के शंकराचार्य" को निर्दोष बरी किया गया । 

एसे मामलों में उनके भक्तों के साथ भी खिलवाड़ होता है । उनका काफी समय जो ज्ञान-ध्यान एवं सत्य के प्रचार-प्रसार और समाज सेवा में निकलना था वो समय उनको जेल में बिताना पड़ा ।

और आज फिर एसी ही एक और घटना जो कि स्वामी शंकराचार्य जी के लिए घटी थी वो आज शंकराचार्य जी के समर्थन में बैठने वाले संत आसारामजी बापू के जीवन में घट रही है ।
संत आशारामजी बापू को भी झूठे रेप केस में फसाया गया है और एक साल हो गए बापूजी जेल में है और सबसे बड़ी बात ये है कि आरोप सिद्ध करने में षड्यंत्रकारी "बीसों उँगल" का जोर लगा रहें हैं लेकिन अभी तक आरोप साबित नहीं कर पाये हैं ।

ये है आज के भारत की न्याय प्रणाली ।
आज जितने भी नेता और गादी तकियों पर बैठे प्रधान मंत्री सब जानते हैं "बापूजी निर्दोष हैं" लेकिन सबको अपना चप्पू चलाना है । 
चलाओ ! देखते हैं कब तक चलाते हो ?
(आज जैसे जयललिता वैसे तब आप )

आने तो दो एक बार बापूजी को बाहर देखो फिर क्या होता है ........

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